logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

फैक्ट्रियों की राख बन रही आंखों की बीमारी का कारण, कार्रवाई न होने से बढ़ी चिंता उत्तराखंड से आ रही राख पर रोक नहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की काली राख पर प्रतिबंध की मांग Aks@Tkd News संवाददाता ,ठाकुरद्वारा । क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाली राख अब लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। खासकर आंखों से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे स्थानीय लोग परेशान और चिंतित हैं। जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड की फैक्ट्रियों से निकलने वाली राख को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए ठाकुरद्वारा क्षेत्र में लाकर सड़क किनारे और खाली पड़ी जमीनों पर डाला जा रहा है। हवा चलने पर यही राख उड़कर लोगों के घरों और आंखों तक पहुंच रही है, जिससे जलन, खुजली और संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्रपाल , नागेंद्र लावां आदि कार्यकर्ताओं ने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए राख डालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी ।लेकिन स्थानीय प्रशासन मैं कोई भी काली रख का कारोबार करने वाले माफिया के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कि जिस कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भारी असर पड़ रहा है । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि के पिछले काफी समय में आंखों के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। रोजाना 10 से 15 आंखों के रोगी खासतौर से जिनकी आंखों में काली राख पड़ जाती है निकलवाने के लिए आते हैं । जबकि प्रतिदिन 50 से 60 रोजी आंखों से संबंधित बीमारियों को दिखाने के लिएआते । आंख में आंख गिर जाने से कभी स्थिति गंभीर होने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है । क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या मे आंखों की समस्या से पीड़ित है। समय पर इलाज न मिलने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। लापरवाही पर उठे सवाल: ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो राख डालने वालों पर कार्रवाई की गई और न ही इस पर कोई रोक लगाई गई। जनप्रतिनिधियों की मांग: क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि उत्तराखंड से आ रही राख पर तुरंत रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह आने वाले दिनों में और भी गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाकर क्षेत्रवासियों को राहत दिलाए। फोटो

on 14 April
user_Eshank Sharma
Eshank Sharma
ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
on 14 April
ff1a5408-da0b-43fd-a797-18171c27e065

फैक्ट्रियों की राख बन रही आंखों की बीमारी का कारण, कार्रवाई न होने से बढ़ी चिंता उत्तराखंड से आ रही राख पर रोक नहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की काली राख पर प्रतिबंध की मांग Aks@Tkd News संवाददाता ,ठाकुरद्वारा । क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाली राख अब लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। खासकर आंखों से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे स्थानीय लोग परेशान और चिंतित हैं। जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड की फैक्ट्रियों से निकलने वाली राख को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए ठाकुरद्वारा क्षेत्र में लाकर सड़क किनारे और खाली पड़ी जमीनों पर डाला जा रहा है। हवा चलने पर यही राख उड़कर लोगों के घरों और आंखों तक पहुंच रही है, जिससे जलन, खुजली और संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्रपाल , नागेंद्र लावां आदि कार्यकर्ताओं ने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए राख डालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी ।लेकिन स्थानीय प्रशासन मैं कोई भी काली रख का कारोबार करने वाले माफिया के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कि जिस कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भारी असर पड़ रहा है । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि के पिछले काफी समय में आंखों के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। रोजाना 10 से 15 आंखों के रोगी खासतौर से जिनकी आंखों में काली राख पड़ जाती है निकलवाने के लिए आते हैं । जबकि प्रतिदिन 50 से 60 रोजी आंखों से संबंधित बीमारियों को दिखाने के लिएआते । आंख में आंख गिर जाने से कभी स्थिति गंभीर होने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है । क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या मे आंखों की समस्या से पीड़ित है। समय पर इलाज न मिलने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। लापरवाही पर उठे सवाल: ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो राख डालने वालों पर कार्रवाई की गई और न ही इस पर कोई रोक लगाई गई। जनप्रतिनिधियों की मांग: क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि उत्तराखंड से आ रही राख पर तुरंत रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह आने वाले दिनों में और भी गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है। प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द प्रभावी कदम उठाकर क्षेत्रवासियों को राहत दिलाए। फोटो

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • कांठ विदेश भेजने के नाम पर ठगी, कुवैत में पति को बनाया बंधक पत्नी कार्रवाई के लिए लगा रही चक्कर
    1
    कांठ विदेश भेजने के नाम पर ठगी, कुवैत में पति को बनाया बंधक पत्नी कार्रवाई के लिए लगा रही चक्कर
    user_BEBAAK NEWS ONLINE
    BEBAAK NEWS ONLINE
    मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • ​विषय: अल्पसंख्यकों और कमज़ोर वर्गों के खिलाफ हो रही हिंसा एवं पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता। ​समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्र सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ मुसलमानों की 'लक्षित हत्याओं' (Target Killing) को महज़ एक 'हादसा' या 'एक्सीडेंट' बताकर दबाने की कोशिश की जाती है। ​सांसद ने किशनगंज की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि समाज में एक ऐसी ज़ालिमाना और 'गैर-मुस्लिम' सोच पनप रही है जो भारत की जड़ों को खोखला कर रही है। इंसानियत का कत्ल इतना आम कर दिया गया है कि अब किसी भी शरीफ और इज़्ज़तदार इंसान की जान-माल सुरक्षित नहीं है। ​यह सिलसिला रेहड़ी-पटरी वालों और कूड़ा बीनने वाले गरीब इंसानों से शुरू हुआ था, लेकिन अब हमारे सम्मानित मौलाना और धार्मिक व्यक्तित्व भी सुरक्षित नहीं हैं। मौलाना का कत्ल महज़ एक मौत नहीं, बल्कि एक 'लिंचिंग' और सोची-समझी साज़िश है। ​बरेली शरीफ और धार्मिक आस्था में मौलाना अहमद रज़ा खां (रहमतुल्लाह अलैहि) के मज़ार और बरेली की ज़ियारत का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि जिस तरह से एक मौलाना की हत्या हुई और उनके 'डाइंग डिक्लेरेशन' (मृत्युपूर्व बयान) के बावजूद पुलिस उचित कार्रवाई नहीं कर रही है, वह बेहद निंदनीय है। ​जांच पर सवाल: पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि आख़िर पुलिस फोरेंसिक जांच क्यों नहीं करती? यात्रियों के बयान दर्ज क्यों नहीं किए जा रहे? क्या प्रशासन मुसलमानों के खून को इतना सस्ता समझता है ​सांसद ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग मज़लूमों, दलितों और कमज़ोरों के कत्ल को एक आम बात समझते हैं, उन्हें इस दुनिया में और इसके बाद की अदालतो में भी जवाब देना पड़ेगा। इससे ज़्यादा शर्मनाक बात और कुछ नहीं हो सकती। किसी नागरिक की हत्या उसके पहनावे (लिबास) या उसकी पहचान (ID) के आधार पर की जाती है, तो यह सिर्फ़ एक व्यक्ति का कत्ल नहीं बल्कि संविधान का कत्ल है। देश के कमज़ोर, दलित और मुस्लिम समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। "किसी न किसी दिन उस इंसाफ को हासिल करने के लिए हम सड़कों पर भी उतरेंगे और अदालतों का दरवाजा भी खटखटाएंगे। कानून और लोकतंत्र ने हमें जो अधिकार दिए हैं, आखिर उनके लिए हमें खड़ा होना ही पड़ेगा। ​यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत का कत्ल है। आखिर कब तक ट्रेनों में इस तरह मासूमों को मारा जाता रहेगा? आखिर कब तक उनका कत्ल होता रहेगा? ​मैं प्रशासन, उत्तर प्रदेश सरकार, रेलवे पुलिस और माननीय गृह मंत्री जी से गुजारिश करता हूँ कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष 'इन्वेस्टिगेशन टीम' गठित की जाए, ताकि इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो सके। यह सिलसिला यहीं रुकना चाहिए; इस तरह की घटनाएं समाज में नहीं होनी चाहिए।​अगर मानवता ही गिर गई, तो संविधान की कोई हैसियत नहीं रह जाएगी। फिर मुल्क में क्या बचेगा? हमारी साझा विरासत, हमारी इंसानियत और हमारे स्कूलों का क्या होगा? आखिर हमारे नौजवानों को इससे क्या संदेश मिलेगा? जुल्म करके कभी कोई 'जालिम' पनप नहीं सकता। ​अगर हम अपने समाज से इस 'ना-इंसाफी' को खत्म नहीं करेंगे, तो हमारा पनपना और खुशहाल तरक्की करना कोई मायने नहीं रखता। वेदों और सभी मजहबी (धार्मिक) किताबों में भी यही लिखा है कि जालिम कभी कामयाब नहीं हो सकता। मैं चाहता हूँ कि यह जुल्म, चाहे वह किसी भी किस्म का हो, पूरी तरह खत्म होना चाहिए। यह जानकारी सांसद मीडिया प्रभारी एडवोकेट महबूब अली पाशा ने दी
    1
    ​विषय: अल्पसंख्यकों और कमज़ोर वर्गों के खिलाफ हो रही हिंसा एवं पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता।
​समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्र सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ मुसलमानों की 'लक्षित हत्याओं' (Target Killing) को महज़ एक 'हादसा' या 'एक्सीडेंट' बताकर दबाने की कोशिश की जाती है।
​सांसद ने किशनगंज की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि समाज में एक ऐसी ज़ालिमाना और 'गैर-मुस्लिम' सोच पनप रही है जो भारत की जड़ों को खोखला कर रही है। इंसानियत का कत्ल इतना आम कर दिया गया है कि अब किसी भी शरीफ और इज़्ज़तदार इंसान की जान-माल सुरक्षित नहीं है।
​यह सिलसिला रेहड़ी-पटरी वालों और कूड़ा बीनने वाले गरीब इंसानों से शुरू हुआ था, लेकिन अब हमारे सम्मानित मौलाना और धार्मिक व्यक्तित्व भी सुरक्षित नहीं हैं। मौलाना का कत्ल महज़ एक मौत नहीं, बल्कि एक 'लिंचिंग' और सोची-समझी साज़िश है।
​बरेली शरीफ और धार्मिक आस्था  में मौलाना अहमद रज़ा खां (रहमतुल्लाह अलैहि) के मज़ार और बरेली की ज़ियारत का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि जिस तरह से एक मौलाना की हत्या हुई और उनके 'डाइंग डिक्लेरेशन' (मृत्युपूर्व बयान) के बावजूद पुलिस उचित कार्रवाई नहीं कर रही है, वह बेहद निंदनीय है।
​जांच पर सवाल: पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि आख़िर पुलिस फोरेंसिक जांच क्यों नहीं करती? यात्रियों  के बयान दर्ज क्यों नहीं किए जा रहे? क्या प्रशासन मुसलमानों के खून को इतना सस्ता समझता है 
​सांसद ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग मज़लूमों, दलितों और कमज़ोरों के कत्ल को एक आम बात समझते हैं, उन्हें इस दुनिया में और इसके बाद की अदालतो में भी जवाब देना पड़ेगा। इससे ज़्यादा शर्मनाक बात और कुछ नहीं हो सकती। किसी नागरिक की हत्या उसके पहनावे (लिबास) या उसकी पहचान (ID) के आधार पर की जाती है, तो यह सिर्फ़ एक व्यक्ति का कत्ल नहीं बल्कि संविधान का कत्ल है। देश के कमज़ोर, दलित और मुस्लिम समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
"किसी न किसी दिन उस इंसाफ को हासिल करने के लिए हम सड़कों पर भी उतरेंगे और अदालतों का दरवाजा भी खटखटाएंगे। कानून और लोकतंत्र ने हमें जो अधिकार दिए हैं, आखिर उनके लिए हमें खड़ा होना ही पड़ेगा।
​यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत का कत्ल है। आखिर कब तक ट्रेनों में इस तरह मासूमों को मारा जाता रहेगा? आखिर कब तक उनका कत्ल होता रहेगा?
​मैं प्रशासन, उत्तर प्रदेश सरकार, रेलवे पुलिस और माननीय गृह मंत्री जी से गुजारिश करता हूँ कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष 'इन्वेस्टिगेशन टीम' गठित की जाए, ताकि इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो सके। यह सिलसिला यहीं रुकना चाहिए; इस तरह की घटनाएं समाज में नहीं होनी चाहिए।​अगर मानवता ही गिर गई, तो संविधान की कोई हैसियत नहीं रह जाएगी। फिर मुल्क में क्या बचेगा? हमारी साझा विरासत, हमारी इंसानियत और हमारे स्कूलों का क्या होगा? आखिर हमारे नौजवानों को इससे क्या संदेश मिलेगा? जुल्म करके कभी कोई 'जालिम' पनप नहीं सकता।
​अगर हम अपने समाज से इस 'ना-इंसाफी' को खत्म नहीं करेंगे, तो हमारा पनपना और खुशहाल तरक्की करना कोई मायने नहीं रखता। वेदों और सभी मजहबी (धार्मिक) किताबों में भी यही लिखा है कि जालिम कभी कामयाब नहीं हो सकता। मैं चाहता हूँ कि यह जुल्म, चाहे वह किसी भी किस्म का हो, पूरी तरह खत्म होना चाहिए। यह जानकारी सांसद मीडिया प्रभारी एडवोकेट महबूब अली पाशा ने दी
    user_अनुपम संदेश रिपोर्टर
    अनुपम संदेश रिपोर्टर
    सुआर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    1
    Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Moradabad, Uttar Pradesh•
    17 hrs ago
  • मुरादाबाद।। समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड ने जिला कलेक्ट्रेट पर अपने कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारी के साथ एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और स्मार्ट मीटर के खिलाफ अपना विरोध जताया विरोध के दरमियान उन्होंने कहा कि अनुचित वसूली को बंद किया जाए स्मार्ट मीटर को हटाया जाए स्मार्ट मीटर की जगह वही पुराने मीटर लगाया जाए स्मार्ट मीटर लगाने से काफी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
    1
    मुरादाबाद।। समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड ने जिला कलेक्ट्रेट पर अपने कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारी के साथ एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और स्मार्ट मीटर के खिलाफ अपना विरोध जताया विरोध के दरमियान उन्होंने कहा कि अनुचित वसूली को बंद किया जाए स्मार्ट मीटर को हटाया जाए स्मार्ट मीटर की जगह वही पुराने मीटर लगाया जाए स्मार्ट मीटर लगाने से काफी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
    user_Alam
    Alam
    मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • यूपी के अमरोहा में नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार का शहर देखने को मिला है जहां पर तेज रफ्तार डंपर ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी जिसके चलते ऑटो चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई पुलिस ने मृतक के सबको पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और डंपर को खिलाफत में ले लिया है।पूरा मामला अमरोहा जनपद के रजबपुर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे 9 का है जहां पर अमरोहा की फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी पिंटू जो हापुर मंडी में अंगूर की गाड़ी उतर कर वापस लौट रहा था रजबपुर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार डंपर ने उसके ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी जिसके चलते ऑटो चालक पिंटू की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। वहीं मौके पर पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लेते हुए मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, डंपर को हिरासत में ले लिया है और मृतक के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और कार्रवाई जारी है।
    1
    यूपी के अमरोहा में नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार का शहर देखने को मिला है जहां पर 
तेज रफ्तार डंपर ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार
दी जिसके चलते ऑटो चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई पुलिस ने मृतक के सबको पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और डंपर को खिलाफत में ले लिया है।पूरा मामला अमरोहा जनपद के रजबपुर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे 9 का है जहां पर अमरोहा की फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी पिंटू जो हापुर मंडी में अंगूर की गाड़ी उतर कर वापस लौट रहा था रजबपुर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार डंपर ने उसके ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी जिसके चलते ऑटो चालक पिंटू की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। वहीं मौके पर पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लेते हुए मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, डंपर को हिरासत में ले लिया है और मृतक के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और कार्रवाई जारी है।
    user_Kapil kumar
    Kapil kumar
    Local News Reporter अमरोहा (खास), अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by वसीम खान संपादक
    1
    Post by वसीम खान संपादक
    user_वसीम खान संपादक
    वसीम खान संपादक
    TV News Anchor मुरादाबाद, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • आज अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर वीर खालसा सेवा समिति की ओर से मजदूरों को आज सम्मानित किया गया जगह-जगह जहां पर मजदूर कार्य कर रहे थे वहीं वीर खालसा सेवा समिति के सदस्यों ने पहुंचकर मजदूरों को गिफ्ट वितरण किया अवतार सिंह ने कहा जिस हिसाब से मजदूरों की मेहनत है मुझे लगता उसे हिसाब से आमदनी कम है कड़ाके की गर्मी में इन मजदूरों को आज सम्मानित किया गया क्योंकि इनका सम्मान भी करना हम सबका कर्तव्य बनता है अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सभी मजदूरों को जगह जाकर बधाई दी इस मौके पर समिति के अध्यक्ष अवतार सिंह गुलशन अरोड़ा नारायण सिंह मनिंदर सिंह वजीर सिंह मनजीत सिंह अमनदीप सिंह हरीश अरोड़ा मौजूद रहे
    1
    आज अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर वीर खालसा सेवा समिति की ओर से मजदूरों को आज सम्मानित किया गया जगह-जगह जहां पर मजदूर कार्य कर रहे थे वहीं वीर खालसा सेवा समिति के सदस्यों ने पहुंचकर मजदूरों को गिफ्ट वितरण किया अवतार सिंह ने कहा जिस हिसाब से मजदूरों की मेहनत है मुझे लगता उसे हिसाब से आमदनी कम है कड़ाके की गर्मी में इन मजदूरों को आज सम्मानित किया गया क्योंकि इनका सम्मान भी करना हम सबका कर्तव्य बनता है अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सभी मजदूरों को जगह जाकर बधाई दी इस मौके पर समिति के अध्यक्ष अवतार सिंह गुलशन अरोड़ा नारायण सिंह मनिंदर सिंह वजीर सिंह मनजीत सिंह अमनदीप सिंह हरीश अरोड़ा मौजूद रहे
    user_अनुपम संदेश रिपोर्टर
    अनुपम संदेश रिपोर्टर
    सुआर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • अमरोहा जनपद में एक शादी समारोह उस समय अफरातफरी में बदल गया, जब पुराने विवाद को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। घटना रजबपुर थाना क्षेत्र स्थित विमाया रिसोर्ट की है, जहां होटल की पार्किंग में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से कहासुनी और विवाद चल रहा था। शादी समारोह में आमना-सामना होते ही विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े। इस दौरान जमकर लात-घूंसे चले और माहौल तनावपूर्ण हो गया।मारपीट के दौरान एक युवक के सिर पर ईंट से हमला कर दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।पूरी घटना रिसोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। शादी समारोह में मौजूद लोगों में इस घटना के बाद दहशत फैल गई और कार्यक्रम में अफरातफरी का माहौल बन गया।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई में जुटी हुई है।
    1
    अमरोहा जनपद में एक शादी समारोह उस समय अफरातफरी में बदल गया, जब पुराने विवाद को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। घटना रजबपुर थाना क्षेत्र स्थित विमाया रिसोर्ट की है, जहां होटल की पार्किंग में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई।
बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से कहासुनी और विवाद चल रहा था। शादी समारोह में आमना-सामना होते ही विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े। इस दौरान जमकर लात-घूंसे चले और माहौल तनावपूर्ण हो गया।मारपीट के दौरान एक युवक के सिर पर ईंट से हमला कर दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।पूरी घटना रिसोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। शादी समारोह में मौजूद लोगों में इस घटना के बाद दहशत फैल गई और कार्यक्रम में अफरातफरी का माहौल बन गया।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई में जुटी हुई है।
    user_Kapil kumar
    Kapil kumar
    Local News Reporter अमरोहा (खास), अमरोहा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    1
    Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Moradabad, Uttar Pradesh•
    19 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.