बाराबंकी में डॉ. अम्बरीष 'अम्बर' द्वारा रचित काव्य ग्रंथ 'प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अवध का योगदान' का विमोचन समारोह मुंशी रघुनंदन प्रसाद सरदार पटेल महिला महाविद्यालय के सभागार में सरदार पटेल संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व विभागाध्यक्ष हिन्दी प्रोफेसर डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित ने डॉ. अम्बरीष 'अम्बर' की काव्य रचना का स्वागत करते हुए इसे पढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें अमर शहीद राजा जयलाल सिंह सहित अनेक क्रांतिकारियों का वर्णन है। सचिव उ.प्र. शासन डॉ. उमेश 'आदित्य' ने काव्यमय स्वागत भाषण दिया। पटेल संस्थान के अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार वर्मा की अध्यक्षता और साहित्यकार प्रदीप सारंग के सफल संचालन में हुए इस आयोजन में डॉ. श्याम सुंदर दीक्षित ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम की हुतात्माएँ इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं और अम्बर जी ने कविता रचकर साहित्य-इतिहास प्रस्तुत किया है। संयुक्त सचिव उ.प्र. शासन डॉ. अम्बरीष कुमार सिंह प्रियदर्शी ने बलिदानियों के चरित्र को पढ़ने और अगली पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए घरों में पुस्तक रखने की उपादेयता बताई। प्रधान संपादिका हिंदी संस्थान डॉ. अमिता दूबे जी ने पुस्तक की उपादेयता, गुणवत्ता और प्रासंगिकता को वरिष्ठ साहित्यकारों द्वारा प्रमाणित बताया और कहा कि यह पुस्तक पाठकों को क्या पढ़ना चाहिए, इसका अनुशासित संकेत देती है। चीफ टैक्स ऑफिसर एवं मुख्य वक्ता डी एम कटियार ने बताया कि डॉ. अम्बर ने पुरुष नायक राजा जयलाल सिंह, राजा बलभद्र सिंह जी और राजा रज्जाक बख्श के साथ ही वीरांगनाओं बेगम हजरत महल व ऊदा देवी की वीरता का भी वर्णन किया है। समाजसेवी के के वर्मा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आजादी हिंदू-मुस्लिम तथा उच्च व दलित वर्ग के समन्वित संघर्ष का परिणाम है, जिसका पुस्तक में बहुत आकर्षक रूप से वर्णन हुआ है। डॉ. विनय दास ने बताया कि कृति में बाराबंकी, बहराइच, लखनऊ तथा कानपुर के स्वतंत्रता सेनानियों का विशेष रूप से वर्णन है, साथ ही अवशेष के वर्णन की भी अपेक्षा की जाती है। वरिष्ठ साहित्यकार अजय सिंह गुरुजी ने इसे प्रबंध काव्य के माध्यम से पूर्वजों के इतिहास को सुरक्षित एवं संरक्षित करने का एक सफल प्रयास बताया। विमोचन समारोह के दौरान काव्य ग्रन्थ के विमोचन के साथ ही पत्रकारों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर शहीद राजा जयलाल सिंह का स्मारक बनाने और उन पर एक अलग से महाकाव्य लिखने की अपेक्षा भी की गई। वरिष्ठ कवि रामकिशोर तिवारी 'किशोर', अनिल श्रीवास्तव लल्लू, प्रदीप महाजन, डॉ ओ पी वर्मा ओम, डॉ खुशीराम वर्मा, डॉ जगन्नाथ वर्मा, अमर सिंह वर्मा, सिद्धांत पटेल, वासुदेव वर्मा, लाखूराम पटेल, अनिल कुमार वर्मा, डॉ शरद वर्मा, डॉ अनुपम आनंद, डॉ अनिल अविश्रांत तथा डॉ आलोक शुक्ल, डॉ बसंत जी, प्रधानाचार्य राजकुमार तिवारी, प्रधानाचार्य रामपाल वर्मा आदि की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को गुणवत्तापूर्ण बनाया।
बाराबंकी में डॉ. अम्बरीष 'अम्बर' द्वारा रचित काव्य ग्रंथ 'प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अवध का योगदान' का विमोचन समारोह मुंशी रघुनंदन प्रसाद सरदार पटेल महिला महाविद्यालय के सभागार में सरदार पटेल संस्थान के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व विभागाध्यक्ष हिन्दी प्रोफेसर डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित ने डॉ. अम्बरीष 'अम्बर' की काव्य रचना का स्वागत करते हुए इसे पढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें अमर शहीद राजा जयलाल सिंह सहित अनेक क्रांतिकारियों का वर्णन है। सचिव उ.प्र. शासन डॉ. उमेश 'आदित्य' ने काव्यमय स्वागत भाषण दिया। पटेल संस्थान के अध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार वर्मा की अध्यक्षता और साहित्यकार प्रदीप सारंग के सफल संचालन में हुए इस आयोजन में डॉ. श्याम सुंदर दीक्षित ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम की हुतात्माएँ इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं और अम्बर जी ने कविता रचकर साहित्य-इतिहास प्रस्तुत किया है। संयुक्त सचिव उ.प्र. शासन डॉ. अम्बरीष कुमार सिंह प्रियदर्शी ने बलिदानियों के चरित्र को पढ़ने और अगली पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए घरों में पुस्तक रखने की उपादेयता बताई। प्रधान संपादिका हिंदी संस्थान डॉ. अमिता दूबे जी ने पुस्तक की उपादेयता, गुणवत्ता और प्रासंगिकता को वरिष्ठ साहित्यकारों द्वारा प्रमाणित बताया और कहा कि यह पुस्तक पाठकों को क्या पढ़ना चाहिए, इसका अनुशासित संकेत देती है। चीफ टैक्स ऑफिसर एवं मुख्य वक्ता डी एम कटियार ने बताया कि डॉ.
अम्बर ने पुरुष नायक राजा जयलाल सिंह, राजा बलभद्र सिंह जी और राजा रज्जाक बख्श के साथ ही वीरांगनाओं बेगम हजरत महल व ऊदा देवी की वीरता का भी वर्णन किया है। समाजसेवी के के वर्मा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आजादी हिंदू-मुस्लिम तथा उच्च व दलित वर्ग के समन्वित संघर्ष का परिणाम है, जिसका पुस्तक में बहुत आकर्षक रूप से वर्णन हुआ है। डॉ. विनय दास ने बताया कि कृति में बाराबंकी, बहराइच, लखनऊ तथा कानपुर के स्वतंत्रता सेनानियों का विशेष रूप से वर्णन है, साथ ही अवशेष के वर्णन की भी अपेक्षा की जाती है। वरिष्ठ साहित्यकार अजय सिंह गुरुजी ने इसे प्रबंध काव्य के माध्यम से पूर्वजों के इतिहास को सुरक्षित एवं संरक्षित करने का एक सफल प्रयास बताया। विमोचन समारोह के दौरान काव्य ग्रन्थ के विमोचन के साथ ही पत्रकारों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर शहीद राजा जयलाल सिंह का स्मारक बनाने और उन पर एक अलग से महाकाव्य लिखने की अपेक्षा भी की गई। वरिष्ठ कवि रामकिशोर तिवारी 'किशोर', अनिल श्रीवास्तव लल्लू, प्रदीप महाजन, डॉ ओ पी वर्मा ओम, डॉ खुशीराम वर्मा, डॉ जगन्नाथ वर्मा, अमर सिंह वर्मा, सिद्धांत पटेल, वासुदेव वर्मा, लाखूराम पटेल, अनिल कुमार वर्मा, डॉ शरद वर्मा, डॉ अनुपम आनंद, डॉ अनिल अविश्रांत तथा डॉ आलोक शुक्ल, डॉ बसंत जी, प्रधानाचार्य राजकुमार तिवारी, प्रधानाचार्य रामपाल वर्मा आदि की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को गुणवत्तापूर्ण बनाया।
- लखनऊ में हुई एक घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बयान जारी किया है।1
- लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा की ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, शहर में हुए अग्निकांड ने गहरा दर्द दिया है। इस दुखद घटना के दौरान एक बच्चे की हृदयविदारक पुकार सामने आई, जिसने कहा, "पापा आग लग गई, बाथरूम में हूं, बचा लो।" इस बीच, बच्चे की मां रोते हुए अपने बच्चे को ढूंढने की गुहार लगाती रही, बार-बार कहती रही, "कोई तो मेरे बच्चे को ढूंढ दो…", और फिर बेहोश हो गई। यह पूरा दृश्य लखनऊ अग्निकांड के दर्द को बयां करता है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विरोध में लगातार पोस्टर वॉर का सिलसिला जारी है। जिले में यह दूसरी बार है जब सपा मुखिया के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं, जिसके बाद बाराबंकी में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस घटना पर समाजवादी पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने पोस्टर लगाने वाले लोगों को नसीहत देते हुए कहा है कि वे समय रहते सुधर जाएं, वरना उन्हें सुधार दिया जाएगा। गोप ने इस चेतावनी के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव देश के सबसे बड़े नेताओं में से एक हैं।1
- लखनऊ के पुरनिया स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। यह एक अत्यंत दुखद घटना है जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस भीषण अग्निकांड की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि घटना के कारणों और जिम्मेदारियों का पता लगाया जा सके। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद यह गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर इन दर्दनाक मौतों का जिम्मेदार कौन है।2