बरेली-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भमौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रजऊपरसपुर स्थित नीलकंठ हॉस्पिटल के सामने एक सड़क दुर्घटना में गौ माता गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद वह करीब 24 घंटे तक सड़क किनारे दर्द से तड़पती रहीं, लेकिन स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायत और संबंधित जिम्मेदारों ने समय रहते उनके इलाज या सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। ग्रामीणों के मुताबिक, खुले में पड़ी घायल गौ माता को आवारा कुत्ते नोचते रहे और बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय स्तर पर कोई सहायता न मिलने पर सीतापुर के बिसवां निवासी अशोक यादव ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत एनएचएआई (NHAI) की हेल्पलाइन 1033 पर संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम सक्रिय हुई और घायल गौ माता का रेस्क्यू कर उनके उपचार की व्यवस्था कराई। इस संवेदनहीनता ने पशु संरक्षण व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
बरेली-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भमौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रजऊपरसपुर स्थित नीलकंठ हॉस्पिटल के सामने एक सड़क दुर्घटना में गौ माता गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद वह करीब 24 घंटे तक सड़क किनारे दर्द से तड़पती रहीं, लेकिन स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायत और संबंधित जिम्मेदारों ने समय रहते
उनके इलाज या सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। ग्रामीणों के मुताबिक, खुले में पड़ी घायल गौ माता को आवारा कुत्ते नोचते रहे और बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय स्तर पर कोई सहायता न मिलने पर सीतापुर
के बिसवां निवासी अशोक यादव ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत एनएचएआई (NHAI) की हेल्पलाइन 1033 पर संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम सक्रिय हुई और घायल गौ माता का रेस्क्यू कर उनके उपचार की व्यवस्था कराई। इस संवेदनहीनता ने पशु संरक्षण व्यवस्था और स्थानीय
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
- सीतापुर के सिधौली स्थित जयपालपुर कृषि फार्म में पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के आला अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने न केवल विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे, बल्कि उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल करने की भी शपथ ली। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ज्वाइंट डायरेक्टर अनिल कुमार और उप निदेशक (डीडी) सरवन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर की। अधिकारियों ने पर्यावरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन, स्वच्छ हवा और पानी जैसे बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों का मुख्य आधार हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसे पेड़ बनने तक संभाले। इस मौके पर रामाधार यादव, गोविंद वर्मा, संतोष जायसवाल, प्रभात कुमार, प्रदीप कुमार यादव और लवकुश पांडे सहित कृषि विभाग की टीम ने एकजुट होकर परिसर में छायादार और फलदार पौधे लगाए। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों को पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने की शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ कल देना है, तो वृक्षारोपण को सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर एक जन आंदोलन बनाना होगा, ताकि समाज का हर व्यक्ति इस मुहिम से जुड़ सके।3
- सीतापुर के सकरन थाने में आयोजित थाना समाधान दिवस पर DM डॉ. राजागणपति आर. और SP अंकुर अग्रवाल पहुंचे। अधिकारियों ने वहां आए फरियादियों की शिकायतों को सुना। इसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद राजस्व व पुलिस अधिकारियों को इन मामलों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- सीतापुर के विकास खंड मछरेहटा की ग्राम पंचायत कटिया में रविवार को ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वृक्षारोपण महायज्ञ में उत्तर प्रदेश शासन के नोडल अधिकारी और प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ जिलाधिकारी डॉ. राजगणपति आर., मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग नवीन खंडेलवाल, उपयुक्त श्रम रोजगार चंदन देव पाण्डेय, एसीएफ विकास यादव और खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार सहित विकास खंड की पूरी टीम मौजूद रही। इस विशेष अभियान का मुख्य आकर्षण गांव की महिलाओं द्वारा किया गया पौधरोपण रहा, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रशासन द्वारा प्रत्येक पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी स्थानीय निवासियों को सौंपी गई है, ताकि रोपे गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें। उल्लेखनीय है कि जिस भूमि पर यह वृक्षारोपण किया गया है, उसे हाल ही में अतिक्रमण से मुक्त कराया गया था, जिसके बाद ग्राम्य विकास विभाग ने इस खाली भूमि को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। वृक्षारोपण महायज्ञ के तहत सीतापुर जनपद के सभी 19 विकास खंडों में कुल 32.5 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने आम जनता से इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने और पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की है ताकि जनसहभागिता के जरिए एक हरित भविष्य का निर्माण किया जा सके।2
- सीतापुर के महोली नगर स्थित मुरली मनोहर गेस्ट हाउस में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के आयोजन को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत में उपस्थित साधु-संतों ने 'राधे-राधे' का कीर्तन किया। इसके बाद, इस धार्मिक आयोजन को पूरी तरह सफल बनाने को लेकर व्यापक रूप से चर्चा की गई और तैयारियों पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से कुलदीप बाजपेई, महेश कुमार गुप्ता, दीपू अशोक कुमार सिंघल, राकेश कुमार शर्मा, सर्वेश मिश्रा, देवेंद्र कुमार मिश्रा, रामू रस्तोगी और शैलेंद्र मिश्रा बंटी सहित नगर के तमाम व्यापारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। बैठक में यह तय किया गया कि सीतापुर के महोली में पहली बार आगामी 18 जुलाई 2026 को भव्य जगन्नाथ यात्रा निकाली जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच में पुलिस अधीक्षक श्री विश्वजीत श्रीवास्तव ने उक्त प्रकरण के संबंध में अपनी आधिकारिक बाइट (बयान) जारी की है।1
- सीतापुर की महमूदाबाद तहसील क्षेत्र में चलांकापुर से शिवरुख कलां को जोड़ने वाला मुख्य डामर मार्ग लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क पर गहरे गड्ढे होने और उनमें पानी भर जाने से यह मार्ग तालाब जैसी स्थिति में आ चुका है। इस बदहाली के कारण पहाड़ापुर, शिवरुख कलां, शिवरुख खुर्द, गौसपुर, जवाहरपुरवा, उलाहिया, सेमरा और तकिया समेत करीब आठ प्रमुख गांवों के हजारों लोगों का आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। यह मार्ग ग्रामीणों को महमूदाबाद के मुख्य बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ता है। क्षेत्रीय नागरिक विनय शर्मा और अन्य ग्रामीणों के अनुसार, इस जर्जर सड़क से होकर प्रतिदिन स्कूली बच्चे, किसान, व्यापारी, महिलाएं और बुजुर्ग अपने दैनिक कार्यों के लिए निकलते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भरने के कारण दोपहिया वाहन चालक आए दिन संतुलन खोकर गिर रहे हैं, जबकि पैदल चलने वालों को कीचड़ और फिसलन से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और स्कूली बच्चों को प्रतिदिन स्कूल जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने सड़क की जर्जर स्थिति को उजागर करने के लिए जिया-टैग्ड (Geo-tagged) तस्वीरें जारी की हैं, जिससे मार्ग की दयनीय स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही है। क्षेत्रवासियों ने सीतापुर के जिलाधिकारी और लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस महत्वपूर्ण मार्ग का तत्काल निरीक्षण किया जाए और सड़क की मरम्मत तथा पुनर्निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।4
- बरेली-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भमौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रजऊपरसपुर स्थित नीलकंठ हॉस्पिटल के सामने एक सड़क दुर्घटना में गौ माता गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद वह करीब 24 घंटे तक सड़क किनारे दर्द से तड़पती रहीं, लेकिन स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायत और संबंधित जिम्मेदारों ने समय रहते उनके इलाज या सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की। ग्रामीणों के मुताबिक, खुले में पड़ी घायल गौ माता को आवारा कुत्ते नोचते रहे और बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय स्तर पर कोई सहायता न मिलने पर सीतापुर के बिसवां निवासी अशोक यादव ने इस मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत एनएचएआई (NHAI) की हेल्पलाइन 1033 पर संपर्क कर इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद संबंधित टीम सक्रिय हुई और घायल गौ माता का रेस्क्यू कर उनके उपचार की व्यवस्था कराई। इस संवेदनहीनता ने पशु संरक्षण व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।4