कटनी के सरस्वाही स्थित माता शबरी कन्या शिक्षा परिषद छात्रावास में 20 से अधिक छात्राओं के बीमार होने के मामले में आक्रोशित अभिभावकों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर छात्रावास प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। अभिभावकों का कहना है कि हॉस्टल में लंबे समय से पेयजल संकट, भोजन की खराब गुणवत्ता और अव्यवस्थाओं की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बीती 18 जुलाई को सुबह का नाश्ता और भोजन करने के बाद छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, जिससे कई छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों ने छात्रावास की अधीक्षिका एवं स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और वर्तमान अधीक्षिका को हटाकर दूसरे जिले से नई अधीक्षिका की नियुक्ति करने की मांग की है। इसके अलावा, मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने, तीसरी मंजिल तक स्वच्छ पेयजल व वाटर फिल्टर की व्यवस्था करने, छात्राओं का नियमित मेडिकल चेकअप कराने, आर्ट विषय के शिक्षक की नियुक्ति करने, परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा छात्रावास और मेस के संचालन की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई गई है। अभिभावकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कटनी के सरस्वाही स्थित माता शबरी कन्या शिक्षा परिषद छात्रावास में 20 से अधिक छात्राओं के बीमार होने के मामले में आक्रोशित अभिभावकों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर छात्रावास प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। अभिभावकों का कहना है कि हॉस्टल में लंबे समय से पेयजल संकट, भोजन की खराब गुणवत्ता और अव्यवस्थाओं की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। बीती 18 जुलाई को सुबह का नाश्ता और भोजन करने के बाद छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, जिससे कई छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों ने छात्रावास की अधीक्षिका एवं स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और वर्तमान अधीक्षिका को हटाकर दूसरे जिले से नई अधीक्षिका की नियुक्ति करने की मांग की है। इसके अलावा, मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने, तीसरी मंजिल तक स्वच्छ पेयजल व वाटर फिल्टर की व्यवस्था करने, छात्राओं का नियमित मेडिकल चेकअप कराने, आर्ट विषय के शिक्षक की नियुक्ति करने, परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा छात्रावास और मेस के संचालन की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई गई है। अभिभावकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- पन्ना जिले के रैपुरा क्षेत्र में मडवा घाटी निर्माण कार्य को लेकर युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया है। इस निर्माण कार्य को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों ने भी जल्द से जल्द कार्य पूर्ण कराने की अपील की है। मडवा घाटी के इस निर्माण कार्य को लेकर अब नीरज बडगांव की प्रतिक्रिया भी सामने आई है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर मांग की है कि जिम्मेदार लोग इस पर जवाब दें।1
- कटनी जिले के देवरी-मझगवां मार्ग पर बदहाल और जानलेवा सड़कों से परेशान ग्रामीणों और युवाओं का सब्र आखिरकार टूट गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की घोर लापरवाही के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच भैंस खड़ी कर उसके आगे बीन बजाते हुए एक अनोखा प्रदर्शन किया। घुटनों तक भरे पानी और गहरे गड्ढों के बीच किए गए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए लोगों ने संदेश दिया कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग की संवेदनहीनता अब असहनीय हो चुकी है और सोया हुआ प्रशासनिक तंत्र जागने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देवरी-मझगवां का यह आंदोलन अब पूरे कटनी जिले की जर्जर सड़कों के खिलाफ जनता की आवाज बन चुका है। जिले की बदहाल सड़कों पर हर बारिश के बाद हालात बद से बदतर हो जाते हैं, जहाँ गहरे गड्ढे और जलभराव रोजाना लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्कूली बच्चे, दोपहिया वाहन चालक, एंबुलेंस और आम नागरिक हर दिन मौत का खतरा उठाकर सफर करने को मजबूर हैं और लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। युवाओं ने बताया कि वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के बाद उन्हें यह अनोखा कदम उठाना पड़ा। इस आक्रोश के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को चेतावनी देते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय के भीतर सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता व्यापक आंदोलन करेगी और चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। विकास के दावों के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या लोक निर्माण विभाग इस चेतावनी को गंभीरता से लेगा या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी।1
- जन संगठन एकता परिषद के बैनर तले दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कनौरा कला के पीड़ित आदिवासी महिला-पुरुष बरसते पानी में पैदल चलकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वन विभाग द्वारा किए जा रहे कथित अन्याय, अत्याचार, तानाशाही और अवैध कदाचार के विरोध में डिप्टी कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर प्रताप नारायण सिंह यादव को ज्ञापन सौंपकर अपने अधिकारों की पुरजोर मांग की। एकता परिषद के जिला समन्वयक सुजात खान, शिवलाल आदिवासी, बलराम पटेल, मोहन सिंह आदिवासी, रामकली बाई आदिवासी, रेखा रानी, कौशल बाई, प्रेम लाल, गोवर्धन, ज्ञानी सिंह, तुलसा रानी और बाबू आदिवासी सहित अन्य पीड़ितों ने बताया कि जिला प्रशासन और जनजातीय विभाग दमोह द्वारा वनाधिकार कानून के लंबित दावों के निराकरण में लगातार जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 दिसंबर 2025 की जिला समन्वय बैठक में लिए गए निर्णयों पर समय सीमा में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही के कारण बरसों से वन भूमि पर काबिज पात्र आदिवासियों को वन विभाग जबरन बेदखल कर रहा है। आदिवासियों के अनुसार, विगत 19 जुलाई 2026 को वन विभाग की टीम ने तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाते हुए आदिवासियों के खेतों में बनी लगभग 26 झोपड़ियों को बर्बाद कर दिया और वहां रखा राशन-पानी व कृषि संबंधी सामान लूट ले गए। इस दौरान हथियारों से लैस वन कर्मियों ने वर्दी का खौफ दिखाकर आदिवासियों, महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट व अभद्र गाली-गलौज की और उन्हें विस्थापित कर दिया, जिससे ये परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। मध्य प्रदेश एकता परिषद के जिलाध्यक्ष सुजात खान ने आरोप लगाया कि जिले में वन विभाग, पन्ना टाइगर रिजर्व बफर जोन प्रबंधन और नौरादेही अभ्यारण्य प्रबंधन द्वारा लगातार आदिवासियों और वनवासियों के साथ इसी तरह का अवैध व अनैतिक व्यवहार कर उन्हें भूमिहीन व बेघर बनाया जा रहा है। तथाकथित विकास के नाम पर उन्हें भय, भूख, गरीबी और पलायन के दलदल में धकेला जा रहा है, जिससे पूरे जिले के आदिवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। एकता परिषद ने मांग की है कि कनौरा कला सहित दमोह के सभी गरीब आदिवासियों के लंबित दावों का निराकरण किया जाए, त्रुटिपूर्ण दावों में सुधार हो, उन्हें भू-राजस्व पट्टे दिए जाएं और इस प्रकार की गुंडागर्दी पूर्ण बेदखली की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। इसके साथ ही, वनाधिकार कानून, भू-राजस्व कानून, विस्थापन और आजीविका के मुद्दों के स्थायी व शांतिपूर्ण समाधान के लिए जिला स्तर पर शीघ्र जिला समन्वय बैठक बुलाने की भी पुरजोर मांग की गई है।1
- Post by Raj Kumar yadav1
- पन्ना जिले के अमानगंज स्थित शासकीय महाविद्यालय में भारी अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं, जिससे छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस अव्यवस्था को लेकर सीधे तौर पर यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर बच्चों के भविष्य के साथ किए जा रहे इस खिलवाड़ और महाविद्यालय की भारी अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार कौन है?1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में बैरसिया के ग्राम लालरिया में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां दुकान से चॉकलेट लेने गई 4 साल की मासूम बच्ची को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने कुचल दिया। इस हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों बहनें दुकान पर चॉकलेट लेने गई थीं, जहां बड़ी बहन तो सड़क पार कर गई थी लेकिन छोटी बहन सड़क पर ही बैठ गई थी, जिसके बाद वह इस हादसे का शिकार हो गई। यह पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। इस दर्दनाक घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार स्कॉर्पियो चालक की तलाश में जुट गई है।1