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संसद में सांसद संजय सिंह ने एक बेहद दमदार और ओजस्वी भाषण दिया है। इस संबोधन को अत्यंत प्रभावी बताया जा रहा है, और विशेष रूप से इसके अंतिम भाग को महत्वपूर्ण करार देते हुए, लोगों से इसे अंत तक देखने का आग्रह किया गया है।
Nitish kumar
संसद में सांसद संजय सिंह ने एक बेहद दमदार और ओजस्वी भाषण दिया है। इस संबोधन को अत्यंत प्रभावी बताया जा रहा है, और विशेष रूप से इसके अंतिम भाग को महत्वपूर्ण करार देते हुए, लोगों से इसे अंत तक देखने का आग्रह किया गया है।
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- संसद में सांसद संजय सिंह ने एक बेहद दमदार और ओजस्वी भाषण दिया है। इस संबोधन को अत्यंत प्रभावी बताया जा रहा है, और विशेष रूप से इसके अंतिम भाग को महत्वपूर्ण करार देते हुए, लोगों से इसे अंत तक देखने का आग्रह किया गया है।1
- BPSC शिक्षिका पति और बच्चे को छोड़कर प्रेमी के संग रहने को तैयार है देखिए पति ने क्या बोला BPSC शिक्षिका पति और बच्चे को छोड़कर प्रेमी के संग रहने को तैयार है देखिए पति ने क्या बोला हाजीपुर वैशाली1
- वैशाली जिले के हाजीपुर सदर अस्पताल में इतनी भारी भीड़ थी कि अनेक मरीज अपना इलाज नहीं करा पाए। 'सदर अस्पताल का सच न्यूज' इस स्थिति को उजागर करता है, जहाँ भारी भीड़ के कारण कई मरीजों को इलाज से वंचित रहना पड़ा और उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।4
- यह बात समझने योग्य है कि कोई भी परिवार हो या संगठन, वह एक-दूसरे के सहयोग से चलता है, न कि किसी का इस्तेमाल करने से। इस महत्वपूर्ण सीख को राजनीति से ग्रहण किया जाना चाहिए, क्योंकि राजनीतिक विरोधी हमेशा इस फिराक में रहते हैं कि आपके अपनों को ही माध्यम बनाकर आपको बुलंदी से गिरा दें। जब किसी परिवार, संगठन या नेतृत्व में सहयोग की जगह एक-दूसरे का इस्तेमाल और खींचतान शुरू हो जाती है, तो इसका सीधा और अक्सर बड़ा फायदा विरोधी उठा लेते हैं। देश की राजनीति में ऐसे उदाहरणों की भरमार है, जो इस सच्चाई को प्रमाणित करते हैं। इसलिए, यह समय रहते समझना आवश्यक है कि वास्तविक शक्ति एकता में निहित है, न कि आपसी टकराव में, क्योंकि अपनों की लड़ाई का लाभ अंततः तीसरे पक्ष को ही मिलता है।1
- यहां एक ओर जहां मरीज दवाओं के अभाव में अपनी जान गंवा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जीवनरक्षक दवाइयाँ कचरे में फेंकी हुई पाई गई हैं। इस बेहद गंभीर और परेशान करने वाली घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि इस आपराधिक लापरवाही का असली दोषी कौन है, और इन जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ प्रशासन द्वारा आखिर कब सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- चेहराकलां प्रखंड में स्थित हज़रत मकदुम शाह जलालुद्दीन खाजेचांद छपड़ा के मजार पर इस वर्ष भी वार्षिक चादरपोशी का कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हुआ। हर साल की भांति इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों ने मजार पर चादर चढ़ाई। इस अवसर पर एक दिवसीय मेले का भी आयोजन किया गया, जहाँ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद रहीं। मजार के गद्दीनीश अनुल शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 70 सालों से इस मजार पर चादरपोशी की परंपरा चली आ रही है। उनका कहना है कि जो लोग सच्चे मन से दुख की घड़ी में मकदुम शाह जलालुद्दीन को याद करते हैं, उनकी सभी मन की मुरादें पूरी हो जाती हैं। इस मजार पर सभी समुदायों के लोग चादरपोशी करने आते हैं। अनुल शाह ने आगे बताया कि पूर्वजों के अनुसार, मकदुम शाह जलालुद्दीन दीन-दुखियों की सेवा करते थे, और आज भी लोगों में उनके प्रति अटूट आस्था बनी हुई है, यही कारण है कि सभी समुदाय के लोग यहाँ चादरपोशी करने आते हैं। यहाँ तक कि तालसेहान, भरोखड़ा, सेहान, और मुजफ्फरपुर जिले के पैतरापुर सहित अन्य कई स्थानों से भी लोग गाजे-बाजे के साथ चादर चढ़ाने आते हैं। इस पूरे आयोजन में मजार कमेटी के सामाजिक कार्यकर्ता बेहद सक्रिय रहे, जबकि स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था ने भी भीड़ नियंत्रण में अपनी चाक-चौबंद भूमिका निभाई। कुल मिलाकर, हज़ारों लोगों ने हज़रत मकदुम शाह जलालुद्दीन खाजेचांद छपड़ा के मजार पर चादरपोशी की, जिनकी मान्यता है कि उनकी मन मुरादें पूरी हुई हैं।1
- 30 मई को सरई बाजार में एक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक यात्रा के दौरान, पूरा क्षेत्र ‘भोलेनाथ की जय’ के जयघोष से गूंज उठा, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।1
- Post by Ankesh Thakur1