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भोजपुरी के एक्टर खेसारीलाल भरत तिवारी के परिवार से मिलने उनके आवास पहुंचे।
(Journalist) Madhur kumar
भोजपुरी के एक्टर खेसारीलाल भरत तिवारी के परिवार से मिलने उनके आवास पहुंचे।
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- उत्तर प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री एवं उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड के उपाध्यक्ष, माननीय विश्वनाथ जी ने 21 जून 2026 को लखनऊ के मलिहाबाद स्थित गोशा लालपुर का दौरा किया, जहाँ पहुँचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरे का मुख्य आकर्षण मलिहाबाद के विश्व प्रसिद्ध आमों की एक भव्य दावत रही, जिसका मंत्री जी ने बागों के बीच बैठकर भरपूर आनंद लिया। आमों का स्वाद लेने के बाद मंत्री विश्वनाथ जी काफी प्रफुल्लित दिखे। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि, "मलिहाबाद के आमों की मिठास पूरी दुनिया में मशहूर है, लेकिन इस बाग की पावन मिट्टी में बैठकर इन आमों को खाने का अनुभव ही अलग है। यहाँ के आमों की मिठास में हमारे मेहनती किसानों का पसीना और मलिहाबाद की असली संस्कृति रची-बसी है।" इस आयोजन में भारतीय संविधान सम्मान समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष बौद्धमती विमला देवी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं, जिन्होंने मलिहाबाद के आमों की गुणवत्ता की सराहना की और क्षेत्र की प्रगति के लिए निरंतर प्रयासों पर जोर दिया। गोशा लालपुर में आयोजित इस शानदार आम पार्टी की मेजबानी विधायक प्रतिनिधि मेवालाल द्वारा की गई। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप देने और अतिथियों की सेवा में सतीश कुमार सिंह ने विशेष सक्रियता दिखाई। उनकी देखरेख में संपन्न हुए इस मिलन समारोह ने न केवल उपस्थित अतिथियों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि क्षेत्रवासियों के बीच आपसी प्रेम और भाईचारे की मिठास को भी और गहरा कर दिया। इस अवसर पर सौरभ कांत यादव (कोटेदार) समेत क्षेत्र के अनेक सम्मानित प्रबुद्ध जन और बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मलिहाबाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह भाटी और चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा का कड़ा पहरा रखा, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और गरिमामयी ढंग से संपन्न हुआ। मलिहाबाद के गोशा लालपुर में हुआ यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता के प्रति एक शानदार मिसाल बनकर सामने आया है।1
- सीतापुर के लहरपुर में नगर पालिका परिषद लहरपुर के मुख्य द्वार पर एक सभासद ने 20 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इस धरने को भीम आर्मी का समर्थन मिलने के बाद आंदोलन ने एक व्यापक रूप ले लिया है, जिससे बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पर जुटने लगे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं, जिनमें सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी जैसे जनहित से जुड़े मुद्दे शामिल हैं, उनकी लगातार अनदेखी कर रही है। उनका यह भी कहना है कि कई बार शिकायत और मांग पत्र देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण यह आंदोलन शुरू किया गया है। धरने का नेतृत्व कर रहे सभासद ने नगर पालिका प्रशासन पर जनता की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि जब तक उनकी 20 सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की बढ़ती मौजूदगी के कारण धरना स्थल पर माहौल गर्म हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि क्षेत्र की समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। फिलहाल, प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों द्वारा वार्ता के प्रयास जारी हैं, लेकिन देर शाम तक कोई ठोस सहमति बनती नहीं दिखी, जिससे यह आंदोलन आने वाले दिनों में और भी बड़ा रूप ले सकता है।2
- जिम्मेदार अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह शिकायत की गई है कि नालियों में भारी गंदगी और कीड़े स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति 'स्वच्छ भारत मिशन' के दावों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है। 'स्वस्थ भारत, सशक्त भारत' के नारे लगाए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है, जहाँ साफ-सफाई के दावों के बीच गंदगी खुलकर नजर आ रही है।1
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने और इस घटना की जांच कराने के भी आदेश दिए गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर में जिला प्रशासन ने सोमवार तड़के सरकारी नजूल भूमि पर बने समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। सुबह करीब 4 बजे, पांच थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी जवानों और चार बुलडोजरों के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और लगभग दो घंटे चली इस कार्रवाई में 21 वर्ष पुराने सपा कार्यालय को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया, साथ ही मलबा भी हटवा दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 25 पुलिसकर्मी और 50 पीएसी जवान तैनात रहे। प्रशासन के अनुसार, यह कार्यालय वर्ष 2005 में लगभग 2500 वर्गफीट सरकारी नजूल भूमि पर बनाया गया था। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने बताया कि 15 जनवरी 2005 को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने टाउन हॉल परिसर स्थित नजूल भूमि सपा जिला कार्यालय के लिए आवंटित की थी, जिसके लिए मात्र 100 रुपये मासिक किराया निर्धारित किया गया था। इस भूमि पर एक हॉल और दो कमरों का निर्माण कराया गया था। हालांकि, आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं पाए जाने के बाद नगर पालिका परिषद ने 14 अप्रैल 2005 को ही इस आवंटन को निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद, वर्षों तक वहां सपा का जिला कार्यालय संचालित होता रहा। प्रशासन ने बताया कि 8 जून 2025 को जिलाधिकारी न्यायालय ने सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि बुलडोजर कार्रवाई से एक दिन पहले ही सपा जिलाध्यक्ष ने कार्यालय खाली करा लिया था। कार्रवाई के दौरान सदर एसडीएम डॉ. जर्नादन कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है।1
- उन्नाव जिले के कुंडा मुजरा सकरौली गाँव में बिजली विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते बिजली की लाइनें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। इन खराब हो चुकी लाइनों के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में शोक और चिंता का माहौल गहरा गया है। इस भयावह घटना में मासूम बच्चों की मौत ने न केवल उनके परिवारों को गहरा आघात पहुँचाया है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के उपरांत विभिन्न वर्गों से यह मांग उठ रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, नियमों की अनदेखी, या सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाती है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना को केवल एक हादसे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण सबक बनाना चाहिए। उन्होंने स्कूलों, कोचिंग संस्थानों और अन्य सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि फिर किसी परिवार को अपने सपनों का चिराग न खोना पड़े। अलीगंज अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है, और मासूम बच्चों की मौत के बाद से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग और भी तेज हो गई है।1