भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर) के आर्यसमाज सत्संग भवन में साप्ताहिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इस यज्ञ के ब्रह्मा श्रीराम आर्य थे, जबकि मुख्य यजमान अरविंद आर्य ने इसमें आहुतियाँ दीं। यज्ञ के समापन के बाद, महेंद्र आर्य ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी के जीवन चरित्र की व्याख्या की। हरिकिशन सेन ने सत्यार्थ प्रकाश का पाठन किया और प्रेम कुमार आर्य ने ऋग्वेद के मंत्रों की व्याख्या प्रस्तुत की। श्रीराम आर्य ने अपनी बौद्धिक चर्चा के दौरान ऋषि परंपरा की पद्धति को बनाए रखते हुए हर घर में यज्ञ की परंपरा डालने और उसे करने का आह्वान किया। इसके साथ ही, हरिकिशन सेन ने एक भजन के माध्यम से वर्णमाला के प्रत्येक अक्षर के महत्व का वर्णन किया। कार्यक्रम का समापन आदर्श आर्य द्वारा आर्यसमाज के दस नियमों को दोहराने और शांति पाठ के साथ हुआ। इस साप्ताहिक यज्ञ और सत्संग में श्रीराम आर्य, डॉ. विवेक आर्य, लोटन प्रसाद आर्य, प्रेम कुमार आर्य, गंगासागर आर्य, आदर्श आर्य, महेंद्र आर्य, मोहित आर्य, मनीष आर्य, शनि आर्य, शिवनारायण आर्य, शीला आर्या और सूरज आर्या सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भरुआसुमेरपुर (हमीरपुर) के आर्यसमाज सत्संग भवन में साप्ताहिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इस यज्ञ के ब्रह्मा श्रीराम आर्य थे, जबकि मुख्य यजमान अरविंद आर्य ने इसमें आहुतियाँ दीं। यज्ञ के समापन के बाद, महेंद्र आर्य ने महर्षि दयानंद सरस्वती जी के जीवन चरित्र की
व्याख्या की। हरिकिशन सेन ने सत्यार्थ प्रकाश का पाठन किया और प्रेम कुमार आर्य ने ऋग्वेद के मंत्रों की व्याख्या प्रस्तुत की। श्रीराम आर्य ने अपनी बौद्धिक चर्चा के दौरान ऋषि परंपरा की पद्धति को बनाए रखते हुए हर घर में यज्ञ की परंपरा
डालने और उसे करने का आह्वान किया। इसके साथ ही, हरिकिशन सेन ने एक भजन के माध्यम से वर्णमाला के प्रत्येक अक्षर के महत्व का वर्णन किया। कार्यक्रम का समापन आदर्श आर्य द्वारा आर्यसमाज के दस नियमों को दोहराने और शांति पाठ के साथ
हुआ। इस साप्ताहिक यज्ञ और सत्संग में श्रीराम आर्य, डॉ. विवेक आर्य, लोटन प्रसाद आर्य, प्रेम कुमार आर्य, गंगासागर आर्य, आदर्श आर्य, महेंद्र आर्य, मोहित आर्य, मनीष आर्य, शनि आर्य, शिवनारायण आर्य, शीला आर्या और सूरज आर्या सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
- कानपुर के बारादेवी चौराहा पर ज्वाइंट सीपी के आदेशों का पालन करते हुए जूही पुलिस द्वारा एक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। जूही थाना प्रभारी कृष्ण कुमार पटेल ने पुलिस बल के साथ मोर्चा संभालते हुए वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की गहनता से जांच की। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने आम जनता से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की।1
- मौदहा नगर में सीआरपीएफ जवान नफ़ीस उद्दीन उर्फ़ पिंटू को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान सेना के जवानों ने उन्हें तिरंगा ओढ़ाकर अंतिम सलामी अर्पित की, और नम आंखों के साथ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनकी अंतिम विदाई में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। जवान नफ़ीस उद्दीन की मृत्यु ड्यूटी पर लौटते समय बांदा के पास हुए एक सड़क हादसे में हुई थी। इस दुःखद अवसर पर परिजनों, प्रशासन, पुलिस और सेना के अधिकारियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएँ प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक, मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना, ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। कानपुर देहात के ग्राम कुसमी, पोस्ट कोरसा, तहसील अकबरपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह, पुत्र मिश्रीलाल, इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। प्रजापति समाज से संबंध रखने वाले धर्मेंद्र सिंह पीढ़ियों से माटीकला के पारंपरिक कार्य से जुड़े हुए थे, लेकिन सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के कारण वे आधुनिक उपकरण नहीं खरीद पा रहे थे। परिणामस्वरूप उनका उत्पादन सीमित था और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें माटीकला कार्य के साथ-साथ मजदूरी भी करनी पड़ती थी, जिससे उनकी मासिक आय लगभग 18 से 20 हजार रुपये के बीच थी। वर्ष 2025-26 में, उन्हें जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, कानपुर देहात के माध्यम से मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की जानकारी प्राप्त हुई। आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद, ग्रामीण बैंक, शाखा लालपुर, अकबरपुर द्वारा उन्हें 3 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। इस वित्तीय सहायता से श्री धर्मेंद्र सिंह ने अपनी इकाई का आधुनिकीकरण किया। उन्होंने जिगर मशीन, विभिन्न डाई तथा सोलर पैनल स्थापित किए, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पहले जहाँ अधिकांश कार्य पारंपरिक तरीके से होता था, वहीं अब आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कम समय में अधिक एवं बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार होने लगे हैं। इससे उनकी मेहनत कम हुई और उत्पादन लागत में भी कमी आई। आज श्री धर्मेंद्र सिंह की मासिक आय बढ़कर 30 से 32 हजार रुपये तक पहुँच गई है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी माटीकला इकाई में तीन अन्य ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे उनकी इकाई आज ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है। धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि यदि उन्हें समय पर शासन की योजना का लाभ और वित्तीय सहयोग न मिला होता, तो उनके लिए अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाना कठिन था। आज वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अपने परिवार को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं। श्री धर्मेंद्र सिंह की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाएँ वास्तव में पात्र लाभार्थियों के जीवन में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं। सरकार की योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे न केवल लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि प्रदेश में आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है। उनकी यह प्रेरक यात्रा एक सशक्त संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति के साथ शासन की योजनाओं का लाभ लिया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है।1
- फतेहपुर जनपद के चांदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुंडेरामपुर निवासी दीप नारायण ने पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पैतृक घर पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई है। पीड़ित ने बताया कि उनके माता-पिता का देहांत बचपन में ही हो गया था, जिसके बाद उनकी शिक्षा-दीक्षा ननिहाल में हुई। मजदूरी के लिए बाहर रहने के बाद जब वह गांव लौटे तो उन्हें पता चला कि उनके पैतृक मकान पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें जान से मारने की कथित धमकी भी दी। शिकायत में दीप नारायण ने यह भी उल्लेख किया है कि उनकी शादी हो चुकी है और उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा घर नहीं है। ऐसी स्थिति में, उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपने पैतृक मकान को कब्जा मुक्त कराने, सुरक्षा प्रदान करने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में पुलिस को शिकायत सौंप दी गई है और अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें हैं।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम बागी से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ रविवार सुबह कुछ दबंगों ने एक घर में घुसकर युवक, उसकी बहन और वृद्ध दादी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित मनीष पुत्र अरविंद के अनुसार, रविवार सुबह करीब 8 बजे वह अपने घर में था, तभी गांव के ही शिवा, रामू (पुत्रगण रामसेवक) और शिवकुमार (पुत्र रामदयाल) उसके घर पहुँचे और गाली-गलौज करने लगे। मनीष के विरोध करने पर, आरोप है कि इन लोगों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला कर दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब मनीष की बहन मनीषा और उनकी वृद्ध दादी उसे बचाने आईं, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट की। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुँचे, जिसके बाद आरोपी कथित रूप से जान से मारने की धमकी देते हुए वहाँ से भाग गए। घटना के बाद, पीड़ित ने कदौरा थाने में नामजद तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिस पर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं: आखिर दबंगों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए कि वे घर में घुसकर हमला करने की हिम्मत कर रहे हैं? क्या महिलाओं और बुजुर्गों पर हाथ उठाना अब आम होता जा रहा है? साथ ही, यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या आरोपियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई होगी और क्या पुलिस वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराएगी? घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह जानकारी पीड़ित पक्ष के प्रार्थना पत्र, वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। पुलिस की विस्तृत जाँच और दूसरे पक्ष का बयान सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- हमीरपुर जिले के बिवार थाना क्षेत्र में उमरी-इमिलिया मार्ग पर शनिवार को एक चलती लोडर गाड़ी अचानक आग का गोला बन गई। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण लोडर में आग भड़क उठी, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आग लगते ही चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत वाहन से कूदकर अपनी जान बचा ली। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे लोडर को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से आग पर काबू पाया गया। पुलिस के अनुसार, घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और सभी लोग सुरक्षित हैं। आग पूरी तरह बुझा दी गई है। मामले में थाना पुलिस आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है, वहीं चालक की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।1