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बागेश्वर में स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों की समस्याओं को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, एक ओल्ड एज होम के निर्माण और सड़कों के नामकरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
मेरा हक न्यूज
बागेश्वर में स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों की समस्याओं को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, एक ओल्ड एज होम के निर्माण और सड़कों के नामकरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
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- बागेश्वर में स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों की समस्याओं को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, एक ओल्ड एज होम के निर्माण और सड़कों के नामकरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।1
- बागेश्वर जनपद के गरूड तहसील के तेलीहाट गाँव में गोमती नदी के बैजनाथ पुल के पास बड़े पैमाने पर चल रही नदी तल माइनिंग के खिलाफ ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएँ, जवान और बुजुर्गों सहित दर्जनों ग्रामीण भारी खुदाई कर रही मशीनों के पास पहुँचे और आरोप लगाया कि यह माइनिंग नियमों का उल्लंघन करते हुए की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस खुदाई से गाँव की सिंचाई योजना प्रभावित हुई है, पैदल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और मानसून आने से पहले खेतों की सुरक्षा को लेकर समुदाय में गहरी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मेन पानी के पंप और आबादी के इतने नज़दीक भारी मशीनों से माइनिंग की अनुमति कैसे दी गई। गाँव वालों ने कड़ी चेतावनी दी कि नदियों, खेती की ज़मीन और स्थानीय रोज़ी-रोटी की कीमत पर कोई भी विकास स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से माइनिंग गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने, प्रभावित इलाकों की मरम्मत करने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की माँग की है।1
- कर्णप्रयाग से उठी एक तीखी आवाज़ में यह चिंता व्यक्त की गई है कि जब तक वोटों में कोई बदलाव नहीं लाया जाता, तब तक लोगों का मारा जाना नहीं रुकेगा और हालात ऐसे ही बने रहेंगे। यह पोस्ट, जो #एक_पोस्ट_एक_आवाज के माध्यम से सामूहिक भावना को प्रकट करती है, स्पष्ट रूप से 2027 में एक महत्वपूर्ण चुनावी परिवर्तन की माँग करती है, यह दर्शाते हुए कि वर्तमान स्थिति से निकलने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'वोट में परिवर्तन' ही एकमात्र समाधान है।1
- चम्पावत में 17 जून 2026 को राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के सफल संचालन और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के उद्देश्य से जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अभियान की तैयारियों, विभागीय समन्वय, जनजागरूकता और निगरानी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि पोलियो उन्मूलन एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है, और यह सुनिश्चित किया जाए कि दूरस्थ, दुर्गम तथा जनजातीय क्षेत्रों सहित जनपद का कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे। इसके लिए उन्होंने सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। सर्विलेंस मेडिकल ऑफिसर डॉ. मीनाक्षी ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण दिवस 28 जून 2026 को मनाया जाएगा, जिस दिन जनपद के सभी निर्धारित बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाई जाएगी। इसके बाद, छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए घर-घर भ्रमण अभियान चलाया जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों जैसे चम्पावत, लोहाघाट और बाराकोट में यह अभियान 29 और 30 जून को संचालित होगा, जबकि मैदानी क्षेत्र टनकपुर में यह 29 जून से 4 जुलाई 2026 तक चलेगा। यह अभियान प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने ब्लॉक स्तर पर नियमित टास्क फोर्स बैठकों, व्यापक जनजागरूकता अभियानों और अस्पतालों व स्वास्थ्य संस्थानों में एक्यूट फ्लैसिड पैरालिसिस (AFP) मामलों की सतत निगरानी तथा जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में पुलिस, शिक्षा, पंचायती राज, बाल विकास, आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथिक और आशा कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों को अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इन विभागों को बूथ संचालन, प्रचार-प्रसार, वैक्सीन संरक्षण और फील्ड स्तर पर सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अभियान की संपूर्ण कार्ययोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा सभी विभागों के समन्वय से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी देवेश चौहान, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इंद्रजीत पांडे, जिला शिक्षाधिकारी मान सिंह, डॉ मंजीत सिंह सहित कई चिकित्सा अधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने दोहराया कि अभियान की सफलता के लिए प्रशासनिक और स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तत्परता से कार्य करना होगा।3
- चम्पावत जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के ‘स्वच्छ चम्पावत-आदर्श चम्पावत’ विजन को साकार करने के लिए एक व्यापक स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्वच्छता, जन-जागरूकता और जन-सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि स्वच्छ और आदर्श चम्पावत के निर्माण हेतु विभिन्न विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को एक मंच पर लाया जा रहा है ताकि अभियान को गति मिल सके। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला एक सामाजिक संकल्प है। यह वृहद स्वच्छता अभियान आगामी 21 जून को विश्व योग दिवस के अवसर पर बनबसा में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम से शुरू होगा। इस दौरान पूरे जनपद में स्वच्छता से संबंधित गतिविधियां, जागरूकता कार्यक्रम और जनसहभागिता पर आधारित अभियान चलाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनएचपीसी, विभिन्न विभागों और स्थानीय नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और स्वच्छ, सुंदर एवं आदर्श चम्पावत के निर्माण में योगदान देने की अपील की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और सामूहिक प्रयासों से चम्पावत स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बनाएगा और मुख्यमंत्री के आदर्श चम्पावत के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।1
- चंपावत जिले के बनबसा में जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मिलकर श्रमदान किया। यह पहल मुख्यमंत्री धामी के 'स्वच्छ और स्वस्थ चंपावत' संकल्प को गति देने के उद्देश्य से की गई, जिससे यह अभियान और आगे बढ़ सके।1
- उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जागेश्वर धाम के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरा एक मैक्स वाहन बाड़ेछीना-सेराघाट मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मंगलवार को यह वाहन एक खाई में जा गिरा, जिसमें सवार 11 लोग घायल हो गए। घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मैक्स वाहन संख्या यूके-03-टीए-0097 में सवार ये श्रद्धालु टनकपुर मेले में दुकान लगाने के बाद परिवार सहित कैंची धाम के दर्शन कर जागेश्वर धाम की ओर जा रहे थे। बाड़ेछीना पहुंचने के बाद चालक गलती से जागेश्वर मार्ग के बजाय धौलछीना मार्ग की ओर मुड़ गया। बाड़ेछीना से लगभग एक किलोमीटर आगे जाकर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और वाहन करीब 15 मीटर गहरी खाई में गिरकर एक गधेरे में अटक गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल लोगों को उपचार के लिए बाड़ेछीना स्थित चिकित्सालय ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को 108 एंबुलेंस की मदद से बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। हादसे में कानपुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 62 वर्षीय दिनेश कुमार शुक्ला, 50 वर्षीय प्रतिमा शुक्ला, 24 वर्षीय पूर्णिमा शुक्ला, 23 वर्षीय स्नेहा शुक्ला, 32 वर्षीय अमित तिवारी, 25 वर्षीय दीपाली तिवारी, पांच वर्षीय दिव्यांश तिवारी और दो वर्षीय शिवांश तिवारी घायल हुए हैं। इनके अतिरिक्त, अयोध्या, उत्तर प्रदेश की ममता कौशल और मानवी कौशल भी घायल हुई हैं। वाहन चालक को भी इस दुर्घटना में चोटें आई हैं।1