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कांठ विदेश भेजने के नाम पर ठगी, कुवैत में पति को बनाया बंधक पत्नी कार्रवाई के लिए लगा रही चक्कर कांठ विदेश भेजने के नाम पर ठगी, कुवैत में पति को बनाया बंधक पत्नी कार्रवाई के लिए लगा रही चक्कर
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कांठ विदेश भेजने के नाम पर ठगी, कुवैत में पति को बनाया बंधक पत्नी कार्रवाई के लिए लगा रही चक्कर कांठ विदेश भेजने के नाम पर ठगी, कुवैत में पति को बनाया बंधक पत्नी कार्रवाई के लिए लगा रही चक्कर
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- कांठ विदेश भेजने के नाम पर ठगी, कुवैत में पति को बनाया बंधक पत्नी कार्रवाई के लिए लगा रही चक्कर1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- मुरादाबाद।। समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड ने जिला कलेक्ट्रेट पर अपने कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारी के साथ एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और स्मार्ट मीटर के खिलाफ अपना विरोध जताया विरोध के दरमियान उन्होंने कहा कि अनुचित वसूली को बंद किया जाए स्मार्ट मीटर को हटाया जाए स्मार्ट मीटर की जगह वही पुराने मीटर लगाया जाए स्मार्ट मीटर लगाने से काफी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है1
- Post by वसीम खान संपादक1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस ने 1 मई 2026 को बुर्का पहनी महिला से बीच सड़क पर छेड़छाड़ करने वाले आरोपी नौशाद (Maulana Naushad) को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।मुठभेड़ की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:हाफ एनकाउंटर: पुलिस के साथ हुई इस मुठभेड़ में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।त्वरित कार्रवाई: घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के महज 12 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।घटना का विवरण: मुगलपुरा थाना क्षेत्र में एक गली से गुजर रही महिला को आरोपी ने पीछे से पकड़कर अश्लील हरकत की थी। शोर मचाने पर वह फरार हो गया था, लेकिन पूरी घटना सीसीटीवी (CCTV) में कैद हो गई थी।मुठभेड़ स्थल: यह मुठभेड़ गुरुवार देर रात रामगंगा नदी के किनारे हुई, जब पुलिस आरोपी की तलाश में थी और उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए फायरिंग की।1
- मुरादाबाद में महिला से बदसलूकी करने वाला मनचला गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में पैर में लगी गोली !1
- विषय: अल्पसंख्यकों और कमज़ोर वर्गों के खिलाफ हो रही हिंसा एवं पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता। समाजवादी पार्टी के लोकप्रिय सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्र सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ मुसलमानों की 'लक्षित हत्याओं' (Target Killing) को महज़ एक 'हादसा' या 'एक्सीडेंट' बताकर दबाने की कोशिश की जाती है। सांसद ने किशनगंज की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि समाज में एक ऐसी ज़ालिमाना और 'गैर-मुस्लिम' सोच पनप रही है जो भारत की जड़ों को खोखला कर रही है। इंसानियत का कत्ल इतना आम कर दिया गया है कि अब किसी भी शरीफ और इज़्ज़तदार इंसान की जान-माल सुरक्षित नहीं है। यह सिलसिला रेहड़ी-पटरी वालों और कूड़ा बीनने वाले गरीब इंसानों से शुरू हुआ था, लेकिन अब हमारे सम्मानित मौलाना और धार्मिक व्यक्तित्व भी सुरक्षित नहीं हैं। मौलाना का कत्ल महज़ एक मौत नहीं, बल्कि एक 'लिंचिंग' और सोची-समझी साज़िश है। बरेली शरीफ और धार्मिक आस्था में मौलाना अहमद रज़ा खां (रहमतुल्लाह अलैहि) के मज़ार और बरेली की ज़ियारत का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि जिस तरह से एक मौलाना की हत्या हुई और उनके 'डाइंग डिक्लेरेशन' (मृत्युपूर्व बयान) के बावजूद पुलिस उचित कार्रवाई नहीं कर रही है, वह बेहद निंदनीय है। जांच पर सवाल: पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि आख़िर पुलिस फोरेंसिक जांच क्यों नहीं करती? यात्रियों के बयान दर्ज क्यों नहीं किए जा रहे? क्या प्रशासन मुसलमानों के खून को इतना सस्ता समझता है सांसद ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग मज़लूमों, दलितों और कमज़ोरों के कत्ल को एक आम बात समझते हैं, उन्हें इस दुनिया में और इसके बाद की अदालतो में भी जवाब देना पड़ेगा। इससे ज़्यादा शर्मनाक बात और कुछ नहीं हो सकती। किसी नागरिक की हत्या उसके पहनावे (लिबास) या उसकी पहचान (ID) के आधार पर की जाती है, तो यह सिर्फ़ एक व्यक्ति का कत्ल नहीं बल्कि संविधान का कत्ल है। देश के कमज़ोर, दलित और मुस्लिम समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। "किसी न किसी दिन उस इंसाफ को हासिल करने के लिए हम सड़कों पर भी उतरेंगे और अदालतों का दरवाजा भी खटखटाएंगे। कानून और लोकतंत्र ने हमें जो अधिकार दिए हैं, आखिर उनके लिए हमें खड़ा होना ही पड़ेगा। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत का कत्ल है। आखिर कब तक ट्रेनों में इस तरह मासूमों को मारा जाता रहेगा? आखिर कब तक उनका कत्ल होता रहेगा? मैं प्रशासन, उत्तर प्रदेश सरकार, रेलवे पुलिस और माननीय गृह मंत्री जी से गुजारिश करता हूँ कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष 'इन्वेस्टिगेशन टीम' गठित की जाए, ताकि इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो सके। यह सिलसिला यहीं रुकना चाहिए; इस तरह की घटनाएं समाज में नहीं होनी चाहिए।अगर मानवता ही गिर गई, तो संविधान की कोई हैसियत नहीं रह जाएगी। फिर मुल्क में क्या बचेगा? हमारी साझा विरासत, हमारी इंसानियत और हमारे स्कूलों का क्या होगा? आखिर हमारे नौजवानों को इससे क्या संदेश मिलेगा? जुल्म करके कभी कोई 'जालिम' पनप नहीं सकता। अगर हम अपने समाज से इस 'ना-इंसाफी' को खत्म नहीं करेंगे, तो हमारा पनपना और खुशहाल तरक्की करना कोई मायने नहीं रखता। वेदों और सभी मजहबी (धार्मिक) किताबों में भी यही लिखा है कि जालिम कभी कामयाब नहीं हो सकता। मैं चाहता हूँ कि यह जुल्म, चाहे वह किसी भी किस्म का हो, पूरी तरह खत्म होना चाहिए। यह जानकारी सांसद मीडिया प्रभारी एडवोकेट महबूब अली पाशा ने दी1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1