मुआवजे की मांग पर बवाल: बुलडोजर के सामने लेटे किसानों को पुलिस ने घसीटकर उठाया। खबर बिहार की राजधानी पटना से सटे दीदारगंज थाना क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण अब किसानों के आक्रोश की भेंट चढ़ता दिख रहा है। नत्थाचक के पास उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और निर्माण कार्य रोकने के लिए बुलडोजर के सामने धरने पर बैठ गए। प्रशासन और किसानों के बीच घंटों तक खींचतान और बातचीत चली, लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाकर वैन में बैठा लिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मुखिया देव कुमार सिंह ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कमिश्नर ने उचित मुआवजे का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक केवल पर्ची दी जा रही है। आवासीय भूमि को कृषि भूमि मानकर कम कीमत दी जा रही है, जो किसानों के साथ सरासर अन्याय है। सूचना मिलते ही दंडाधिकारी सुनील कुमार और दीदारगंज थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। काफी देर तक समझाने-बुझाने का दौर चला, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहे। अंततः प्रशासन ने सख्ती अपनाते हुए धरना दे रहे किसानों को हटाकर वैन में बैठा लिया। पूर्व मुखिया देव कुमार सिंह, मनीष कुमार सिंह समेत एक दर्जन किसानों को हिरासत में लेकर फतुहा थाना ले जाया गया। इस कार्रवाई के बाद जब अधिकारियों से मुआवजे में कथित भेदभाव पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। एक ओर जहां एक्सप्रेसवे के जरिए बिहार के विकास की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर जमीन खोने वाले किसान अपने हक की लड़ाई लड़ते नजर आ रहे हैं। दीदारगंज थाना अध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि मामले में 4 नामजद और 15 अज्ञात किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मुआवजे की मांग पर बवाल: बुलडोजर के सामने लेटे किसानों को पुलिस ने घसीटकर उठाया। खबर बिहार की राजधानी पटना से सटे दीदारगंज थाना क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण अब किसानों के आक्रोश की भेंट चढ़ता दिख रहा है। नत्थाचक के पास उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और निर्माण कार्य रोकने के लिए बुलडोजर के सामने धरने पर बैठ गए। प्रशासन और किसानों के बीच घंटों तक खींचतान और बातचीत चली, लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाकर वैन में बैठा लिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मुखिया देव कुमार सिंह ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कमिश्नर ने उचित मुआवजे का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक केवल पर्ची दी जा रही है। आवासीय भूमि को कृषि भूमि मानकर कम कीमत दी जा रही है, जो किसानों के साथ सरासर अन्याय है। सूचना मिलते ही दंडाधिकारी सुनील कुमार और दीदारगंज थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। काफी देर तक समझाने-बुझाने का दौर चला, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहे। अंततः प्रशासन ने सख्ती अपनाते हुए धरना दे रहे किसानों को हटाकर वैन में बैठा लिया। पूर्व मुखिया देव कुमार सिंह, मनीष कुमार सिंह समेत एक दर्जन किसानों को हिरासत में लेकर फतुहा थाना ले जाया गया। इस कार्रवाई के बाद जब अधिकारियों से मुआवजे में कथित भेदभाव पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। एक ओर जहां एक्सप्रेसवे के जरिए बिहार के विकास की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर जमीन खोने वाले किसान अपने हक की लड़ाई लड़ते नजर आ रहे हैं। दीदारगंज थाना अध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि मामले में 4 नामजद और 15 अज्ञात किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
- खबर बिहार की राजधानी पटना से सटे दीदारगंज थाना क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण अब किसानों के आक्रोश की भेंट चढ़ता दिख रहा है। नत्थाचक के पास उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और निर्माण कार्य रोकने के लिए बुलडोजर के सामने धरने पर बैठ गए। प्रशासन और किसानों के बीच घंटों तक खींचतान और बातचीत चली, लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाकर वैन में बैठा लिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मुखिया देव कुमार सिंह ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कमिश्नर ने उचित मुआवजे का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक केवल पर्ची दी जा रही है। आवासीय भूमि को कृषि भूमि मानकर कम कीमत दी जा रही है, जो किसानों के साथ सरासर अन्याय है। सूचना मिलते ही दंडाधिकारी सुनील कुमार और दीदारगंज थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। काफी देर तक समझाने-बुझाने का दौर चला, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे और सरकार विरोधी नारेबाजी करते रहे। अंततः प्रशासन ने सख्ती अपनाते हुए धरना दे रहे किसानों को हटाकर वैन में बैठा लिया। पूर्व मुखिया देव कुमार सिंह, मनीष कुमार सिंह समेत एक दर्जन किसानों को हिरासत में लेकर फतुहा थाना ले जाया गया। इस कार्रवाई के बाद जब अधिकारियों से मुआवजे में कथित भेदभाव पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। एक ओर जहां एक्सप्रेसवे के जरिए बिहार के विकास की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर जमीन खोने वाले किसान अपने हक की लड़ाई लड़ते नजर आ रहे हैं। दीदारगंज थाना अध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि मामले में 4 नामजद और 15 अज्ञात किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।1
- पटना के नदी थाना पुलिस की बड़ी स्ट्राइक सिक्स लेन पुल के नीचे चल रहे नशे के काले खेल का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तस्करी के बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। थानाध्यक्ष सद्दाम हुसैन के नेतृत्व में अहले सुबह की गई इस छापेमारी ने यह साफ कर दिया है कि इलाके में सूखे नशे का जाल बिछाया जा रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से ट्रक और मोटरसाइकिल के साथ 5 शातिर तस्करों को दबोच लिया है। तलाशी के दौरान 10 किलो गांजा और 508 लीटर अंग्रेजी शराब की भारी खेप बरामद हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस को चकमा देने के लिए ये तस्कर हाईटेक वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर रहे थे लेकिन खाकी की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली। फिलहाल पुलिस फरार अपराधियों की तलाश में जुटी है और इस पूरे नेटवर्क की जड़ें खंगाल रही है। क्षेत्र की ऐसी ही सटीक और सबसे तेज खबरों के लिए एक्सप्लोर फतुहा को फॉलो जरूर करें।1
- फ़तुहा रेल थाना में आगामी पर्व को लेकर बैठक आयोजित की गई। यह बैठक फ़तुहा रेल थानाध्यक्ष मनोज कुमार के नेतृत्व में सम्पन्न की गई। मौके पर स्टेशन मास्टर रंजीत कुमार, RPF इंस्पेक्टर विनोद विश्वकर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।1
- पटना से सीधे फतुहा रेलवे क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां लगातार चार बड़े परब—ईद, रामनवमी, चैती दुर्गा पूजा और चैती छठ—को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी के तहत फतुहा रेल थाना परिसर में शांति समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में थाना प्रभारी, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक में स्पष्ट तौर पर कहा गया कि लगातार त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और ज्यादा कड़ी की जाएगी। रेलवे क्षेत्र, बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है—अफवाह फैलाने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट या गलत जानकारी फैलाने वालों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, सभी समुदायों से अपील की गई है कि आपसी भाईचारा बनाए रखें और इन सभी परबों को मिल-जुलकर शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं।1
- सावधान पटना: इलाज के नाम पर ‘कोख’ से खिलवाड़, अस्पताल का काला खेल बेनकाब! राजधानी पटना के कंकड़बाग इलाके से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एवर्स हॉस्पिटल पर आरोप है कि उसने आयुष्मान भारत योजना के पैसों के लालच में गरीब महिलाओं के साथ बड़ा धोखा किया। क्या है पूरा मामला? अस्पताल ने 30 से 38 साल की 6 महिलाओं को हर्निया और बवासीर के ऑपरेशन का झांसा दिया, लेकिन ऑपरेशन के दौरान धोखे से उनकी बच्चेदानी (Uterus) निकाल दी गई। चौंकाने वाले खुलासे फर्जी रिपोर्ट का खेल: अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में हेरफेर कर ऑपरेशन को जरूरी दिखाया गया, जबकि असल में महिलाएं पूरी तरह स्वस्थ थीं। जिंदा को बताया मृत: जांच के दौरान एक पीड़िता को अस्पताल ने “मृत” घोषित कर दिया, लेकिन वह खुद सामने आकर जिंदा होने का सबूत दे बैठी। क्यों है मामला गंभीर? यह सिर्फ मेडिकल लापरवाही नहीं, बल्कि योजनाबद्ध धोखाधड़ी और महिलाओं की जिंदगी से खिलवाड़ का मामला है। आयुष्मान भारत जैसी योजना का दुरुपयोग कर भरोसे को भी तोड़ा गया। अब सवाल: क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलेगा?1
- पटना में बड़ा नशा कांड! ट्रक से गांजा और 500 लीटर शराब बरामद, 5 गिरफ्तार #ApnaCityTakNews #fatuha #फतुहा #PatnaNews #patnacity Breakingnews1
- एक हर तरह का रोगो का सहज इलीज है बेकर दवा पानी का जैसे कमर पीठ धुटना बैक पेन गर्दन और बॉडी पेन भी एसे कई रोग इलीज है (उदय कुमार सिंग) इस वीडियो जादा सेयर करे1
- पटना, 19 मार्च (संवाददाता): राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां नदी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थ और अवैध शराब की भारी खेप बरामद की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 5:45 बजे गुप्त सूचना के आधार पर नदी थाना पुलिस की टीम ने सिक्स लेन पुल के नीचे छापेमारी की। इस दौरान एक ट्रक से संदिग्ध सामान उतारा जा रहा था। पुलिस टीम को देखते ही वहां मौजूद कुछ लोग भागने लगे, जिन्हें खदेड़कर पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान ट्रक से करीब 10 किलो 250 ग्राम गांजा तथा 508 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इसके अलावा एक ट्रक, एक मोटरसाइकिल, तीन वॉकी-टॉकी और कई मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में ट्रक चालक सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सारण जिले के गरखा थाना अंतर्गत खोरिपाकर गांव निवासी स्व. श्याम नारायण के 28 वर्षीय पुत्र राजू कुमार के रूप में हुई है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में 54 वर्षीय कृष्ण राय, 18 वर्षीय सुमित कुमार, 24 वर्षीय आकाश कुमार तथा 20 वर्षीय विकास कुमार शामिल हैं, जो रिकावगंज कटरा बाजार के निवासी बताए जा रहे हैं। छापेमारी टीम में थाना अध्यक्ष सद्दाम हुसैन के अलावा संतोष कुमार, सुभाष कुमार, राजेश कुमार, विक्रम कुमार, सूरज कुमार, ललन प्रसाद एवं गणेश प्रसाद शामिल थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।1