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हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली इलाके के खंडेह गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ तालाब में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बच्चों के तालाब में डूबने की सूचना पर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और तीनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद ग्रामीणों ने बच्चों को डॉक्टर को दिखाया। मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद बच्चों के परिजनों में गहरा हड़कंप मच गया है।

1 hr ago
user_Sheelu Nishad
Sheelu Nishad
Classified ads newspaper publisher Hamirpur, Uttar Pradesh•
1 hr ago

हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली इलाके के खंडेह गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ तालाब में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बच्चों के तालाब में डूबने की सूचना पर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और तीनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद ग्रामीणों ने बच्चों को डॉक्टर को दिखाया। मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद बच्चों के परिजनों में गहरा हड़कंप मच गया है।

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  • हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खण्डेह गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब कलारन तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चे गहरे गड्ढे में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि तालाब में पिछले साल हुए अवैध मिट्टी खनन के कारण कई गहरे गड्ढे बन गए थे और इन्हीं गड्ढों में बच्चे फंस गए। मृतकों की पहचान 10 वर्षीय प्रबल यादव, 9 वर्षीय आदित्य कुशवाहा और 10 वर्षीय भोला कुशवाहा के रूप में हुई है। हादसे के बाद साथी बच्चों और ग्रामीणों ने तीनों को तालाब से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मौदहा पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुमार वर्मा ने बताया कि इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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    हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के खण्डेह गांव में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब कलारन तालाब में नहाने गए तीन मासूम बच्चे गहरे गड्ढे में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

बताया जा रहा है कि तालाब में पिछले साल हुए अवैध मिट्टी खनन के कारण कई गहरे गड्ढे बन गए थे और इन्हीं गड्ढों में बच्चे फंस गए। मृतकों की पहचान 10 वर्षीय प्रबल यादव, 9 वर्षीय आदित्य कुशवाहा और 10 वर्षीय भोला कुशवाहा के रूप में हुई है।

हादसे के बाद साथी बच्चों और ग्रामीणों ने तीनों को तालाब से बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मौदहा पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अपर पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुमार वर्मा ने बताया कि इस मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    user_Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जालौन जनपद के कदौरा विकास खंड कार्यालय में सोमवार को एक कर्मचारी विवाद के दौरान मारपीट की घटना सामने आई, जिसमें मनरेगा पटल पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर और एक रोजगार सेवक के बीच कहासुनी के बाद रोजगार सेवक घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान कुर्सी और कंप्यूटर मॉनिटर से हमला किया गया था। घटना के बाद कुछ समय के लिए ब्लॉक कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा और घायल कर्मचारी को उपचार व मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। घायल पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह विवाद फाइल संबंधी कार्य और प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चला आ रहा था। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी अपना पक्ष रखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से जानकारी जुटा चुकी है। घटना के बाद कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी चर्चा हुई; कर्मचारियों का मानना है कि घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई होगी, जबकि संबंधित अधिकारियों ने कैमरों की स्थिति की जांच कराए जाने की बात कही है। कुछ कर्मचारियों और स्थानीय लोगों द्वारा मनरेगा कार्यों में कथित कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया है कि जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    जालौन जनपद के कदौरा विकास खंड कार्यालय में सोमवार को एक कर्मचारी विवाद के दौरान मारपीट की घटना सामने आई, जिसमें मनरेगा पटल पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर और एक रोजगार सेवक के बीच कहासुनी के बाद रोजगार सेवक घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान कुर्सी और कंप्यूटर मॉनिटर से हमला किया गया था। घटना के बाद कुछ समय के लिए ब्लॉक कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा और घायल कर्मचारी को उपचार व मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया।

घायल पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह विवाद फाइल संबंधी कार्य और प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चला आ रहा था। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी अपना पक्ष रखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से जानकारी जुटा चुकी है।

घटना के बाद कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी चर्चा हुई; कर्मचारियों का मानना है कि घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई होगी, जबकि संबंधित अधिकारियों ने कैमरों की स्थिति की जांच कराए जाने की बात कही है। कुछ कर्मचारियों और स्थानीय लोगों द्वारा मनरेगा कार्यों में कथित कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया है कि जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जालौन में खाकी की गुंडई की बेहद शर्मनाक तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ होमगार्ड जवानों ने एक युवक को जमीन पर गिराकर बेरहमी से लात-घूँसों से पीटा। यह घटना जालौन के कोंच तहसील परिसर में हुई और मारपीट करते होमगार्ड मीडिया के कैमरे में कैद हो गए। तहसीलदार की सुरक्षा में तैनात इन होमगार्डों ने एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को निशाना बनाया और उसके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। यह पूरा वाकया पुलिस बल के भीतर की 'गुंडई' और असंवेदनशीलता को उजागर करता है।
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    जालौन में खाकी की गुंडई की बेहद शर्मनाक तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ होमगार्ड जवानों ने एक युवक को जमीन पर गिराकर बेरहमी से लात-घूँसों से पीटा। यह घटना जालौन के कोंच तहसील परिसर में हुई और मारपीट करते होमगार्ड मीडिया के कैमरे में कैद हो गए।

तहसीलदार की सुरक्षा में तैनात इन होमगार्डों ने एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को निशाना बनाया और उसके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। यह पूरा वाकया पुलिस बल के भीतर की 'गुंडई' और असंवेदनशीलता को उजागर करता है।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने जनपद में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से माती पुलिस कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक के दौरान, पुलिस अधीक्षक महोदया ने जनपद में घटित अपराधों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी पुलिसिंग, सक्रिय गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, और वांछित तथा इनामी अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निपटान, तथा आमजन के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
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    पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने जनपद में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से माती पुलिस कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की।

बैठक के दौरान, पुलिस अधीक्षक महोदया ने जनपद में घटित अपराधों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी पुलिसिंग, सक्रिय गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, और वांछित तथा इनामी अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निपटान, तथा आमजन के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने हेतु भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • आज 25 मई, सोमवार को कानपुर के नेशनल मीडिया प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान, पीड़ित भोलानाथ और श्रीमती विमला पाठक ने बताया कि बार-बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने वीडियो के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें मंदिर का कमरा बनाने के नाम पर लाखों की ठगी, मंदिर की जमीन कब्जाने का प्रयास और पुजारी को जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पीड़ितों ने प्रेस वार्ता के जरिए शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। यह मामला कानपुर के नवाबगंज थाना अंतर्गत आजाद नगर स्थित पत्थेश्वर मंदिर से जुड़ा है, जहाँ सैकड़ों वर्ष प्राचीन मंदिर की पुजारी श्रीमती विमला पाठक, जो भोलानाथ की पत्नी हैं, ने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से इस मंदिर प्रांगण की सेवा करता आ रहा है। मंदिर के पीछे एक कमरा था जिसकी छत टीन की थी। उनके पड़ोसी योगी मिश्रा ने प्रस्ताव दिया कि वह कम खर्च में टीन की छत की जगह पक्की छत डलवा देगा। पीड़िता इस पर सहमत हो गईं और उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से 4,50,000/- रुपए योगी मिश्रा को दिए। छत डलवाने के बाद, योगी मिश्रा ने जमीन पर कब्जा करने की नीयत से मंदिर के कमरे का ताला तोड़कर अपना ताला लगा लिया और दावा किया कि यह जगह अब उसकी हो गई है। तब पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी और धोखाधड़ी का एहसास हुआ। उन्होंने पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें योगी मिश्रा पर साढ़े चार लाख रुपए की ठगी करने और दबंगई व गुंडई दिखाकर मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। हालाँकि, पुलिस प्रशासन से आश्वासन तो मिला लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई, जिससे दबंग योगी मिश्रा के हौसले बुलंद हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आए दिन अराजक तत्व गाड़ियों से आकर गाली गलौज करते हैं और मंदिर परिसर खाली कराने के लिए जान से मारने की धमकी देते हैं, हालांकि क्षेत्रीय लोगों के विरोध के कारण वे कब्जा करने में असफल रहते हैं। थाने से लेकर पुलिस आयुक्त तक सभी जगह प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई है, यहाँ तक कि मंदिर के कमरे में रखा सामान भी उठा ले जाया गया है, जिसे वापस नहीं किया जा रहा है। पुजारी और उनके जान-माल को लगातार खतरा बना हुआ है, और चेतावनी दी गई है कि यदि पुजारी या उनके परिवार के साथ कोई घटना होती है, तो इसके लिए योगी मिश्रा ही दोषी होंगे। यह स्थिति एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के भू-माफिया को 'मिट्टी में मिला देने' के निर्देश के बावजूद, एक प्राचीन मंदिर पर कब्जा करने वाले के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई। प्रेस वार्ता में यह सवाल उठाया गया कि जब सरकार सनातन धर्म की रक्षक होने का दावा करती है, तब भी सनातन धर्म ही सुरक्षित क्यों नहीं है। पीड़ितों का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान के सभी सबूत और दो से तीन दर्जन क्षेत्रीय लोगों की गवाही उनके आरोपों को सही साबित करती है। पीड़ित मंदिर पुजारी ने न्यायहित में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन उचित कार्यवाही नहीं करता है, तो वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में शिकायत करेंगी और न्याय मांगेंगी, क्योंकि नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के माध्यम से सूचना देने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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    आज 25 मई, सोमवार को कानपुर के नेशनल मीडिया प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान, पीड़ित भोलानाथ और श्रीमती विमला पाठक ने बताया कि बार-बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने वीडियो के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें मंदिर का कमरा बनाने के नाम पर लाखों की ठगी, मंदिर की जमीन कब्जाने का प्रयास और पुजारी को जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पीड़ितों ने प्रेस वार्ता के जरिए शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

यह मामला कानपुर के नवाबगंज थाना अंतर्गत आजाद नगर स्थित पत्थेश्वर मंदिर से जुड़ा है, जहाँ सैकड़ों वर्ष प्राचीन मंदिर की पुजारी श्रीमती विमला पाठक, जो भोलानाथ की पत्नी हैं, ने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से इस मंदिर प्रांगण की सेवा करता आ रहा है। मंदिर के पीछे एक कमरा था जिसकी छत टीन की थी। उनके पड़ोसी योगी मिश्रा ने प्रस्ताव दिया कि वह कम खर्च में टीन की छत की जगह पक्की छत डलवा देगा। पीड़िता इस पर सहमत हो गईं और उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से 4,50,000/- रुपए योगी मिश्रा को दिए।

छत डलवाने के बाद, योगी मिश्रा ने जमीन पर कब्जा करने की नीयत से मंदिर के कमरे का ताला तोड़कर अपना ताला लगा लिया और दावा किया कि यह जगह अब उसकी हो गई है। तब पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी और धोखाधड़ी का एहसास हुआ। उन्होंने पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें योगी मिश्रा पर साढ़े चार लाख रुपए की ठगी करने और दबंगई व गुंडई दिखाकर मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। हालाँकि, पुलिस प्रशासन से आश्वासन तो मिला लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई, जिससे दबंग योगी मिश्रा के हौसले बुलंद हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आए दिन अराजक तत्व गाड़ियों से आकर गाली गलौज करते हैं और मंदिर परिसर खाली कराने के लिए जान से मारने की धमकी देते हैं, हालांकि क्षेत्रीय लोगों के विरोध के कारण वे कब्जा करने में असफल रहते हैं। थाने से लेकर पुलिस आयुक्त तक सभी जगह प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई है, यहाँ तक कि मंदिर के कमरे में रखा सामान भी उठा ले जाया गया है, जिसे वापस नहीं किया जा रहा है। पुजारी और उनके जान-माल को लगातार खतरा बना हुआ है, और चेतावनी दी गई है कि यदि पुजारी या उनके परिवार के साथ कोई घटना होती है, तो इसके लिए योगी मिश्रा ही दोषी होंगे।

यह स्थिति एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के भू-माफिया को 'मिट्टी में मिला देने' के निर्देश के बावजूद, एक प्राचीन मंदिर पर कब्जा करने वाले के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई। प्रेस वार्ता में यह सवाल उठाया गया कि जब सरकार सनातन धर्म की रक्षक होने का दावा करती है, तब भी सनातन धर्म ही सुरक्षित क्यों नहीं है। पीड़ितों का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान के सभी सबूत और दो से तीन दर्जन क्षेत्रीय लोगों की गवाही उनके आरोपों को सही साबित करती है। पीड़ित मंदिर पुजारी ने न्यायहित में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन उचित कार्यवाही नहीं करता है, तो वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में शिकायत करेंगी और न्याय मांगेंगी, क्योंकि नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के माध्यम से सूचना देने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
    user_Sri Dinkar jee
    Sri Dinkar jee
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    18 min ago
  • कानपुर में आईटीबीपी जवान का हाथ काटे जाने से जुड़े बहुचर्चित मामले की जाँच में एक नया मोड़ आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जाँच रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि दोनों अस्पतालों द्वारा उपचार में अत्यधिक देरी की गई, जिसके कारण पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। इस संबंध में, कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि पहले प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष का निर्धारण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था। इसके बाद, पुलिस ने मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय करते हुए एक संशोधित रिपोर्ट मांगी थी। संशोधित रिपोर्ट मिलने के बाद, पुलिस ने इलाज में हुई देरी को गंभीर चिकित्सीय लापरवाही मानते हुए दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस आयुक्त ने आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद या टकराव की खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा और सीएमओ स्तर पर विस्तृत परीक्षण के लिए आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय में आमंत्रित किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी बड़ी संख्या में बल के साथ पहुँचे थे, जिससे पुलिस कार्यालय के बाहर भारी बल की मौजूदगी के कारण मीडिया में गलत संदेश गया। इस पर कमांडेंट को तत्काल अतिरिक्त बल वापस भेजने का निर्देश दिया गया। पुलिस आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि पूरे प्रकरण की सूचना आईटीबीपी मुख्यालय और महानिदेशक को पत्र भेजकर दे दी गई है, साथ ही संबंधित स्तर पर विभागीय और अनुशासनात्मक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया गया है।
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    कानपुर में आईटीबीपी जवान का हाथ काटे जाने से जुड़े बहुचर्चित मामले की जाँच में एक नया मोड़ आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जाँच रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि दोनों अस्पतालों द्वारा उपचार में अत्यधिक देरी की गई, जिसके कारण पीड़ित का हाथ काटना पड़ा।

इस संबंध में, कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि पहले प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष का निर्धारण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था। इसके बाद, पुलिस ने मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय करते हुए एक संशोधित रिपोर्ट मांगी थी। संशोधित रिपोर्ट मिलने के बाद, पुलिस ने इलाज में हुई देरी को गंभीर चिकित्सीय लापरवाही मानते हुए दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस आयुक्त ने आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद या टकराव की खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा और सीएमओ स्तर पर विस्तृत परीक्षण के लिए आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय में आमंत्रित किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी बड़ी संख्या में बल के साथ पहुँचे थे, जिससे पुलिस कार्यालय के बाहर भारी बल की मौजूदगी के कारण मीडिया में गलत संदेश गया। इस पर कमांडेंट को तत्काल अतिरिक्त बल वापस भेजने का निर्देश दिया गया। पुलिस आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि पूरे प्रकरण की सूचना आईटीबीपी मुख्यालय और महानिदेशक को पत्र भेजकर दे दी गई है, साथ ही संबंधित स्तर पर विभागीय और अनुशासनात्मक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया गया है।
    user_Anoop Nishad Kanpur
    Anoop Nishad Kanpur
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    41 min ago
  • हमीरपुर में शराब पीकर पत्नी से झगड़ने के बाद चार दिन पहले घर से भागे 46 वर्षीय शिवपूजन पुत्र त्रिलोका श्रीवास ने खेतों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बिवांर थाना क्षेत्र के न्यूरिया गांव निवासी शिवपूजन गत गुरुवार की रात शराब के नशे में घर आया था। उसकी पत्नी गोमती ने उसे शराब पीने से मना किया, जिसके बाद उनके बीच झगड़ा हुआ और शिवपूजन घर से निकल गया। परिजन उसकी तलाश आसपास के रिश्तेदारों में करते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। आज सुबह कमोखर गांव के चरवाहे अपने जानवरों को चराने कमोखर न्यूरिया मौजा के खेतों की ओर गए, जहाँ उन्होंने एक नीम के पेड़ में पतले तार से बने फंदे से शिवपूजन को झूलता हुआ पाया। चरवाहों ने तुरंत इसकी सूचना प्रधान प्रतिनिधि बच्चा लाल को दी, जिन्होंने कुनेहटा चौकी प्रभारी रवींद्र कुमार को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक शिवपूजन राजमिस्त्री का कार्य कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। वह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्री और तीन पुत्रों को रोते-बिलखते छोड़ गया है। थानाध्यक्ष नंदराम प्रजापति ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।
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    हमीरपुर में शराब पीकर पत्नी से झगड़ने के बाद चार दिन पहले घर से भागे 46 वर्षीय शिवपूजन पुत्र त्रिलोका श्रीवास ने खेतों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

बिवांर थाना क्षेत्र के न्यूरिया गांव निवासी शिवपूजन गत गुरुवार की रात शराब के नशे में घर आया था। उसकी पत्नी गोमती ने उसे शराब पीने से मना किया, जिसके बाद उनके बीच झगड़ा हुआ और शिवपूजन घर से निकल गया। परिजन उसकी तलाश आसपास के रिश्तेदारों में करते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

आज सुबह कमोखर गांव के चरवाहे अपने जानवरों को चराने कमोखर न्यूरिया मौजा के खेतों की ओर गए, जहाँ उन्होंने एक नीम के पेड़ में पतले तार से बने फंदे से शिवपूजन को झूलता हुआ पाया। चरवाहों ने तुरंत इसकी सूचना प्रधान प्रतिनिधि बच्चा लाल को दी, जिन्होंने कुनेहटा चौकी प्रभारी रवींद्र कुमार को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक शिवपूजन राजमिस्त्री का कार्य कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। वह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्री और तीन पुत्रों को रोते-बिलखते छोड़ गया है। थानाध्यक्ष नंदराम प्रजापति ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।
    user_संतोष कुमार चक्रवर्ती
    संतोष कुमार चक्रवर्ती
    Journalist हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जालौन में सरकारी नाला निर्माण कार्य को लेकर महिलाओं के बीच भीषण मारपीट हुई है। यह घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के लोना गांव में सामने आई, जहां एक दबंग कोटेदार ने पुरानी खुन्नस के चलते महिलाओं और उनकी पड़ोसी महिलाओं पर हमला कर दिया। दोनों पक्षों के बीच हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
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    जालौन में सरकारी नाला निर्माण कार्य को लेकर महिलाओं के बीच भीषण मारपीट हुई है। यह घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के लोना गांव में सामने आई, जहां एक दबंग कोटेदार ने पुरानी खुन्नस के चलते महिलाओं और उनकी पड़ोसी महिलाओं पर हमला कर दिया।

दोनों पक्षों के बीच हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जालौन जिले के माधौगढ़ क्षेत्र में स्थित भैरव बाबा इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती ट्रक में अचानक आग लग गई। आग लगते ही मौके पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए और तत्काल इसकी सूचना पुलिस तथा दमकल विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही दमकल कर्मी और पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ट्रक के पिछले हिस्से में लगी थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या कोई तकनीकी खराबी माना जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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    जालौन जिले के माधौगढ़ क्षेत्र में स्थित भैरव बाबा इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती ट्रक में अचानक आग लग गई। आग लगते ही मौके पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए और तत्काल इसकी सूचना पुलिस तथा दमकल विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही दमकल कर्मी और पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ट्रक के पिछले हिस्से में लगी थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या कोई तकनीकी खराबी माना जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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