वैशाली जिले के चेहराकला प्रखण्ड की बस्ती सरसिकन ग्राम पंचायत के उप मुखिया मो. फैसल ने मनरेगा योजनाओं में गंभीर वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि के गबन का मामला उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विभागीय जांच में इन अनियमितताओं की पुष्टि होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कुल ₹12,69,633 की अवैध निकासी/वसूली लंबित है। फैसल द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, चेहराकला प्रखण्ड की बस्ती सरसिकन पंचायत में ₹6,88,534 की अवैध निकासी या वसूली की अनुशंसा/आदेश ग्रामीण विकास विभाग, बिहार (BRDS) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) वैशाली के विभिन्न पत्रों द्वारा पुष्टि की गई है। इसमें ₹4,92,344 की अवैध निकासी, ₹1,86,500 की वसूली की अनुशंसा, और ₹9,690 की वसूली का आदेश शामिल है। इसके अतिरिक्त, जंदाहा प्रखण्ड की रसूलपुर प्रशोत्तमपुर पंचायत से जुड़े एक पूर्व मामले में, उप विकास आयुक्त, वैशाली के पत्रांक 2437 (दिनांक 21/08/2023) द्वारा ₹5,81,099 की वसूली की अनुशंसा की गई थी, जिस पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह अत्यंत गंभीर तथ्य है कि दोनों मामलों में एक ही पंचायत रोजगार सेवक (PRS) की संलिप्तता है, जो पहले जंदाहा प्रखण्ड में पदस्थापित थे और वर्तमान में चेहराकला प्रखण्ड के बस्ती सरसिकन पंचायत में कार्यरत हैं। फैसल का कहना है कि दोनों स्थानों पर समान प्रकार की अनियमितताएं यह दर्शाती हैं कि यह एक सुनियोजित और निरंतर किया जा रहा आर्थिक घोटाला है। उप मुखिया मो. फैसल ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है, बताते हुए कि उन्हें उक्त पंचायत रोजगार सेवक और बस्ती सरसिकन पंचायत के मुखिया के ससुर द्वारा लगातार धमकाया जा रहा है। धमकियों में कहा गया है कि “तुम कोर्ट या जिला कार्यालय जाओगे तो हाजीपुर होकर ही जाना पड़ेगा, वहां हमारे लोग हैं, तुम्हें देख लेंगे।” फैसल ने इसे अपने लिए गंभीर सुरक्षा खतरा और न्याय प्राप्त करने से रोकने का प्रयास बताया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया है कि दोषी पदाधिकारी अभी भी कार्यरत हैं और उनके खिलाफ न तो प्राथमिकी दर्ज हुई है और न ही कोई कार्रवाई की गई है, जबकि एक आम जनता के साथ ऐसी स्थिति में अब तक प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी भी हो चुकी होती।
वैशाली जिले के चेहराकला प्रखण्ड की बस्ती सरसिकन ग्राम पंचायत के उप मुखिया मो. फैसल ने मनरेगा योजनाओं में गंभीर वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि के गबन का मामला उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विभागीय जांच में इन अनियमितताओं की पुष्टि होने के बावजूद दोषियों के खिलाफ अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कुल
₹12,69,633 की अवैध निकासी/वसूली लंबित है। फैसल द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, चेहराकला प्रखण्ड की बस्ती सरसिकन पंचायत में ₹6,88,534 की अवैध निकासी या वसूली की अनुशंसा/आदेश ग्रामीण विकास विभाग, बिहार (BRDS) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) वैशाली के विभिन्न पत्रों द्वारा पुष्टि की गई है। इसमें ₹4,92,344 की अवैध निकासी, ₹1,86,500 की वसूली की अनुशंसा, और ₹9,690 की वसूली का
आदेश शामिल है। इसके अतिरिक्त, जंदाहा प्रखण्ड की रसूलपुर प्रशोत्तमपुर पंचायत से जुड़े एक पूर्व मामले में, उप विकास आयुक्त, वैशाली के पत्रांक 2437 (दिनांक 21/08/2023) द्वारा ₹5,81,099 की वसूली की अनुशंसा की गई थी, जिस पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह अत्यंत गंभीर तथ्य है कि दोनों मामलों में एक ही पंचायत रोजगार सेवक (PRS)
की संलिप्तता है, जो पहले जंदाहा प्रखण्ड में पदस्थापित थे और वर्तमान में चेहराकला प्रखण्ड के बस्ती सरसिकन पंचायत में कार्यरत हैं। फैसल का कहना है कि दोनों स्थानों पर समान प्रकार की अनियमितताएं यह दर्शाती हैं कि यह एक सुनियोजित और निरंतर किया जा रहा आर्थिक घोटाला है। उप मुखिया मो. फैसल ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता
व्यक्त की है, बताते हुए कि उन्हें उक्त पंचायत रोजगार सेवक और बस्ती सरसिकन पंचायत के मुखिया के ससुर द्वारा लगातार धमकाया जा रहा है। धमकियों में कहा गया है कि “तुम कोर्ट या जिला कार्यालय जाओगे तो हाजीपुर होकर ही जाना पड़ेगा, वहां हमारे लोग हैं, तुम्हें देख लेंगे।” फैसल ने इसे अपने लिए गंभीर सुरक्षा खतरा और न्याय
प्राप्त करने से रोकने का प्रयास बताया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया है कि दोषी पदाधिकारी अभी भी कार्यरत हैं और उनके खिलाफ न तो प्राथमिकी दर्ज हुई है और न ही कोई कार्रवाई की गई है, जबकि एक आम जनता के साथ ऐसी स्थिति में अब तक प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी भी हो चुकी होती।
- बिहार में एक 'बड़ा खुलासा' सामने आया है, जिसमें बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि राज्य के बच्चों का भविष्य मात्र 10 हज़ार रुपये में 'बेच दिया गया' है। यह चौंकाने वाला आरोप बिहार की राजनीति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा बताया जा रहा है, और इसने एक बड़े घोटाले की ओर इशारा किया है। इस 'खुलासे' के संदर्भ में प्रशांत किशोर, सम्राट चौधरी, अमित शाह और मोदी जैसे प्रमुख नामों का उल्लेख किया गया है, जो इस मुद्दे की राजनीतिक गंभीरता को रेखांकित करता है। यह खबर 'ब्रेकिंग न्यूज़' और 'वायरल न्यूज़' के रूप में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रही है, जिससे बिहार में शिक्षा और राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा छिड़ गई है।1
- वैशाली जिले के हाजीपुर में एक BPSC शिक्षिका अपने पति और बच्चे को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए तैयार हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम में शिक्षिका के पति ने अपनी बात रखी है, जिसमें उन्होंने इस स्थिति पर अपना बयान दिया है।1
- यह बात समझने योग्य है कि कोई भी परिवार हो या संगठन, वह एक-दूसरे के सहयोग से चलता है, न कि किसी का इस्तेमाल करने से। इस महत्वपूर्ण सीख को राजनीति से ग्रहण किया जाना चाहिए, क्योंकि राजनीतिक विरोधी हमेशा इस फिराक में रहते हैं कि आपके अपनों को ही माध्यम बनाकर आपको बुलंदी से गिरा दें। जब किसी परिवार, संगठन या नेतृत्व में सहयोग की जगह एक-दूसरे का इस्तेमाल और खींचतान शुरू हो जाती है, तो इसका सीधा और अक्सर बड़ा फायदा विरोधी उठा लेते हैं। देश की राजनीति में ऐसे उदाहरणों की भरमार है, जो इस सच्चाई को प्रमाणित करते हैं। इसलिए, यह समय रहते समझना आवश्यक है कि वास्तविक शक्ति एकता में निहित है, न कि आपसी टकराव में, क्योंकि अपनों की लड़ाई का लाभ अंततः तीसरे पक्ष को ही मिलता है।1
- संसद में सांसद संजय सिंह ने एक बेहद दमदार और ओजस्वी भाषण दिया है। इस संबोधन को अत्यंत प्रभावी बताया जा रहा है, और विशेष रूप से इसके अंतिम भाग को महत्वपूर्ण करार देते हुए, लोगों से इसे अंत तक देखने का आग्रह किया गया है।1
- कुढ़नी के तुर्की थाना क्षेत्र के दुबियाही में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई और मामले की जाँच में जुट गई है। कुढ़नी मुखिया संघ के अशोक राय ने इस दुखद घटना की जानकारी दी।1
- यह जानने की जिज्ञासा व्यक्त की गई है कि राबड़ी देवी के उस बयान पर डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने क्या प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह किसी भी कीमत पर अपना बंगला खाली नहीं करेंगी। पोस्ट विशेष रूप से राबड़ी देवी के इस अडिग रुख पर डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के जवाब का इंतजार कर रही है।1
- बिहार के हाजीपुर से एक पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ी भावुक कहानी सामने आई है, जिसमें पत्नी बेवफा निकली। यह घटना तेजी से वायरल हो रही है और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब शॉर्ट्स, फेसबुक रील्स और इंस्टाग्राम रील्स पर ट्रेंड कर रही है।1
- बगहा थाना क्षेत्र स्थित एलआईसी कार्यालय परिसर में शुक्रवार को गोली चलने की एक घटना हुई। इस घटना के कारण इलाके में हड़कंप मच गया।1