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उत्तर प्रदेश के सीतापुर में जिला प्रशासन ने सोमवार तड़के सरकारी नजूल भूमि पर बने समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। सुबह करीब 4 बजे, पांच थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी जवानों और चार बुलडोजरों के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और लगभग दो घंटे चली इस कार्रवाई में 21 वर्ष पुराने सपा कार्यालय को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया, साथ ही मलबा भी हटवा दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 25 पुलिसकर्मी और 50 पीएसी जवान तैनात रहे। प्रशासन के अनुसार, यह कार्यालय वर्ष 2005 में लगभग 2500 वर्गफीट सरकारी नजूल भूमि पर बनाया गया था। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने बताया कि 15 जनवरी 2005 को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने टाउन हॉल परिसर स्थित नजूल भूमि सपा जिला कार्यालय के लिए आवंटित की थी, जिसके लिए मात्र 100 रुपये मासिक किराया निर्धारित किया गया था। इस भूमि पर एक हॉल और दो कमरों का निर्माण कराया गया था। हालांकि, आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं पाए जाने के बाद नगर पालिका परिषद ने 14 अप्रैल 2005 को ही इस आवंटन को निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद, वर्षों तक वहां सपा का जिला कार्यालय संचालित होता रहा। प्रशासन ने बताया कि 8 जून 2025 को जिलाधिकारी न्यायालय ने सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि बुलडोजर कार्रवाई से एक दिन पहले ही सपा जिलाध्यक्ष ने कार्यालय खाली करा लिया था। कार्रवाई के दौरान सदर एसडीएम डॉ. जर्नादन कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है।

1 hr ago
user_Naresh Gupta Reporter
Naresh Gupta Reporter
सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में जिला प्रशासन ने सोमवार तड़के सरकारी नजूल भूमि पर बने समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। सुबह करीब 4 बजे, पांच थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी जवानों और चार बुलडोजरों के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और लगभग दो घंटे चली इस कार्रवाई में 21 वर्ष पुराने सपा कार्यालय को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया, साथ ही मलबा भी हटवा दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 25 पुलिसकर्मी और 50 पीएसी जवान तैनात रहे। प्रशासन के अनुसार, यह कार्यालय वर्ष 2005 में लगभग 2500 वर्गफीट सरकारी नजूल भूमि पर बनाया गया था। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने बताया कि 15 जनवरी 2005 को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने टाउन हॉल परिसर स्थित नजूल भूमि सपा जिला कार्यालय के लिए आवंटित की थी, जिसके लिए मात्र 100 रुपये मासिक किराया निर्धारित किया गया था। इस भूमि पर एक हॉल और दो कमरों का निर्माण कराया गया था। हालांकि, आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं पाए जाने के बाद नगर पालिका परिषद ने 14 अप्रैल 2005 को ही इस आवंटन को निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद, वर्षों तक वहां सपा का जिला कार्यालय संचालित होता रहा। प्रशासन ने बताया कि 8 जून 2025 को जिलाधिकारी न्यायालय ने सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि बुलडोजर कार्रवाई से एक दिन पहले ही सपा जिलाध्यक्ष ने कार्यालय खाली करा लिया था। कार्रवाई के दौरान सदर एसडीएम डॉ. जर्नादन कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है।

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  • उत्तर प्रदेश के सीतापुर में जिला प्रशासन ने सोमवार तड़के सरकारी नजूल भूमि पर बने समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। सुबह करीब 4 बजे, पांच थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी जवानों और चार बुलडोजरों के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और लगभग दो घंटे चली इस कार्रवाई में 21 वर्ष पुराने सपा कार्यालय को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया, साथ ही मलबा भी हटवा दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 25 पुलिसकर्मी और 50 पीएसी जवान तैनात रहे। प्रशासन के अनुसार, यह कार्यालय वर्ष 2005 में लगभग 2500 वर्गफीट सरकारी नजूल भूमि पर बनाया गया था। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने बताया कि 15 जनवरी 2005 को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने टाउन हॉल परिसर स्थित नजूल भूमि सपा जिला कार्यालय के लिए आवंटित की थी, जिसके लिए मात्र 100 रुपये मासिक किराया निर्धारित किया गया था। इस भूमि पर एक हॉल और दो कमरों का निर्माण कराया गया था। हालांकि, आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं पाए जाने के बाद नगर पालिका परिषद ने 14 अप्रैल 2005 को ही इस आवंटन को निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद, वर्षों तक वहां सपा का जिला कार्यालय संचालित होता रहा। प्रशासन ने बताया कि 8 जून 2025 को जिलाधिकारी न्यायालय ने सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि बुलडोजर कार्रवाई से एक दिन पहले ही सपा जिलाध्यक्ष ने कार्यालय खाली करा लिया था। कार्रवाई के दौरान सदर एसडीएम डॉ. जर्नादन कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है।
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    उत्तर प्रदेश के सीतापुर में जिला प्रशासन ने सोमवार तड़के सरकारी नजूल भूमि पर बने समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। सुबह करीब 4 बजे, पांच थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी जवानों और चार बुलडोजरों के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और लगभग दो घंटे चली इस कार्रवाई में 21 वर्ष पुराने सपा कार्यालय को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया, साथ ही मलबा भी हटवा दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 25 पुलिसकर्मी और 50 पीएसी जवान तैनात रहे।

प्रशासन के अनुसार, यह कार्यालय वर्ष 2005 में लगभग 2500 वर्गफीट सरकारी नजूल भूमि पर बनाया गया था। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने बताया कि 15 जनवरी 2005 को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने टाउन हॉल परिसर स्थित नजूल भूमि सपा जिला कार्यालय के लिए आवंटित की थी, जिसके लिए मात्र 100 रुपये मासिक किराया निर्धारित किया गया था। इस भूमि पर एक हॉल और दो कमरों का निर्माण कराया गया था।

हालांकि, आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं पाए जाने के बाद नगर पालिका परिषद ने 14 अप्रैल 2005 को ही इस आवंटन को निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद, वर्षों तक वहां सपा का जिला कार्यालय संचालित होता रहा। प्रशासन ने बताया कि 8 जून 2025 को जिलाधिकारी न्यायालय ने सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि बुलडोजर कार्रवाई से एक दिन पहले ही सपा जिलाध्यक्ष ने कार्यालय खाली करा लिया था।

कार्रवाई के दौरान सदर एसडीएम डॉ. जर्नादन कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • राजधानी लखनऊ के नाका हिंडोला थाना क्षेत्र में इन दिनों बिजली विभाग के नाम पर अवैध वसूली करने वाले एक शातिर गिरोह की सक्रियता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लेकिन अब इस बड़े खुलासे के बाद नाका पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही बेहद गंभीर और दागदार करने वाले आरोप लग रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, नाका पुलिस ने चेकिंग के दौरान विभागीय सतर्कता के आधार पर चार फर्जी बिजली कर्मियों को दबोचा था। पकड़े गए आरोपियों में खुद को फर्जी SDO बताने वाला मकसूद आलम, फर्जी J.E. आफताब आलम और उनके दो फर्जी कर्मचारी शाहबाज व रेहान शामिल थे। हालांकि, इस बड़े भंडाफोड़ के बाद नाका थाना पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने के बजाय 'खेल' कर दिया। जानकारी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने गिरोह के दो सदस्यों से ₹30-30 हजार की मोटी रकम (कुल ₹60,000) ऐंठकर उन्हें चुपचाप थाने से रिहा कर दिया। परिणामस्वरूप, जहां जनता को ठगने वाले पूरे गिरोह को जेल भेजा जाना चाहिए था, वहीं पुलिस की इस कथित मेहरबानी के कारण दो शातिर जालसाज आज भी खुलेआम बाहर घूम रहे हैं। इस पूरे लेनदेन और फर्जीवाड़े की पड़ताल करने के लिए जब स्थानीय पत्रकारों ने नाका थाना प्रभारी के सरकारी CUG मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने ज़िम्मेदारी भरा जवाब देने के बजाय फोन को डिस्कनेक्ट कर दिया। विभागीय नियमों के अनुसार, पुलिस प्रभारियों को सरकारी CUG नंबर इसलिए दिए जाते हैं ताकि वे पीड़ित जनता की समस्याओं का त्वरित निवारण कर सकें और मीडिया को सही तथ्यों से अवगत करा सकें। लेकिन नाका थाने में CUG नंबर पर यह रवैया साफ दर्शाता है कि मामले में कुछ ऐसा है जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है। यह गिरोह खुद को बिजली विभाग (लेसा) की रेड टीम या प्रवर्तन दल बताकर सीधे उपभोक्ताओं के घरों और दुकानों में घुस जाता था। ये लोग मीटर में कमियां निकालने या बिजली चोरी का फर्जी केस बनाने का डर दिखाकर आम जनता से मौके पर ही हजारों रुपये की अवैध वसूली करते थे। हालांकि, पुलिस विभाग की तरफ से इस खबर को लेकर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।
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    राजधानी लखनऊ के नाका हिंडोला थाना क्षेत्र में इन दिनों बिजली विभाग के नाम पर अवैध वसूली करने वाले एक शातिर गिरोह की सक्रियता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लेकिन अब इस बड़े खुलासे के बाद नाका पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही बेहद गंभीर और दागदार करने वाले आरोप लग रहे हैं।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, नाका पुलिस ने चेकिंग के दौरान विभागीय सतर्कता के आधार पर चार फर्जी बिजली कर्मियों को दबोचा था। पकड़े गए आरोपियों में खुद को फर्जी SDO बताने वाला मकसूद आलम, फर्जी J.E. आफताब आलम और उनके दो फर्जी कर्मचारी शाहबाज व रेहान शामिल थे। हालांकि, इस बड़े भंडाफोड़ के बाद नाका थाना पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने के बजाय 'खेल' कर दिया। जानकारी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने गिरोह के दो सदस्यों से ₹30-30 हजार की मोटी रकम (कुल ₹60,000) ऐंठकर उन्हें चुपचाप थाने से रिहा कर दिया। परिणामस्वरूप, जहां जनता को ठगने वाले पूरे गिरोह को जेल भेजा जाना चाहिए था, वहीं पुलिस की इस कथित मेहरबानी के कारण दो शातिर जालसाज आज भी खुलेआम बाहर घूम रहे हैं।

इस पूरे लेनदेन और फर्जीवाड़े की पड़ताल करने के लिए जब स्थानीय पत्रकारों ने नाका थाना प्रभारी के सरकारी CUG मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने ज़िम्मेदारी भरा जवाब देने के बजाय फोन को डिस्कनेक्ट कर दिया। विभागीय नियमों के अनुसार, पुलिस प्रभारियों को सरकारी CUG नंबर इसलिए दिए जाते हैं ताकि वे पीड़ित जनता की समस्याओं का त्वरित निवारण कर सकें और मीडिया को सही तथ्यों से अवगत करा सकें। लेकिन नाका थाने में CUG नंबर पर यह रवैया साफ दर्शाता है कि मामले में कुछ ऐसा है जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है।

यह गिरोह खुद को बिजली विभाग (लेसा) की रेड टीम या प्रवर्तन दल बताकर सीधे उपभोक्ताओं के घरों और दुकानों में घुस जाता था। ये लोग मीटर में कमियां निकालने या बिजली चोरी का फर्जी केस बनाने का डर दिखाकर आम जनता से मौके पर ही हजारों रुपये की अवैध वसूली करते थे। हालांकि, पुलिस विभाग की तरफ से इस खबर को लेकर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।
    user_आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    Voice of people Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    49 min ago
  • गुंदलामा ब्लॉक के केशव मऊ बरतल गांव में सड़कों और नालियों की खराब स्थिति से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के पूरब दिशा की सड़क अच्छी नहीं बनी है, जिससे किसानों को खेत तक पहुँचने में बहुत ज़्यादा परेशानी हो रही है। इसके अलावा, गांव की नालियां भी अत्यधिक गंदी हैं, जिसके कारण बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) से इस मामले का व्यक्तिगत निरीक्षण करने और स्थिति को अपनी आँखों से देखकर जल्द से जल्द ठीक कराने की अपील की है।
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    गुंदलामा ब्लॉक के केशव मऊ बरतल गांव में सड़कों और नालियों की खराब स्थिति से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के पूरब दिशा की सड़क अच्छी नहीं बनी है, जिससे किसानों को खेत तक पहुँचने में बहुत ज़्यादा परेशानी हो रही है। इसके अलावा, गांव की नालियां भी अत्यधिक गंदी हैं, जिसके कारण बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) से इस मामले का व्यक्तिगत निरीक्षण करने और स्थिति को अपनी आँखों से देखकर जल्द से जल्द ठीक कराने की अपील की है।
    user_Tejpal
    Tejpal
    मिस्रिख, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कर्नाटक में आयोजित 'रि परिक्षा' में शामिल होने पहुंची एक छात्रा को परीक्षा केंद्र के गेट पर मात्र दो मिनट की देरी होने के कारण अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस घटना के चलते छात्रा गेट पर ही फूट-फूटकर रोती रही, क्योंकि मामूली देरी के कारण उसे परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया।
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    कर्नाटक में आयोजित 'रि परिक्षा' में शामिल होने पहुंची एक छात्रा को परीक्षा केंद्र के गेट पर मात्र दो मिनट की देरी होने के कारण अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस घटना के चलते छात्रा गेट पर ही फूट-फूटकर रोती रही, क्योंकि मामूली देरी के कारण उसे परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया।
    user_Mohd Javed
    Mohd Javed
    News Anchor सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के भरावन में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय किसान मजदूर यूनियन सर्व समाज के बैनर तले जखवा पावर हाउस पर चल रहा उनका धरना दूसरे दिन भी जारी रहा, जिसे फिल्म 'लगान' जैसी किसानों की एकजुट लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। यह धरना 20 जून की रात 8 बजे से लगातार जारी है, और इसे किसानों की मूलभूत समस्याओं के बड़े जनआंदोलन में बदलने की 'पिपली लाइव' जैसी स्थिति से भी जोड़ा जा रहा है। संगठन के जिला अध्यक्ष सुनील तिवारी, कार्यवाहक जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और भरावन ब्लॉक अध्यक्ष शिवलाल मौर्य के नेतृत्व में किसान अघोषित बिजली कटौती की समस्या के समाधान की मांग पर डटे हुए हैं। इस आंदोलन को अन्य किसान संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है, जिनमें भारतीय किसान यूनियन आदर्शवादी के प्रदेश अध्यक्ष गुलाब तिवारी और भारतीय किसान यूनियन धरतीपुत्र के पदाधिकारी वसीम अहमद ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया है। रविवार को धरने में यह निर्णय लिया गया कि यदि विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान नहीं करते और ठोस आश्वासन नहीं देते, तो 22 जून को दोपहर 2 बजे भटपुर घाट, ब्लॉक भरावन में जल सत्याग्रह किया जाएगा। पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जल सत्याग्रह के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग एवं जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक किसानों और आम जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में सतीश तिवारी, रामनरेश तिवारी, पवन सिंह, विपिन तिवारी, कैलाश, शगुन, हर्ष तिवारी, मायाराम, चंद्रभाल, अटल शुक्ला, मलिक शुक्ला, लल्लन एवं जगदीश सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे।
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    उत्तर प्रदेश के भरावन में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय किसान मजदूर यूनियन सर्व समाज के बैनर तले जखवा पावर हाउस पर चल रहा उनका धरना दूसरे दिन भी जारी रहा, जिसे फिल्म 'लगान' जैसी किसानों की एकजुट लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। यह धरना 20 जून की रात 8 बजे से लगातार जारी है, और इसे किसानों की मूलभूत समस्याओं के बड़े जनआंदोलन में बदलने की 'पिपली लाइव' जैसी स्थिति से भी जोड़ा जा रहा है।

संगठन के जिला अध्यक्ष सुनील तिवारी, कार्यवाहक जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और भरावन ब्लॉक अध्यक्ष शिवलाल मौर्य के नेतृत्व में किसान अघोषित बिजली कटौती की समस्या के समाधान की मांग पर डटे हुए हैं। इस आंदोलन को अन्य किसान संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है, जिनमें भारतीय किसान यूनियन आदर्शवादी के प्रदेश अध्यक्ष गुलाब तिवारी और भारतीय किसान यूनियन धरतीपुत्र के पदाधिकारी वसीम अहमद ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया है।

रविवार को धरने में यह निर्णय लिया गया कि यदि विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान नहीं करते और ठोस आश्वासन नहीं देते, तो 22 जून को दोपहर 2 बजे भटपुर घाट, ब्लॉक भरावन में जल सत्याग्रह किया जाएगा। पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जल सत्याग्रह के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग एवं जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक किसानों और आम जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में सतीश तिवारी, रामनरेश तिवारी, पवन सिंह, विपिन तिवारी, कैलाश, शगुन, हर्ष तिवारी, मायाराम, चंद्रभाल, अटल शुक्ला, मलिक शुक्ला, लल्लन एवं जगदीश सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे।
    user_जनलिस्ट अमन
    जनलिस्ट अमन
    Media company संडीला, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • बाराबंकी के फतेहपुर क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को रसूलपुर स्थित बंधन पैलेस में एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, सभी ने योग और प्राणायाम का अभ्यास करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का आरंभ योगाचार्य सर्वेश्वर दास के मार्गदर्शन में हुए सामूहिक योगाभ्यास से हुआ, जिन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियाँ सिखाईं। योगाचार्य दास ने योग के महत्व पर ज़ोर देते हुए बताया कि यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को बनाए रखने की एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। उनके अनुसार, नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति निरोगी, तनावमुक्त और ऊर्जावान बना रहता है, जिससे जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। इस कार्यक्रम के आयोजकों में भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राजेश वर्मा और भाजपा बाराबंकी की पूर्व जिला मंत्री डॉ. अंजू चंद्रा शामिल थे। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा की एक अमूल्य धरोहर है, जिसे अब पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है और एक स्वस्थ एवं संतुलित जीवन व्यतीत किया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता सर्वेश श्रीवास्तव ने किया, जिन्होंने योग दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि योग व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ योगाभ्यास में हिस्सा लेकर स्वास्थ्य के प्रति अपनी गहरी जागरूकता का प्रदर्शन किया।
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    बाराबंकी के फतेहपुर क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को रसूलपुर स्थित बंधन पैलेस में एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, सभी ने योग और प्राणायाम का अभ्यास करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का आरंभ योगाचार्य सर्वेश्वर दास के मार्गदर्शन में हुए सामूहिक योगाभ्यास से हुआ, जिन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियाँ सिखाईं। योगाचार्य दास ने योग के महत्व पर ज़ोर देते हुए बताया कि यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को बनाए रखने की एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। उनके अनुसार, नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति निरोगी, तनावमुक्त और ऊर्जावान बना रहता है, जिससे जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।

इस कार्यक्रम के आयोजकों में भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष राजेश वर्मा और भाजपा बाराबंकी की पूर्व जिला मंत्री डॉ. अंजू चंद्रा शामिल थे। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा की एक अमूल्य धरोहर है, जिसे अब पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है और एक स्वस्थ एवं संतुलित जीवन व्यतीत किया जा सकता है।

कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता सर्वेश श्रीवास्तव ने किया, जिन्होंने योग दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि योग व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ योगाभ्यास में हिस्सा लेकर स्वास्थ्य के प्रति अपनी गहरी जागरूकता का प्रदर्शन किया।
    user_रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    रवि रावत पत्रकार फतेहपुर बाराबंकी
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सीतापुर जिले के मछरेहटा थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हुसैनगंज निवासी मुन्नीलाल की मौत के बाद उनके परिजनों ने पुलिस पर बर्बरता, थर्ड डिग्री और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जबकि परिजन दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार, पुलिस मुन्नीलाल को चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए मछरेहटा थाने ले गई थी। उनका आरोप है कि थाने में युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे छोड़ने के एवज में पैसे भी लिए गए। परिवार का कहना है कि जब मुन्नीलाल घर लौटा तो उसकी हालत बेहद खराब थी; उसके शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे और वह दर्द से कराह रहा था। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कथित पिटाई ही उसकी मौत का कारण बनी है। इस घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग न्याय की मांग को लेकर एकत्र हो गए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है और मौत के वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत और पूछताछ के तरीकों को लेकर बहस छेड़ दी है, और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कानून के रक्षकों द्वारा कानून की खुलेआम अवहेलना का मामला होगा। फिलहाल, पूरे मामले पर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की नजर बनी हुई है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के निष्कर्षों के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मुन्नीलाल की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे किसी प्रकार की प्रताड़ना जिम्मेदार थी। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
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    सीतापुर जिले के मछरेहटा थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हुसैनगंज निवासी मुन्नीलाल की मौत के बाद उनके परिजनों ने पुलिस पर बर्बरता, थर्ड डिग्री और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जबकि परिजन दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

परिजनों के अनुसार, पुलिस मुन्नीलाल को चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए मछरेहटा थाने ले गई थी। उनका आरोप है कि थाने में युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे छोड़ने के एवज में पैसे भी लिए गए। परिवार का कहना है कि जब मुन्नीलाल घर लौटा तो उसकी हालत बेहद खराब थी; उसके शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे और वह दर्द से कराह रहा था। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कथित पिटाई ही उसकी मौत का कारण बनी है।

इस घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग न्याय की मांग को लेकर एकत्र हो गए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है और मौत के वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत और पूछताछ के तरीकों को लेकर बहस छेड़ दी है, और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कानून के रक्षकों द्वारा कानून की खुलेआम अवहेलना का मामला होगा। फिलहाल, पूरे मामले पर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की नजर बनी हुई है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के निष्कर्षों के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मुन्नीलाल की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे किसी प्रकार की प्रताड़ना जिम्मेदार थी। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
    user_Naresh Gupta Reporter
    Naresh Gupta Reporter
    सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • लखनऊ के पारा कोतवाली क्षेत्र के बुद्धेश्वर इलाके में बिजली आपूर्ति न होने से नाराज स्थानीय निवासियों ने एएलवाई मैनपुरिया स्कूल के पास आलम नगर रोड को जाम कर दिया है। क्षेत्र में बिजली न मिलने के कारण गुस्साए निवासियों ने यह प्रदर्शन शुरू किया है। मौके पर पारा पुलिस मौजूद है, लेकिन प्रदर्शनकारी क्षेत्र निवासियों का कहना है कि पुलिस भी भ्रष्ट बिजली से संबंधित अधिकारियों के पक्ष में है। इसी वजह से क्षेत्र के निवासियों का गुस्सा प्रदर्शन के रूप में फूट पड़ा है।
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    लखनऊ के पारा कोतवाली क्षेत्र के बुद्धेश्वर इलाके में बिजली आपूर्ति न होने से नाराज स्थानीय निवासियों ने एएलवाई मैनपुरिया स्कूल के पास आलम नगर रोड को जाम कर दिया है। क्षेत्र में बिजली न मिलने के कारण गुस्साए निवासियों ने यह प्रदर्शन शुरू किया है।

मौके पर पारा पुलिस मौजूद है, लेकिन प्रदर्शनकारी क्षेत्र निवासियों का कहना है कि पुलिस भी भ्रष्ट बिजली से संबंधित अधिकारियों के पक्ष में है। इसी वजह से क्षेत्र के निवासियों का गुस्सा प्रदर्शन के रूप में फूट पड़ा है।
    user_NATIONAL INDIA TV
    NATIONAL INDIA TV
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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