जालौन जनपद के कदौरा विकास खंड कार्यालय में सोमवार को एक कर्मचारी विवाद के दौरान मारपीट की घटना सामने आई, जिसमें मनरेगा पटल पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर और एक रोजगार सेवक के बीच कहासुनी के बाद रोजगार सेवक घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान कुर्सी और कंप्यूटर मॉनिटर से हमला किया गया था। घटना के बाद कुछ समय के लिए ब्लॉक कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा और घायल कर्मचारी को उपचार व मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। घायल पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह विवाद फाइल संबंधी कार्य और प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चला आ रहा था। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी अपना पक्ष रखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से जानकारी जुटा चुकी है। घटना के बाद कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी चर्चा हुई; कर्मचारियों का मानना है कि घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई होगी, जबकि संबंधित अधिकारियों ने कैमरों की स्थिति की जांच कराए जाने की बात कही है। कुछ कर्मचारियों और स्थानीय लोगों द्वारा मनरेगा कार्यों में कथित कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया है कि जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जालौन जनपद के कदौरा विकास खंड कार्यालय में सोमवार को एक कर्मचारी विवाद के दौरान मारपीट की घटना सामने आई, जिसमें मनरेगा पटल पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर और एक रोजगार सेवक के बीच कहासुनी के बाद रोजगार सेवक घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान कुर्सी और कंप्यूटर मॉनिटर से हमला किया गया था। घटना के बाद कुछ समय के लिए ब्लॉक कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा और घायल कर्मचारी को उपचार व मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। घायल पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह विवाद फाइल संबंधी कार्य और प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चला आ रहा था। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी अपना पक्ष रखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से जानकारी जुटा चुकी है। घटना के बाद कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी चर्चा हुई; कर्मचारियों का मानना है कि घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई होगी, जबकि संबंधित अधिकारियों ने कैमरों की स्थिति की जांच कराए जाने की बात कही है। कुछ कर्मचारियों और स्थानीय लोगों द्वारा मनरेगा कार्यों में कथित कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया है कि जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- जालौन जनपद के कदौरा विकास खंड कार्यालय में सोमवार को एक कर्मचारी विवाद के दौरान मारपीट की घटना सामने आई, जिसमें मनरेगा पटल पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर और एक रोजगार सेवक के बीच कहासुनी के बाद रोजगार सेवक घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान कुर्सी और कंप्यूटर मॉनिटर से हमला किया गया था। घटना के बाद कुछ समय के लिए ब्लॉक कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा और घायल कर्मचारी को उपचार व मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। घायल पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह विवाद फाइल संबंधी कार्य और प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चला आ रहा था। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी अपना पक्ष रखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से जानकारी जुटा चुकी है। घटना के बाद कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी चर्चा हुई; कर्मचारियों का मानना है कि घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई होगी, जबकि संबंधित अधिकारियों ने कैमरों की स्थिति की जांच कराए जाने की बात कही है। कुछ कर्मचारियों और स्थानीय लोगों द्वारा मनरेगा कार्यों में कथित कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया है कि जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- जालौन में खाकी की गुंडई की बेहद शर्मनाक तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ होमगार्ड जवानों ने एक युवक को जमीन पर गिराकर बेरहमी से लात-घूँसों से पीटा। यह घटना जालौन के कोंच तहसील परिसर में हुई और मारपीट करते होमगार्ड मीडिया के कैमरे में कैद हो गए। तहसीलदार की सुरक्षा में तैनात इन होमगार्डों ने एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को निशाना बनाया और उसके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। यह पूरा वाकया पुलिस बल के भीतर की 'गुंडई' और असंवेदनशीलता को उजागर करता है।1
- कानपुर देहात में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में गौशालाओं के संचालन एवं उनकी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद की गौशालाओं में निराश्रित एवं बेसहारा गौवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण और उपचार की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की समस्त गौशालाओं में गौवंशों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि प्रत्येक गौशाला में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल, हरा और सूखा चारा उपलब्ध रहना चाहिए, जिसकी दैनिक उपलब्धता का रजिस्टर नियमित रूप से संधारित किया जाए। पशु चिकित्साधिकारियों को गौशालाओं में निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण, सभी गौवंशों की अनिवार्य ईयर टैगिंग और समय-समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बीमार पशुओं के लिए संक्रमण फैलने से रोकने हेतु पृथक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, शेड, बाउंड्रीवाल, फर्श और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी बल दिया गया। साथ ही, हीटवेव के दृष्टिगत गौवंशों के संरक्षण हेतु आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। गौ आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे न लगवाए जाने के संबंध में कड़ा रुख अपनाते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 02 दिवस के भीतर गौ आश्रय स्थलों में कैमरे लगाने का कार्य पूर्ण नहीं होता है, तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त, खंड विकास अधिकारियों को गौशालाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप समय पर मांग प्रेषित करने तथा केयर टेकरों का भुगतान समय पर सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारियों को भी निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित निरीक्षण करने और अपनी निरीक्षण आख्या समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए गौशालाओं को एक आदर्श स्वरूप प्रदान करने की बात कही और स्पष्ट किया कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल और समस्त खंड विकास अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी ग्राम पंचायत अधिकारी एवं नोडल अधिकारी ज़ूम मीटिंग के माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।1
- अकबरपुर थाना क्षेत्र के अकबरपुर तहसील परिसर में एसडीएम सदर तहसील के पेशकार पंकज की खड़ी कार में अचानक आग लग गई। इस घटना को देखकर वहाँ मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम मौके पर पहुँची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आग बुझने तक कार पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी।1
- सोमवार सुबह करीब 10 बजे कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र में गुर्दही बंबा के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गंगा दशहरा पर बिठूर घाट से स्नान कर वापस लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक ईको कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक खड्ड में जा गिरी, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। हालांकि, इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और वाहन में सवार सभी श्रद्धालु बाल-बाल बच गए। बताया जा रहा है कि यह हादसा सिकंदरा-झींझक मार्ग पर गुरदही बंबा के पास हुआ। कार चालक को गाड़ी चलाते समय नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह खड्ड में जा गिरी। हादसे के बाद तुरंत राहगीरों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद वाहन में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दुर्घटना में कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं, जिसके बाद 108 एंबुलेंस बुलाकर घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सिकंदरा समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वाहन में सवार लोगों में सोहन पुत्र मोतीलाल (निवासी उमरी), रामदास पुत्र छोटे सरोज (निवासी उमरी), नंदराम पुत्र छोटेलाल (निवासी लाहार, भिंड), माया पत्नी पहलाद (जगलापुर कुठौन निवासी) और सुनील पुत्र मोतीलाल (उमरी गोहन, थाना रामपुरा निवासी) शामिल थे। दुर्घटनाग्रस्त चार पहिया वाहन को खड्डे से बाहर निकालने के लिए भी राहगीरों की मदद ली गई और मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा रही। ग्रामीणों का कहना है कि चालक को नींद आने के कारण ही यह हादसा हुआ, लेकिन समय रहते लोगों की मदद से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।1
- सोमवार सुबह करीब 11 बजे सिकंदरा थाना क्षेत्र के गुर्दही बंबा के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। गंगा दशहरा पर्व पर बिठूर घाट से स्नान कर वापस लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक ईको कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड्ड में पलट गई। इस हादसे में कार सवार पाँच लोग घायल हो गए, जिनकी पहचान सोहन, रामदास, नंदराम, माया देवी और सुनील के रूप में हुई है। दुर्घटना की जानकारी के अनुसार, यह हादसा सिकंदरा झींझक मार्ग के गुर्दही बंबा के पास हुआ, जब वाहन चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई। झपकी आने के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया और वह खड्ड में जा पलटी। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और राहगीरों की मदद से सभी घायलों को कार से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से सीएचसी सिकंदरा भेजा गया, जहाँ ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। फिलहाल, हादसे में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- कानपुर देहात के मूसानगर निवासी लक्ष्मण पांडा 31 मार्च 2026 को कन्याकुमारी के लिए अपनी पदयात्रा पर निकले थे, और सोमवार को वे तमिलनाडु के एक दुर्गम गांव में पहुंचे। उनके साथ कानपुर नगर के सहयोगी नरेश सिंह परास भी इस यात्रा में शामिल हैं। लक्ष्मण पांडा ने बताया कि उनका लक्ष्य जल्द से जल्द कन्याकुमारी पहुंचना है, जहाँ वे देश के लिए शांति की प्रार्थना करेंगे। वे वर्तमान में कन्याकुमारी से लगभग 400 किलोमीटर दूर हैं।1
- जालौन में सरकारी नाला निर्माण कार्य को लेकर महिलाओं के बीच भीषण मारपीट हुई है। यह घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के लोना गांव में सामने आई, जहां एक दबंग कोटेदार ने पुरानी खुन्नस के चलते महिलाओं और उनकी पड़ोसी महिलाओं पर हमला कर दिया। दोनों पक्षों के बीच हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।1