वित्तीय वर्ष 2026-27 की पंचायत विकास योजना (PDP) के सफल क्रियान्वयन और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, गया के जिला परिषद सभागार में एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी ने की, जिसमें उपाध्यक्ष डॉ. सीतल प्रसाद भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में जिला पंचायत राज पदाधिकारी आदित्य कुमार के निर्देश पर जिला पंचायत संसाधन केंद्र के जिला नोडल अधिकारी, बैजनाथ कुमार, डीपीआरसी के कर्मियों और जिला प्रोग्रामर द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के जिला स्तर के पदाधिकारी, जिनमें जिला योजना पदाधिकारी अभय कुमार और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शामिल थे, तथा गया जिले के सभी प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख, पंचायत समिति सदस्य, सभी बीपीईआरओ और बीईए ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार की वर्ष 2026-27 की योजनाओं और दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों को विशेष रूप से बताया गया कि पंचायत विकास योजनाओं का निर्माण स्थानीय आवश्यकताओं और जनभागीदारी को ध्यान में रखकर किया जाएगा, ताकि विकास का लाभ सभी वर्गों तक पहुँच सके। कार्यशाला में यह भी जानकारी दी गई कि पंचायत विकास योजना के अंतर्गत उपलब्ध कुल राशि का 80 प्रतिशत भाग सीधे पंचायतों को दिया जाएगा, जबकि 10 प्रतिशत प्रखंड स्तर पर और 10 प्रतिशत जिला स्तर पर उपयोग किया जाएगा। यह आवंटन पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सक्षम बनाएगा। इसके अतिरिक्त, बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहन के रूप में 20 प्रतिशत अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि पंचायतों को सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी, जिसमें योजनाओं के चयन में स्थानीय प्राथमिकताओं और जनसहभागिता को विशेष महत्व दिया जाएगा। कार्यशाला में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पंचायत, प्रखंड तथा जिला स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया। जिला परिषद अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा कि जिले में विकास के लिए अठस्सी प्रतिशत का फंड उपलब्ध है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 की पंचायत विकास योजना (PDP) के सफल क्रियान्वयन और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, गया के जिला परिषद सभागार में एक दिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी ने की, जिसमें उपाध्यक्ष डॉ. सीतल प्रसाद भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में जिला पंचायत राज पदाधिकारी आदित्य कुमार के निर्देश पर जिला पंचायत संसाधन केंद्र के जिला नोडल अधिकारी, बैजनाथ कुमार, डीपीआरसी के कर्मियों और जिला प्रोग्रामर द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के जिला स्तर के पदाधिकारी, जिनमें जिला योजना पदाधिकारी अभय कुमार और जिला सांख्यिकी पदाधिकारी शामिल थे, तथा गया जिले के सभी प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख, पंचायत समिति सदस्य, सभी बीपीईआरओ और बीईए ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान पंचायत राज मंत्रालय, भारत सरकार की वर्ष 2026-27 की योजनाओं और दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों को विशेष रूप से बताया गया कि पंचायत विकास योजनाओं का निर्माण स्थानीय आवश्यकताओं और जनभागीदारी को ध्यान में रखकर किया जाएगा, ताकि विकास
का लाभ सभी वर्गों तक पहुँच सके। कार्यशाला में यह भी जानकारी दी गई कि पंचायत विकास योजना के अंतर्गत उपलब्ध कुल राशि का 80 प्रतिशत भाग सीधे पंचायतों को दिया जाएगा, जबकि 10 प्रतिशत प्रखंड स्तर पर और 10 प्रतिशत जिला स्तर पर उपयोग किया जाएगा। यह आवंटन पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सक्षम बनाएगा। इसके अतिरिक्त, बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को प्रोत्साहन के रूप में 20 प्रतिशत अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि पंचायतों को सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी, जिसमें योजनाओं के चयन में स्थानीय प्राथमिकताओं और जनसहभागिता को विशेष महत्व दिया जाएगा। कार्यशाला में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पंचायत, प्रखंड तथा जिला स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया। जिला परिषद अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा कि जिले में विकास के लिए अठस्सी प्रतिशत का फंड उपलब्ध है।
- गया पुलिस ने एक त्वरित और बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साइबर गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सदस्यों के पास से 14 एटीएम कार्ड, 22 सिम कार्ड, ₹34,000 नकद रुपये और अन्य सामग्री जब्त की है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भाजपा दक्षिणी मंडल गया जी द्वारा रामसागर तालाब पार्क में एक योग शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शिविर में दर्जनों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।1
- गया जिले के परैया उत्तरी बाजार में बनी परैया टिकारी रोड के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस सड़क का निर्माण जल्दबाजी में किया गया है और इसकी पिच की मोटाई तथा निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जांच होनी चाहिए। बताया गया है कि सड़क पर पहले काफी मिट्टी जमी हुई थी, जिसे जेसीबी से केवल ऊपर-ऊपर हटाया गया और हल्का झाड़ू लगाने के बाद उसी मिट्टी पर पिचिंग कर दी गई। इससे सड़क की मजबूती पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि क्या मिट्टी पर बनी यह सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी। इस घटिया निर्माण के कारण सड़क काफी ऊंची हो गई है, जिससे घरों से पानी की निकासी में भारी परेशानी हो रही है, क्योंकि परैया उत्तरी बाजार में नाली या नाले की कोई व्यवस्था नहीं है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब इस संबंध में ठेकेदार से निर्माण रोकने के लिए कहा गया, तो उसने धमकी देते हुए कहा, "तुमको जो करना है कर लो, तुमको जहां जाना है चल जाओ, तुमको जहां वीडियो भेजना है भेज दो, हम देख लेंगे।" शिकायतकर्ता के पास इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो के माध्यम से सभी सबूत मौजूद होने का दावा किया गया है। लोगों ने इस मामले में शक्तिशाली जांच की मांग की है और जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।4
- गया जिले के कोंच प्रखंड सभागार में रविवार को बिहार राज्य दलपति एवं ग्राम रक्षा दल महासंघ की एक दिवसीय बैठक आयोजित की गई, जहाँ ग्राम रक्षा दल के जवानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सरकार से इन मांगों का शीघ्र समाधान करने की अपील की गई, साथ ही आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। इस बैठक के मुख्य अतिथि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश महासचिव कमलेश शर्मा थे, जिनका आगमन पर संगठन के पदाधिकारियों ने अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। प्रदेश सहायक महामंत्री गणेश मिश्रा ने बैठक की अध्यक्षता की, जबकि अजय कुमार आर्य ने इसका संचालन किया। बैठक को संबोधित करते हुए गणेश मिश्रा ने बताया कि ग्राम रक्षा दल के जवान लंबे समय से प्रशिक्षण, मानदेय और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, और इन मांगों को लेकर पूर्व में भी आंदोलन किए जा चुके हैं। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर पुनः आंदोलन करने की बात कही। बैठक में ग्राम रक्षा दल के जवानों के लिए कई प्रमुख मांगें उठाई गईं, जिनमें नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था, निर्वाचन ड्यूटी के दौरान दुर्घटना होने पर सरकारी कर्मियों की तरह मुआवजा, आयु सीमा 30 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करना, सरकारी पहचान पत्र और वर्दी उपलब्ध कराना, तथा गृह रक्षा वाहिनी की तर्ज पर आरक्षण लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, हटाई गई दलपति नियुक्तियों को दोबारा बहाल करने की भी मांग की गई। जिला अध्यक्ष अशोक कुमार मंडल ने जोर देकर कहा कि ग्राम रक्षा दल के सदस्य हर परिस्थिति में समाज और प्रशासन की सेवा करते आए हैं, इसलिए सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके उचित निर्णय लेना चाहिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में लोजपा प्रखंड अध्यक्ष गिरजेश शर्मा उर्फ बबलू, श्रीगांव पंचायत की मुखिया कलावती देवी, कोराप पंचायत के मुखिया ललन पासवान, केर पंचायत के मुखिया शशि कुमार, सरपंच चंचल यादव, वकील शंभुनाथ यादव सहित विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक के अंत में संगठन की मजबूती और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया गया।1
- बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में मखदुमपुर प्रखंड के कई युवाओं ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है, जहाँ बोकनारी कला गांव निवासी किसान रमेश शर्मा के पुत्र विष्णु कांत ने 971वीं रैंक प्राप्त कर बीडीओ का पद हासिल किया है। इसी क्रम में मकरपुर गांव निवासी स्वर्गीय रजनीश शर्मा के पुत्र अंकित कुमार का चयन डीएसपी पद पर हुआ है, जो छोटे शर्मा और नीरज कुमार के भतीजे हैं। इसके अतिरिक्त, टेहटा बाजार के निवासी अमन कुमार ने भी डीएसपी का पद प्राप्त किया है। वहीं, नगर पंचायत क्षेत्र के खलकोचक मोहल्ला निवासी नंद किशोर प्रसाद के पुत्र वेदनिधि शर्मा का चयन वेलफेयर ऑफिसर पद के लिए हुआ है। इन सफलताओं की खबर मिलते ही परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।1
- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत का एक खास योग प्रदर्शन सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। उनके इस 'स्पेशल योग' को देखकर लोग काफी हैरान हैं और कह रहे हैं कि उन्होंने ऐसा योग पहले कभी नहीं देखा था। यह वीडियो तेजी से लोगों के बीच अपनी जगह बना रहा है।1
- गया के प्रभावती अस्पताल में एक महिला के ऑपरेशन के दौरान उसके शरीर पर जलने जैसे निशान पाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद, अस्पताल प्रशासन ने तुरंत एक जांच टीम गठित की है और मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।1