प्रयागराज के जलभराव पर आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला गुरुजी ने जताई चिंता,त्वरित कार्यवाही का किया आवाहन परम पूज्य संत, राष्ट्रचिंतक, प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं प्रखर वक्ता आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला गुरुजी ने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रयागराज में जलभराव की गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई का आह्वान किया। गुरुदेव ने कहा कि जिस पावन प्रयागराज में करोड़ों श्रद्धालु मां गंगा, यमुना एवं संगम की आस्था से आते हैं, उस ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी में जलभराव जैसी समस्या अत्यंत चिंताजनक है। आखिर इसके लिए प्रशासन अथवा नगर निगम में जिम्मेदारी किसकी है, यह तय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी कार्य में चूक हुई है तो उच्चस्तरीय समिति गठित कर जांच कराई जाए और जिम्मेदारी तय की जाए। आज तकनीक और आधुनिक प्रबंधन का युग है, ऐसे में प्रयागराज को जलभराव जैसी समस्या से मुक्त करना आवश्यक है। गुरुदेव ने जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था, आधुनिक तकनीक के उपयोग और दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाकर तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज केवल एक शहर नहीं, बल्कि सनातन आस्था और भारतीय संस्कृति की प
प्रयागराज के जलभराव पर आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला गुरुजी ने जताई चिंता,त्वरित कार्यवाही का किया आवाहन परम पूज्य संत, राष्ट्रचिंतक, प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं प्रखर वक्ता आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला गुरुजी ने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रयागराज में जलभराव की गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई का आह्वान किया। गुरुदेव ने कहा कि जिस पावन प्रयागराज में करोड़ों श्रद्धालु मां गंगा, यमुना एवं संगम की आस्था से आते हैं, उस ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी में जलभराव जैसी समस्या अत्यंत चिंताजनक है। आखिर इसके लिए प्रशासन अथवा नगर निगम में जिम्मेदारी किसकी है, यह तय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी कार्य में चूक हुई है तो उच्चस्तरीय समिति गठित कर जांच कराई जाए और जिम्मेदारी तय की जाए। आज तकनीक और आधुनिक प्रबंधन का युग है, ऐसे में प्रयागराज को जलभराव जैसी समस्या से मुक्त करना आवश्यक है। गुरुदेव ने जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था, आधुनिक तकनीक के उपयोग और दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाकर तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज केवल एक शहर नहीं, बल्कि सनातन आस्था और भारतीय संस्कृति की प
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के 100 दिन पूरे दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज1
- नदी का पानी घुसने से लेडियारी खोंचा पावर हाउस जलमग्न, तीन विद्युतकर्मी फंसे थे यमुनापार,प्रयागराज। लगातार हो रही बारिश के कारण लेडियारी (खोंचा) स्थित विद्युत पावर हाउस में नदी का पानी घुस जाने से स्थिति गंभीर हो गई। नदी के किनारे स्थित पावर हाउस में जलस्तर बढ़ने के कारण मशीनें और ट्रांसफार्मर पानी में डूब गए। पानी भरने से विद्युत व्यवस्था को भी प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के चलते नदी उफान पर आ गई और उसका पानी पावर हाउस परिसर में पहुंच गया। देखते ही देखते पावर हाउस पूरी तरह जलमग्न हो गया। इस दौरान पावर हाउस के विद्युत कक्ष में तीन कर्मचारी फंस गए और करीब दो दिनों तक वहां रहने को मजबूर रहे। मामले की जानकारी मिलने के बाद खीरी थाना क्षेत्र के लेडियारी चौकी/क्षेत्र में तैनात एसआई जेपी सिंह पुलिस एवं रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पावर हाउस में फंसे तीनों विद्युत कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। पावर हाउस में पानी भरने से मशीनों और ट्रांसफार्मरों के डूबने की स्थिति ने विद्युत विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के किनारे स्थित पावर हाउस में बरसात के दौरान हर वर्ष जलभराव का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद स्थायी जल निकासी एवं सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्युत पावर हाउस को बाढ़ और जलभराव से बचाने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में कर्मचारियों की जान जोखिम में न पड़े और विद्युत उपकरणों को भी नुकसान से बचाया जा सके। फिलहाल पुलिस और रेस्क्यू टीम की तत्परता से पावर हाउस में फंसे तीनों कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए क्षेत्र में सतर्कता बरतने की आवश्यकता बनी हुई है। नदी का पानी घुसने से लेडियारी खोंचा पावर हाउस जलमग्न, तीन विद्युतकर्मी फंसे थे यमुनापार,प्रयागराज। लगातार हो रही बारिश के कारण लेडियारी (खोंचा) स्थित विद्युत पावर हाउस में नदी का पानी घुस जाने से स्थिति गंभीर हो गई। नदी के किनारे स्थित पावर हाउस में जलस्तर बढ़ने के कारण मशीनें और ट्रांसफार्मर पानी में डूब गए। पानी भरने से विद्युत व्यवस्था को भी प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के चलते नदी उफान पर आ गई और उसका पानी पावर हाउस परिसर में पहुंच गया। देखते ही देखते पावर हाउस पूरी तरह जलमग्न हो गया। इस दौरान पावर हाउस के विद्युत कक्ष में तीन कर्मचारी फंस गए और करीब दो दिनों तक वहां रहने को मजबूर रहे। मामले की जानकारी मिलने के बाद खीरी थाना क्षेत्र के लेडियारी चौकी/क्षेत्र में तैनात एसआई जेपी सिंह पुलिस एवं रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पावर हाउस में फंसे तीनों विद्युत कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। पावर हाउस में पानी भरने से मशीनों और ट्रांसफार्मरों के डूबने की स्थिति ने विद्युत विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के किनारे स्थित पावर हाउस में बरसात के दौरान हर वर्ष जलभराव का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद स्थायी जल निकासी एवं सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्युत पावर हाउस को बाढ़ और जलभराव से बचाने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में कर्मचारियों की जान जोखिम में न पड़े और विद्युत उपकरणों को भी नुकसान से बचाया जा सके। फिलहाल पुलिस और रेस्क्यू टीम की तत्परता से पावर हाउस में फंसे तीनों कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए क्षेत्र में सतर्कता बरतने की आवश्यकता बनी हुई है।1
- मेजा क्षेत्र स्थित श्री सिद्ध पीठ औंतामहावीर हनुमान मंदिर मेजा प्रयागराज उत्तर प्रदेश श्रावण मास के तीसरे मंगलवार कि हार्दिक शुभकामनाएं,18/08/2026 षष्ठी तिथि, श्रावण मासे, शुक्ल पक्ष, मंगलवार दोपहर भव्य श्रृंगार दिव्य दर्शन कीजिए। हनुमान जी महाराज आप सभी भक्त जनों की मनोकामना पूर्ण करें* जय श्री राम श्री सिद्ध पीठ औंता महावीर हनुमान जी महाराज की जय हो श्री सिद्ध पीठ औंतामहावीर हनुमान मंदिर मेजा प्रयागराज उत्तर प्रदेश श्रावण मास के तीसरे मंगलवार कि हार्दिक शुभकामनाएं,18/08/2026 षष्ठी तिथि, श्रावण मासे, शुक्ल पक्ष, मंगलवार दोपहर भव्य श्रृंगार दिव्य दर्शन कीजिए। हनुमान जी महाराज आप सभी भक्त जनों की मनोकामना पूर्ण करें* जय श्री राम श्री सिद्ध पीठ औंता महावीर हनुमान जी महाराज की जय हो1
- घूरपुर में जलनिकासी ठप, मुख्य मार्ग पर जलभराव से हाहाकार; बीमारी का खतरा मंडराया *घूरपुर में जलनिकासी ठप, मुख्य मार्ग पर जलभराव से हाहाकार; बीमारी का खतरा मंडराया* घूरपुर। बारिश के बीच घूरपुर गांव में जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह बदहाल होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव का गंदा पानी जिस नाली के जरिए नाले तक पहुंचता था, वह बीच में पूरी तरह बंद पड़ी है। जलनिकासी बाधित होने से गंदा पानी आसपास जमा हो गया है और मुख्य मार्ग पर भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मुख्य मार्ग पर पानी जमा होने के कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी पानी से होकर आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। जलभराव और गंदगी को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाली की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए कई बार ग्राम पंचायत की सेक्रेटरी सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई। ब्लॉक स्तर पर भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक नाली की सफाई नहीं कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। नाली में लंबे समय से गंदा पानी जमा रहने के कारण दुर्गंध के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। इससे मच्छरजनित और संक्रमण संबंधी बीमारियों का खतरा ग्रामीणों को सताने लगा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही जलनिकासी की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर बंद नाली की सफाई कराने, जलभराव समाप्त कराने तथा स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या जनस्वास्थ्य और आवागमन दोनों के लिए गंभीर रूप ले सकती है।4
- सूर व्यक्ति ने बया कि पीड़ा कोहट दलित बस्ती के लोग बेहाल कमर तक पानी से लोग परेशान प्रयागराज, ग्राम कोहट: बाढ की स्थिति दिखा रहा है। लगातार बारिश के बाद पूरे गांव में पानी भर गया है।वीडियो में दिखी मुख्य समस्याएं घर और रास्ते जलमग्न कच्चे मकानों की छतें टूटी हैं और दीवारें गिरने की कगार पर हैंगांव के रास्तों में कमर तक पानी भरा है। लोग उसी पानी में चलने को मजबूर हैं खाना बनाने के लिए चूल्हा तक नहीं जल पा रहा। कई घरों में कल रात से खाना नहीं बना मूलभूत सुविधाएं ठप वीडियो में एक व्यक्ति कह रहा है हम बिना आँख के आदमी हैं, लैट्रिन कहाँ जाए। शौचालय आधे टूट गए हैं गाड़ी, एम्बुलेंस कुछ भी गांव तक नहीं पहुंच पा रही क्योंकि रास्ता ही नहीं है बच्चों और बुजुर्गों को आने जाने में सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है लोगों का गुस्सा और मांगग्रामीण प्रधान से नाराज हैं। आरोप है कि प्रधान कह रहे हैं पानी हम पी लें क्या लोग कह रहे हैं अगर सुनवाई नहीं हुई तो हम लखनऊ पैदल जाएंगे मांग है कि पानी का निकास कराया जाए, राहत सामग्री दी जाए और दलित बस्ती की सुध ली जाए ग्रामीणों का सहयोग जिसके घर में पानी भरा है, 25-50 लोग मिलकर उसका सामान और बच्चों को सुरक्षित जगह ले जा रहे हैं महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग सभी छाता लेकर कीचड़ और गंदे पानी में चल रहे हैंस्थिति गंभीरपूरी दलित बस्ती पानी में डूबी है। घर बैठ रहे हैं, बीमारी फैलने का डर है। प्रशासन से तुरंत राहत और पानी निकासी की मांग की जा रही है।प्रशासन से अपील: जल्द से जल्द रेस्क्यू टीम और राहत सामग्री भेजी जाए1
- जब प्रयागराज शहर का यह हाल, तो गांवों का क्या हो करोड़ों रुपए कहां गए प्रयागराज को स्मार्ट सिटी का ढोल पीटने वाले शासन को यह सोचना होगा कि जब सूबे के प्रमुख शहर और 'स्मार्ट सिटी' का यह हाल है, तो उन दूर-दराज के गांवों का क्या हाल होगा जहाँ बुनियादी ढांचा नाममात्र का है? वहाँ की आबादी तो पूरी तरह रामभरोसे छोड़ दी गई है। यह जलभराव केवल मौसम का मिजाज नहीं, बल्कि 'स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट' और 'महाकुंभ बजट' के निष्पादन पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। जब तक जलकल विभाग, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की सीधी जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक संगम नगरी इसी तरह हर बारिश में बदहाली के आंसू रोती रहेगी2
- प्रयागराज के चुंगी से सोहबतिया में भीषण जाम, धूप में घंटो से लोग परेशान प्रयागराज के चुंगी से सोहबतिया में भीषण जाम, धूप में घंटो से लोग परेशान1
- निषाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पहाड़ी महादेव पर भंडारे में सहयोग किया और क्या कहें जरा सुनिए !! श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव !! पर भक्तों की *आमंत्रण* *श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव धर्मोत्थान न्यास (चैरिटेबल ट्रस्ट)* *स्थान - भटौती, मेजा, प्रयागराज* नव दिवसीय अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ एवं सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा विगत 13 वर्षों की भांति इस वर्ष भी आयोजन किया गया है *कार्यक्रम-* श्रावण शुक्ल पक्ष 19 अगस्त 2026 तिथि सप्तमी दिन बुधवार को मण्डप प्रवेश एवं पूजन श्रावण शुक्ल पक्ष 20 अगस्त 2026 तिथि अष्टमी दिन गुरुवार को कथा प्रारम्भ दिनांक 26 अगस्त 2026 तिथि त्रयोदशी दिन बुधवार को कथा विश्राम दिनांक 27 अगस्त 2026 तिथि चतुर्दशी दिन गुरुवार को पूर्णाहुति एवं विशाल भण्डारा || मुख्य आयोजक || श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव || कथा-समय || सुबह 8.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक || कथा वाचक || श्री 108 श्री महंथ बृज बिहारी दास जी महाराज, मो-7905705189 हर हर महादेव 🙏 निषाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पहाड़ी महादेव पर भंडारे में सहयोग किया और क्या कहें जरा सुनिए !! श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव !! पर भक्तों की *आमंत्रण* *श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव धर्मोत्थान न्यास (चैरिटेबल ट्रस्ट)* *स्थान - भटौती, मेजा, प्रयागराज* नव दिवसीय अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ एवं सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा विगत 13 वर्षों की भांति इस वर्ष भी आयोजन किया गया है *कार्यक्रम-* श्रावण शुक्ल पक्ष 19 अगस्त 2026 तिथि सप्तमी दिन बुधवार को मण्डप प्रवेश एवं पूजन श्रावण शुक्ल पक्ष 20 अगस्त 2026 तिथि अष्टमी दिन गुरुवार को कथा प्रारम्भ दिनांक 26 अगस्त 2026 तिथि त्रयोदशी दिन बुधवार को कथा विश्राम दिनांक 27 अगस्त 2026 तिथि चतुर्दशी दिन गुरुवार को पूर्णाहुति एवं विशाल भण्डारा || मुख्य आयोजक || श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव || कथा-समय || सुबह 8.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक || कथा वाचक || श्री 108 श्री महंथ बृज बिहारी दास जी महाराज, मो-7905705189 हर हर महादेव 🙏1
- *स्मार्ट सिटी का सच या भ्रष्टाचार का जलजमाव? प्रयागराज में डुबकी लगाता विकास और खोखले दावों की 'संगम नगरी संगम नगरी प्रयागराज में इस बार जो संगम देखने को मिल रहा है, वह गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही, प्रशासनिक नाकामी और करदाताओं के अरबों रुपये के 'जलसमाधि' लेने का संगम है। महाकुंभ के नाम पर हर साल बजट की गंगा बहाने वाले नीति-नियंताओं के दावों की हवा महज़ कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश ने निकाल दी है। कागजों में जो शहर 'स्मार्ट' बनकर जगमगा रहा था, धरातल पर वह तालाब बनकर डूब रहा है। *स्मार्ट सिटी का तमगा और ज़मीनी दलदल* विआईपी और पॉश इलाके जलमग्न: सिविल लाइंस हो या टैगोर टाउन, पॉश इलाकों से लेकर आम बस्तियों तक सड़कें और घर पानी में डूब चुके हैं। *थाने और शिक्षा संस्थान बेबस:* जब सुरक्षा देने वाले पुलिस थानों के भीतर पानी घुस जाए और भविष्य गढ़ने वाले स्कूलों-डिग्री कॉलेजों के प्रांगण झीलों में तब्दील हो जाएं, तो यह व्यवस्था की लाचारी को साफ बयां करता है। कच्चे मकानों पर आफत, पक्के में सीलन: गरीबों के कच्चे मकान ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं, वहीं मध्यमवर्ग के पक्के मकान सीलन और जलभराव की दोहरी मार झेल रहे हैं।1