उत्तराखंड के कपकोट में फुलवाड़ी-थल्लीधार-खालीधार सड़क निर्माण संघर्ष समिति ने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि अगले 20 दिनों के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ, तो एक सशक्त आंदोलन छेड़ा जाएगा। समिति का कहना है कि ग्रामीण वर्ष 2007 से लगभग 10 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग की लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं और वास्तविक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया है कि सड़क के अभाव में आज भी बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए डोली का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनके जीवन को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ता है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे सड़क जाम करने, भूख हड़ताल पर बैठने और जनप्रतिनिधियों का घेराव करने जैसे कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।
उत्तराखंड के कपकोट में फुलवाड़ी-थल्लीधार-खालीधार सड़क निर्माण संघर्ष समिति ने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि अगले 20 दिनों के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ, तो एक सशक्त आंदोलन छेड़ा जाएगा। समिति का कहना है कि ग्रामीण वर्ष 2007 से लगभग 10 किलोमीटर लंबे मोटर मार्ग की लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं और वास्तविक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने इस बात पर जोर दिया है कि सड़क के अभाव में आज भी बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए डोली का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनके जीवन को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ता है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे सड़क जाम करने, भूख हड़ताल पर बैठने और जनप्रतिनिधियों का घेराव करने जैसे कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।
- बागेश्वर जनपद के गरूड तहसील के तेलीहाट गाँव में गोमती नदी के बैजनाथ पुल के पास बड़े पैमाने पर चल रही नदी तल माइनिंग के खिलाफ ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएँ, जवान और बुजुर्गों सहित दर्जनों ग्रामीण भारी खुदाई कर रही मशीनों के पास पहुँचे और आरोप लगाया कि यह माइनिंग नियमों का उल्लंघन करते हुए की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस खुदाई से गाँव की सिंचाई योजना प्रभावित हुई है, पैदल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और मानसून आने से पहले खेतों की सुरक्षा को लेकर समुदाय में गहरी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मेन पानी के पंप और आबादी के इतने नज़दीक भारी मशीनों से माइनिंग की अनुमति कैसे दी गई। गाँव वालों ने कड़ी चेतावनी दी कि नदियों, खेती की ज़मीन और स्थानीय रोज़ी-रोटी की कीमत पर कोई भी विकास स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से माइनिंग गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने, प्रभावित इलाकों की मरम्मत करने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की माँग की है।1
- बागेश्वर में स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों की समस्याओं को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, एक ओल्ड एज होम के निर्माण और सड़कों के नामकरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।1
- कर्णप्रयाग से उठी एक तीखी आवाज़ में यह चिंता व्यक्त की गई है कि जब तक वोटों में कोई बदलाव नहीं लाया जाता, तब तक लोगों का मारा जाना नहीं रुकेगा और हालात ऐसे ही बने रहेंगे। यह पोस्ट, जो #एक_पोस्ट_एक_आवाज के माध्यम से सामूहिक भावना को प्रकट करती है, स्पष्ट रूप से 2027 में एक महत्वपूर्ण चुनावी परिवर्तन की माँग करती है, यह दर्शाते हुए कि वर्तमान स्थिति से निकलने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'वोट में परिवर्तन' ही एकमात्र समाधान है।1
- उत्तराखंड के मसूरी क्षेत्र में घूमने आई गुरुग्राम की एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से सनसनी फैल गई है। महिला अपने पति के साथ मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर स्थित एक होमस्टे में ठहरी हुई थीं। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह नवविवाहित दंपती 13 जून को दिल्ली से उत्तराखंड भ्रमण पर निकला था। ऋषिकेश में कुछ समय बिताने के बाद, दोनों 14 जून की रात करीब 11:30 बजे टिपरीधार क्षेत्र के एक होमस्टे में रुके। दोनों का विवाह 8 नवंबर 2025 को हुआ था। शुरुआती पूछताछ में पति ने बताया कि रात करीब 3:30 बजे दोनों सोने चले गए थे। सोमवार सुबह जब उसकी नींद खुली तो उसने पत्नी को कमरे के फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ा पाया, जिसके मुंह और नाक से खून निकल रहा था। इसके बाद होमस्टे प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर महिला को मृत घोषित कर दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिसमें कमरे से खून के निशान और दो खाली शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम के बिना अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है और परिवार की ओर से भी कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चिकित्सकों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया गया है। मृतका गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थीं, जबकि उनके पति पुणे में आईटी क्षेत्र से जुड़े हैं। घटना की सूचना दोनों परिवारों को दे दी गई है। पुलिस होटल स्टाफ और पति से पूछताछ कर रही है, तथा सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है।1
- डॉ. छवि कांडपाल बोरा और प्रमोद बोरा के नेतृत्व में भगत दा के जन्मोत्सव के अवसर पर एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है।1
- चंपावत जिले के बनबसा में जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मिलकर श्रमदान किया। यह पहल मुख्यमंत्री धामी के 'स्वच्छ और स्वस्थ चंपावत' संकल्प को गति देने के उद्देश्य से की गई, जिससे यह अभियान और आगे बढ़ सके।1
- गैरसैंण के विकास के प्रति दृढ़ संकल्प को दोहराया गया है। यह घोषणा की गई है कि यदि जनता का पूर्ण समर्थन मिलेगा, तो गैरसैंण में एक एम्स (AIIMS) की स्थापना की जाएगी और इसके साथ ही पूरे पहाड़ क्षेत्र का भविष्य भी उज्जवल होगा। इस कथन के माध्यम से गैरसैंण में एम्स लाने और पहाड़ के अधिकारों व बेहतर भविष्य के लिए उठी जनता की आवाज़ को सशक्त किया गया है, जिसका लक्ष्य 2027 तक सकारात्मक परिवर्तन लाना है।1
- उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जागेश्वर धाम के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरा एक मैक्स वाहन बाड़ेछीना-सेराघाट मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मंगलवार को यह वाहन एक खाई में जा गिरा, जिसमें सवार 11 लोग घायल हो गए। घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मैक्स वाहन संख्या यूके-03-टीए-0097 में सवार ये श्रद्धालु टनकपुर मेले में दुकान लगाने के बाद परिवार सहित कैंची धाम के दर्शन कर जागेश्वर धाम की ओर जा रहे थे। बाड़ेछीना पहुंचने के बाद चालक गलती से जागेश्वर मार्ग के बजाय धौलछीना मार्ग की ओर मुड़ गया। बाड़ेछीना से लगभग एक किलोमीटर आगे जाकर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और वाहन करीब 15 मीटर गहरी खाई में गिरकर एक गधेरे में अटक गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल लोगों को उपचार के लिए बाड़ेछीना स्थित चिकित्सालय ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को 108 एंबुलेंस की मदद से बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। हादसे में कानपुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 62 वर्षीय दिनेश कुमार शुक्ला, 50 वर्षीय प्रतिमा शुक्ला, 24 वर्षीय पूर्णिमा शुक्ला, 23 वर्षीय स्नेहा शुक्ला, 32 वर्षीय अमित तिवारी, 25 वर्षीय दीपाली तिवारी, पांच वर्षीय दिव्यांश तिवारी और दो वर्षीय शिवांश तिवारी घायल हुए हैं। इनके अतिरिक्त, अयोध्या, उत्तर प्रदेश की ममता कौशल और मानवी कौशल भी घायल हुई हैं। वाहन चालक को भी इस दुर्घटना में चोटें आई हैं।1