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अयोध्या राम मंदिर में राम रतन धन की चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पत्रकारों ने संत से तीखे सवाल किए। हालांकि, पत्रकारों के इन तीखे सवालों का संत के पास कोई जवाब नहीं था।
हलचल अयोध्या समाचार
अयोध्या राम मंदिर में राम रतन धन की चोरी का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पत्रकारों ने संत से तीखे सवाल किए। हालांकि, पत्रकारों के इन तीखे सवालों का संत के पास कोई जवाब नहीं था।
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- सपा के पूर्व मंत्री पवन पाण्डेय ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा और आभूषणों की कथित चोरी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि अयोध्यावासियों ने हमेशा प्रभु श्रीराम का आदर किया है और कभी उनका अपमान नहीं किया, इसलिए इस घटना के लिए पूरी अयोध्या को बदनाम न किया जाए। पाण्डेय के अनुसार, इस चोरी के दोषी केवल राम मंदिर ट्रस्ट के जिम्मेदार लोग और उनके गुर्गे हैं। पूर्व मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस घटना से अयोध्यावासी खुद बहुत दुखी हैं और उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पाण्डेय ने यह भी आरोप लगाया कि चोरी उजागर होने से कुछ लोग तिलमिला रहे हैं, लेकिन सच छिप नहीं सकता। उन्होंने दावा किया कि 140 करोड़ देशवासी जान चुके हैं कि असली दोषी कौन हैं। पाण्डेय ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि अयोध्या पवित्र है और अयोध्यावासी निर्दोष हैं, जबकि गुनहगार वे हैं जिन्होंने आस्था को लूट का अड्डा बना लिया है।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान गबन मामले को लेकर यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंदिर की व्यवस्था देख रहे गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने गोपाल राव को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया है। शरद शुक्ला ने दावा किया कि मंदिर के बायलॉज के मुताबिक, विशेष आमंत्रित सदस्य को प्रबंधन का कार्य नहीं दिया जा सकता। इसके बावजूद, जिम्मेदार लोगों ने उन्हें प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी है। शुक्ला ने अपने आरोपों की पुष्टि में मीडिया के सामने राम मंदिर का बायलॉज भी पेश किया। यूथ कांग्रेस उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने इस बात पर जोर दिया कि वह इस न्याय की लड़ाई को आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे।2
- संतों की एक बैठक के दौरान एक पत्रकार ने तीखे सवाल पूछे। इन सवालों के बीच, पत्रकार ने स्पष्ट रूप से अपनी बात रखते हुए कहा कि 'जो आप कहेंगे, वही सच है'। यह घटना संतों की सभा में हुई, जहाँ पत्रकार के इन सवालों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।1
- प्रभु श्रीराम के मंदिर में हुई कथित 'डाकाजनी' और 'चढ़ावा चोरी' की घटना के बाद, सभी देशवासियों और राम भक्तों से अयोध्यावासियों को बदनाम न करने की अपील की गई है। पोस्ट के अनुसार, अयोध्या मर्यादा और आस्था की पावन नगरी है, और यहाँ के निवासियों ने कभी प्रभु श्रीराम जी के सम्मान के विपरीत कोई कार्य नहीं किया है। इसलिए, यह स्पष्ट कहा गया है कि आरोप केवल उन्हीं लोगों पर लगाए जाएं जिन्होंने मंदिर में रुपये और आभूषण चुराए हैं, और पूरी अयोध्या पर आरोप लगाना बंद किया जाए। लेखक ने आरोप लगाया है कि इस 'डकैती' के लिए ट्रस्ट में बैठे 'जिम्मेदार लोग' ही दोषी हैं, जिनके 'संरक्षण' में यह घटना हुई। उन पर 'गुर्गों की भर्ती' करने और राम मंदिर का पैसा व चढ़ावा चोरी करने का भी आरोप है। स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ये 'ट्रस्ट में बैठे हुए डकैत और चोर' ही अपमानित किए जाने चाहिए, न कि सम्पूर्ण अयोध्या और उसके निवासी। इस दुखद घटना से अयोध्यावासी स्वयं बहुत दुखी और परेशान हैं, और इसे 'ट्रस्टियों और उनके चमचों' द्वारा 'चढ़ावा चोरी का काला अध्याय' बताया गया है, जिसने 'अयोध्या की आत्मा को पीड़ा' पहुँचाई है। प्रभु श्रीराम जी से यही विनती है कि यह पूरा घटनाक्रम परत दर परत खुले और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों की 'बिलबिलाहट' पर टिप्पणी करते हुए पोस्ट में कहा गया है कि उन्हें इसलिए 'पेट में दर्द' हो रहा है क्योंकि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी ने इस 'चढ़ावा चोरी' और 'आभूषण की डकैती' को उजागर किया है। इन 'अंधभक्त कंपनी' को 'आहत' और 'अनर्गल प्रलाप' करते हुए बताया गया है, लेकिन जोर देकर कहा गया है कि इस 'अनर्गल प्रलाप' से सच दबने वाला नहीं है। दावा किया गया है कि 'पूरे 140 करोड़ भारतीय' जान चुके हैं कि चोरी किसने की और किसने कराई। इसे 'प्रभु श्रीराम जी की माया और आशीर्वाद' बताया गया है कि चढ़ावा चोरी को खोलने का सौभाग्य श्री अखिलेश यादव जी को मिला है, और उन पर प्रभु श्रीराम जी की कृपा है। पोस्ट का निष्कर्ष यह है कि अयोध्या पवित्र है और अयोध्यावासी निर्दोष हैं, जबकि असली दोषी वे हैं जिन्होंने 'आस्था के मंदिर को अपनी लूट का अड्डा बनाने का दुस्साहस किया है'।1
- वाराणसी के प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4B पर तैनात एक पीएसी जवान की बंदूक से अचानक गोली चल गई। इस घटना में वहां मौजूद तीन लोगों को मामूली चोटें आई हैं।1
- राम मंदिर के चंदा चोरी मामले को लेकर 'बाबा' ने एक बड़ा खुलासा किया है। इस खुलासे के दौरान उन्होंने अपनी गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि चंदा चोरी होने पर 'हम बहुत रोए'।1
- आज लखनऊ में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय दौरा शुरू हो गया है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका भव्य स्वागत किया।2
- अयोध्या जिले के हैरिंग्टनगंज विकासखंड की जलालपुर भग्गू ग्राम पंचायत में छुट्टा मवेशियों का आतंक किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। इन दिनों क्षेत्र में धान की रोपाई का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन खेतों में घूम रहे ये मवेशी किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। किसानों के अनुसार, रात के समय ये मवेशी खेतों में घुसकर रोपी गई धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें बड़े आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है। अपनी फसल को बचाने के लिए किसानों को दिन-रात खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। कई किसान पूरी रात खेतों में जागकर इन मवेशियों को भगाने के लिए मजबूर हैं, फिर भी फसलों को पूरी तरह सुरक्षित रख पाना मुश्किल हो रहा है। किसान विनोद कुमार, हौसला प्रसाद, रामकिशोर यादव, मोहम्मद बकरीदी, सूर्यकांत तिवारी, अनिल तिवारी, राहुल तिवारी, सत्यनारायण तिवारी, छबिलाल, सत्रोहन, नंदकुमार, अखिलेश यादव, पुन्नू लाल यादव सहित कई अन्य किसानों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही इन छुट्टा मवेशियों को गौशालाओं में नहीं भेजा गया, तो उनकी धान की फसल को भारी क्षति होगी। ग्राम प्रधान पति सुरेश कुमार ने भी बताया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में छुट्टा मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे किसान बेहद परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र अभियान चलाकर सभी छुट्टा मवेशियों को गौशालाओं में भेजने का आग्रह किया है, ताकि किसानों की फसल सुरक्षित रह सके और उन्हें राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस संबंध में एडिओ पंचायत अरविंद कुमार ने बताया कि जल्द ही एक कमेटी गठित कर छुट्टा मवेशियों को पकड़कर गौशाला भेजा जाएगा।1
- एक अधिकारी को भ्रष्टाचारी बताया गया है, और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आधिकारिक पेज से उनका घूस लेते हुए एक वीडियो भी जारी किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का उल्लेख करते हुए भी इस अधिकारी को भ्रष्टाचारी कहा गया है, और भाजपा के आधिकारिक पेज द्वारा ही उनका घूस लेते हुए वीडियो सार्वजनिक किया गया है।1