पहली पत्नी के रहते रचा लिया दूसरा निकाह! पन्ना में 'पति' की बेवफाई पर भड़की पत्नी, कलेक्टर की चौखट पर न्याय की गुहार। मोहब्बत, निकाह और फिर खौफनाक दगाबाजी! मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों की पवित्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां सरकार महिला सशक्तिकरण के दावे करती है, वहीं अजयगढ़ की रहने वाली एक पीड़िता न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। पीड़िता ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि पहली शादी के होते हुए और उसे प्रताड़ित कर घर से निकालने के बाद, पति ने गुपचुप तरीके से दूसरा निकाह कर लिया है। *दहेज की आग और बेवफाई का 'डबल डोज'* पीड़िता सबीना खातून ने आज मंगलवार 7 अप्रैल को कलेक्टर को सौंपे अपने शिकायती पत्र में बताया कि उसका निकाह वर्ष 2016 में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार आरिफ खान के साथ हुआ था। आरोप है कि निकाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा। मारपीट और मानसिक शोषण से तंग आकर पीड़िता अपने पिता के घर रहने को मजबूर हो गई। *बिना बताए रचा ली दूसरी शादी* मामला तब और पेचीदा हो गया जब पीड़िता को पता चला कि उसके पति आरिफ खान ने बीती 17 फरवरी 2026 को बांदा (यूपी) में चोरी-छिपे दूसरा निकाह कर लिया है। पीड़िता का दावा है कि उसने दूसरी महिला को सचेत भी किया था कि आरिफ पहले से शादीशुदा है, लेकिन साजिश के तहत यह निकाह संपन्न करा दिया गया। पीड़िता का सबसे बड़ा दर्द यह है कि उसने 25 फरवरी 2026 को ही अजयगढ़ थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि आज तक पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हार मानकर पीड़िता ने अब कलेक्टर महोदय से गुहार लगाई है कि दोषी पति और उसका साथ देने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और उसे उसका हक और न्याय दिलाया जाए। *घर से भी निकाला, लगा दिया ताला* दुखियारी पत्नी का आरोप है कि जब वह अपने ससुराल (पन्ना स्थित निज निवास) रहने गई, तो उसके जेठ और जेठानी ने गाली-गलौज कर उसे घर से बाहर निकाल दिया और घर में ताला जड़ दिया। पीड़िता का कहना है कि अगर उसे न्याय नही मिलता है तो वह फांसी लगाकर आत्महत्या करने को मजबूर होगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है? क्या इस पीड़िता को इंसाफ मिलेगा या उसकी आवाज फाइलों में ही दबी रह जाएगी?
पहली पत्नी के रहते रचा लिया दूसरा निकाह! पन्ना में 'पति' की बेवफाई पर भड़की पत्नी, कलेक्टर की चौखट पर न्याय की गुहार। मोहब्बत, निकाह और फिर खौफनाक दगाबाजी! मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों की पवित्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां सरकार महिला सशक्तिकरण के दावे करती है, वहीं अजयगढ़ की रहने वाली एक पीड़िता न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। पीड़िता ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि पहली शादी के होते हुए और उसे प्रताड़ित कर घर से निकालने के बाद, पति ने गुपचुप तरीके से
दूसरा निकाह कर लिया है। *दहेज की आग और बेवफाई का 'डबल डोज'* पीड़िता सबीना खातून ने आज मंगलवार 7 अप्रैल को कलेक्टर को सौंपे अपने शिकायती पत्र में बताया कि उसका निकाह वर्ष 2016 में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार आरिफ खान के साथ हुआ था। आरोप है कि निकाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा। मारपीट और मानसिक शोषण से तंग आकर पीड़िता अपने पिता के घर रहने को मजबूर हो गई। *बिना बताए रचा ली दूसरी शादी* मामला तब और पेचीदा हो गया जब पीड़िता को पता चला कि उसके पति आरिफ खान ने बीती
17 फरवरी 2026 को बांदा (यूपी) में चोरी-छिपे दूसरा निकाह कर लिया है। पीड़िता का दावा है कि उसने दूसरी महिला को सचेत भी किया था कि आरिफ पहले से शादीशुदा है, लेकिन साजिश के तहत यह निकाह संपन्न करा दिया गया। पीड़िता का सबसे बड़ा दर्द यह है कि उसने 25 फरवरी 2026 को ही अजयगढ़ थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि आज तक पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हार मानकर पीड़िता ने अब कलेक्टर महोदय से गुहार लगाई है कि दोषी पति और उसका साथ देने वालों पर कड़ी कानूनी
कार्रवाई हो और उसे उसका हक और न्याय दिलाया जाए। *घर से भी निकाला, लगा दिया ताला* दुखियारी पत्नी का आरोप है कि जब वह अपने ससुराल (पन्ना स्थित निज निवास) रहने गई, तो उसके जेठ और जेठानी ने गाली-गलौज कर उसे घर से बाहर निकाल दिया और घर में ताला जड़ दिया। पीड़िता का कहना है कि अगर उसे न्याय नही मिलता है तो वह फांसी लगाकर आत्महत्या करने को मजबूर होगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है? क्या इस पीड़िता को इंसाफ मिलेगा या उसकी आवाज फाइलों में ही दबी रह जाएगी?
- पहली पत्नी के रहते रचा लिया दूसरा निकाह! पन्ना में 'पति' की बेवफाई पर भड़की पत्नी, कलेक्टर की चौखट पर न्याय की गुहार। मोहब्बत, निकाह और फिर खौफनाक दगाबाजी! मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों की पवित्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां सरकार महिला सशक्तिकरण के दावे करती है, वहीं अजयगढ़ की रहने वाली एक पीड़िता न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। पीड़िता ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि पहली शादी के होते हुए और उसे प्रताड़ित कर घर से निकालने के बाद, पति ने गुपचुप तरीके से दूसरा निकाह कर लिया है। *दहेज की आग और बेवफाई का 'डबल डोज'* पीड़िता सबीना खातून ने आज मंगलवार 7 अप्रैल को कलेक्टर को सौंपे अपने शिकायती पत्र में बताया कि उसका निकाह वर्ष 2016 में मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार आरिफ खान के साथ हुआ था। आरोप है कि निकाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा। मारपीट और मानसिक शोषण से तंग आकर पीड़िता अपने पिता के घर रहने को मजबूर हो गई। *बिना बताए रचा ली दूसरी शादी* मामला तब और पेचीदा हो गया जब पीड़िता को पता चला कि उसके पति आरिफ खान ने बीती 17 फरवरी 2026 को बांदा (यूपी) में चोरी-छिपे दूसरा निकाह कर लिया है। पीड़िता का दावा है कि उसने दूसरी महिला को सचेत भी किया था कि आरिफ पहले से शादीशुदा है, लेकिन साजिश के तहत यह निकाह संपन्न करा दिया गया। पीड़िता का सबसे बड़ा दर्द यह है कि उसने 25 फरवरी 2026 को ही अजयगढ़ थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि आज तक पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हार मानकर पीड़िता ने अब कलेक्टर महोदय से गुहार लगाई है कि दोषी पति और उसका साथ देने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और उसे उसका हक और न्याय दिलाया जाए। *घर से भी निकाला, लगा दिया ताला* दुखियारी पत्नी का आरोप है कि जब वह अपने ससुराल (पन्ना स्थित निज निवास) रहने गई, तो उसके जेठ और जेठानी ने गाली-गलौज कर उसे घर से बाहर निकाल दिया और घर में ताला जड़ दिया। पीड़िता का कहना है कि अगर उसे न्याय नही मिलता है तो वह फांसी लगाकर आत्महत्या करने को मजबूर होगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है? क्या इस पीड़िता को इंसाफ मिलेगा या उसकी आवाज फाइलों में ही दबी रह जाएगी?4
- Post by Jay Jawan Jay Kisan1
- मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देश पर हटाया गया अतिक्रमण, लोगों में आक्रोश अजयगढ़:- नगर में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देशन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।इस दौरान कई स्थानों से अस्थाई अतिक्रमण हटाया गया,जबकि कुछ लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए समय दिया गया। कार्रवाई को लेकर नगरवासियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने में किसी स्पष्ट नियम या सीमा का पालन नहीं किया गया, जिससे असमानता की स्थिति बनी है।इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि फिलहाल केवल अस्थाई अतिक्रमण को हटाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्रवाई के लिए कोई विशेष मापदंड निर्धारित नहीं किया गया है। यदि किसी व्यक्ति के पास हटाए गए अतिक्रमण से संबंधित वैध दस्तावेज हैं, तो वे नगर परिषद में प्रस्तुत कर सकते हैं।हालांकि, अधिकारियों द्वारा स्पष्ट गाइडलाइन नहीं बताए जाने से लोगों में असमंजस और नाराजगी बनी हुई है।कार्यवाही के दौरान अनुविभागीय अधिकारी आलोक मार्को,नायब तहसीलदार धनीराम बौद्ध, मुख्य नगर पालिका अधिकारी शशि कपूर गढ़पाले,नगर परिषद से बृजेन्द्र तिवारी सहित अजयगढ़ थाना पुलिस व नगर परिषद के कर्मचारी उपस्थित रहे।मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा कहा गया कि आगे भी अन्य स्थानों पर अतिक्रमण की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी जिससे नगर में आवागमन सुलग हो सके।4
- जेकेसीमेट की तानाशाही को दिखाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद Shivam Pandey जी किसानों को न्याय मिलना एवं युवाओं को रोजगार के लिए उनकी लड़ाई लड़ने हम सबका दायित्व है1
- लोकेशन देवेंद्रनगर रिपोर्टर अशोक विश्वकर्मा स्लग/करीबन 55 लाख की उप स्वास्थ्य केंद्र बिल्डिंग में भ्रष्टाचार का खेल! देवरी गढ़ी में घटिया निर्माण पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, एक हफ्ते में जांच नहीं तो चक्का जाम एंकर / जनपद पंचायत पन्ना अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी गढ़ी में लगभग 55 लाख रुपए की लागत से बन रही उप स्वास्थ्य केंद्र भवन अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार, घटिया सामग्री के उपयोग और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक जांच के नाम पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई, तो चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्राम पंचायत देवरी गढ़ी में पुलिस हाउसिंग बोर्ड की ओर से उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 55 लाख रुपए की इस सरकारी परियोजना को लेकर अब गांव में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और खुला भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, भवन निर्माण का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि भवन को देखकर ही उसकी मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दीवारों की चुनाई डस्ट से की गई है, वहीं पेपर ब्लॉक ईंटों जैसी घटिया क्वालिटी की ईंटें लगाई गई हैं। इतना ही नहीं, भवन के पीछे नाले की रेत और मिट्टी युक्त सामग्री का इस्तेमाल किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में जिस तरह की सामग्री लगाई गई है, उससे यह भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं, वीडियो सामने आ रहे हैं, निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की कगार पर है, तब भी जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस बात का इंतजार कर रहे हैं? *ग्रामीणों का आरोप है कि जांच के नाम पर आज तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदार विभाग या तो मामले को दबाने में लगा है या फिर ठेकेदारों को खुली छूट दे रखी है।* गांव में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और भवन को दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं बनवाया गया, तो गांववासी चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है या फिर भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में जुटा रहता है। बाइट ग्राम वासियों की4
- एक ओर किसानों की फसले पकी खड़ी हुई है और कुदरत अपना कहर किसानों पर बरपा रहा है जहां किसान अपनी फसलों को लगातार चार महीना से खून पसीना एक करके फसलों को तैयार करता है और भगवान किसानों के लिए बे मौसम बरसात करके किसानों की मेहनत को बेकार करने में लगा हुआ है करीब 10 दिनों से आसमान में बादल छाए रहते हैं और कहीं कहां खुला मौसम हो जाता है लेकिन आज दिनांक शाम से फिर से मौसम में बदलाव हुआ है जिसमें आसमान में बादल छाए हुए हैं बिजली की चमक और गड़गड़ाहट से किसानों की धक-धक हो रही है अगर वे मौसम बरसात होती है तो किसानों को अपनी फसल से हाथ धोना पड़ेगा।1
- देश में गैस संकट पर हमारी भारत सरकार चुनावों में मस्त है मोदी जी कहते है संकट का डट कर सामना करो सरकार कोई मदद नहीं कर सकती मोदी जी बताएं टैक्स का बोझ जनता पर क्यों बार बार लादते हो आपदा में हाथ खड़े कर लेते हो। आप लोग बताए इस समय संकट में क्या चुनाव जरूरी थे।।1
- दिल्ली में जातिगत जनगणना को लेकर बड़ी बैठक में शामिल होकर बैठक को संबोधित करते हुए। #ओबीसी_महासभा #देश_मागे_जाती_जनगणना1