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जय बागेश्वर धाम की जय जय बागेश्वर धाम! 🙏 बाबा बागेश्वर धाम और श्री हनुमान जी की कृपा आप पर बनी रहे।
Subham Dwivedi
जय बागेश्वर धाम की जय जय बागेश्वर धाम! 🙏 बाबा बागेश्वर धाम और श्री हनुमान जी की कृपा आप पर बनी रहे।
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- नानी के यहाँ शादी समारोह में शामिल होने आई थी मासूम,सड़क किनारे खेलने के दौरान हुआ हादसा,घटना की जानकारी होते ही ग्रामीणों ने बाँदा टांडा मार्ग पर लगाया जाम,सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस,ग्रामीणों को समझाबुझाकर खुलवाया जाम,पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मामला तिंदवारी थाना के माटा गांव का।1
- *मैहर। कांग्रेस के पुतला दहन कार्यक्रम में यातायात प्रभारी विक्रम पाठक बुरी तरह झुलसे।*1
- बांदा की विशेष पॉक्सो अदालत ने आज एक ऐतिहासिक और कठोर फैसला सुनाते हुए बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वाले सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) रामभवन और उनकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल न्याय की जीत है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि मासूम बच्चों के साथ हैवानियत करने वालों को कोई बख्शीश नहीं मिलेगी। 31 अक्टूबर 2020 को चित्रकूट जिले में सिंचाई विभाग में तैनात जेई रामभवन पर 3 से 18 वर्ष के कम से कम 33 मासूम बच्चों के साथ दुष्कर्म करने, उनके अश्लील वीडियो बनाकर डार्क वेब और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड करने का मामला सामने आया था। आरोपी ने इन वीडियो को लगभग 47 देशों में बेचकर और प्रसारित करके अपराध की कमाई की थी। जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि इस क्रूर कृत्य में उसकी पत्नी दुर्गावती भी पूरी तरह शामिल थी। सीबीआई ने इस संवेदनशील मामले की जांच संभाली, इंटरपोल और विदेशी एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। सीबीआई ने 79 गवाहों (जिनमें 29 पीड़ित बच्चे शामिल) के बयान दर्ज किए, डिजिटल साक्ष्य जब्त किए और घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए। चार्जशीट दाखिल होने के बाद बांदा की विशेष पॉक्सो अदालत में लंबी सुनवाई चली। विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह अपराध "सबसे दुर्लभ में दुर्लभ" श्रेणी का है। अदालत ने दोनों पति-पत्नी को मौत की सजा सुनाई और आदेश दिया कि उन्हें "मरते दम तक फंदे पर लटकाया जाए"। साथ ही, राज्य सरकार को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक पीड़ित बच्चे को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाए। आरोपी के पास से बरामद धनराशि भी पीड़ित बच्चों में वितरित की जाए। यह फैसला पिछले 6 महीनों में इस अदालत द्वारा सुनाई गई तीसरी फांसी की सजा है, जो बच्चों के खिलाफ अपराधों पर न्यायपालिका के सख्त रवैये को दर्शाता है। सीबीआई के अधिकारी और उनके अधिवक्ता फैसले के समय मौजूद रहे। शासकीय अधिवक्ता सौरभ सिंह ने पैरवी में अहम भूमिका निभाई। यह फैसला उन 33 निर्दोष बच्चों के लिए न्याय की एक किरण है, जिनकी मासूमियत को कुचलने की कोशिश की गई थी। समाज को ऐसे राक्षसों से सतर्क रहने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि बनाने की जरूरत है।1
- Post by Mamta chaurasiya4
- बांदा देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत के ग्राम पंचायत गुरेह गांव के पास एक अनियंत्रित ट्रक ट्रेलर एक मकान के अंदर ज घुसा घर में सो रहे एक वृद्ध व्यक्ति की मौत हो गई , घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने परिजनों के साथ रोड पर जाम लगा दिया , मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को आश्वासन देकर समझा बुझाकर शांत करवाया तब जाकर परिजनों ने जाम खोला । मृतक का नाम सहादेव पुत्र चुनुबाद 53 वर्ष बताई गई है।1
- Singh1
- प्रस्तुति: #Apkiawajdigital अमेरिका से आई एक ऐसी खबर जिसने न्याय व्यवस्था और सामाजिक मर्यादाओं को हिला कर रख दिया है। आरोपी शिक्षिका लौरा कैरन इन दिनों सलाखों के पीछे हैं, लेकिन कहानी में आए एक नए मोड़ ने सबको हैरान कर दिया है। लौरा पर अपने ही 13 वर्षीय छात्र के साथ यौन शोषण का गंभीर आरोप है, जिससे वह गर्भवती भी हो गईं। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि जिस किशोर को कानून 'पीड़ित' मान रहा है, उसी ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर अपनी टीचर की रिहाई की गुहार लगाई है। क्या यह महज एक अपराध है या इसके पीछे कोई और दास्तां? कानून और जज्बात की इस जंग ने अमेरिका में नई बहस छेड़ दी है।1
- नमस्कार न्यूज़ टाइम बांदा में आपका स्वागत है खबर यूपी के जनपद बांदा से है नाबालिक बच्चों को फंसाकर उनके साथ सेक्स करने और वीडियो बनाकर बेंचने वाले आरोपी व उसकी पत्नी को पास्को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सज़ा, अक्टूबर2020 में एक व्यक्ति द्वारा इंटरपोल के जरिये आरोपी के खिलाफ पोर्न वीडियो और फोटोज के साथ सीबीआई में दर्ज कराई थी शिकायत, आरोपी रामभवन जलकल विभाग बाँदा में था जेई के पद पर तैनात, पीड़ित और आरोपी जनपद में रहने के चलते दिल्ली कोर्ट से बाँदा कोर्ट को ट्रांसफर हुआ था मामला, मामले में सीबीआई के द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई थी चार्जशीट, शिकायतकर्ता ने एक पेनड्राइव के जरिये 34बच्चों के वीडियो सहित 679फोटोज़ सीबीआई को किया था सुपुर्द, सीबीआई ने पति रामभवन के साथ उसकी पत्नी दुर्गावती को भी बनाया था आरोपी, पास्को कोर्ट के न्यायाधीश प्रदीप मिश्रा ने मामले संगीन अपराध करार देते हुए दोनो पति पत्नी को सुनाई फांसी की सज़ा, कोर्ट ने जिलाधिकारी को पत्र जारी कर केंद्र व राज्य सरकारें दोनो मिलकर पीड़ितों को 10 10लाख की धनराशि भी देने का दिया आदेश, मामला पास्को कोर्ट द्वारा फांसी की सज़ा सुनाए जाने से जुड़ा है। बांदा से सुरेश साहू की रिपोर्ट।3
- आज के दिव्य दर्शन जय बोलेनाथ 🚩🚩👏 गंज सलेहा1