₹4.48 करोड़ की टंकी बनी ‘मौन स्मारक’, बूंद-बूंद को तरसते 3 हजार से ज्यादा लोग जल जीवन मिशन की जमीनी सच्चाई: कागजों में बहता पानी, हकीकत में सूखी पाइपलाइन मिल्कीपुर अयोध्या हैरिग्टनगंज ब्लॉक के उरुवा वैश्य गांव में खड़ी 16 मीटर ऊंची पानी की टंकी आज विकास नहीं, बल्कि बदइंतजामी की सबसे बड़ी मिसाल बन चुकी है। करीब ₹4 करोड़ 48 लाख 75 हजार की लागत से बनी यह विशाल टंकी दूर से किसी आधुनिक सुविधा का प्रतीक लगती है, लेकिन पास जाने पर इसकी खामोशी पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर देती है। सरकारी रिकॉर्ड में 30 सितंबर 2024 को यह परियोजना पूरी दिखा दी गई। कागजों में दावा है कि 3361 लोगों को इसका लाभ मिल रहा है, 835 घरों में नल कनेक्शन दे दिए गए हैं और हजारों मीटर लंबी पाइपलाइन बिछ चुकी है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है—गांव के अधिकांश घरों में न तो नल लगे हैं, न ही पाइपलाइन का कोई नामोनिशान है। ग्रामीण बताते हैं कि टंकी बनने के बाद एक दिन भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। सुबह-शाम बाल्टी और मटके लेकर पानी के लिए भटकना आज भी उनकी मजबूरी है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने कागजों में काम पूरा दिखाकर रकम निकाल ली और गायब हो गया। जब इसकी शिकायत अधिकारियों से की जाती है तो जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल दी जाती है—कोई इसे केंद्र सरकार की योजना बताकर पल्ला झाड़ लेता है, तो कोई तकनीकी कारणों का हवाला देता है। गांव के वेद प्रकाश तिवारी, जगराम, राजेश तिवारी, झुगरी, राम सिंह, राम मूरत, उमेश और रामनाथ जैसे दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि “हमारे लिए यह टंकी सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है। पानी तो दूर, उम्मीद भी सूखती जा रही है।” ग्राम प्रधान अभयराज यादव भी मानते हैं कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। “अगर इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी लोगों को पानी न मिले, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के साथ मजाक है,” उन्होंने कहा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह टंकी यूं ही खड़ी रहेगी, या जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर सच में गांव तक पानी पहुंचेगा?
₹4.48 करोड़ की टंकी बनी ‘मौन स्मारक’, बूंद-बूंद को तरसते 3 हजार से ज्यादा लोग जल जीवन मिशन की जमीनी सच्चाई: कागजों में बहता पानी, हकीकत में सूखी पाइपलाइन मिल्कीपुर अयोध्या हैरिग्टनगंज ब्लॉक के उरुवा वैश्य गांव में खड़ी 16 मीटर ऊंची पानी की टंकी आज विकास नहीं, बल्कि बदइंतजामी की सबसे बड़ी मिसाल बन चुकी है। करीब ₹4 करोड़ 48 लाख 75 हजार की लागत से बनी यह विशाल टंकी दूर से किसी आधुनिक सुविधा का प्रतीक लगती है, लेकिन पास जाने पर इसकी खामोशी पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर देती है। सरकारी रिकॉर्ड में 30 सितंबर 2024 को यह परियोजना पूरी दिखा दी गई। कागजों में दावा है कि 3361 लोगों को इसका लाभ मिल रहा है, 835 घरों
में नल कनेक्शन दे दिए गए हैं और हजारों मीटर लंबी पाइपलाइन बिछ चुकी है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है—गांव के अधिकांश घरों में न तो नल लगे हैं, न ही पाइपलाइन का कोई नामोनिशान है। ग्रामीण बताते हैं कि टंकी बनने के बाद एक दिन भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। सुबह-शाम बाल्टी और मटके लेकर पानी के लिए भटकना आज भी उनकी मजबूरी है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने कागजों में काम पूरा दिखाकर रकम निकाल ली और गायब हो गया। जब इसकी शिकायत अधिकारियों से की जाती है तो जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल दी जाती है—कोई इसे केंद्र सरकार की योजना बताकर
पल्ला झाड़ लेता है, तो कोई तकनीकी कारणों का हवाला देता है। गांव के वेद प्रकाश तिवारी, जगराम, राजेश तिवारी, झुगरी, राम सिंह, राम मूरत, उमेश और रामनाथ जैसे दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि “हमारे लिए यह टंकी सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है। पानी तो दूर, उम्मीद भी सूखती जा रही है।” ग्राम प्रधान अभयराज यादव भी मानते हैं कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। “अगर इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी लोगों को पानी न मिले, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के साथ मजाक है,” उन्होंने कहा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह टंकी यूं ही खड़ी रहेगी, या जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर सच में गांव तक पानी पहुंचेगा?
- मिल्कीपुर अयोध्या हैरिग्टनगंज ब्लॉक के उरुवा वैश्य गांव में खड़ी 16 मीटर ऊंची पानी की टंकी आज विकास नहीं, बल्कि बदइंतजामी की सबसे बड़ी मिसाल बन चुकी है। करीब ₹4 करोड़ 48 लाख 75 हजार की लागत से बनी यह विशाल टंकी दूर से किसी आधुनिक सुविधा का प्रतीक लगती है, लेकिन पास जाने पर इसकी खामोशी पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर देती है। सरकारी रिकॉर्ड में 30 सितंबर 2024 को यह परियोजना पूरी दिखा दी गई। कागजों में दावा है कि 3361 लोगों को इसका लाभ मिल रहा है, 835 घरों में नल कनेक्शन दे दिए गए हैं और हजारों मीटर लंबी पाइपलाइन बिछ चुकी है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है—गांव के अधिकांश घरों में न तो नल लगे हैं, न ही पाइपलाइन का कोई नामोनिशान है। ग्रामीण बताते हैं कि टंकी बनने के बाद एक दिन भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। सुबह-शाम बाल्टी और मटके लेकर पानी के लिए भटकना आज भी उनकी मजबूरी है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने कागजों में काम पूरा दिखाकर रकम निकाल ली और गायब हो गया। जब इसकी शिकायत अधिकारियों से की जाती है तो जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल दी जाती है—कोई इसे केंद्र सरकार की योजना बताकर पल्ला झाड़ लेता है, तो कोई तकनीकी कारणों का हवाला देता है। गांव के वेद प्रकाश तिवारी, जगराम, राजेश तिवारी, झुगरी, राम सिंह, राम मूरत, उमेश और रामनाथ जैसे दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि “हमारे लिए यह टंकी सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है। पानी तो दूर, उम्मीद भी सूखती जा रही है।” ग्राम प्रधान अभयराज यादव भी मानते हैं कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। “अगर इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी लोगों को पानी न मिले, तो यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के साथ मजाक है,” उन्होंने कहा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह टंकी यूं ही खड़ी रहेगी, या जिम्मेदारों पर कार्रवाई कर सच में गांव तक पानी पहुंचेगा?3
- Post by UP 42 Ayodhya Live1
- अयोध्या नगर निगम के शहर में विकास के दावे को खोखला बनाने में जुटे नगर निगम कर्मी,उसरू स्थित मनोहर नगर की हालत विकास के इन दावों को पूरी तरह से झुठलाती नजर आ रही है जहां सड़कों पर घुटने भर पानी जमा होने से स्थानीय निवासियों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। यह कहना कहीं से गलत नहीं होगा कि नगर निगम के द्वारा शहर में विकास का दावा पूरी तरीके से कागजी कोरम पूरा कर रहा।मनोहर नगर के लोगों को घर से बाहर निकलने के लिए जलभराव से होकर गुजरना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है, जिन्हें रोजाना जोखिम भरे रास्ते से गुजरना मजबूरी बन गया है। कॉलोनी की नालियों केपूरी तरह से जाम होने की खबर है, जिसके कारण पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर नगर निगम में कई बार प्रार्थना पत्र और शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा, मच्छरों की बढ़ती संख्या से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का डर लोगों को भयभीत कर रहा है स्थानीय निवासियों ने नगर निगम प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था सुधारने और सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि उन्हें इस समस्या से राहत मिल सके।1
- Post by A news 881
- *दिनदहाड़े ज्वेलर्स लूट: नकाबपोश महिला ने बंदूक के बल पर उड़ाए सोने के जेवर, मामले में एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी ने जारी किया बयान!*1
- दिनदहाड़े ज्वेलर्स की दुकान पर बुर्के वाली लुटेरी महिला का दुस्साहस, पहले ग्राहक बनकर देखा फिर अचानक 26 ग्राम सोना लेकर हुई फरार। अयोध्या। रुदौली के कोठी मोहल्ला स्थित व्यस्त बाजार में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक नकाबपोश बुर्के वाली महिला ने महेश ज्वेलर्स की दुकान में घुसकर पहले जेवर देखी फिर जेवर लेकर दिनदहाड़े हुई फरार। इस वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। दोपहर करीब दो बजे दुकान पर सामान्य रूप से ग्राहकों का आवागमन चल रहा था। इसी बीच चेहरा ढके एक महिला अचानक दुकान में दाखिल हुई और तमंचा निकालकर दुकानदार को आतंकित कर दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, महिला ने काउंटर में रखे करीब 26 ग्राम सोने के हार व चेन समेट लिए और तेजी से मौके से फरार हो गई। पूरी घटना कुछ ही पलों में घटित हो गई। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों से बाहर निकल आए। व्यापारियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। उनका कहना है कि दिनदहाड़े इस तरह की वारदात सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है। पुलिस की गश्त पर भी सवाल उठने लगे हैं। सूचना मिलते ही किला चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। दुकान व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने महिला के हुलिए के आधार पर उसकी पहचान के प्रयास तेज कर दिए हैं। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। किला चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी महिला की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दिनदहाड़े ज्वेलर्स की दुकान पर बुर्के वाली लुटेरी महिला का दुस्साहस, पहले ग्राहक बनकर देखा फिर अचानक 26 ग्राम सोना लेकर हुई फरार। अयोध्या। रुदौली के कोठी मोहल्ला स्थित व्यस्त बाजार में बुधवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब एक नकाबपोश बुर्के वाली महिला ने महेश ज्वेलर्स की दुकान में घुसकर पहले जेवर देखी फिर जेवर लेकर दिनदहाड़े हुई फरार। इस वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। दोपहर करीब दो बजे दुकान पर सामान्य रूप से ग्राहकों का आवागमन चल रहा था। इसी बीच चेहरा ढके एक महिला अचानक दुकान में दाखिल हुई और तमंचा निकालकर दुकानदार को आतंकित कर दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, महिला ने काउंटर में रखे करीब 26 ग्राम सोने के हार व चेन समेट लिए और तेजी से मौके से फरार हो गई। पूरी घटना कुछ ही पलों में घटित हो गई। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों से बाहर निकल आए। व्यापारियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। उनका कहना है कि दिनदहाड़े इस तरह की वारदात सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है। पुलिस की गश्त पर भी सवाल उठने लगे हैं। सूचना मिलते ही किला चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। दुकान व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने महिला के हुलिए के आधार पर उसकी पहचान के प्रयास तेज कर दिए हैं। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। किला चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी महिला की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- अयोध्या श्री हनुमान जी महाराज जी जन्म उत्सव पर विशाल भंडारा रायबरेली बाईपास पुल के नीचे किया जा रहा है अयोध्या पब्लिक सेवा संसथान के तत्वाधान मे किया जा रहा है संस्था के अध्यक्ष श्री राहुल श्रीवास्तव के संयोजन से3
- मिल्कीपुर अयोध्या हैरिंग्टनगंज (अयोध्या) क्षेत्र के पूरे पाठक पुरवा में ‘Gaon Pure’ ब्रांड की आधिकारिक लॉन्चिंग पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त राजकुमार विश्वकर्मा के करकमलों द्वारा संपन्न हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समाजसेवी और गायत्री परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर शुद्धता, स्वदेशी और स्वास्थ्य के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में बढ़ते रासायनिक उत्पादों के बीच शुद्ध और देसी आहार की ओर लौटना समय की मांग है। ‘Gaon Pure’ ब्रांड इसी सोच के साथ ग्रामीण परिवेश में तैयार किए गए बिना केमिकल के उत्पादों को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास है। गायत्री परिवार ने इसे स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ते हुए लोगों को प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। ब्रांड से जुड़े आशुतोष तिवारी और उनकी टीम ने युवाओं को स्वदेशी और शुद्ध उत्पादों के प्रति जागरूक करने की दिशा में अपने प्रयासों को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह पहल न केवल स्वास्थ्य सुधार बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक होगी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि शुद्ध आहार और स्वस्थ विचार ही एक समृद्ध और निरोगी समाज की नींव हैं।3