कानपुर देहात में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में गौशालाओं के संचालन एवं उनकी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद की गौशालाओं में निराश्रित एवं बेसहारा गौवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण और उपचार की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की समस्त गौशालाओं में गौवंशों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि प्रत्येक गौशाला में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल, हरा और सूखा चारा उपलब्ध रहना चाहिए, जिसकी दैनिक उपलब्धता का रजिस्टर नियमित रूप से संधारित किया जाए। पशु चिकित्साधिकारियों को गौशालाओं में निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण, सभी गौवंशों की अनिवार्य ईयर टैगिंग और समय-समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बीमार पशुओं के लिए संक्रमण फैलने से रोकने हेतु पृथक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, शेड, बाउंड्रीवाल, फर्श और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी बल दिया गया। साथ ही, हीटवेव के दृष्टिगत गौवंशों के संरक्षण हेतु आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। गौ आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे न लगवाए जाने के संबंध में कड़ा रुख अपनाते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 02 दिवस के भीतर गौ आश्रय स्थलों में कैमरे लगाने का कार्य पूर्ण नहीं होता है, तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त, खंड विकास अधिकारियों को गौशालाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप समय पर मांग प्रेषित करने तथा केयर टेकरों का भुगतान समय पर सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारियों को भी निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित निरीक्षण करने और अपनी निरीक्षण आख्या समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए गौशालाओं को एक आदर्श स्वरूप प्रदान करने की बात कही और स्पष्ट किया कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल और समस्त खंड विकास अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी ग्राम पंचायत अधिकारी एवं नोडल अधिकारी ज़ूम मीटिंग के माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।
कानपुर देहात में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में गौशालाओं के संचालन एवं उनकी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद की गौशालाओं में निराश्रित एवं बेसहारा गौवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण और उपचार की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की समस्त गौशालाओं में गौवंशों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि प्रत्येक गौशाला में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल, हरा और सूखा चारा उपलब्ध रहना चाहिए, जिसकी दैनिक उपलब्धता का रजिस्टर नियमित रूप से संधारित किया जाए। पशु चिकित्साधिकारियों को गौशालाओं में निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण, सभी गौवंशों की अनिवार्य ईयर टैगिंग और समय-समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बीमार पशुओं के लिए संक्रमण फैलने से रोकने हेतु पृथक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, शेड, बाउंड्रीवाल, फर्श और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी बल दिया गया। साथ ही, हीटवेव के दृष्टिगत गौवंशों के संरक्षण हेतु आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। गौ आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे न लगवाए जाने के संबंध में कड़ा रुख अपनाते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 02 दिवस के भीतर गौ आश्रय स्थलों में कैमरे लगाने का कार्य पूर्ण नहीं होता है, तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त, खंड विकास अधिकारियों को गौशालाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप समय पर मांग प्रेषित करने तथा केयर टेकरों का भुगतान समय पर सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारियों को भी निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित निरीक्षण करने और अपनी निरीक्षण आख्या समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए गौशालाओं को एक आदर्श स्वरूप प्रदान करने की बात कही और स्पष्ट किया कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल और समस्त खंड विकास अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी ग्राम पंचायत अधिकारी एवं नोडल अधिकारी ज़ूम मीटिंग के माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।
- कानपुर देहात में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में गौशालाओं के संचालन एवं उनकी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद की गौशालाओं में निराश्रित एवं बेसहारा गौवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण और उपचार की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की समस्त गौशालाओं में गौवंशों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि प्रत्येक गौशाला में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल, हरा और सूखा चारा उपलब्ध रहना चाहिए, जिसकी दैनिक उपलब्धता का रजिस्टर नियमित रूप से संधारित किया जाए। पशु चिकित्साधिकारियों को गौशालाओं में निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण, सभी गौवंशों की अनिवार्य ईयर टैगिंग और समय-समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बीमार पशुओं के लिए संक्रमण फैलने से रोकने हेतु पृथक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, शेड, बाउंड्रीवाल, फर्श और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी बल दिया गया। साथ ही, हीटवेव के दृष्टिगत गौवंशों के संरक्षण हेतु आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। गौ आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे न लगवाए जाने के संबंध में कड़ा रुख अपनाते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 02 दिवस के भीतर गौ आश्रय स्थलों में कैमरे लगाने का कार्य पूर्ण नहीं होता है, तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त, खंड विकास अधिकारियों को गौशालाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप समय पर मांग प्रेषित करने तथा केयर टेकरों का भुगतान समय पर सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारियों को भी निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित निरीक्षण करने और अपनी निरीक्षण आख्या समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए गौशालाओं को एक आदर्श स्वरूप प्रदान करने की बात कही और स्पष्ट किया कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल और समस्त खंड विकास अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी ग्राम पंचायत अधिकारी एवं नोडल अधिकारी ज़ूम मीटिंग के माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।1
- जालौन में खाकी की गुंडई की बेहद शर्मनाक तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ होमगार्ड जवानों ने एक युवक को जमीन पर गिराकर बेरहमी से लात-घूँसों से पीटा। यह घटना जालौन के कोंच तहसील परिसर में हुई और मारपीट करते होमगार्ड मीडिया के कैमरे में कैद हो गए। तहसीलदार की सुरक्षा में तैनात इन होमगार्डों ने एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को निशाना बनाया और उसके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। यह पूरा वाकया पुलिस बल के भीतर की 'गुंडई' और असंवेदनशीलता को उजागर करता है।1
- जालौन जिले के माधौगढ़ क्षेत्र में स्थित भैरव बाबा इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती ट्रक में अचानक आग लग गई। आग लगते ही मौके पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए और तत्काल इसकी सूचना पुलिस तथा दमकल विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही दमकल कर्मी और पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ट्रक के पिछले हिस्से में लगी थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या कोई तकनीकी खराबी माना जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की कालपी तहसील के उरकरा खुर्द गांव में एक विशाल महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस भव्य धार्मिक आयोजन के साथ ही प्रभु श्रीराम के जीवन पर आधारित रामलीला कार्यक्रम का भी मंचन किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।2
- मंगलपुर थाना क्षेत्र के करियाझाला गांव निवासी कृष्ण कुमार की 3 मई की शाम सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब कृष्ण कुमार अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से रसूलाबाद से घर लौट रहे थे। मिंडा कुआं के पास पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कृष्ण कुमार समेत कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घायलों को तुरंत झींझक अस्पताल ले जाया गया। वहां से कृष्ण कुमार की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, जब परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में कृष्ण कुमार ने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना के बाद उनके परिवार में शोक का माहौल है। मंगलपुर पुलिस ने मृतक के पिता अमर सिंह की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने सोमवार शाम करीब 6 बजे जानकारी दी कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- अकबरपुर थाना क्षेत्र के अकबरपुर तहसील परिसर में एसडीएम सदर तहसील के पेशकार पंकज की खड़ी कार में अचानक आग लग गई। इस घटना को देखकर वहाँ मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम मौके पर पहुँची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आग बुझने तक कार पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी।1
- कानपुर देहात के विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विधान जायसवाल की अध्यक्षता में गौशालाओं के संचालन और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निराश्रित और बेसहारा गौवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण और उपचार की मौजूदा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। सीडीओ ने सभी गौ आश्रय स्थलों में स्वच्छ पेयजल, हरा और सूखा चारा, तथा स्वास्थ्य परीक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने यह भी अनिवार्य किया कि सभी गौवंशों की ईयर टैगिंग और टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराया जाए। बैठक के दौरान, सीडीओ ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी दो दिनों के भीतर सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बैठक में शेड, बाउंड्रीवॉल, फर्श, प्रकाश व्यवस्था और हीटवेव से बचाव की तैयारियों को भी समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने जोर देकर कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गौशालाओं को एक आदर्श स्वरूप दिया जाए, और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अशोक कुमार, डॉ. सुबोध कुमार, विकास पटेल सहित समस्त खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।1
- जालौन में सरकारी नाला निर्माण कार्य को लेकर महिलाओं के बीच भीषण मारपीट हुई है। यह घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के लोना गांव में सामने आई, जहां एक दबंग कोटेदार ने पुरानी खुन्नस के चलते महिलाओं और उनकी पड़ोसी महिलाओं पर हमला कर दिया। दोनों पक्षों के बीच हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।1