भीटा सुजावनदेव मंदिर का पौराणिक इतिहास भक्तों में आस्था का संगम सुजावन देव मंदिर का इतिहास - प्रयागराज यमुना नदी के बीच चट्टान पर बना सुजावन देव मंदिर प्रयागराज का एक प्राचीन और चमत्कारी शिव मंदिर है। ये घूरपुर थाना क्षेत्र, देवरिया गांव के पास स्थित है पौराणिक कथा सबसे प्रचलित मान्यता ये है कि भैया दूज/यम द्वितीया के दिन यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने यहीं आए थे। यमुना के आतिथ्य से प्रसन्न होकर यमराज ने वरदान दिया कि जो भी भाई दूज के दिन यमुना में स्नान कर बहन से तिलक लगवाएगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं होगा और मोक्ष मिलेगा इसीलिए हर साल कार्तिक माह में यम द्वितीया पर यहां विशाल मेला लगता है। इसे प्रयागराज का माघ मेले के बाद सबसे बड़ा मेला माना जाता है। दूसरी कथा के अनुसार भगवान राम ने 14 साल के वनवास में चित्रकूट जाते समय यहां शिवलिंग स्थापित किया था। लेकिन यम-यमुना वाली कथा ज्यादा मान्य है। ऐतिहासिक तथ्य कुषाण कालीन मंदिर ये मंदिर कुषाण काल में बना अति प्राचीन मंदिर माना जाता है। चट्टानें यमुना की 120-150 फीट ऊंचाई पर हैं और आज तक बाढ़ से इसे कोई नुकसान नहीं हुआ। 1645 में विध्वंस शाहजहां के समय प्रयागराज के सूबेदार शाइस्ता खां ने 1645 में पुराने मंदिर को तुड़वा दिया था। हिंदू राजाओं ने वहां फिर से मंदिर बनवाया और शिव मूर्ति स्थापित की।मंदिर की खास बातें स्थान पहले ये नदी के बीच में था, लेकिन समय के साथ नदी की धारा बदलने और खनन से मंदिर टापू बन गया। अब जल स्तर कम होने से ये तट से जुड़ गया है, लेकिन बाढ़ में नाव से ही जाना पड़ता है।वास्तु मंदिर जमीन से करीब 60 से 150 फीट ऊंची चट्टान पर बना है।संरक्षण ये भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। फिल्म शूटिंग इसकी भव्यता के कारण यहां ओमकारा रक्तांचल जैसी फिल्मों और वेबसीरीज की शूटिंग हुई है। कैसे पहुंचे प्रयागराज जंक्शन से 25 किमी और संगम से 27 किमी दूर है। रूट: सिविल लाइन्स नैनी घूरपुर देवरिया गांव। सुजावन देव मंदिर आस्था, इतिहास और प्रकृति तीनों का संगम है। यम-यमुना के प्रेम और भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक ये धाम आज भी लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
भीटा सुजावनदेव मंदिर का पौराणिक इतिहास भक्तों में आस्था का संगम सुजावन देव मंदिर का इतिहास - प्रयागराज यमुना नदी के बीच चट्टान पर बना सुजावन देव मंदिर प्रयागराज का एक प्राचीन और चमत्कारी शिव मंदिर है। ये घूरपुर थाना क्षेत्र, देवरिया गांव के पास स्थित है पौराणिक कथा सबसे प्रचलित मान्यता ये है कि भैया दूज/यम द्वितीया के दिन यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने यहीं आए थे। यमुना के आतिथ्य से प्रसन्न होकर यमराज ने वरदान दिया कि जो भी भाई दूज के दिन यमुना में स्नान कर बहन से तिलक लगवाएगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं होगा और मोक्ष मिलेगा इसीलिए हर साल कार्तिक माह में यम द्वितीया पर यहां विशाल मेला लगता है। इसे प्रयागराज का माघ मेले के बाद सबसे बड़ा मेला माना जाता है। दूसरी कथा के अनुसार भगवान राम ने 14 साल के वनवास में चित्रकूट जाते समय यहां शिवलिंग स्थापित किया था। लेकिन यम-यमुना वाली कथा ज्यादा मान्य है। ऐतिहासिक तथ्य कुषाण कालीन मंदिर ये मंदिर कुषाण काल में बना अति प्राचीन मंदिर माना जाता है। चट्टानें यमुना की 120-150 फीट ऊंचाई पर हैं और आज तक बाढ़ से इसे कोई नुकसान नहीं हुआ। 1645 में विध्वंस शाहजहां के समय प्रयागराज के सूबेदार शाइस्ता खां ने 1645 में पुराने मंदिर को तुड़वा दिया था। हिंदू राजाओं ने वहां फिर से मंदिर बनवाया और शिव मूर्ति स्थापित की।मंदिर की खास बातें स्थान पहले ये नदी के बीच में था, लेकिन समय के साथ नदी की धारा बदलने और खनन से मंदिर टापू बन गया। अब जल स्तर कम होने से ये तट से जुड़ गया है, लेकिन बाढ़ में नाव से ही जाना पड़ता है।वास्तु मंदिर जमीन से करीब 60 से 150 फीट ऊंची चट्टान पर बना है।संरक्षण ये भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। फिल्म शूटिंग इसकी भव्यता के कारण यहां ओमकारा रक्तांचल जैसी फिल्मों और वेबसीरीज की शूटिंग हुई है। कैसे पहुंचे प्रयागराज जंक्शन से 25 किमी और संगम से 27 किमी दूर है। रूट: सिविल लाइन्स नैनी घूरपुर देवरिया गांव। सुजावन देव मंदिर आस्था, इतिहास और प्रकृति तीनों का संगम है। यम-यमुना के प्रेम और भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक ये धाम आज भी लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
- घूरपुर में जलनिकासी ठप, मुख्य मार्ग पर जलभराव से हाहाकार; बीमारी का खतरा मंडराया। घूरपुर में जलनिकासी ठप, मुख्य मार्ग पर जलभराव से हाहाकार; बीमारी का खतरा मंडराया घूरपुर। बारिश के बीच घूरपुर गांव में जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह बदहाल होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव का गंदा पानी जिस नाली के जरिए नाले तक पहुंचता था, वह बीच में पूरी तरह बंद पड़ी है। जलनिकासी बाधित होने से गंदा पानी आसपास जमा हो गया है और मुख्य मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मुख्य मार्ग पर पानी जमा होने के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी पानी से होकर आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। जलभराव और गंदगी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाली की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए कई बार ग्राम पंचायत की सेक्रेटरी सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई। ब्लॉक स्तर पर भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक नाली की सफाई नहीं कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। नाली में लंबे समय से गंदा पानी जमा रहने के कारण दुर्गंध के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। इससे मच्छरजनित और संक्रमण संबंधी बीमारियों का खतरा ग्रामीणों को सताने लगा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही जलनिकासी की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर बंद नाली की सफाई कराने, जलभराव समाप्त कराने तथा स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या जनस्वास्थ्य और आवागमन दोनों के लिए गंभीर रूप ले सकती है।4
- घूरपुर में जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त, मुख्य मार्ग पर जलभराव से बढ़ी परेशानी; बीमारी का खतरा प्रयागराज। लगातार हो रही बारिश के बीच घूरपुर गांव में जलनिकासी व्यवस्था बदहाल होने से ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गांव का गंदा पानी जिस नाली के माध्यम से नाले तक पहुंचता था, वह लंबे समय से बंद पड़ी है। नाली की सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी आसपास के इलाकों में जमा हो गया है, वहीं गांव के मुख्य मार्ग पर भी भारी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मुख्य मार्ग पर पानी भरने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों को मजबूरी में गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलभराव के कारण सड़क की स्थिति भी खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बंद पड़ी नाली की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए कई बार ग्राम पंचायत की सेक्रेटरी समेत संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई। ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक नाली की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था बहाल नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि नाली में लंबे समय से गंदा पानी जमा होने के कारण आसपास दुर्गंध फैल रही है। जलभराव के चलते मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे मच्छरजनित और संक्रमण संबंधी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों में इसको लेकर काफी नाराजगी है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। यदि समय रहते नाली की सफाई नहीं कराई गई तो पानी घरों और आसपास के अन्य हिस्सों में भी पहुंच सकता है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ने के साथ ही जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर बंद नाली की सफाई कराने, मुख्य मार्ग से जलभराव हटाने तथा भविष्य में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। अब देखना यह है कि ग्रामीणों की बार-बार की जा रही शिकायतों के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब मौके पर पहुंचकर जलनिकासी की समस्या का समाधान कराते हैं।1
- घूरपुर में जलनिकासी ठप, मुख्य मार्ग पर जलभराव से हाहाकार; बीमारी का खतरा मंडराया *घूरपुर में जलनिकासी ठप, मुख्य मार्ग पर जलभराव से हाहाकार; बीमारी का खतरा मंडराया* घूरपुर। बारिश के बीच घूरपुर गांव में जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह बदहाल होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव का गंदा पानी जिस नाली के जरिए नाले तक पहुंचता था, वह बीच में पूरी तरह बंद पड़ी है। जलनिकासी बाधित होने से गंदा पानी आसपास जमा हो गया है और मुख्य मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मुख्य मार्ग पर पानी जमा होने के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी पानी से होकर आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। जलभराव और गंदगी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाली की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए कई बार ग्राम पंचायत की सेक्रेटरी सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई। ब्लॉक स्तर पर भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक नाली की सफाई नहीं कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। नाली में लंबे समय से गंदा पानी जमा रहने के कारण दुर्गंध के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। इससे मच्छरजनित और संक्रमण संबंधी बीमारियों का खतरा ग्रामीणों को सताने लगा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही जलनिकासी की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर बंद नाली की सफाई कराने, जलभराव समाप्त कराने तथा स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या जनस्वास्थ्य और आवागमन दोनों के लिए गंभीर रूप ले सकती है।4
- हॉकी विश्व कप में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से रौंदा, विश्व कप के अगले दौर में पहुंचा। नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन में खेले गए एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के पूल डी मुकाबले में भारत ने रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 5-3 से हरा दिया। भारत की ओर से हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने दो-दो गोल किए, जबकि हार्दिक सिंह ने एक गोल दागा। पाकिस्तान के लिए हन्नान शाहिद ने दो और सुफ्यान खान ने एक गोल किया। इस जीत के साथ भारत ने अगले दौर में जगह पक्की कर ली, जबकि पाकिस्तान का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया। पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम भी बना । हॉकी विश्व कप में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से रौंदा, विश्व कप के अगले दौर में पहुंचा। नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन में खेले गए एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 के पूल डी मुकाबले में भारत ने रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को 5-3 से हरा दिया। भारत की ओर से हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक ने दो-दो गोल किए, जबकि हार्दिक सिंह ने एक गोल दागा। पाकिस्तान के लिए हन्नान शाहिद ने दो और सुफ्यान खान ने एक गोल किया। इस जीत के साथ भारत ने अगले दौर में जगह पक्की कर ली, जबकि पाकिस्तान का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया। पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम भी बना ।1
- मेजा में तेज रफ्तार बाइक ने साइकिल सवार वृद्धा को मारी टक्कर, हालत गंभीर मेजा में तेज रफ्तार बाइक ने साइकिल सवार वृद्धा को मारी टक्कर, हालत गंभीर मेजा, प्रयागराज मेजा थाना क्षेत्र के जेवनियां चौकी अंतर्गत बारा-दशरथपुर मार्ग पर बुद्धवार ना शायं लगभग 5:00 दर्दनाक हादसा हो गया। तेज गति से आ रहे बाइक ने साइकिल से जा रहे एक वृद्धा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वृद्धा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार घटनाशायं करीब 5 बजे की है। बारा दशरथपुर रोड पर सच्चन निषाद निवासी बारा दशरथपुर अपनी साइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक सवार नियंत्रण खो बैठा और सीधे साइकिल में जा घुसा। टक्कर लगते ही सच्चन निषाद सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर व हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ हालत में उन्हें देखकर राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर में आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल वृद्धा को सड़क के किनारे लिटाया। जानकारी के अनुसार बाइक चला रहा युवक क्षेत्र का निवासी नहीं था। वह रिश्तेदारी में मेजा आया हुआ था और किसी काम से बारा की तरफ जा रहा था। हादसे के बाद बाइक सवार भी घबरा गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पूछताछ की। राहगीरों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस और जेवनियां चौकी पुलिस को सूचना दी। करीब 15 मिनट में पुलिस और ग्रामीणों की मदद से घायल सच्चन निषाद को सीएचसी रामनगर भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर करने की तैयारी की है। सीएचसी रामनगर के इमरजेंसी में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बताया कि वृद्धा के सिर में गहरी चोट है और शरीर पर कई जगह खरोंचें आई हैं। एक्स-रे और अन्य जांच के बाद आगे का इलाज किया जाएगा। जेवनियां चौकी इंचार्ज ने बताया कि बाइक को कब्जे में ले लिया गया है और बाइक सवार से पूछताछ की जा रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता कर रही है कि बाइक सवार नशे में तो नहीं था। घायल वृद्धा के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।1
- मेरठ में एक पत्नी ने पति को दूसरी महिला के साथ देखकर महिला की कुटाई कर दी,लिटा लिटाकर पीटा मेरठ में एक पत्नी ने पति को दूसरी महिला के साथ देखकर महिला की कुटाई कर दी,लिटा लिटाकर पीटा उधर मौका पाकर पति रफूचक्कर हो गया किसी तरह बमुश्किल राहगीरों ने दोनों को अलग किया1
- संचारी रोग नियंत्रण भारीजल जमाव से हो रहे रोग से मुक्ति कैसे मिलेंगी मांडा थाना अंतर्गत गांव हंडिया में बरसात का पानी जमाव से वहां के दलित बस्ती में रहने वाले लोगों संचारी रोग का खतरा बढ़ जाता है और वहां के अधिकारी मूक दर्शक बने हुए हैं कृपया प्रकरण का हर संभव मदद करवाया जाय1
- प्रयागराज के जलभराव पर आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला गुरुजी ने जताई चिंता,त्वरित कार्यवाही का किया आवाहन परम पूज्य संत, राष्ट्रचिंतक, प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं प्रखर वक्ता आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला गुरुजी ने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रयागराज में जलभराव की गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई का आह्वान किया। गुरुदेव ने कहा कि जिस पावन प्रयागराज में करोड़ों श्रद्धालु मां गंगा, यमुना एवं संगम की आस्था से आते हैं, उस ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी में जलभराव जैसी समस्या अत्यंत चिंताजनक है। आखिर इसके लिए प्रशासन अथवा नगर निगम में जिम्मेदारी किसकी है, यह तय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी कार्य में चूक हुई है तो उच्चस्तरीय समिति गठित कर जांच कराई जाए और जिम्मेदारी तय की जाए। आज तकनीक और आधुनिक प्रबंधन का युग है, ऐसे में प्रयागराज को जलभराव जैसी समस्या से मुक्त करना आवश्यक है। गुरुदेव ने जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था, आधुनिक तकनीक के उपयोग और दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाकर तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज केवल एक शहर नहीं, बल्कि सनातन आस्था और भारतीय संस्कृति की प1