logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बिहार में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर के मामले पर राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हो गई है। सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है, साथ ही स्वयं अपनी ओर से पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा भी की है, जो इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी संदर्भ में सामाजिक कार्यकर्ता वेद प्रकाश ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि जब राजगीर में पासवान समाज के दो लोगों की हत्या हुई थी, तब उन परिवारों को मात्र 25-25 हजार रुपये की सहायता देकर सांत्वना दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि दोनों घटनाओं के प्रति अपनाए गए रवैये में एक बड़ा अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वेद प्रकाश ने समाज से विचार करने का आह्वान किया है कि आखिर विभिन्न घटनाओं में पीड़ितों के प्रति संवेदनाओं और सहायता के पैमानों में इतना फर्क क्यों देखने को मिलता है। उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि राजगीर में हुई पासवान समाज के लोगों की हत्या के मामले में ब्राह्मण समाज और अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से अपेक्षित स्तर की प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि न्याय और संवेदना का आधार जाति, वर्ग या समुदाय नहीं होना चाहिए, बल्कि हर पीड़ित परिवार को समान सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए। वेद प्रकाश ने लोगों से अपील की है कि वे पूरी घटना को समझें और तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनाएँ।

1 hr ago
user_Deepak Kumar
Deepak Kumar
Camera repair shop उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

बिहार में भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर के मामले पर राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हो गई है। सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है, साथ ही स्वयं अपनी ओर से पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा भी की है, जो इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी संदर्भ में सामाजिक कार्यकर्ता वेद प्रकाश ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि जब राजगीर में पासवान समाज के दो लोगों की हत्या हुई थी, तब उन परिवारों को मात्र 25-25 हजार रुपये की सहायता देकर सांत्वना दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि दोनों घटनाओं के प्रति अपनाए गए रवैये में एक बड़ा अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वेद प्रकाश ने समाज से विचार करने का आह्वान किया है कि आखिर विभिन्न घटनाओं में पीड़ितों के प्रति संवेदनाओं और सहायता के पैमानों में इतना फर्क क्यों देखने को मिलता है। उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि राजगीर में हुई पासवान समाज के लोगों की हत्या के मामले में ब्राह्मण समाज और अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से अपेक्षित स्तर की प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि न्याय और संवेदना का आधार जाति, वर्ग या समुदाय नहीं होना चाहिए, बल्कि हर पीड़ित परिवार को समान सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए। वेद प्रकाश ने लोगों से अपील की है कि वे पूरी घटना को समझें और तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनाएँ।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उन्नाव में वर्षों से बंद पड़ा मॉडल रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य अब तेज़ी से चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि उन्नाव रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने का काम, जो लगभग कई सालों से जारी है, अब गति पकड़ चुका है। जल्द ही यह उन्नाव मॉडल रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा और लोगों के सामने एक आधुनिक रूप में खड़ा होगा। इस कार्य ने गति पकड़ ली है और यह जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।
    3
    उन्नाव में वर्षों से बंद पड़ा मॉडल रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य अब तेज़ी से चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि उन्नाव रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने का काम, जो लगभग कई सालों से जारी है, अब गति पकड़ चुका है। जल्द ही यह उन्नाव मॉडल रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा और लोगों के सामने एक आधुनिक रूप में खड़ा होगा। इस कार्य ने गति पकड़ ली है और यह जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।
    user_Idrish ब्रह्मांड की आवाजसमाचार
    Idrish ब्रह्मांड की आवाजसमाचार
    Local News Reporter उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पूर्व पार्षद अशोक दुबे से मिली जानकारी और सोशल मीडिया पर प्राप्त एक वीडियो के अनुसार, कानपुर देहात के सांसद माननीय देवेंद्र सिंह ने काकादेव स्थित अपने आवास पर पहली बार जनता दरबार की शुरुआत की है। इस जनता दरबार के माध्यम से सैकड़ों लोगों की समस्याओं का निस्तारण किया जाता था।
    1
    पूर्व पार्षद अशोक दुबे से मिली जानकारी और सोशल मीडिया पर प्राप्त एक वीडियो के अनुसार, कानपुर देहात के सांसद माननीय देवेंद्र सिंह ने काकादेव स्थित अपने आवास पर पहली बार जनता दरबार की शुरुआत की है। इस जनता दरबार के माध्यम से सैकड़ों लोगों की समस्याओं का निस्तारण किया जाता था।
    user_किशन चंद्र मिश्रा बीजेपी पूर्व
    किशन चंद्र मिश्रा बीजेपी पूर्व
    Actor कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें कानपुर के दो बच्चों समेत कई छात्रों की जान चली गई। भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे बेहद पीड़ादायक बताया है। विधायक सुरेंद्र मैथानी ने स्पष्ट किया है कि इस हादसे के लिए जो भी अधिकारी, संचालक या जिम्मेदार व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार और प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मैथानी ने प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि बच्चों की मौत आग से जलने के कारण नहीं, बल्कि जहरीली गैस और धुएं से दम घुटने की वजह से हुई है। उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस संदर्भ में, उन्होंने मांग की है कि सभी बेसमेंट, बंद हॉल, कोचिंग सेंटर, स्कूल और व्यावसायिक भवनों में आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम, स्मोक अलार्म और इमरजेंसी एग्जिट अनिवार्य किए जाएं। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचने के लिए समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाए। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है।
    1
    लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें कानपुर के दो बच्चों समेत कई छात्रों की जान चली गई। भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे बेहद पीड़ादायक बताया है।

विधायक सुरेंद्र मैथानी ने स्पष्ट किया है कि इस हादसे के लिए जो भी अधिकारी, संचालक या जिम्मेदार व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार और प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मैथानी ने प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि बच्चों की मौत आग से जलने के कारण नहीं, बल्कि जहरीली गैस और धुएं से दम घुटने की वजह से हुई है। उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस संदर्भ में, उन्होंने मांग की है कि सभी बेसमेंट, बंद हॉल, कोचिंग सेंटर, स्कूल और व्यावसायिक भवनों में आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम, स्मोक अलार्म और इमरजेंसी एग्जिट अनिवार्य किए जाएं। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचने के लिए समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाए।

फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है।
    user_Current Time News
    Current Time News
    Newspaper publisher Kanpur, Kanpur Nagar•
    23 hrs ago
  • वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के लगातार आए भूकंपों को पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप बताया जा रहा है। इन भीषण झटकों के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जो यह याद दिलाते हैं कि प्रकृति से बड़ा कोई नहीं है। इस भयावह घटना के बीच, यूएसजीएस (USGS) ने एक अपडेट जारी करते हुए 10 हजार से लेकर 1 लाख तक की मौतों की आशंका जताई है। यह त्रासदी दर्शाती है कि ऊंची-ऊंची इमारतें, आधुनिक तकनीक और विकास के तमाम दावे प्रकृति के एक झटके के सामने बौने साबित हो जाते हैं। यह इस बात पर जोर देता है कि विकास ज़रूरी है, लेकिन वह प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर होना चाहिए, न कि उसके विरुद्ध, क्योंकि जब इंसान प्रकृति का संतुलन बिगाड़ता है, तो उसका मूल्य पूरी मानवता को चुकाना पड़ता है।
    1
    वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के लगातार आए भूकंपों को पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप बताया जा रहा है। इन भीषण झटकों के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जो यह याद दिलाते हैं कि प्रकृति से बड़ा कोई नहीं है।

इस भयावह घटना के बीच, यूएसजीएस (USGS) ने एक अपडेट जारी करते हुए 10 हजार से लेकर 1 लाख तक की मौतों की आशंका जताई है। यह त्रासदी दर्शाती है कि ऊंची-ऊंची इमारतें, आधुनिक तकनीक और विकास के तमाम दावे प्रकृति के एक झटके के सामने बौने साबित हो जाते हैं। यह इस बात पर जोर देता है कि विकास ज़रूरी है, लेकिन वह प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर होना चाहिए, न कि उसके विरुद्ध, क्योंकि जब इंसान प्रकृति का संतुलन बिगाड़ता है, तो उसका मूल्य पूरी मानवता को चुकाना पड़ता है।
    user_Vipin patrkaar G.t.m
    Vipin patrkaar G.t.m
    पत्रकार Kanpur Nagar, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • उन्नाव जिले में आसीवन थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में धारदार हथियार से हमले के आरोप में जेल भेजे गए एक व्यक्ति की बुधवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई। आरोपी की इस संदिग्ध मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया और आसीवन पुलिस पर पिटाई का गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का इल्जाम लगाया है। परिजनों ने मृतक के शव को जिला अस्पताल के गेट के बाहर सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और यातायात जाम कर दिया। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।
    2
    उन्नाव जिले में आसीवन थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में धारदार हथियार से हमले के आरोप में जेल भेजे गए एक व्यक्ति की बुधवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई। आरोपी की इस संदिग्ध मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया और आसीवन पुलिस पर पिटाई का गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का इल्जाम लगाया है।

परिजनों ने मृतक के शव को जिला अस्पताल के गेट के बाहर सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और यातायात जाम कर दिया। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।
    user_Idrish ब्रह्मांड की आवाजसमाचार
    Idrish ब्रह्मांड की आवाजसमाचार
    Local News Reporter उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'अकल्पनीय संवेदनहीनता' का एक और उदाहरण सामने आया है, जो उनके ही विभाग की 'भीषण आपराधिक हरकत' के चलते लखनऊ अग्निकांड में अपने बच्चे को खो चुकी एक मां के प्रति भी दिखी है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है और न ही आखिरी बार, बल्कि यह 'असली' योगी आदित्यनाथ का स्वभाव बताया गया है। ऐसी ही एक घटना अप्रैल 2018 की है, जब कुशीनगर में एक मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर में 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस भयावह हादसे के बाद स्थानीय लोग भड़के हुए थे और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ घटनास्थल पर पहुंचे और 13 बच्चों की मौत से उपजे जन आक्रोश को देखते हुए, उन्होंने लोगों पर त्योरियां चढ़ाते हुए कहा, "ये नारेबाजी बंद करो, नौटंकी बंद करो।" यह प्रतिक्रिया कथित तौर पर 'असली' योगी आदित्यनाथ को दर्शाती है, जिन्हें 'जाहिल' बताया गया है, और 'भाषण मत दो' कहने के पीछे की यही असली वजह मानी गई है।
    1
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'अकल्पनीय संवेदनहीनता' का एक और उदाहरण सामने आया है, जो उनके ही विभाग की 'भीषण आपराधिक हरकत' के चलते लखनऊ अग्निकांड में अपने बच्चे को खो चुकी एक मां के प्रति भी दिखी है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है और न ही आखिरी बार, बल्कि यह 'असली' योगी आदित्यनाथ का स्वभाव बताया गया है।

ऐसी ही एक घटना अप्रैल 2018 की है, जब कुशीनगर में एक मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर में 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस भयावह हादसे के बाद स्थानीय लोग भड़के हुए थे और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे थे।

मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ घटनास्थल पर पहुंचे और 13 बच्चों की मौत से उपजे जन आक्रोश को देखते हुए, उन्होंने लोगों पर त्योरियां चढ़ाते हुए कहा, "ये नारेबाजी बंद करो, नौटंकी बंद करो।" यह प्रतिक्रिया कथित तौर पर 'असली' योगी आदित्यनाथ को दर्शाती है, जिन्हें 'जाहिल' बताया गया है, और 'भाषण मत दो' कहने के पीछे की यही असली वजह मानी गई है।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • वेनेजुएला की राजधानी में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है और मौतों की पुष्टि भी की है। भूकंपों के कारण राजधानी काराकास के कुछ हिस्सों में बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से गुल हो गए हैं। कई इलाकों में गैस की आपूर्ति बंद कर दी गई है, जबकि हवाई अड्डा भी बंद कर दिया गया है। उपलब्ध फुटेज में भूकंप के दौरान काराकास की मेट्रो प्रणाली में मची अफरा-तफरी साफ तौर पर दिखाई दे रही है। यह वास्तव में एक अत्यंत दुखद और गंभीर स्थिति है, और इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के लिए गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं।
    1
    वेनेजुएला की राजधानी में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है और मौतों की पुष्टि भी की है।

भूकंपों के कारण राजधानी काराकास के कुछ हिस्सों में बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से गुल हो गए हैं। कई इलाकों में गैस की आपूर्ति बंद कर दी गई है, जबकि हवाई अड्डा भी बंद कर दिया गया है। उपलब्ध फुटेज में भूकंप के दौरान काराकास की मेट्रो प्रणाली में मची अफरा-तफरी साफ तौर पर दिखाई दे रही है।

यह वास्तव में एक अत्यंत दुखद और गंभीर स्थिति है, और इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के लिए गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.