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हाईवे पर नशे में ट्रक चालक ने कथित तौर पर कई लोगों को कुचला। हादसे के बाद चालक पकड़ा गया, वीडियो वायरल। पुलिस जांच में जुटी। हाईवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर दिया है। आरोप है कि नशे में धुत ट्रक चालक ने तेज रफ्तार में वाहन चलाते हुए कई लोगों को कुचल दिया। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने चालक को पकड़ लिया। मौके पर मौजूद एक युवक ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि ट्रक मालिक के कथित बयान ने भी लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी है।

2 hrs ago
user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

हाईवे पर नशे में ट्रक चालक ने कथित तौर पर कई लोगों को कुचला। हादसे के बाद चालक पकड़ा गया, वीडियो वायरल। पुलिस जांच में जुटी। हाईवे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर दिया है। आरोप है कि नशे में धुत ट्रक चालक ने तेज रफ्तार में वाहन चलाते हुए कई लोगों को कुचल दिया। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने चालक को पकड़ लिया। मौके पर मौजूद एक युवक ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि ट्रक मालिक के कथित बयान ने भी लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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  • दिल्ली यूनिवर्सिटी परिसर में एक संदिग्ध युवक को लेकर हंगामा हो गया। आरोप है कि युवक झूठी पहचान के साथ छात्राओं से संपर्क कर रहा था, जिससे शक पैदा हुआ। छात्राओं ने सतर्कता दिखाते हुए युवक को रोक लिया और तुरंत कैंपस सुरक्षा व पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस युवक की पहचान और गतिविधियों की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी छात्रों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने की अपील की है।
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    दिल्ली यूनिवर्सिटी परिसर में एक संदिग्ध युवक को लेकर हंगामा हो गया। आरोप है कि युवक झूठी पहचान के साथ छात्राओं से संपर्क कर रहा था, जिससे शक पैदा हुआ।
छात्राओं ने सतर्कता दिखाते हुए युवक को रोक लिया और तुरंत कैंपस सुरक्षा व पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस युवक की पहचान और गतिविधियों की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी छात्रों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने की अपील की है।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    11 min ago
  • बीते समय में... अंग यानी बिहार ने कमल खिलाया है। कलिंग यानी ओडिशा ने कमल खिलाया है। अब बंग यानी बंगाल की बारी है... और यहां जो माहौल मैं देख रहा हूं... इस बार बंगाल में भी कमल खिलना तय है।
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    बीते समय में...
अंग यानी बिहार ने कमल खिलाया है।
कलिंग यानी ओडिशा ने कमल खिलाया है।
अब बंग यानी बंगाल की बारी है...
और यहां जो माहौल मैं देख रहा हूं... इस बार बंगाल में भी कमल खिलना तय है।
    user_मो० इमरान लाइव टीवी एक्सप्रेस
    मो० इमरान लाइव टीवी एक्सप्रेस
    Court reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    29 min ago
  • Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
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    Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Sadar, Lucknow•
    1 hr ago
  • Post by Sanjay Lal
    1
    Post by Sanjay Lal
    user_Sanjay Lal
    Sanjay Lal
    Local News Reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रधान अधिकार एवं कार्यकाल विस्तार बैठक संपन्न हुई लखनऊ प्रधान अधिकार एवं कार्यकाल विस्तार बैठक प्रेस क्लब, लखनऊ मे संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी ने किया संरक्षण शिव प्रसाद मिश्र ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहां थी सरकार या तो चुनाव संपन्न करवाया या तो कार्यकाल बढ़ाया जाए बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विपिन मिश्रा प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव पूर्व प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम यादव प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप चौधरी मंडल अध्यक्ष चौधरी सम्राट सिंह चौधरी धर्मपाल बालियान जिला अध्यक्ष अशोक सचिन मलिक अध्यक्ष बिजनौर बेबी प्रधान राहुल त्यागी सुनील यादव लगभग जिला 50 जिला अध्यक्ष बैठक में उपस्थित है
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    प्रधान अधिकार एवं कार्यकाल विस्तार बैठक संपन्न हुई    लखनऊ प्रधान अधिकार एवं कार्यकाल विस्तार बैठक  प्रेस क्लब, लखनऊ  मे संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी ने किया संरक्षण शिव प्रसाद मिश्र ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहां थी सरकार या तो चुनाव संपन्न करवाया या तो कार्यकाल बढ़ाया जाए बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विपिन मिश्रा प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव पूर्व प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम यादव प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप चौधरी मंडल अध्यक्ष चौधरी सम्राट सिंह चौधरी धर्मपाल बालियान जिला अध्यक्ष अशोक  सचिन मलिक अध्यक्ष बिजनौर बेबी प्रधान राहुल त्यागी सुनील यादव लगभग जिला 50 जिला अध्यक्ष बैठक में उपस्थित है
    user_सोशलिस्ट न्याय
    सोशलिस्ट न्याय
    Sadar, Lucknow•
    1 hr ago
  • ## **आक्रोश की आग में सुलगता उत्तर प्रदेश: स्मार्ट मीटर के खिलाफ ‘जन-क्रांति’ या अराजकता?** **लखनऊ से लेकर वाराणसी तक सड़कों पर फूटा जनता का गुस्सा; हजारों मीटर मलबे में तब्दील, सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान!** ### **बड़ी खबर: यूपी में 'स्मार्ट' सिस्टम पर भारी पड़ा जनता का 'पावर'** *कृष्णानन्द शर्मा"शिवराम"* नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सड़कों पर इस वक्त विकास के दावों और जनता के आक्रोश के बीच एक भीषण टकराव की स्थिति बनी हुई है। जिसे सरकार 'सुधार' कह रही थी, उसे प्रदेश की जनता ने 'आर्थिक डकैती' करार दे दिया है। राजधानी लखनऊ समेत मेरठ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं हैं। गुस्साई जनता ने अपने घरों के बाहर लगे **प्रीपेड स्मार्ट मीटरों** को उखाड़ फेंका है। कहीं मीटरों की होली जलाई जा रही है, तो कहीं उन्हें बीच सड़क पर पटककर हथौड़ों से चकनाचूर किया जा रहा है। बिजली विभाग के खिलाफ उपजा यह जन-आक्रोश अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। ### **शहर-दर-शहर: विरोध की धधकती चिंगारी** उत्तर प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा कोना बचा हो, जहाँ स्मार्ट मीटर का विरोध न हो रहा हो। प्रदर्शन का केंद्र बने प्रमुख शहरों का हाल कुछ इस प्रकार है: | शहर | विरोध का स्वरूप | मुख्य घटना | |---|---|---| | **लखनऊ** | सड़कों पर घेराव | शक्ति भवन के बाहर सैकड़ों मीटरों का ढेर लगाया गया। | | **वाराणसी** | घाटों से गलियों तक गूँज | काशी की तंग गलियों में बिजली विभाग की टीमों को खदेड़ा गया। | | **मेरठ** | हिंसक झड़प | प्रदर्शनकारियों ने मीटरों को सड़क पर रखकर उस पर बुलडोजर चलाने की कोशिश की। | | **प्रयागराज** | छात्र और युवा शक्ति | संगम नगरी में छात्रों ने 'मीटर हटाओ, प्रदेश बचाओ' के नारे बुलंद किए। | | **कानपुर** | औद्योगिक आक्रोश | व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर को 'व्यापार का दुश्मन' बताते हुए सामूहिक बहिष्कार किया। | ### **क्यों भड़की है विद्रोह की ये ज्वाला?** जनता के इस जबरदस्त गुस्से के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है, बल्कि शिकायतों की एक लंबी फेहरिस्त है: 1. **तेज रफ्तार से भागते मीटर:** उपभोक्ताओं का आरोप है कि पुराने मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर की रीडिंग **30% से 50%** अधिक आ रही है। 2. **प्रीपेड का फंदा:** "पहले इस्तेमाल करें, फिर भुगतान करें" की जगह "पहले पैसे दें, वरना अंधेरा झेलें" वाली नीति गरीब और मध्यम वर्ग को रास नहीं आ रही है। 3. **बिना सूचना बिजली गुल:** बैलेंस खत्म होते ही रात के 2 बजे भी बिजली कट जाना, जनता के सब्र का बांध तोड़ रहा है। 4. **तकनीकी खामियां:** सर्वर डाउन होने के कारण रिचार्ज न होना और शिकायत पर कोई सुनवाई न होना आम बात हो गई है। ### **सियासी अखाड़ा बना 'स्मार्ट मीटर': कांग्रेस और विपक्षी दलों का हल्ला बोल** इस जन-आक्रोश ने विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का एक बड़ा हथियार दे दिया है। **कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय संगठनों** ने इस मुद्दे पर कंधे से कंधा मिला लिया है। > "यह स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि जनता की जेब काटने वाली मशीन है। जब तक ये मीटर हटाए नहीं जाते, कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता सड़कों पर संघर्ष करेगा।" > — **विपक्षी नेताओं का साझा बयान** > प्रतापगढ़, जौनपुर और भदोही जैसे जिलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने मीटरों को बोरियों में भरकर जिला मुख्यालयों पर जमा कर दिया है। फैजाबाद और गोरखपुर में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जबरन मीटर लगाए गए, तो बिजली दफ्तरों में तालाबंदी कर दी जाएगी। ### **विस्फोटक मंजर: जब सड़कों पर टूटे कांच और उम्मीदें** सीतापुर और जौनपुर से आई तस्वीरों ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। वहां आक्रोशित महिलाओं ने हाथ में डंडे लेकर बिजली विभाग की टीम को वापस जाने पर मजबूर कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अंधेरे में रहने को तैयार हैं, लेकिन इस 'लूट' को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सड़कों पर पड़े टूटे हुए मीटरों के अवशेष इस बात की गवाही दे रहे हैं कि जनता अब केवल आश्वासन से मानने वाली नहीं है। पुलिस ने कई जगहों पर लाठीचार्ज भी किया, लेकिन भीड़ का हौसला कम होने के बजाय और बढ़ता गया। ### **निष्कर्ष: क्या पीछे हटेगी सरकार?** उत्तर प्रदेश में फैला यह विद्रोह बिजली विभाग और सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक तरफ तकनीकी प्रगति का दावा है, तो दूसरी तरफ धरातल पर त्राहि-त्राहि मचाती जनता। **क्या प्रशासन इन मीटरों की जांच कराएगा? क्या प्रीपेड व्यवस्था में बदलाव होगा? या फिर यह आंदोलन 2027 के चुनाव से पहले सरकार के लिए एक बड़ा 'करंट' साबित होगा?** फिलहाल, यूपी की सड़कों पर गूँजते नारे और टूटते स्मार्ट मीटर एक ही संदेश दे रहे हैं— **"हक की लड़ाई, अब आर-पार की!"**
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    ## **आक्रोश की आग में सुलगता उत्तर प्रदेश: स्मार्ट मीटर के खिलाफ ‘जन-क्रांति’ या अराजकता?**
**लखनऊ से लेकर वाराणसी तक सड़कों पर फूटा जनता का गुस्सा; हजारों मीटर मलबे में तब्दील, सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान!**
### **बड़ी खबर: यूपी में 'स्मार्ट' सिस्टम पर भारी पड़ा जनता का 'पावर'**
*कृष्णानन्द शर्मा"शिवराम"*
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सड़कों पर इस वक्त विकास के दावों और जनता के आक्रोश के बीच एक भीषण टकराव की स्थिति बनी हुई है। जिसे सरकार 'सुधार' कह रही थी, उसे प्रदेश की जनता ने 'आर्थिक डकैती' करार दे दिया है। राजधानी लखनऊ समेत मेरठ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं हैं।
गुस्साई जनता ने अपने घरों के बाहर लगे **प्रीपेड स्मार्ट मीटरों** को उखाड़ फेंका है। कहीं मीटरों की होली जलाई जा रही है, तो कहीं उन्हें बीच सड़क पर पटककर हथौड़ों से चकनाचूर किया जा रहा है। बिजली विभाग के खिलाफ उपजा यह जन-आक्रोश अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है।
### **शहर-दर-शहर: विरोध की धधकती चिंगारी**
उत्तर प्रदेश का शायद ही कोई ऐसा कोना बचा हो, जहाँ स्मार्ट मीटर का विरोध न हो रहा हो। प्रदर्शन का केंद्र बने प्रमुख शहरों का हाल कुछ इस प्रकार है:
| शहर | विरोध का स्वरूप | मुख्य घटना |
|---|---|---|
| **लखनऊ** | सड़कों पर घेराव | शक्ति भवन के बाहर सैकड़ों मीटरों का ढेर लगाया गया। |
| **वाराणसी** | घाटों से गलियों तक गूँज | काशी की तंग गलियों में बिजली विभाग की टीमों को खदेड़ा गया। |
| **मेरठ** | हिंसक झड़प | प्रदर्शनकारियों ने मीटरों को सड़क पर रखकर उस पर बुलडोजर चलाने की कोशिश की। |
| **प्रयागराज** | छात्र और युवा शक्ति | संगम नगरी में छात्रों ने 'मीटर हटाओ, प्रदेश बचाओ' के नारे बुलंद किए। |
| **कानपुर** | औद्योगिक आक्रोश | व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर को 'व्यापार का दुश्मन' बताते हुए सामूहिक बहिष्कार किया। |
### **क्यों भड़की है विद्रोह की ये ज्वाला?**
जनता के इस जबरदस्त गुस्से के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है, बल्कि शिकायतों की एक लंबी फेहरिस्त है:
1. **तेज रफ्तार से भागते मीटर:** उपभोक्ताओं का आरोप है कि पुराने मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर की रीडिंग **30% से 50%** अधिक आ रही है।
2. **प्रीपेड का फंदा:** "पहले इस्तेमाल करें, फिर भुगतान करें" की जगह "पहले पैसे दें, वरना अंधेरा झेलें" वाली नीति गरीब और मध्यम वर्ग को रास नहीं आ रही है।
3. **बिना सूचना बिजली गुल:** बैलेंस खत्म होते ही रात के 2 बजे भी बिजली कट जाना, जनता के सब्र का बांध तोड़ रहा है।
4. **तकनीकी खामियां:** सर्वर डाउन होने के कारण रिचार्ज न होना और शिकायत पर कोई सुनवाई न होना आम बात हो गई है।
### **सियासी अखाड़ा बना 'स्मार्ट मीटर': कांग्रेस और विपक्षी दलों का हल्ला बोल**
इस जन-आक्रोश ने विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का एक बड़ा हथियार दे दिया है। **कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय संगठनों** ने इस मुद्दे पर कंधे से कंधा मिला लिया है।
> "यह स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि जनता की जेब काटने वाली मशीन है। जब तक ये मीटर हटाए नहीं जाते, कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता सड़कों पर संघर्ष करेगा।"
> — **विपक्षी नेताओं का साझा बयान**
> 
प्रतापगढ़, जौनपुर और भदोही जैसे जिलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने मीटरों को बोरियों में भरकर जिला मुख्यालयों पर जमा कर दिया है। फैजाबाद और गोरखपुर में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जबरन मीटर लगाए गए, तो बिजली दफ्तरों में तालाबंदी कर दी जाएगी।
### **विस्फोटक मंजर: जब सड़कों पर टूटे कांच और उम्मीदें**
सीतापुर और जौनपुर से आई तस्वीरों ने प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। वहां आक्रोशित महिलाओं ने हाथ में डंडे लेकर बिजली विभाग की टीम को वापस जाने पर मजबूर कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अंधेरे में रहने को तैयार हैं, लेकिन इस 'लूट' को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सड़कों पर पड़े टूटे हुए मीटरों के अवशेष इस बात की गवाही दे रहे हैं कि जनता अब केवल आश्वासन से मानने वाली नहीं है। पुलिस ने कई जगहों पर लाठीचार्ज भी किया, लेकिन भीड़ का हौसला कम होने के बजाय और बढ़ता गया।
### **निष्कर्ष: क्या पीछे हटेगी सरकार?**
उत्तर प्रदेश में फैला यह विद्रोह बिजली विभाग और सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक तरफ तकनीकी प्रगति का दावा है, तो दूसरी तरफ धरातल पर त्राहि-त्राहि मचाती जनता।
**क्या प्रशासन इन मीटरों की जांच कराएगा? क्या प्रीपेड व्यवस्था में बदलाव होगा? या फिर यह आंदोलन 2027 के चुनाव से पहले सरकार के लिए एक बड़ा 'करंट' साबित होगा?**
फिलहाल, यूपी की सड़कों पर गूँजते नारे और टूटते स्मार्ट मीटर एक ही संदेश दे रहे हैं— **"हक की लड़ाई, अब आर-पार की!"**
    user_कृष्णानन्द शर्मा
    कृष्णानन्द शर्मा
    Artist सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • विधानसभा सत्र शुरू होते ही आज समाजवादी पार्टी के विधायकों का विधानसभा गेट नम्बर 5 पर धरना प्रदर्शन दिया
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    विधानसभा सत्र शुरू होते ही आज समाजवादी पार्टी के विधायकों का विधानसभा गेट नम्बर 5 पर धरना प्रदर्शन दिया
    user_Anurag Kashyap
    Anurag Kashyap
    Local News Reporter Sadar, Lucknow•
    2 hrs ago
  • एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा दी। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार ट्रेन के सामने खड़े होकर पिता ने जिस साहस का परिचय दिया, उसने सभी को हैरान कर दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि खतरे के बीच भी पिता ने हिम्मत नहीं हारी और समय रहते अपने बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस बहादुर पिता की जमकर सराहना कर रहे हैं।
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    एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा दी। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार ट्रेन के सामने खड़े होकर पिता ने जिस साहस का परिचय दिया, उसने सभी को हैरान कर दिया।
वीडियो में देखा जा सकता है कि खतरे के बीच भी पिता ने हिम्मत नहीं हारी और समय रहते अपने बच्चे को सुरक्षित निकाल लिया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस बहादुर पिता की जमकर सराहना कर रहे हैं।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    21 min ago
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