नई सीसी सड़क बनी आफत: पटरी न बनने से गड्ढे, जाम और हादसे का खतरा बढ़ा औरैया में जालौन चौराहा से सेंट फ्रांसिस एकेडमी जाने वाले मार्ग पर हाल ही में बनी सीसी सड़क अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क के दोनों ओर पटरी निर्माण न होने से गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क करीब एक से डेढ़ फुट ऊंची बना दी गई है, जिसके चलते वाहन क्रॉसिंग के दौरान चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर स्कूल वाहनों और राहगीरों के लिए यह मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया है। कई बार यहां जाम जैसी स्थिति भी बन जाती है। भीषण गर्मी के बीच अभिभावकों के लिए बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण को लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन ठेकेदार द्वारा अब तक पटरी निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया गया है। नाराज नागरिकों ने पीडब्ल्यूडी विभाग से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति को सुधारा जा सके।
नई सीसी सड़क बनी आफत: पटरी न बनने से गड्ढे, जाम और हादसे का खतरा बढ़ा औरैया में जालौन चौराहा से सेंट फ्रांसिस एकेडमी जाने वाले मार्ग पर हाल ही में बनी सीसी सड़क अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क के दोनों ओर पटरी निर्माण न होने से गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क करीब एक से डेढ़ फुट ऊंची बना दी गई है, जिसके चलते वाहन क्रॉसिंग के दौरान चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर स्कूल वाहनों और राहगीरों के लिए यह मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया है। कई बार यहां जाम जैसी स्थिति भी बन जाती है। भीषण गर्मी के बीच अभिभावकों के लिए बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण को लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन ठेकेदार द्वारा अब तक पटरी निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया गया है। नाराज नागरिकों ने पीडब्ल्यूडी विभाग से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति को सुधारा जा सके।
- औरैया में जालौन चौराहा से सेंट फ्रांसिस एकेडमी जाने वाले मार्ग पर हाल ही में बनी सीसी सड़क अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क के दोनों ओर पटरी निर्माण न होने से गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क करीब एक से डेढ़ फुट ऊंची बना दी गई है, जिसके चलते वाहन क्रॉसिंग के दौरान चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर स्कूल वाहनों और राहगीरों के लिए यह मार्ग बेहद जोखिम भरा हो गया है। कई बार यहां जाम जैसी स्थिति भी बन जाती है। भीषण गर्मी के बीच अभिभावकों के लिए बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण को लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन ठेकेदार द्वारा अब तक पटरी निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया गया है। नाराज नागरिकों ने पीडब्ल्यूडी विभाग से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति को सुधारा जा सके।1
- औरैया रिपोर्ट- सहायल थाना क्षेत्र में पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने सड़क हादसे में घायल एक युवक को अपनी सरकारी गाड़ी से तत्काल अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि समय पर इलाज मिलने से युवक की जान बच गई। इस संवेदनशील और तत्पर कार्रवाई के बाद क्षेत्र में थानाध्यक्ष की जमकर सराहना हो रही है। घायल को अस्पताल पहुंचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग पुलिस के इस मानवीय रूप की तारीफ कर रहे हैं।1
- Post by Kanhaiya lal1
- अजीतमल औरैया। औरैया जनपद के कस्बा अजीतमल में कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय अजीतमल में स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षकों द्वारा 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के अंतर्गत विद्यालय स्टाफ ने घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया और बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। इस अभियान का नेतृत्व प्रधानाध्यापक अरुण कुमार दीक्षित ने किया। उनके साथ सहायक अध्यापक अखिलेश कुमार सिंह, हरेंद्र सिंह, माधुरी अग्निहोत्री, नीलम अग्निहोत्री, श्रद्धा मिश्रा, शबनम शाहीन, आरजू बेगम और निधि मिश्रा ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी शिक्षकों ने अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय में प्रवेश दिलाने का आग्रह किया। विद्यालय परिवार के इस सराहनीय प्रयास का असर भी देखने को मिल रहा है। वर्तमान में विद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़कर 182 हो गई है, जो अभियान की सफलता को दर्शाता है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि उनका लक्ष्य क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। विद्यालय परिवार का यह प्रयास निश्चित ही शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।1
- औरैया। सहायल थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने पेश की मानवता की मिसाल, ड्यूटी से बढ़कर निभाया फर्ज। सड़क दुर्घटना में तड़प रहे घायल युवक को तुरंत अपनी सरकारी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल। समय पर इलाज मिलने से बची युवक की जान, मौके पर दिखी पुलिस की तत्परता। बिना देरी किए खुद संभाली स्थिति, मानवता और जिम्मेदारी का दिया मजबूत संदेश। थानाध्यक्ष के इस सराहनीय कदम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल। वीडियो सामने आते ही क्षेत्रीय जनता ने की जमकर तारीफ, पुलिस की छवि हुई मजबूत।1
- इटावा। थाना लवेदी क्षेत्र में दंपत्ति से दिनदहाड़े चैन झपटकर दहशत फैलाने वाले झपटमार गैंग पर पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि उनके दो अन्य साथी—एक रेकी करने वाला और दूसरा चोरी का माल खरीदने वाला सुनार—भी गिरफ्तार कर लिए गए। 👉 घटना का खुलासा ऐसे हुआ: 28 मार्च 2026 को हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस टीम और थाना बकेवर व लवेदी पुलिस की संयुक्त टीम ने बदमाशों की तलाश में अभियान तेज कर दिया था। 👉 मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम: बीती रात महासिंहपुर पुल पर चेकिंग के दौरान संदिग्ध बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने घेराबंदी कर दो बदमाशों को गोली मारकर घायल कर दिया और मौके से दबोच लिया। बाकी दोनों आरोपियों को भी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। 👉 बरामदगी ने खोले कई राज: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से— बिना नंबर की अपाचे बाइक करीब 15 ग्राम पिघला हुआ सोना 5 मोबाइल फोन 2 अवैध तमंचे 6 जिंदा कारतूस व 4 खोखा कारतूस नकदी बरामद की है। 👉 पुलिस का सख्त संदेश: इटावा पुलिस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है— “अपराध करोगे तो अंजाम भुगतोगे।” इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जहां आम जनता ने राहत की सांस ली है, वहीं अपराधियों में हड़कंप मच गया है। जिले में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की सख्ती अब साफ नजर आने लगी है।2
- पूर्व आईएएस देवीदयाल की स्मृति दिवस पर की गई श्रद्धांजलि अर्पित, बृहद कार्यक्रम औरैया जिले के ग्राम मुनागंज में पूर्व आईएएस स्वर्गीय देवीदयाल की स्मृति दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उनके पैतृक गांव मुनागंज में स्थापित प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही, जिन्होंने उनके योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने स्व. देवीदयाल के जीवन एवं कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताया। बताया गया कि उनका जन्म इटावा/औरैया जिले के ग्राम मुनागंज में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा गांव में प्राप्त की और कक्षा आठ में जिले में प्रथम स्थान हासिल किया। इसके बाद जीआईसी इटावा से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण कर इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए, एमए और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1966 में प्रथम प्रयास में आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। अपने प्रशासनिक जीवन में उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में जिलाधिकारी तथा कमिश्नर सहित महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। बाद में भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति के दौरान पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त एवं अतिरिक्त सचिव तथा वित्त मंत्रालय में बैंकिंग सचिव के पद पर सेवाएं दीं। कार्यक्रम में भाजपा विधायक गुड़िया कठेरिया, सपा विधायक प्रदीप यादव के अलावा श्रीमती नीना दयाल, अलकनन्दा दयाल, प्रियांक भारती, गौरव दयाल, हर्षवर्धन दयाल, नेहा दयाल, प्रियदर्शनी, रामेश्वर दयाल, शम्भूदयाल, राजेन्द्र कुमार सिंह, ऋषीश्वर दयाल, यशपाल सिंह, हरीशचन्द्र, सौरभ दयाल, उमा शंकर, राहुल, धर्मेन्द्र, शिशुपाल सिंह और नीलू सहित अनेक लोग मौजूद रहे।1
- अजीतमल औरैया। औरैया जनपद के कस्बा अजीतमल में कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय अजीतमल में स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षकों द्वारा 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के अंतर्गत विद्यालय स्टाफ ने घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया और बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। इस अभियान का नेतृत्व प्रधानाध्यापक अरुण कुमार दीक्षित ने किया। उनके साथ सहायक अध्यापक अखिलेश कुमार सिंह, हरेंद्र सिंह, माधुरी अग्निहोत्री, नीलम अग्निहोत्री, श्रद्धा मिश्रा, शबनम शाहीन, आरजू बेगम और निधि मिश्रा ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी शिक्षकों ने अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय में प्रवेश दिलाने का आग्रह किया। विद्यालय परिवार के इस सराहनीय प्रयास का असर भी देखने को मिल रहा है। वर्तमान में विद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़कर 182 हो गई है, जो अभियान की सफलता को दर्शाता है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि उनका लक्ष्य क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। विद्यालय परिवार का यह प्रयास निश्चित ही शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।1