बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में मखदुमपुर प्रखंड के कई युवाओं ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है, जहाँ बोकनारी कला गांव निवासी किसान रमेश शर्मा के पुत्र विष्णु कांत ने 971वीं रैंक प्राप्त कर बीडीओ का पद हासिल किया है। इसी क्रम में मकरपुर गांव निवासी स्वर्गीय रजनीश शर्मा के पुत्र अंकित कुमार का चयन डीएसपी पद पर हुआ है, जो छोटे शर्मा और नीरज कुमार के भतीजे हैं। इसके अतिरिक्त, टेहटा बाजार के निवासी अमन कुमार ने भी डीएसपी का पद प्राप्त किया है। वहीं, नगर पंचायत क्षेत्र के खलकोचक मोहल्ला निवासी नंद किशोर प्रसाद के पुत्र वेदनिधि शर्मा का चयन वेलफेयर ऑफिसर पद के लिए हुआ है। इन सफलताओं की खबर मिलते ही परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में मखदुमपुर प्रखंड के कई युवाओं ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है, जहाँ बोकनारी कला गांव निवासी किसान रमेश शर्मा के पुत्र विष्णु कांत ने 971वीं रैंक प्राप्त कर बीडीओ का पद हासिल किया है। इसी क्रम में मकरपुर गांव निवासी स्वर्गीय रजनीश शर्मा के पुत्र अंकित कुमार का चयन डीएसपी पद पर हुआ है, जो छोटे शर्मा और नीरज कुमार के भतीजे हैं। इसके अतिरिक्त, टेहटा बाजार के निवासी अमन कुमार ने भी डीएसपी का पद प्राप्त किया है। वहीं, नगर पंचायत क्षेत्र के खलकोचक मोहल्ला निवासी नंद किशोर प्रसाद के पुत्र वेदनिधि शर्मा का चयन वेलफेयर ऑफिसर पद के लिए हुआ है। इन सफलताओं की खबर मिलते ही परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
- बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में मखदुमपुर प्रखंड के कई युवाओं ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है, जहाँ बोकनारी कला गांव निवासी किसान रमेश शर्मा के पुत्र विष्णु कांत ने 971वीं रैंक प्राप्त कर बीडीओ का पद हासिल किया है। इसी क्रम में मकरपुर गांव निवासी स्वर्गीय रजनीश शर्मा के पुत्र अंकित कुमार का चयन डीएसपी पद पर हुआ है, जो छोटे शर्मा और नीरज कुमार के भतीजे हैं। इसके अतिरिक्त, टेहटा बाजार के निवासी अमन कुमार ने भी डीएसपी का पद प्राप्त किया है। वहीं, नगर पंचायत क्षेत्र के खलकोचक मोहल्ला निवासी नंद किशोर प्रसाद के पुत्र वेदनिधि शर्मा का चयन वेलफेयर ऑफिसर पद के लिए हुआ है। इन सफलताओं की खबर मिलते ही परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।1
- जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के थलु बीघा गांव में रविवार सुबह एक किसान की सर्पदंश से मौत हो गई। मृतक की पहचान देवनंदन यादव के रूप में हुई है, जिसकी खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार, देवनंदन यादव सुबह अपने खेत में धान के बिचड़ा की सिंचाई करने गए थे। इसी दौरान उन्हें किसी जहरीले सांप ने काट लिया। शुरुआत में उन्होंने इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत तेजी से खराब होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, परिवार के सदस्य उन्हें तत्काल इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल ले गए। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद देवनंदन यादव को मृत घोषित कर दिया और उनकी मौत का कारण सर्पदंश बताया। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और फिर मृतक के घर पहुंच गए, जिससे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, क्योंकि मृतक परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था और उसकी मौत से परिवार के सामने एक गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। थलु बीघा गांव में अभी भी शोक का माहौल है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने सभी लोगों से बरसात के मौसम में खेतों और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि इस समय सर्पदंश की घटनाएं अक्सर बढ़ जाती हैं।1
- गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र के सिंघड़ा गांव में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान सिंघड़ा गांव निवासी 44 वर्षीय रजनीश मांझी के रूप में हुई है, जिनके पिता का नाम चंद्रदेव मांझी है। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना कोंच थाना को दी थी। सूचना मिलने पर एएसआई संजय कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया भेज दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष सुदेह कुमार ने बताया कि करंट लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस द्वारा सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कर ली गई हैं और मामले की जाँच जारी है। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घटना पर ग्रामीणों और सामाजिक लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। ढांढस बंधाने वालों में नगिना सिंह, जय कुमार सिंह, बम-बम सिंह, धनंजय सिंह, आशुतोष सिंह, विनय सिंह, मंतन राम, शिवकरण दास, लालकेश्वर मांझी, इंदल पासवान, सिकंदर दास सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के रेड रोड पर 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वस्थ जीवन और कल्याण पर केंद्रित इस वैश्विक आयोजन के प्रतिभागियों के साथ हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने जोर देकर कहा कि योग दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए भी आवश्यक है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह 12वां संस्करण इस वर्ष पूरे देश और दुनिया भर में 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' ('योग फॉर हेल्दी एजिंग') की थीम के तहत मनाया जा रहा है। यह थीम जीवन के सभी अवस्थाओं में एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन को बढ़ावा देने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष बल देती है। जैसे-जैसे दुनिया भर में आबादी की उम्र बढ़ रही है और गैर-संचारी बीमारियों व जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं, वैश्विक ध्यान अब केवल जीवन के वर्षों को बढ़ाने से हटकर स्वास्थ्य अवधि, जीवन की गुणवत्ता और समग्र कल्याण को बेहतर बनाने पर केंद्रित हो रहा है।1
- अरवल जिले के अहियापुर स्थित सोन नदी में नहाने गए पाँच दोस्त अचानक पानी में डूबने लगे। इस घटना में जहाँ चार दोस्तों की जान बचा ली गई, वहीं खांगाह गाँव निवासी बिनोद पासवान के बेटे रिशु कुमार की डूबने से मौत हो गई।1
- गया जिले के परैया उत्तरी बाजार में बनी परैया टिकारी रोड के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस सड़क का निर्माण जल्दबाजी में किया गया है और इसकी पिच की मोटाई तथा निर्माण प्रक्रिया की विस्तृत जांच होनी चाहिए। बताया गया है कि सड़क पर पहले काफी मिट्टी जमी हुई थी, जिसे जेसीबी से केवल ऊपर-ऊपर हटाया गया और हल्का झाड़ू लगाने के बाद उसी मिट्टी पर पिचिंग कर दी गई। इससे सड़क की मजबूती पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि क्या मिट्टी पर बनी यह सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी। इस घटिया निर्माण के कारण सड़क काफी ऊंची हो गई है, जिससे घरों से पानी की निकासी में भारी परेशानी हो रही है, क्योंकि परैया उत्तरी बाजार में नाली या नाले की कोई व्यवस्था नहीं है। शिकायतकर्ता का दावा है कि जब इस संबंध में ठेकेदार से निर्माण रोकने के लिए कहा गया, तो उसने धमकी देते हुए कहा, "तुमको जो करना है कर लो, तुमको जहां जाना है चल जाओ, तुमको जहां वीडियो भेजना है भेज दो, हम देख लेंगे।" शिकायतकर्ता के पास इस पूरे मामले से संबंधित वीडियो के माध्यम से सभी सबूत मौजूद होने का दावा किया गया है। लोगों ने इस मामले में शक्तिशाली जांच की मांग की है और जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।4
- केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी जी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर अपना बाईट दिया।1
- भारतीय वायु सेना के विमान हादसे में असम के जोरहाट में शहीद हुए जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के परिजनों ने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की सहायता राशि और श्रेया राय से जुड़े अपने पहले के रुख में बदलाव किया है। शुभम के पिता और भाई ने अब स्पष्ट किया है कि भले ही उन्हें अपने बेटे की शादी या कोर्ट मैरिज की जानकारी नहीं थी, फिर भी वे अब श्रेया राय को अपनी बहू मानते हैं। गौरतलब है कि दो दिन पहले, शुभम के पिता ने हुलासगंज के अंचलाधिकारी (सीओ) और श्रेया राय पर उन्हें गुमराह कर सहायता राशि प्राप्त करने का आरोप लगाया था। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दी गई 21 लाख रुपये की अनुग्रह राशि श्रेया राय को दिए जाने पर आपत्ति भी जताई थी। हालांकि, परिजनों ने अब इस मामले में अपना रुख नरम कर लिया है। उनका कहना है कि सहायता राशि उनके लिए कोई मायने नहीं रखती, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रेया राय उनके शहीद बेटे की अंतिम निशानी हैं। पिता ने बताया कि उन्हें शुभम के कोर्ट मैरिज करने की जानकारी पहले नहीं थी और इसी कारण जब सरकार की ओर से सहायता राशि श्रेया राय को प्रदान की गई तो उन्होंने इस पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि बाद में श्रेया से बातचीत करने के बाद उन्हें पूरी स्थिति की जानकारी मिली और उन्हें यह एहसास हुआ कि श्रेया उनके बेटे के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। परिवार ने यह भी बताया कि शुभम की शादी नवंबर में आजमगढ़ निवासी श्रेया राय के साथ तय थी, लेकिन दुर्भाग्यवश विमान हादसे में उनका निधन इससे पहले ही हो गया। भावुक होते हुए शुभम के पिता ने व्यक्त किया कि अब वे अपनी बहू के घर आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उसे पूरे सम्मान के साथ परिवार का हिस्सा बनाना चाहते हैं।1