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गुंदलामा ब्लॉक के केशव मऊ बरतल गांव में सड़कों और नालियों की खराब स्थिति से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के पूरब दिशा की सड़क अच्छी नहीं बनी है, जिससे किसानों को खेत तक पहुँचने में बहुत ज़्यादा परेशानी हो रही है। इसके अलावा, गांव की नालियां भी अत्यधिक गंदी हैं, जिसके कारण बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) से इस मामले का व्यक्तिगत निरीक्षण करने और स्थिति को अपनी आँखों से देखकर जल्द से जल्द ठीक कराने की अपील की है।
Tejpal
गुंदलामा ब्लॉक के केशव मऊ बरतल गांव में सड़कों और नालियों की खराब स्थिति से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के पूरब दिशा की सड़क अच्छी नहीं बनी है, जिससे किसानों को खेत तक पहुँचने में बहुत ज़्यादा परेशानी हो रही है। इसके अलावा, गांव की नालियां भी अत्यधिक गंदी हैं, जिसके कारण बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) से इस मामले का व्यक्तिगत निरीक्षण करने और स्थिति को अपनी आँखों से देखकर जल्द से जल्द ठीक कराने की अपील की है।
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- गुंदलामा ब्लॉक के केशव मऊ बरतल गांव में सड़कों और नालियों की खराब स्थिति से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के पूरब दिशा की सड़क अच्छी नहीं बनी है, जिससे किसानों को खेत तक पहुँचने में बहुत ज़्यादा परेशानी हो रही है। इसके अलावा, गांव की नालियां भी अत्यधिक गंदी हैं, जिसके कारण बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) से इस मामले का व्यक्तिगत निरीक्षण करने और स्थिति को अपनी आँखों से देखकर जल्द से जल्द ठीक कराने की अपील की है।1
- कर्नाटक में आयोजित 'रि परिक्षा' में शामिल होने पहुंची एक छात्रा को परीक्षा केंद्र के गेट पर मात्र दो मिनट की देरी होने के कारण अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस घटना के चलते छात्रा गेट पर ही फूट-फूटकर रोती रही, क्योंकि मामूली देरी के कारण उसे परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के भरावन में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय किसान मजदूर यूनियन सर्व समाज के बैनर तले जखवा पावर हाउस पर चल रहा उनका धरना दूसरे दिन भी जारी रहा, जिसे फिल्म 'लगान' जैसी किसानों की एकजुट लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। यह धरना 20 जून की रात 8 बजे से लगातार जारी है, और इसे किसानों की मूलभूत समस्याओं के बड़े जनआंदोलन में बदलने की 'पिपली लाइव' जैसी स्थिति से भी जोड़ा जा रहा है। संगठन के जिला अध्यक्ष सुनील तिवारी, कार्यवाहक जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह और भरावन ब्लॉक अध्यक्ष शिवलाल मौर्य के नेतृत्व में किसान अघोषित बिजली कटौती की समस्या के समाधान की मांग पर डटे हुए हैं। इस आंदोलन को अन्य किसान संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है, जिनमें भारतीय किसान यूनियन आदर्शवादी के प्रदेश अध्यक्ष गुलाब तिवारी और भारतीय किसान यूनियन धरतीपुत्र के पदाधिकारी वसीम अहमद ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन व्यक्त किया है। रविवार को धरने में यह निर्णय लिया गया कि यदि विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान नहीं करते और ठोस आश्वासन नहीं देते, तो 22 जून को दोपहर 2 बजे भटपुर घाट, ब्लॉक भरावन में जल सत्याग्रह किया जाएगा। पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जल सत्याग्रह के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग एवं जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक किसानों और आम जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने में सतीश तिवारी, रामनरेश तिवारी, पवन सिंह, विपिन तिवारी, कैलाश, शगुन, हर्ष तिवारी, मायाराम, चंद्रभाल, अटल शुक्ला, मलिक शुक्ला, लल्लन एवं जगदीश सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे।1
- सीतापुर जिले के मछरेहटा थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हुसैनगंज निवासी मुन्नीलाल की मौत के बाद उनके परिजनों ने पुलिस पर बर्बरता, थर्ड डिग्री और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जबकि परिजन दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार, पुलिस मुन्नीलाल को चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए मछरेहटा थाने ले गई थी। उनका आरोप है कि थाने में युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे छोड़ने के एवज में पैसे भी लिए गए। परिवार का कहना है कि जब मुन्नीलाल घर लौटा तो उसकी हालत बेहद खराब थी; उसके शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे और वह दर्द से कराह रहा था। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कथित पिटाई ही उसकी मौत का कारण बनी है। इस घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग न्याय की मांग को लेकर एकत्र हो गए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है और मौत के वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत और पूछताछ के तरीकों को लेकर बहस छेड़ दी है, और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कानून के रक्षकों द्वारा कानून की खुलेआम अवहेलना का मामला होगा। फिलहाल, पूरे मामले पर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की नजर बनी हुई है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के निष्कर्षों के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मुन्नीलाल की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे किसी प्रकार की प्रताड़ना जिम्मेदार थी। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।1
- हरदोई जनपद के कोतवाली बेनीगंज क्षेत्र में उस समय भारी दहशत फैल गई, जब अज्ञात बदमाशों ने एक झाले (डेरे) पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में 55 वर्षीय बलविंदर सिंह पुत्र लखबीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली लगने से वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी और डर का माहौल व्याप्त हो गया। यह घटना बेनीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरपाल सिंह के झाले पर हुई, जहां बदमाशों ने बिना किसी चेतावनी के सीधे गोलीबारी शुरू कर दी। घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने घायल बलविंदर सिंह को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल के पुत्र हरपाल सिंह ने फोन पर बताया कि अज्ञात हमलावरों ने अचानक आकर उनके पिता पर गोली चलाई, जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। गोलीकांड की सूचना मिलते ही बेनीगंज कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस इस मामले में पुरानी रंजिश और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सघन जांच कर रही है।1
- हरदोई के शाहाबाद में ड्यूटी पर जा रहे एक होमगार्ड जवान अरविंद कुमार (28) की सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक पुनीत (30) गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। इस दुखद घटना के बाद मृतक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं ड्यूटी पर जान गंवाने वाले जवान के प्रति प्रशासनिक उदासीनता को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह हादसा शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र की आंझी चौकी के अंतर्गत टुमुर्की मोड़ के पास आलमनगर रोड पर हुआ, जब अरविंद की बाइक सामने से आ रही एक अन्य बाइक से टकरा गई। मझिला थाना क्षेत्र के टेडवां फत्तेपुर निवासी अरविंद, जो टोडरपुर होमगार्ड कंपनी में तैनात थे, शनिवार शाम को ड्यूटी के लिए मझिला थाना जा रहे थे। भीषण टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। सूचना पर पहुंची एम्बुलेंस दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाई, जहां चिकित्सकों ने अरविंद को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पचदेवरा थाना के फेरमा किलकिली निवासी पुनीत की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर भेजा गया; वह दिल्ली से घर आया था और अपनी बहन के घर रेभा मुरादपुर जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, अरविंद के पिता जुगराज भी होमगार्ड थे और उनके निधन के बाद अरविंद को मृतक आश्रित के रूप में यह नौकरी मिली थी। परिवार की सारी जिम्मेदारियां संभाल रहे अरविंद की असमय मौत से घर का सहारा छिन गया है। वह अपने पीछे पत्नी, पांच वर्षीय पुत्री शिवांकी और दो वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं। अस्पताल में परिजनों का विलाप देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय पुलिस कर्मी और आंझी चौकी प्रभारी सक्रिय दिखे, लेकिन ड्यूटी पर जान गंवाने वाले होमगार्ड जवान के लिए कोई भी वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल या अस्पताल नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी के साथ ऐसी घटना होती तो जिले के बड़े अधिकारी संवेदना व्यक्त करने पहुंचते, लेकिन एक होमगार्ड जवान की मौत के बाद न तो पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और न ही होमगार्ड विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी दिखाई दिया। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या होमगार्ड जवान केवल ड्यूटी लेने तक ही सिस्टम के अपने हैं और क्या उनकी शहादत व उनके परिवार का दर्द किसी बड़े अधिकारी की संवेदना का भी हकदार नहीं?4
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थित कैरमैर गाँव में एक घटना हुई है, जिस पर तत्काल ध्यान देने और जल्द से जल्द सुनवाई करने की मांग की जा रही है। इस मामले में अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।1
- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छात्रों को स्वस्थ जीवन के महत्वपूर्ण मंत्रों का ज्ञान प्राप्त हुआ। इस दिन छात्रों ने जीवन को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य को बनाए रखने के कई तरीके सीखे।1