किसान कल्याण वर्ष 2026 में नरवाई प्रबंधन, उन्नत यंत्रों का उपयोग एवं धरती माता को सुरक्षित रखें किसान कल्याण वर्ष 2026 में नरवाई प्रबंधन, उन्नत यंत्रों का उपयोग एवं धरती माता को सुरक्षित रखें राहुल सेन मांडव मो 9669141814 धार 23 फरवरी 2026। जिले में इस समय गेहूं एवं अन्य रवि फसलों की कटाई का कार्य प्रारंभ हो गया है अनेक कृ षक फसल कटाई कार्य कंबाइन हार्वेस्टर से कर रहे हैं जिससे कटाई उपरांत खेतों में फसल अवशेष रह जाते हैं विगत वर्षों में फसल शेष अवशेष को जलाने की घटनाएं परिलक्षित हुई है, जिससे वायु प्रदूषण के साथ ही मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीव एवं केंचुए मर जाते हैं और भूमि कठोर हो जाती है जिससे खेत की तैयारी में अधिक ऊर्जा एवं समय लगता है साथ ही मृदा के महत्वपूर्ण तत्व (कार्बनिक पदार्थ) भी नष्ट हो जाते है एवं खेत की उपजाऊ क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और दिनों दिन उत्पादकता कम होती जा रही है। नरवाई जलाने से पशुओं को खिलाने वाला चार भूसा भी जलकर नष्ट हो जाता है जिससे नरवाई जालना किसानों के लिए एक आत्मघाती कदम है। नरवाई जलने से होने वाले वायु प्रदूषण एवं आगजनी की घटनाओं से आमजन के स्वास्थ्य जान माल की सुरक्षा हेतु तथा भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के उद्देश्य से एवं रबी सीजन में नरवाई जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट धार श्री प्रियंक मिश्रा द्वारा द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जिले की राजस्व सीमा क्षेत्र हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश अनुसार जिला अंतर्गत फसल कटाई के पश्चात बचाने वाले अवशेष कुंट एवं डंठल (नरवाई) को जलाना पूर्णत प्रतिबंधित किया गया है।नरवाई में आग लगाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखने के लिये नरवाई प्रबंधन के यंत्रों जैसे एक्स्ट्रा रीपर, रीपर, रीपर कंबाइंडर, एक्स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, सुपर सीडर, मल्चर, बेलर इत्यादि का उपयोग किया जाना चाहिए। रीपर (ट्रैक्टर चालित /स्वचालित) खड़ी फसल को जड़ के पास से काटकर कतारों में व्यवस्थित रखता है। इससे फसल कटाई शीघ्र व कम लागत में होती है तथा अवशेष प्रबंधन सरल बनता है। स्ट्रा रीपर यह यंत्र कंबाइन हार्वेस्टर के बाद खेत में बची नरवाई को काटकर भूसा तैयार करता है। इससे अवशेषों का उपयोग पशुचारे के रूप में हो जाता है और जलाने की आवश्यकता कम होती है। इसी के साथ ही फसल कटाई हेतु कंबाइन हार्वेस्टर का उपयोग किया जाना चाहीए जो दो प्रकार के होते हैं एक जिसमें पुन्नी कंबाइन हार्वेस्टर जिसमे भूसा इकट्ठा होने के लिए ट्राली अटैच होती है फसल कटाई के बाद फसल का भुसा ट्राली में इकटठा होता है। यदी कृषक कटाई के समय उक्त यंत्र का उपयोग नही कर पाये तो फसल अवशेष को तेज धूप के बाद रोटावेटर का उपयोग करके अथवा देशी पाटा चलाकर गेहूं के बचे हुए स्ट्रा को जमीन में मिला सकते हैं। स्ट्रा को जमीन में मिलाने से जमीन की भौतिक दशा एवं कंपोस्टिंग खाद मिलने से जमीन की उर्वरा शक्ति में सुधार होता है।इसलिए नवाई नहीं जलाने हेतु कृषक बंधुओ से अपील की जाती है कि वर्तमान में पर्यावरण में धरती मां को सुरक्षित रखने मृदा में जीवन से हम कार्बनिक तत्त्व की मात्रा बढ़ाने के उद्देश्य से तथा जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान बचाने के उद्देश्य से मिट्टी को सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाए रखने हेतु नवाई नहीं जलाई जलाएं उपरोक्त उचित प्रबंधन में यंत्रों का उपयोग करते हुए धरती मां को सुरक्षित रखें।
किसान कल्याण वर्ष 2026 में नरवाई प्रबंधन, उन्नत यंत्रों का उपयोग एवं धरती माता को सुरक्षित रखें किसान कल्याण वर्ष 2026 में नरवाई प्रबंधन, उन्नत यंत्रों का उपयोग एवं धरती माता को सुरक्षित रखें राहुल सेन मांडव मो 9669141814 धार 23 फरवरी 2026। जिले में इस समय गेहूं एवं अन्य रवि फसलों की कटाई का कार्य प्रारंभ हो गया है अनेक कृ षक फसल कटाई कार्य कंबाइन हार्वेस्टर से कर रहे हैं जिससे कटाई उपरांत खेतों में फसल अवशेष रह जाते हैं विगत वर्षों में फसल शेष अवशेष को जलाने की घटनाएं परिलक्षित हुई है, जिससे वायु प्रदूषण के साथ ही मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीव एवं केंचुए मर जाते हैं और भूमि कठोर हो जाती है जिससे खेत की तैयारी में अधिक ऊर्जा एवं समय लगता है साथ ही मृदा के महत्वपूर्ण तत्व (कार्बनिक पदार्थ) भी नष्ट हो जाते है एवं खेत की उपजाऊ क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और दिनों दिन उत्पादकता कम होती जा रही है। नरवाई जलाने से पशुओं को खिलाने वाला चार भूसा भी जलकर नष्ट हो जाता है जिससे नरवाई जालना किसानों के लिए एक आत्मघाती कदम है। नरवाई जलने से होने वाले वायु प्रदूषण एवं
आगजनी की घटनाओं से आमजन के स्वास्थ्य जान माल की सुरक्षा हेतु तथा भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के उद्देश्य से एवं रबी सीजन में नरवाई जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट धार श्री प्रियंक मिश्रा द्वारा द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जिले की राजस्व सीमा क्षेत्र हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश अनुसार जिला अंतर्गत फसल कटाई के पश्चात बचाने वाले अवशेष कुंट एवं डंठल (नरवाई) को जलाना पूर्णत प्रतिबंधित किया गया है।नरवाई में आग लगाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखने के लिये नरवाई प्रबंधन के यंत्रों जैसे एक्स्ट्रा रीपर, रीपर, रीपर कंबाइंडर, एक्स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, सुपर सीडर, मल्चर, बेलर इत्यादि का उपयोग किया जाना चाहिए। रीपर (ट्रैक्टर चालित /स्वचालित) खड़ी फसल को जड़ के पास से काटकर कतारों में व्यवस्थित रखता है। इससे फसल कटाई शीघ्र व कम लागत में होती है तथा अवशेष प्रबंधन सरल बनता है। स्ट्रा रीपर यह यंत्र कंबाइन हार्वेस्टर के बाद खेत में बची नरवाई को काटकर भूसा तैयार करता है। इससे अवशेषों का उपयोग पशुचारे के रूप में हो जाता है और जलाने
की आवश्यकता कम होती है। इसी के साथ ही फसल कटाई हेतु कंबाइन हार्वेस्टर का उपयोग किया जाना चाहीए जो दो प्रकार के होते हैं एक जिसमें पुन्नी कंबाइन हार्वेस्टर जिसमे भूसा इकट्ठा होने के लिए ट्राली अटैच होती है फसल कटाई के बाद फसल का भुसा ट्राली में इकटठा होता है। यदी कृषक कटाई के समय उक्त यंत्र का उपयोग नही कर पाये तो फसल अवशेष को तेज धूप के बाद रोटावेटर का उपयोग करके अथवा देशी पाटा चलाकर गेहूं के बचे हुए स्ट्रा को जमीन में मिला सकते हैं। स्ट्रा को जमीन में मिलाने से जमीन की भौतिक दशा एवं कंपोस्टिंग खाद मिलने से जमीन की उर्वरा शक्ति में सुधार होता है।इसलिए नवाई नहीं जलाने हेतु कृषक बंधुओ से अपील की जाती है कि वर्तमान में पर्यावरण में धरती मां को सुरक्षित रखने मृदा में जीवन से हम कार्बनिक तत्त्व की मात्रा बढ़ाने के उद्देश्य से तथा जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान बचाने के उद्देश्य से मिट्टी को सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाए रखने हेतु नवाई नहीं जलाई जलाएं उपरोक्त उचित प्रबंधन में यंत्रों का उपयोग करते हुए धरती मां को सुरक्षित रखें।
- मांडू में शांति और सौहार्द के साथ मनाएं त्यौहार, हर स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहेगा : एसडीओपी राहुल सेन मांडव मो 9669141814 मांडू न्यूज/आज शाम मांडू पुलिस थाना परिसर में आगामी त्यौहारों को लेकर शांति समिति की बैठक का आयोजन रखा गया। बैठक में भगोरिया हाट होली रंग पंचमी ओर ईद सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में प्रमुख रूप से धामनोद एसडीओपी मोनिका सिंह ,नालछा तहसीलदार राहुल गायकवाड, भाजपा अजजा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष मांडू नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि जयराम गावर, मांडू नगर परिषद उपाध्यक्ष कृष्णा यादव,मांडू थाना प्रभारी इंदल सिंह रावत,मांडू नगर परिषद सीएमओ सुशील ठाकुर, उपस्थित रहे बैठक में शांति, सद्भाव बनाए रखने, परीक्षा के दौरान डीजे पर प्रतिबंध, सुरक्षित होलिका दहन और सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने सभी त्योहारों को परंपरागत रूप से मनाने के निर्देश दिए। पुलिस एसडीओपी मोनिका सिंह ने बताया कि धुलेंडी और रंगपंचमी के दौरान मस्जिदों के आसपास विशेष पुलिस बल तैनात रहेगा। होलिका दहन बिजली के तारों से दूर करने और हरे पेड़ों को न काटने के निर्देश दिए गए। रंगपंचमी पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा गैर निकाली जाएगी। नगर परिषद को त्योहारों के दौरान विशेष साफ-सफाई और दोपहर बाद जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। भाजपा अजजा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि जयराम गावर ने बताया कि रंग पंचमी पर फायर ब्रिगेड का उपयोग कर रंगारंग गैर निकाली जाएगी। नपा उपाध्यक्ष कृष्णा यादव ने जानकारी दी कि इस बार भगोरिया बहुत ही धूम धाम से मनाया जाएगा यह आदिवासी लोक त्योहार का मेला है बैठक में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों, पार्षदों, पत्रकारों और प्रशासनिक अधिकारियों ने त्योहारों को शांति और सद्भाव के साथ मनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मांडू मुस्लिम समाज के सदर हबीब खान,मजीद के मौलाना ,अफसर खान,हिंदू समाज के श्यामलाल गावर, पार्षद चलिया ,पार्षद मानसिंह सउनी भेरू सिंह देवड़ा,दिनेश वर्मा,प्रधान आर भूपेंद्र सिंह ठाकुर, आरक्षक जितेंद्र कन्नौज,महिला आरक्षक सपना जमरे ,वही आदि मांडू नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।4
- कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भोपाल कार्यक्रम को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि अजय सिंह ठाकुर ने मीडिया से की चर्चा1
- देपालपुर में महिन्द्रा शोरूम से नई बोलेरो चोरी, घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद1
- मध्यप्रदेश के इंदौर से इस वक्त की बड़ी खबर… जुए के अड्डे पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मौके से लाखों रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र में पुलिस ने जुए के एक बड़े अड्डे पर छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की है। गणेश नगर स्थित एक फ्लैट में लंबे समय से जुआ खेले जाने की सूचना मिल रही थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दबिश दी, जहां से 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया। छापेमारी के दौरान मौके से करीब 5 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं। साथ ही ताश की गड्डियां और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- c.m मोहन यादव ने महो के शांति नगर में स्कूल का उदघाटन करा1
- धार जिला वीडियो1
- Post by Khuli kitab News1
- किसान कल्याण वर्ष 2026 में नरवाई प्रबंधन, उन्नत यंत्रों का उपयोग एवं धरती माता को सुरक्षित रखें राहुल सेन मांडव मो 9669141814 धार 23 फरवरी 2026। जिले में इस समय गेहूं एवं अन्य रवि फसलों की कटाई का कार्य प्रारंभ हो गया है अनेक कृ षक फसल कटाई कार्य कंबाइन हार्वेस्टर से कर रहे हैं जिससे कटाई उपरांत खेतों में फसल अवशेष रह जाते हैं विगत वर्षों में फसल शेष अवशेष को जलाने की घटनाएं परिलक्षित हुई है, जिससे वायु प्रदूषण के साथ ही मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीव एवं केंचुए मर जाते हैं और भूमि कठोर हो जाती है जिससे खेत की तैयारी में अधिक ऊर्जा एवं समय लगता है साथ ही मृदा के महत्वपूर्ण तत्व (कार्बनिक पदार्थ) भी नष्ट हो जाते है एवं खेत की उपजाऊ क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और दिनों दिन उत्पादकता कम होती जा रही है। नरवाई जलाने से पशुओं को खिलाने वाला चार भूसा भी जलकर नष्ट हो जाता है जिससे नरवाई जालना किसानों के लिए एक आत्मघाती कदम है। नरवाई जलने से होने वाले वायु प्रदूषण एवं आगजनी की घटनाओं से आमजन के स्वास्थ्य जान माल की सुरक्षा हेतु तथा भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के उद्देश्य से एवं रबी सीजन में नरवाई जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट धार श्री प्रियंक मिश्रा द्वारा द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जिले की राजस्व सीमा क्षेत्र हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश अनुसार जिला अंतर्गत फसल कटाई के पश्चात बचाने वाले अवशेष कुंट एवं डंठल (नरवाई) को जलाना पूर्णत प्रतिबंधित किया गया है।नरवाई में आग लगाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखने के लिये नरवाई प्रबंधन के यंत्रों जैसे एक्स्ट्रा रीपर, रीपर, रीपर कंबाइंडर, एक्स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, सुपर सीडर, मल्चर, बेलर इत्यादि का उपयोग किया जाना चाहिए। रीपर (ट्रैक्टर चालित /स्वचालित) खड़ी फसल को जड़ के पास से काटकर कतारों में व्यवस्थित रखता है। इससे फसल कटाई शीघ्र व कम लागत में होती है तथा अवशेष प्रबंधन सरल बनता है। स्ट्रा रीपर यह यंत्र कंबाइन हार्वेस्टर के बाद खेत में बची नरवाई को काटकर भूसा तैयार करता है। इससे अवशेषों का उपयोग पशुचारे के रूप में हो जाता है और जलाने की आवश्यकता कम होती है। इसी के साथ ही फसल कटाई हेतु कंबाइन हार्वेस्टर का उपयोग किया जाना चाहीए जो दो प्रकार के होते हैं एक जिसमें पुन्नी कंबाइन हार्वेस्टर जिसमे भूसा इकट्ठा होने के लिए ट्राली अटैच होती है फसल कटाई के बाद फसल का भुसा ट्राली में इकटठा होता है। यदी कृषक कटाई के समय उक्त यंत्र का उपयोग नही कर पाये तो फसल अवशेष को तेज धूप के बाद रोटावेटर का उपयोग करके अथवा देशी पाटा चलाकर गेहूं के बचे हुए स्ट्रा को जमीन में मिला सकते हैं। स्ट्रा को जमीन में मिलाने से जमीन की भौतिक दशा एवं कंपोस्टिंग खाद मिलने से जमीन की उर्वरा शक्ति में सुधार होता है।इसलिए नवाई नहीं जलाने हेतु कृषक बंधुओ से अपील की जाती है कि वर्तमान में पर्यावरण में धरती मां को सुरक्षित रखने मृदा में जीवन से हम कार्बनिक तत्त्व की मात्रा बढ़ाने के उद्देश्य से तथा जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान बचाने के उद्देश्य से मिट्टी को सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाए रखने हेतु नवाई नहीं जलाई जलाएं उपरोक्त उचित प्रबंधन में यंत्रों का उपयोग करते हुए धरती मां को सुरक्षित रखें।3