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जब प्रयागराज शहर का यह हाल, तो गांवों का क्या हो करोड़ों रुपए कहां गए प्रयागराज को स्मार्ट सिटी का ढोल पीटने वाले शासन को यह सोचना होगा कि जब सूबे के प्रमुख शहर और 'स्मार्ट सिटी' का यह हाल है, तो उन दूर-दराज के गांवों का क्या हाल होगा जहाँ बुनियादी ढांचा नाममात्र का है? वहाँ की आबादी तो पूरी तरह रामभरोसे छोड़ दी गई है। यह जलभराव केवल मौसम का मिजाज नहीं, बल्कि 'स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट' और 'महाकुंभ बजट' के निष्पादन पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। जब तक जलकल विभाग, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की सीधी जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक संगम नगरी इसी तरह हर बारिश में बदहाली के आंसू रोती रहेगी
राम सिंह कबीर
जब प्रयागराज शहर का यह हाल, तो गांवों का क्या हो करोड़ों रुपए कहां गए प्रयागराज को स्मार्ट सिटी का ढोल पीटने वाले शासन को यह सोचना होगा कि जब सूबे के प्रमुख शहर और 'स्मार्ट सिटी' का यह हाल है, तो उन दूर-दराज के गांवों का क्या हाल होगा जहाँ बुनियादी ढांचा नाममात्र का है? वहाँ की आबादी तो पूरी तरह रामभरोसे छोड़ दी गई है। यह जलभराव केवल मौसम का मिजाज नहीं, बल्कि 'स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट' और 'महाकुंभ बजट' के निष्पादन पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। जब तक जलकल विभाग, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की सीधी जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक संगम नगरी इसी तरह हर बारिश में बदहाली के आंसू रोती रहेगी
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- बारा लोहगरा ताल बना समन्दर हजारों एकड़ फसल हुई जलमग्न किसानों के ऊपर मंडराने लगे संकट के बदले फसल हुई बर्बाद प्रयागराज, बारा तहसील: बाढ़ से हजारों एकड़ फसल जलमग्न, लोहगरा प्रयागराज की बारा तहसील के ग्राम सभा का लोहगरा ताल क्षेत्र का हाल दिख रहा है। लगातार बारिश के बाद यहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चारों तरफ पानी ही पानी जहां तक नजर जा रही है खेत, रास्ते सब पानी में डूबे हैं। हजारों एकड़ में लगी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है डूबे घर और सामान पानी के अंदर घर-मकान आ गए हैं। एक ट्यूबवेल/बोरिंग का मोटर और पाइप आधा पानी में डूबा दिख रहा है। तार और पाइप भी पानी में तैर रहे हैं लोगों की मजबूरी एक छप्पर के नीचे लकड़ी के तख्त पर बोरे रखे हैं ताकि सामान बच जाए। पास में चप्पल और बाल्टी भी पानी में पड़ी हैबस्ती भी डूबी रिपोर्टर ने बताया कि आगे लोहरा बस्ती है और वहां लगा समरसेवन भी पानी में डूब गया हैकिसानों का नुकसान यहां हजारों एकड़ जमीन पर खेती थी जो अब पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। बारिश अभी भी जारी है जिससे स्थिति और बिगड़ने का डर है। प्रशासन से मांग है कि बाढ़ प्रभावित किसानों का सर्वे कर मुआवजा और राहत सामग्री जल्द दी जाए।1
- सिरौथी दोहथ गांव में सड़क की समस्या, ग्रामीणों ने लगाई गुहारग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक राज मढ़ी कोल और प्रशासन से गांव तक सड़क निर्माण कराने की मांग की है, सतीश कुमार मौर्य पुत्र रमेश कुमार मौर्य, निवासी सिरौथी दोहथ, मांडा, प्रयागराज का कहना है कि गांव में आने-जाने के लिए अभी तक उचित सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक राज मढ़ी कोल और प्रशासन से गांव तक सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि लोगों को आवागमन की सुविधा मिल सके।2
- प्रलय कारी प्रकृति का असर चारों तरफ जल जल किसानों की सांसें अटकी मांडा ब्लाक के अन्तर्गत आने वाले कमी गांवों में पानी निकासी न होने पर पहले नष्ट होने का खतरा बढ़ गया जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है सरकार किसानों को हर संभव मदद मुहैया कराने कि कोशिश करें2
- निषाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पहाड़ी महादेव पर भंडारे में सहयोग किया और क्या कहें जरा सुनिए !! श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव !! पर भक्तों की *आमंत्रण* *श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव धर्मोत्थान न्यास (चैरिटेबल ट्रस्ट)* *स्थान - भटौती, मेजा, प्रयागराज* नव दिवसीय अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ एवं सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा विगत 13 वर्षों की भांति इस वर्ष भी आयोजन किया गया है *कार्यक्रम-* श्रावण शुक्ल पक्ष 19 अगस्त 2026 तिथि सप्तमी दिन बुधवार को मण्डप प्रवेश एवं पूजन श्रावण शुक्ल पक्ष 20 अगस्त 2026 तिथि अष्टमी दिन गुरुवार को कथा प्रारम्भ दिनांक 26 अगस्त 2026 तिथि त्रयोदशी दिन बुधवार को कथा विश्राम दिनांक 27 अगस्त 2026 तिथि चतुर्दशी दिन गुरुवार को पूर्णाहुति एवं विशाल भण्डारा || मुख्य आयोजक || श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव || कथा-समय || सुबह 8.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक || कथा वाचक || श्री 108 श्री महंथ बृज बिहारी दास जी महाराज, मो-7905705189 हर हर महादेव 🙏 निषाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पहाड़ी महादेव पर भंडारे में सहयोग किया और क्या कहें जरा सुनिए !! श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव !! पर भक्तों की *आमंत्रण* *श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव धर्मोत्थान न्यास (चैरिटेबल ट्रस्ट)* *स्थान - भटौती, मेजा, प्रयागराज* नव दिवसीय अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ एवं सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा विगत 13 वर्षों की भांति इस वर्ष भी आयोजन किया गया है *कार्यक्रम-* श्रावण शुक्ल पक्ष 19 अगस्त 2026 तिथि सप्तमी दिन बुधवार को मण्डप प्रवेश एवं पूजन श्रावण शुक्ल पक्ष 20 अगस्त 2026 तिथि अष्टमी दिन गुरुवार को कथा प्रारम्भ दिनांक 26 अगस्त 2026 तिथि त्रयोदशी दिन बुधवार को कथा विश्राम दिनांक 27 अगस्त 2026 तिथि चतुर्दशी दिन गुरुवार को पूर्णाहुति एवं विशाल भण्डारा || मुख्य आयोजक || श्री सिद्धेश्वर नाथ पहाड़ी महादेव || कथा-समय || सुबह 8.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक || कथा वाचक || श्री 108 श्री महंथ बृज बिहारी दास जी महाराज, मो-7905705189 हर हर महादेव 🙏1
- पत्नी ने पंचायत सचिव को प्रेमिका संग पकड़ा, जमकर हुआ हंगामा लखनऊ में पंचायत सचिव को पत्नी ने प्रेमिका के साथ फ्लैट में पकड़ लिया। दोनों को साथ देखकर पति-पत्नी के बीच जमकर विवाद हुआ। पत्नी ने महिला से मारपीट कर 5 थप्पड़ जड़ दिए। वहीं पति के मुंह पर 2 जूते मारे। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। घटना शनिवार 15 अगस्त की है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल फिलहाल शुरू एप वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। पत्नी ने पंचायत सचिव को प्रेमिका संग पकड़ा, जमकर हुआ हंगामा लखनऊ में पंचायत सचिव को पत्नी ने प्रेमिका के साथ फ्लैट में पकड़ लिया। दोनों को साथ देखकर पति-पत्नी के बीच जमकर विवाद हुआ। पत्नी ने महिला से मारपीट कर 5 थप्पड़ जड़ दिए। वहीं पति के मुंह पर 2 जूते मारे। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। घटना शनिवार 15 अगस्त की है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल फिलहाल शुरू एप वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- रात भर की बारिश से घुसा घरों में पानी लोग परेशान जहरीले जंतुओं का खतरा *मेजा, प्रयागराज | जलभराव से हाहाकार* प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में रात भर हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। लगातार बारिश से नालों और खेतों का पानी रिहायशी इलाकों में भर गया। सबसे बुरा हाल पकरी सेवार गांव की गोसाई बस्ती का है, जहां दर्जनों घरों में कमर तक पानी घुस गया। सोमवार रात से शुरू बारिश मंगलवार सुबह तक जारी रही। रात 12 बजे के बाद पानी तेजी से बढ़ा। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सामान, बिस्तर और राशन बचाने में जुटे रहे। अनाज, कपड़े और जरूरी कागजात भीग गए। कई घरों की बिजली भी काटनी पड़ी। ग्राम प्रधान और प्रशासन से पक्की नाली व स्थायी निकासी की मांग की गई है। किसानों की फसल भी डूब गई। मौके पर अमरनाथ यादव, गौरी शंकर गौड़, राय साहब यादव, राहुल यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।1
- *लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित 'जनता दर्शन' में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के प्रभावी निराकरण हेतु निर्देश दिए।* *लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित 'जनता दर्शन' में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के प्रभावी निराकरण हेतु निर्देश दिए।*1
- भीटा सुजावनदेव मंदिर का पौराणिक इतिहास भक्तों में आस्था का संगम सुजावन देव मंदिर का इतिहास - प्रयागराज यमुना नदी के बीच चट्टान पर बना सुजावन देव मंदिर प्रयागराज का एक प्राचीन और चमत्कारी शिव मंदिर है। ये घूरपुर थाना क्षेत्र, देवरिया गांव के पास स्थित है पौराणिक कथा सबसे प्रचलित मान्यता ये है कि भैया दूज/यम द्वितीया के दिन यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने यहीं आए थे। यमुना के आतिथ्य से प्रसन्न होकर यमराज ने वरदान दिया कि जो भी भाई दूज के दिन यमुना में स्नान कर बहन से तिलक लगवाएगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं होगा और मोक्ष मिलेगा इसीलिए हर साल कार्तिक माह में यम द्वितीया पर यहां विशाल मेला लगता है। इसे प्रयागराज का माघ मेले के बाद सबसे बड़ा मेला माना जाता है। दूसरी कथा के अनुसार भगवान राम ने 14 साल के वनवास में चित्रकूट जाते समय यहां शिवलिंग स्थापित किया था। लेकिन यम-यमुना वाली कथा ज्यादा मान्य है। ऐतिहासिक तथ्य कुषाण कालीन मंदिर ये मंदिर कुषाण काल में बना अति प्राचीन मंदिर माना जाता है। चट्टानें यमुना की 120-150 फीट ऊंचाई पर हैं और आज तक बाढ़ से इसे कोई नुकसान नहीं हुआ। 1645 में विध्वंस शाहजहां के समय प्रयागराज के सूबेदार शाइस्ता खां ने 1645 में पुराने मंदिर को तुड़वा दिया था। हिंदू राजाओं ने वहां फिर से मंदिर बनवाया और शिव मूर्ति स्थापित की।मंदिर की खास बातें स्थान पहले ये नदी के बीच में था, लेकिन समय के साथ नदी की धारा बदलने और खनन से मंदिर टापू बन गया। अब जल स्तर कम होने से ये तट से जुड़ गया है, लेकिन बाढ़ में नाव से ही जाना पड़ता है।वास्तु मंदिर जमीन से करीब 60 से 150 फीट ऊंची चट्टान पर बना है।संरक्षण ये भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। फिल्म शूटिंग इसकी भव्यता के कारण यहां ओमकारा रक्तांचल जैसी फिल्मों और वेबसीरीज की शूटिंग हुई है। कैसे पहुंचे प्रयागराज जंक्शन से 25 किमी और संगम से 27 किमी दूर है। रूट: सिविल लाइन्स नैनी घूरपुर देवरिया गांव। सुजावन देव मंदिर आस्था, इतिहास और प्रकृति तीनों का संगम है। यम-यमुना के प्रेम और भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक ये धाम आज भी लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।1
- प्रयागराज : रिवरफ्रंट रोड पर कार डूबने का मामला जल पुलिस ने हाइड्रा की मदद से निकाली रिवर फ्रंट पर बाढ़ में कार डूब गई थी फाफामऊ से संगम की ओर जा रही थी कार सवारों ने किसी तरह बचाई थी जान बक्शी बांध दारागंज क्षेत्र का पूरा मामलाgagansingh2026 #viral #video #highlight #newsPrayagraj #PrayagrajGaganSingh #hospital #CMO #rpfprj #NCRPRJ #police #UPPolice #commissionerprj प्रयागराज : रिवरफ्रंट रोड पर कार डूबने का मामला जल पुलिस ने हाइड्रा की मदद से निकाली रिवर फ्रंट पर बाढ़ में कार डूब गई थी फाफामऊ से संगम की ओर जा रही थी कार सवारों ने किसी तरह बचाई थी जान बक्शी बांध दारागंज क्षेत्र का पूरा मामलाgagansingh2026 #viral #video #highlight #newsPrayagraj #PrayagrajGaganSingh #hospital #CMO #rpfprj #NCRPRJ #police #UPPolice #commissionerprj1