झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने लातेहार के महुआडांड़ और गुमला जिले के ऐतिहासिक बाबा टांगीनाथ धाम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जनसमस्याएं सुनीं, विकास योजनाओं की समीक्षा की और पर्यटन व धार्मिक स्थलों का जायजा लिया। महुआडांड़ पहुंचने पर उप विकास आयुक्त सैयद रियाज अहमद ने उन्हें पौधा भेंट कर स्वागत किया, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी सुलेमान मुंडरी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने शॉल व पुष्पगुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया। दौरे के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने चैनपुर पंचायत में निर्माणाधीन विद्युत सब-स्टेशन को जल्द पूरा कराने, पेयजल संकट दूर करने और डाल्टनगंज रोड के चौड़ीकरण जैसी कई विकास संबंधी मांगें मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने और लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लोध फॉल का भ्रमण कर उसके प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन किया और कहा कि सरकार यहां पर्यटकों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। इसके उपरांत मंत्री ने अपने परिवार के साथ डुमरी प्रखंड स्थित ऐतिहासिक बाबा टांगीनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने टांगीनाथ धाम विकास समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर धाम के समग्र विकास पर चर्चा की और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान प्रसिद्ध त्रिशूल के समीप स्थित हवन कुंड में गंदगी देखकर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल साफ-सफाई कराने और सुरक्षा के लिए चारों ओर जाली लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक व पर्यटन स्थलों के संरक्षण, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने लातेहार के महुआडांड़ और गुमला जिले के ऐतिहासिक बाबा टांगीनाथ धाम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जनसमस्याएं सुनीं, विकास योजनाओं की समीक्षा की और पर्यटन व धार्मिक स्थलों का जायजा लिया। महुआडांड़ पहुंचने पर उप विकास आयुक्त सैयद रियाज अहमद ने उन्हें पौधा भेंट कर स्वागत किया, जबकि अनुमंडल पदाधिकारी सुलेमान मुंडरी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने शॉल व पुष्पगुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया। दौरे के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने चैनपुर पंचायत में निर्माणाधीन विद्युत सब-स्टेशन को जल्द पूरा कराने, पेयजल संकट दूर करने और डाल्टनगंज रोड के चौड़ीकरण जैसी कई विकास संबंधी मांगें मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने और लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने प्रसिद्ध पर्यटन
स्थल लोध फॉल का भ्रमण कर उसके प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन किया और कहा कि सरकार यहां पर्यटकों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। इसके उपरांत मंत्री ने अपने परिवार के साथ डुमरी प्रखंड स्थित ऐतिहासिक बाबा टांगीनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने टांगीनाथ धाम विकास समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर धाम के समग्र विकास पर चर्चा की और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान प्रसिद्ध त्रिशूल के समीप स्थित हवन कुंड में गंदगी देखकर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल साफ-सफाई कराने और सुरक्षा के लिए चारों ओर जाली लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक व पर्यटन स्थलों के संरक्षण, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
- लातेहार में मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून से 11 जुलाई 2026 तक बी-समवाय, लातेहार में आयोजित किया गया था। इस समापन समारोह में वार्ड पार्षद, मीडिया प्रतिनिधियों और एसएसबी के अधिकारियों व जवानों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने इस पहल को युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी और बेहद उपयोगी बताया। इस प्रशिक्षण में लातेहार जिले के डुरुवा, धनकारा, कल्याणपुर, गुरगु और आसपास के क्षेत्रों से कुल 20 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान इन प्रतिभागियों को फाइल प्रबंधन, इंटरनेट, नेटवर्किंग, डिवाइस कंट्रोल, सुरक्षा प्रणाली, एमएस वर्ड, पावर पॉइंट और एमएस एक्सेल जैसे तकनीकी विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। समारोह के दौरान 32वीं वाहिनी के कमांडेंट राजेश सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत आधार है। उन्होंने रेखांकित किया कि एसएसबी द्वारा नक्सल प्रभावित और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि तकनीक और जनकल्याण से जुड़े कई कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र सौंपे गए और एसएसबी ने भविष्य में भी ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने का आश्वासन दिया।1
- लातेहार में देश की रक्षा करने वाले हमारे एक जवान की सड़क हादसे में हुई दुखद मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक है। इस घटना के बाद प्रशासन से आग्रह किया गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, शहीद जवान के परिवार को हर संभव सहायता और न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। इस दुखद घड़ी में दिवंगत जवान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।1
- गढ़वा जिले के रंका प्रखंड अंतर्गत सोनदाग पंचायत के भलुआनी गोटा टोला गांव में शनिवार अपराह्न 3:00 बजे 90 दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम के तहत एक विधिक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी अधिकारों और सामाजिक कुरीतियों से संबंधित कानूनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में मौजूद पारा लीगल वॉलंटियर (पीएलवी) राजेश कुमार चौधरी ने ग्रामीणों को बाल विवाह, नशाखोरी, डायन प्रथा, बाल मजदूरी, महिलाओं व बच्चों के अधिकार तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और बाल मजदूरी कानूनन अपराध हैं और इनके दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने लोगों से डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने और नशाखोरी से दूर रहने का आह्वान किया। राजेश कुमार चौधरी ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी कानूनी विवाद या अन्याय की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता ली जा सकती है। इस कार्यक्रम के दौरान मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनका कानूनी प्रक्रिया के अनुसार समाधान बताया गया। ग्रामीणों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे कानून के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।1
- भारत में नौकरी का झांसा देकर मजदूरों को बंधक बनाने, मजदूरी न देने और उनके क्रूर शोषण के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित मांडी गांव की एक पेपर प्लेट फैक्ट्री से 12 मजदूरों को मुक्त कराया गया है। इन मजदूरों को अच्छी सैलरी का लालच देकर बुलाया गया था, जिसके बाद इनके पहचान पत्र और मोबाइल छीनकर इन्हें बंधक बना लिया गया। इन्हें भूखा रखा जाता था और बेरहमी से पीटा जाता था। इसी तरह, तेलंगाना के विभिन्न ईंट भट्टों, विशेष रूप से सिद्हौर पर छापेमारी कर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के करीब 1,000 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है, जिन्हें डरा-धमकाकर और कर्ज के जाल में फंसाकर अमानवीय परिस्थितियों में काम कराया जा रहा था। इसके अलावा पंजाब के कपूरथला में बिहार के मजदूरों को आलू के खेतों में काम करने के लिए बंधक बनाकर रखा गया था, जहां पुलिस और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की मदद से महिलाओं और बच्चों समेत 30 लोगों को छुड़ाया गया। कर्नाटक के मैसूर और बागलकोट में भी ईंट भट्टों पर छापेमारी के दौरान बंधुआ मजदूरी करवा रहे मालिकों को गिरफ्तार कर कई मजदूरों को आजाद कराया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के आगरा में एक किसान द्वारा एक व्यक्ति को 8 महीने तक अपने घर में बंधक बनाकर कृषि कार्य कराने और प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। कंपनी में बीना मलिक के बारे में जानकारी और मजदूर का सुपरवाइजर, मुंशी व मैनेजर द्वारा किए जाने वाले शोषण को वीडियो के माध्यम से देखा जा सकता है।1
- झारखंड के गढ़वा में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुधीर चंद्रवंशी ने अपनी 10 डिसमिल जमीन दान कर दी है।1
- लातेहार में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 32वीं वाहिनी द्वारा मानव संसाधन विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित 25 दिवसीय "ऑपरेटिंग सिस्टम (बेसिक कंप्यूटर कोर्स)" का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। कमांडेंट राजेश सिंह के नेतृत्व में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 जून से बी-समवाय, लातेहार में चलाया जा रहा था। इस विशेष कोर्स का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जिसमें डुरूवा, धनकारा और उसके आसपास के गांवों के कुल 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कोर्स के दौरान युवाओं को यूजर फ्रेंडली इंटरफेस, फाइल प्रबंधन, मल्टीटास्किंग, डिवाइस कंट्रोल और इंटरनेट की बुनियादी जानकारियों के साथ-साथ एम.एस. वर्ड, पावर पॉइंट व एक्सेल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर कमांडेंट राजेश सिंह ने कंप्यूटर ज्ञान को डिजिटल युग में आत्मनिर्भर भविष्य की कुंजी बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एसएसबी द्वारा नक्सल क्षेत्रों में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और चिकित्सा शिविर जैसे अन्य कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही 32वीं वाहिनी ने भविष्य में भी ऐसे जन कल्याणकारी कार्यक्रमों को जारी रखने का आश्वासन दिया है।1
- लातेहार जिले के महुआडार प्रखंड अंतर्गत दुरूप ग्राम पंचायत में बसे अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति बहुल नीचे दोना ग्राम के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांव में नल-जल योजना की जलमीनार खड़ी है और बिजली के पोल, तार व ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं, लेकिन यह सारा ढांचा पूरी तरह से बेकार पड़ा हुआ है। आधुनिक युग के इस दौर में भी यहाँ के लोग पानी और बिजली जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए तरसने को मजबूर हैं। गांव में सिंचाई की कोई सुविधा उपलब्ध न होने के कारण ग्रामीण पूरी तरह से वर्षा आधारित खेती के भरोसे हैं। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर रोजगार का कोई साधन न होने की वजह से ग्रामीणों को लगातार पलायन करना पड़ रहा है।1
- झारखंड के गढ़वा में आयोजित एक भरी सभा के बीच कांग्रेस नेता सुरेंद्र तिवारी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि यहां से कोई चुनाव क्यों नहीं लड़ता है।1