मधेपुरा में स्कूल जा रहे 14 साल के छात्र की दर्दनाक मौत, NH-106 पर 2 घंटे तक बवाल बिहार के मधेपुरा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है… जहां स्कूल जा रहे 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत हो गई… हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने एनएच-106 को जाम कर दिया… करीब दो घंटे तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा… ताजा मामला मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुनिया वार्ड संख्या 22 का है… जहां 14 वर्षीय देवराज कुमार सोमवार स्कूल जाने के लिए घर से निकला था… लेकिन रास्ते में ही तेज रफ्तार ट्रक ने उसे कुचल दिया… बताया जा रहा है कि पटेल चौक और कॉलेज के बीच टीवीएस शोरूम के सामने एनएच-106 पर यह भीषण हादसा हुआ… टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही छात्र की मौत हो गई… घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई… बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए… इकलौते बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया… गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे और आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एनएच-106 को जाम कर दिया… करीब दो घंटे तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई… सूचना मिलते ही उदाकिशुनगंज थाना अध्यक्ष मौके पर पहुंचीं… पुलिस ने लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की… काफी मशक्कत के बाद जाम हटाया गया… इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया गया… बाइट-- पंकज कुमार घोष,एसडीओ उदाकिशुनगंज वहीं उदाकिशुनगंज एसडीओ पंकज कुमार घोष ने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग पर चार जगहों पर स्पीड ब्रेकर बनाने का फैसला लिया गया है… एनएच इंजीनियर से बातचीत हो चुकी है… 10 से 15 दिनों के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा… एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली… अब सवाल ये है कि आखिर कब सड़कों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे… और कब ऐसी दर्दनाक घटनाओं पर लगाम लगेगी… बाइट ---स्थानीय
मधेपुरा में स्कूल जा रहे 14 साल के छात्र की दर्दनाक मौत, NH-106 पर 2 घंटे तक बवाल बिहार के मधेपुरा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है… जहां स्कूल जा रहे 14 वर्षीय छात्र की सड़क हादसे में मौत हो गई… हादसे के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने एनएच-106 को जाम कर दिया… करीब दो घंटे तक सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा… ताजा मामला मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जमुनिया वार्ड संख्या 22 का
है… जहां 14 वर्षीय देवराज कुमार सोमवार स्कूल जाने के लिए घर से निकला था… लेकिन रास्ते में ही तेज रफ्तार ट्रक ने उसे कुचल दिया… बताया जा रहा है कि पटेल चौक और कॉलेज के बीच टीवीएस शोरूम के सामने एनएच-106 पर यह भीषण हादसा हुआ… टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही छात्र की मौत हो गई… घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई… बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए… इकलौते बेटे की मौत से
परिजनों में कोहराम मच गया… गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे और आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एनएच-106 को जाम कर दिया… करीब दो घंटे तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई… सूचना मिलते ही उदाकिशुनगंज थाना अध्यक्ष मौके पर पहुंचीं… पुलिस ने लोगों को समझाने-बुझाने की कोशिश की… काफी मशक्कत के बाद जाम हटाया गया… इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल भेज दिया गया… बाइट-- पंकज कुमार घोष,एसडीओ
उदाकिशुनगंज वहीं उदाकिशुनगंज एसडीओ पंकज कुमार घोष ने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग पर चार जगहों पर स्पीड ब्रेकर बनाने का फैसला लिया गया है… एनएच इंजीनियर से बातचीत हो चुकी है… 10 से 15 दिनों के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा… एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली… अब सवाल ये है कि आखिर कब सड़कों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे… और कब ऐसी दर्दनाक घटनाओं पर लगाम लगेगी… बाइट ---स्थानीय
- Post by राम अवतार साह4
- Post by Jankari Adda1
- Post by Dilkhush Kumar1
- सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड क्षेत्र के चन्द्रायण रेफरल अस्पताल में लापरवाही और मनमानी का बड़ा खेल सामने आया है। यहां तैनात चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं कि वे अस्पताल में नियमित रूप से ड्यूटी नहीं करते, फिर भी पूरे सप्ताह और महीने की उपस्थिति दर्ज कर लेते हैं। स्थानीय सूत्रों और अस्पताल कर्मियों के अनुसार, डॉक्टर संतोष कुमार कभी सप्ताह में एक दिन तो कभी महीने में एक बार ही अस्पताल पहुंचते हैं। इतना ही नहीं, कई बार तो वे अस्पताल आए बिना ही उपस्थिति पंजी अपने पास मंगाकर हस्ताक्षर कर लेते हैं। इस पूरे मामले में सवाल उठता है कि क्या स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पूरी तरह फेल हो चुकी है, या फिर पैसों के खेल में नियम-कानून को दरकिनार किया जा रहा है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवहट्टा और रेफरल अस्पताल चन्द्रायण के प्रभारी डॉ. संजीव कुमार सिंह पर भी मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं, जिससे यह फर्जीवाड़ा लगातार जारी है। अस्पताल में तैनात डॉक्टर बुद्धदेव टुड्डू ने भी पुष्टि की है कि डॉ. संतोष कुमार कभी-कभार ही अस्पताल आते हैं और औपचारिकता पूरी कर चले जाते हैं।1
- road 🛣️🛣️ ka kandishan1
- आज फिर चोरों के द्वारा दुस्साहस किया गया हमारे गांव के शंभु सिंह के यहां ओर मुरली चंन्दवा के वॉर्ड -13 मे गोविन्द मिश्रा के यहां भिसन डाका डाला...चोरों का मनोबल सातवें स्थान पर .... अभी तुरंत दो को पकड़ा लोगो के द्वारा बताया गया कि अभी छिनतयी करके भाग रहा चोरों को पकड़ा लोगो के द्वारा गया..1
- Post by राम अवतार साह4
- सहरसा सदर अस्पताल एक बार फिर सवालों के घेरे में है… जहां एक प्रसूता की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका की पहचान महिषी प्रखंड के उत्तरी महिषी पंचायत, वार्ड संख्या 10 निवासी 30 वर्षीय प्रिया झा के रूप में हुई है… जिन्हें 20 अप्रैल को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के जरिए उन्होंने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया… और शुरुआत में जच्चा-बच्चा दोनों की हालत सामान्य थी। लेकिन परिजनों के अनुसार, सोमवार रात करीब 8 बजे तक सब कुछ ठीक था… इसके बाद जब मंगलवार सुबह करीब 6 बजे अस्पताल से फोन आया, तो उन्हें बताया गया कि मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे, तो हालात बेहद गंभीर हो चुके थे… आरोप है कि तबीयत बिगड़ने के बावजूद समय पर न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही इमरजेंसी में समुचित इलाज मिल सका। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते डॉक्टर पहुंच जाते… तो मरीज को बड़े अस्पताल रेफर कर उसकी जान बचाई जा सकती थी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि रात की ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सुबह तक आखिर कहां थे…? इलाज में कथित लापरवाही के कारण प्रिया की हालत लगातार बिगड़ती गई… और अंततः उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है… और अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि इसी महीने सहरसा सदर अस्पताल को कायाकल्प योजना के तहत बिहार में प्रथम स्थान मिला था… लेकिन ताजा घटना ने इन दावों की जमीनी हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।1
- aaj ki bhishan aandhi tufan ke karan mausam bibhag ne kiya yellow alert jari1