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- Post by Jagdish Ballabh Sharma1
- पीलीभीत/बदायूं: बदायूं स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) प्लांट में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। घटना के हफ्तों बीत जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर मृतक सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा के परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को पीलीभीत के पूरनपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान मृतक के पिता ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है। "कोतवाली के सामने समाप्त कर लूंगा जीवन" मृतक हर्षित के पिता सुशील मिश्रा प्रेस वार्ता के दौरान बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा अविश्वास जताते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा नहीं दी गई, तो वे कोतवाली के सामने आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई उन्हें मौत के करीब धकेल रही है। परिजनों द्वारा उठाए गए 4 सुलगते सवाल सुशील मिश्रा ने पुलिस और प्लांट प्रबंधन की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए निम्नलिखित आरोप लगाए हैं: उपचार में जानबूझकर देरी: आरोप है कि गोली लगने के बाद हर्षित और डीजीएम सुधीर गुप्ता करीब 40 मिनट तक प्लांट में तड़पते रहे, लेकिन किसी ने उन्हें अस्पताल नहीं पहुँचाया। उन्हें अस्पताल ले जाने में 1.5 घंटे की देरी की गई। मुख्य आरोपियों को संरक्षण: परिजनों का दावा है कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार (पिता, ताऊ और भाई) के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। गिरफ्तारी का 'ड्रामा': परिजनों के अनुसार, आरोपी ने स्वयं समर्पण किया था, जबकि पुलिस इसे अपनी बहादुरी और कामयाबी के तौर पर पेश कर रही है। प्रशासनिक मिलीभगत: स्थानीय स्तर पर कुछ लोग परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने से रोक रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने न आ सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की उम्मीद सुशील मिश्रा ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर पूरा भरोसा है। उन्होंने मांग की है कि: मामले की उच्च स्तरीय जांच (SIT या CBI) कराई जाए। मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात कराई जाए ताकि वे अपनी बात रख सकें। नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई हो। "हमें यूपी के मुख्यमंत्री पर भरोसा है, लेकिन स्थानीय पुलिस नामजद आरोपियों को संरक्षण दे रही है। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो हमारे पास जीवन समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।" > — सुशील मिश्रा, मृतक हर्षित के पिता क्या था मामला? बीती 12 मार्च को बदायूं के सैजनी स्थित HPCL प्लांट में वर्चस्व की जंग के चलते सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा और डीजीएम सुधीर गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने न केवल औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी, बल्कि अब परिजनों के आरोपों ने पुलिसिया जांच पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।1
- बीसलपुर के सरस्वती शिशु मंदिर में शिशु वाटिका विभाग है इस विभाग में नन्हे मुन्ने बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाती है विद्यालय के प्रधानाचार्य के मुताबिक छोटे बच्चों को क्रियात्मक ढंग से शिक्षा दी जाती है जिससे बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं बीसलपुर का सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल लंबे समय से क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम लिख रहा है1
- Post by संदीप निडर1
- हर्षित के पिता ने कोतवाली में आत्महत्या करने की दी चेतावनी। पूरनपुर। सुशील मिश्रा ने बदायूं में हुए हर्षित हत्याकांड में कार्रवाई से असंतुष्ट होकर कोतवाली में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों के नाम देने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है और न्याय के नाम पर केवल आश्वासन दिया जा रहा है। बताया गया कि 12 मार्च को मूसाझाग स्थित एचपीसीएल प्लांट में प्रबंधक सुधीर गुप्ता और उपप्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की एसआईटी जांच चल रही है और मुख्य आरोपी को जेल भेजा जा चुका है। परिजनों ने कहा कि अन्य आरोपी शाहजहांपुर क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने रविवार दोपहर 12 बजे प्रेस वार्ता कर योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।1
- पीलीभीत में मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। थाना दियोरिया कला क्षेत्र के ग्राम नूरानपुर निवासी बाबा सर्वेश्वरदास ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कुछ लोगों पर मंदिर की भूमि कब्जाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित बाबा सर्वेश्वरदास, जो बाबा मोहन दास उर्फ छलिया बाबा के चेला हैं, का कहना है कि श्री ठाकुरजी महाराज विराजमान मंदिर की कृषि भूमि ग्राम रसूलपुर में स्थित है। आरोप है कि कुछ लोग इस जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। बाबा के अनुसार, इस विवाद को लेकर पहले भी थाना दियोरिया कला में शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब मामला और गंभीर हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम नूरानपुर व आसपास के कई लोग मिलकर इस जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि इन लोगों ने बाहर से एक कथित दबंग व्यक्ति रामू चेला रामभूषणदास को बुलाया है, जो अपने साथ अन्य लोगों के साथ मिलकर मंदिर की जमीन पर कब्जे की कोशिश कर रहा है। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। बाबा ने बताया कि 15 मार्च 2026 को दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच जब वह मंदिर पहुंचे, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की और मारपीट का प्रयास किया, जिससे उन्हें मौके से भागकर जान बचानी पड़ी। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों की धमकियों के कारण उनकी जान-माल को खतरा बना हुआ है। मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात भी सामने आई है। बाबा सर्वेश्वरदास ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मंदिर की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।2
- बिलासपुर में भारतीय किसान यूनियन अंबावता के केमरी नगर कार्यालय पर मासिक पंचायत की पंचायत के बाद अपनी मांगों को लेकर मिलक-बिलासपुर रोड पर प्रदर्शन किया। रविवार को प्रदर्शन करने से पूर्व में पंचायत को संबोधित करते हुए जिला महासचिव रईस अहमद ने कहा सरकार को चाहिए कि वह किसानों का कर्ज माफ करें और वे मौसम बरसात से जो किसानों का नुकसान हुआ है।उसे नुकसान का सरकार मुआवजा दें।जिला महासचिव से अहमद ने कहा कुछ लालची लोग यानी मिलावट खोर लोग गलत माल बेचकर आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।अपने फायदे के लिए लोगों को जहर खिला रहे हैं।भारतीय किसान यूनियन की सरकार से मांग है। ऐसे गलत माल बेचने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आम जनता को इन लालची लोगों से बचाया जा सकें।जिला महासचिव रईस अहमद ने कहा नगर पंचायत केमरी मे सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है।भ्रष्टाचार चरम पर है नगर पंचायत केमरी मे अगर नगर पंचायत में जल्द सुधार नहीं हुआ तो भारतीय किसान यूनियन किसी भी वक्त बेमियादी धरना देगी।इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।प्रदर्शन करने वालों में नगर अध्यक्ष मोहम्मद आरिफ,जमील अहमद,शाबान अख्तर,नासिर अली, महमूद हसन,सादिक अहमद,मोहम्मद आजम,नासिर शाह,सफीक अहमद,मोहम्मद जमील मास्टर साहब,तेज बहादुर सिंह,आरिफ शाह, शकील अहमद,दानिश अली, इरफान अली,अमन सिंह,तेज बहादुर सिंह, नेतराम,नाजिम अली,फरजान,खलील अहमद शामिल रहे।2
- बीसलपुर। नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सरस्वती विद्या मंदिर में प्रशासनिक बदलाव के तहत डॉ. रवि शरण सिंह चौहान ने नए प्रधानाचार्य के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उनके पदभार ग्रहण करते ही विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यभार ग्रहण के दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति एवं स्टाफ ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. चौहान ने कहा कि वे विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। विद्यालय परिवार ने आशा जताई कि उनके नेतृत्व में संस्थान नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों व कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।1
- पीलीभीत के पूरनपुर विकासखंड क्षेत्र से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां स्कूल चलो अभियान की गूंज गांव-गांव सुनाई दे रही है। पूरनपुर के चंदिया हजारा बंगाली कॉलोनी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने स्कूल चलो अभियान के तहत एक भव्य जागरूकता रैली निकाली। इस दौरान छात्रों ने “आधी रोटी खाएंगे, स्कूल जरूर जाएंगे” जैसे जोशीले नारों के साथ गांव के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया और अभिभावकों को बच्चों के नामांकन के लिए प्रेरित किया। रैली का नेतृत्व प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार ने किया। रैली गांव के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी और अंत में विद्यालय परिसर में समाप्त हुई। इस दौरान बच्चों ने शिक्षा के महत्व को समझाते हुए समाज को एक सशक्त संदेश दिया। ग्राम प्रधान वासु देव कुंडू ने भी इस अवसर पर बच्चों का उत्साहवर्धन किया और नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ पुरस्कारों का वितरण किया। कार्यक्रम में बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ ही पूरे जिले में स्कूल चलो अभियान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कहीं रैलियां निकाली जा रही हैं तो कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पुरस्कार वितरण के जरिए बच्चों को स्कूल से जोड़ने की पहल की जा रही है। प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।2