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आज गोरखपुर में CM योगी आदित्यनाथ जी संबोधित कर रहे थे खेलेगा युवा जीतेगा राष्ट्र 2030 में होने वाला
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आज गोरखपुर में CM योगी आदित्यनाथ जी संबोधित कर रहे थे खेलेगा युवा जीतेगा राष्ट्र 2030 में होने वाला
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- अयोध्या जिले में थाना रुदौली अंतर्गत रुदौली के कोठी मोहल्ला स्थित महेश ज्वेलर्स की दुकान में दिन दहाड़े नकाबपोश महिला ने तमंचे की नोक पर 26 ग्राम सोना लूटा,नकाबपोश धारी दिख रही महिला द्वारा हाथ में लिया असलहा दिखाकर आभूषण व्यवसाई के काउंटर से सोने का हार लेकर हुई फरार।कुछ ही मिनटों में वारदात को अंजाम देकर भीड़भाड़ वाले बाजार से भाग निकली नकाबपोश महिला।घटना के बाद व्यापारियों में दिखी दहशत,सूचना पर पहुंची पुलिस खंगाल रही है सीसीटीवी फुटेज सोने का हार लेकर फरार होती महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर दिखा।1
- *दिनदहाड़े ज्वेलर्स पर महिला का दुस्साहसिक वार* *हनुमान किला वार्ड ( कोठी) का मामला* रुदौली (अयोध्या): नगर के हनुमान किला वार्ड (कोठी) में उस वक्त सनसनी फैल गई जब दोपहर करीब 2 बजे महेश ज्वेलर्स पर एक नकाबपोश महिला ने फिल्मी अंदाज़ में धावा बोल दिया। महिला ने बंदूक दिखाकर करीब 26 ग्राम सोने के हार और चेन लूट लिए और पलक झपकते फरार हो गई। घटना के बाद पूरे बाजार में दहशत और भय का माहौल फैल गया। दुकानदारों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। सूचना मिलते ही किला चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है।2
- अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र की पावन नगरी धर्म और आस्था में स्थित श्री हनुमानजी महाराज जीका हनुमान जयंती बड़े हर्ष उल्लास के साथ मंदिर परिसर दिव्या और भाबय रोशनी से सजाई गई फूलों सेहनुमानगढ़ी देश के कोने-कोने से आए हुए श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर अपनी आस्था के साथ श्री हनुमान जी महाराज जी की आशीर्वाद प्राप्त किया3
- रामनगरी की सुंदरता पर अवैध अतिक्रमण का दाग, ठेला और ई-रिक्शा बने मुसीबत अयोध्या प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में अवैध अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। राम जन्मभूमि क्षेत्र के अंतर्गत श्रीराम हॉस्पिटल–रेलवे स्टेशन रोड पर ठेला व ई-रिक्शा चालकों द्वारा सड़कों और फुटपाथों पर जबरन कब्जा कर लिया गया है, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों के किनारे और फुटपाथों पर ठेला लगाकर अवैध रूप से दुकानें संचालित की जा रही हैं। इससे न सिर्फ यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि आए दिन जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। श्रद्धालु, यात्री और स्थानीय नागरिकों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा जब कभी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाता है तो वह केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है। कुछ ही मिनटों के लिए अतिक्रमण हटता है और प्रशासन के जाते ही स्थिति फिर से यथावत हो जाती है। अतिक्रमण करने वाले लोग बार-बार चेतावनी के बावजूद जिद्दी रवैया अपनाए हुए हैं। नागरिकों का यह भी कहना है कि प्रशासन की लापरवाही अथवा मिलीभगत के च यलअवैध कब्जे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे रामनगरी की छवि भी धूमिल हो रही है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से मांग की है कि स्थायी और सख्त कार्रवाई करते हुए अवैध ठेला, ई-रिक्शा और दुकानों को हटाया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और रामनगरी की गरिमा बनी रहे। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।1
- Post by A news 881
- प्रेस विज्ञप्ति विषय: जनपद स्तर पर अस्पतालों एवं डॉक्टरों की प्रमाणित जानकारी हेतु एकीकृत पोर्टल बनाए जाने की मांग अयोध्या। उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जनपद स्तर पर अस्पतालों एवं डॉक्टरों की प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराने हेतु एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल बनाए जाने की मांग की है। शरद शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें अस्पतालों द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। कई मामलों में यह भी देखने को मिला है कि बिना आवश्यक योग्यता या संदिग्ध डिग्री वाले लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे आम जनता के जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि आम नागरिकों के पास यह जानने का कोई विश्वसनीय माध्यम नहीं है कि कौन सा अस्पताल मानकों के अनुरूप संचालित हो रहा है और कौन सा डॉक्टर वास्तव में योग्य एवं पंजीकृत है। इसी कारण लोग अनजाने में गलत स्थान पर उपचार करा लेते हैं और बाद में उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। अपने पत्र में शरद शुक्ला ने मांग की है कि प्रत्येक जनपद में सभी मानक-पूर्ति करने वाले अस्पतालों की एक प्रमाणित सूची तैयार कर उसे सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, सभी पंजीकृत डॉक्टरों का विस्तृत विवरण—जैसे नाम, विशेषज्ञता, पंजीकरण संख्या, शैक्षणिक योग्यता एवं संपर्क विवरण—एकीकृत रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार का पोर्टल नियमित रूप से अपडेट किया जाना चाहिए, जिससे आम जनता को सदैव सही एवं विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हो सके। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आएगी, बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी और लोगों का स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा। शरद शुक्ला ने प्रदेश सरकार से इस जनहितकारी विषय पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही करने की मांग की है।1
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- मिल्कीपुर अयोध्या हैरिग्टनगंज ब्लॉक के उरुवा वैश्य गांव में खड़ी 16 मीटर ऊंची पानी की टंकी आज विकास नहीं, बल्कि बदइंतजामी की सबसे बड़ी मिसाल बन चुकी है। करीब ₹4 करोड़ 48 लाख 75 हजार की लागत से बनी यह विशाल टंकी दूर से किसी आधुनिक सुविधा का प्रतीक लगती है, लेकिन पास जाने पर इसकी खामोशी पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर देती है। सरकारी रिकॉर्ड में 30 सितंबर 2024 को यह परियोजना पूरी दिखा दी गई। कागजों में दावा है कि 3361 लोगों को इसका लाभ मिल रहा है, 835 घरों में नल कनेक्शन दे दिए गए हैं और हजारों मीटर लंबी पाइपलाइन बिछ चुकी है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है—गांव के अधिकांश घरों में न तो नल लगे हैं, न ही पाइपलाइन का कोई नामोनिशान है। ग्रामीण बताते हैं कि टंकी बनने के बाद एक दिन भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। सुबह-शाम बाल्टी और मटके लेकर पानी के लिए भटकना आज भी उनकी मजबूरी है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने कागजों में काम पूरा दिखाकर रकम निकाल ली और गायब हो गया। जब इसकी शिकायत अधिकारियों से की जाती है तो जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल दी जाती है—कोई इसे केंद्र सरकार की योजना बताकर पल्ला झाड़ लेता है, तो कोई तकनीकी कारणों का हवाला देता है। गांव के वेद प्रकाश तिवारी, जगराम, राजेश तिवारी, झुगरी, राम सिंह, राम मूरत, उमेश और रामनाथ जैसे दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि “हमारे लिए यह टंकी सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है। पानी तो दूर, उम्मीद भी सूखती जा रही है।” ग्राम प्रधान अभयराज यादव भी मानते हैं कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। “अगर इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी लोगों को पानी न मिले, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के साथ मजाक है,” उन्होंने कहा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह टंकी यूं ही खड़ी रहेगी, या जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर सच में गांव तक पानी पहुंचेगा?3
- Pramod Kumar Goswami. .02/04/20261