डूंगरपुर के अमृतिया निवासी कमलेन्द्रसिंह चुंडावत के पुत्र रूद्रांशवर्धन सिंह ने नासिक, महाराष्ट्र में आयोजित पेंचक सिलाट मार्शल आर्ट कराटे चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उन्होंने अपने परिवार, समाज, गाँव और पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है, जिसके बाद उदयपुर में उनका भव्य स्वागत किया गया। रूद्रांशवर्धन सिंह ने अपने खेल के सफर की शुरुआत उदयपुर में जिला स्तरीय प्रतियोगिता जीतकर की थी। इसके बाद, उन्होंने जयपुर में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक हासिल किया, जिसके आधार पर उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुना गया। नासिक में आयोजित राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में, उन्होंने पहले मुकाबले में मध्य प्रदेश के खिलाड़ी को कड़े संघर्ष में हराया और फिर फाइनल में हरियाणा के खिलाड़ी को पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया। इस गौरवपूर्ण सफलता के बाद, उदयपुर में समाजजनों ने रूद्रांशवर्धन सिंह का भव्य स्वागत और सम्मान किया। बड़ी संख्या में उपस्थित समाजबंधुओं ने उन्हें पुष्पमालाएँ पहनाकर अभिनंदन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं, साथ ही उनकी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त किया। उनके पैतृक गाँव अमृतिया पहुँचने पर भी ग्रामीणों ने फूलों से उनका स्वागत किया। इस अवसर पर, तखत सिंह बाणा ने रूद्रांशवर्धन सिंह की इस सफलता को युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया और ईश्वर से उनके निरंतर नई ऊँचाइयाँ छूने तथा भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करते रहने की प्रार्थना की। पूरे क्षेत्र में रूद्रांशवर्धन सिंह की इस उपलब्धि से खुशी का माहौल है, और परिवार, समाज तथा खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि वे अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से भविष्य में भी नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। उदयपुर में हुए स्वागत समारोह में गजपाल सिंह राठौड़, प्रथ्वी राज सिंह बनेडिया, तख्त सिंह बाना, डॉ. परमवीर सिंह दुलावत बंबोरा, जवान सिंह जावद, सोहन सिंह, गोपाल सिंह तितरड़ी, महेश गोस्वामी, सुरेन्द्र सिंह पंवार, पुष्पेंद्र सिंह झांबूडा, कूर सिंह बस्सी, मनोहर सिंह वाडा कुंडली, जतींन नायक, करण सिंह और लक्ष्मण सिंह कोठी होटल उदयपुर सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
डूंगरपुर के अमृतिया निवासी कमलेन्द्रसिंह चुंडावत के पुत्र रूद्रांशवर्धन सिंह ने नासिक, महाराष्ट्र में आयोजित पेंचक सिलाट मार्शल आर्ट कराटे चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उन्होंने अपने परिवार, समाज, गाँव और पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है, जिसके बाद उदयपुर में उनका भव्य स्वागत किया गया। रूद्रांशवर्धन सिंह ने अपने खेल के सफर की शुरुआत उदयपुर में जिला स्तरीय प्रतियोगिता जीतकर की थी। इसके बाद, उन्होंने जयपुर में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक हासिल किया, जिसके आधार पर उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुना गया। नासिक में आयोजित राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में, उन्होंने पहले मुकाबले में मध्य प्रदेश के खिलाड़ी को कड़े संघर्ष में हराया और फिर फाइनल में हरियाणा के खिलाड़ी को पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया। इस गौरवपूर्ण सफलता के बाद, उदयपुर में समाजजनों ने रूद्रांशवर्धन सिंह का भव्य स्वागत और सम्मान किया। बड़ी संख्या में उपस्थित समाजबंधुओं ने उन्हें पुष्पमालाएँ पहनाकर अभिनंदन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं, साथ ही उनकी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त किया। उनके पैतृक गाँव अमृतिया पहुँचने पर भी ग्रामीणों ने फूलों से उनका स्वागत किया। इस अवसर पर, तखत सिंह बाणा ने रूद्रांशवर्धन सिंह की इस सफलता को युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया और ईश्वर से उनके निरंतर नई ऊँचाइयाँ छूने तथा भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करते रहने की प्रार्थना की। पूरे क्षेत्र में रूद्रांशवर्धन सिंह की इस उपलब्धि से खुशी का माहौल है, और परिवार, समाज तथा खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि वे अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से भविष्य में भी नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। उदयपुर में हुए स्वागत समारोह में गजपाल सिंह राठौड़, प्रथ्वी राज सिंह बनेडिया, तख्त सिंह बाना, डॉ. परमवीर सिंह दुलावत बंबोरा, जवान सिंह जावद, सोहन सिंह, गोपाल सिंह तितरड़ी, महेश गोस्वामी, सुरेन्द्र सिंह पंवार, पुष्पेंद्र सिंह झांबूडा, कूर सिंह बस्सी, मनोहर सिंह वाडा कुंडली, जतींन नायक, करण सिंह और लक्ष्मण सिंह कोठी होटल उदयपुर सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
- डूंगरपुर के अमृतिया निवासी कमलेन्द्रसिंह चुंडावत के पुत्र रूद्रांशवर्धन सिंह ने नासिक, महाराष्ट्र में आयोजित पेंचक सिलाट मार्शल आर्ट कराटे चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उन्होंने अपने परिवार, समाज, गाँव और पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है, जिसके बाद उदयपुर में उनका भव्य स्वागत किया गया। रूद्रांशवर्धन सिंह ने अपने खेल के सफर की शुरुआत उदयपुर में जिला स्तरीय प्रतियोगिता जीतकर की थी। इसके बाद, उन्होंने जयपुर में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक हासिल किया, जिसके आधार पर उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुना गया। नासिक में आयोजित राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैंपियनशिप में, उन्होंने पहले मुकाबले में मध्य प्रदेश के खिलाड़ी को कड़े संघर्ष में हराया और फिर फाइनल में हरियाणा के खिलाड़ी को पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया। इस गौरवपूर्ण सफलता के बाद, उदयपुर में समाजजनों ने रूद्रांशवर्धन सिंह का भव्य स्वागत और सम्मान किया। बड़ी संख्या में उपस्थित समाजबंधुओं ने उन्हें पुष्पमालाएँ पहनाकर अभिनंदन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं, साथ ही उनकी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त किया। उनके पैतृक गाँव अमृतिया पहुँचने पर भी ग्रामीणों ने फूलों से उनका स्वागत किया। इस अवसर पर, तखत सिंह बाणा ने रूद्रांशवर्धन सिंह की इस सफलता को युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया और ईश्वर से उनके निरंतर नई ऊँचाइयाँ छूने तथा भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करते रहने की प्रार्थना की। पूरे क्षेत्र में रूद्रांशवर्धन सिंह की इस उपलब्धि से खुशी का माहौल है, और परिवार, समाज तथा खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि वे अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से भविष्य में भी नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। उदयपुर में हुए स्वागत समारोह में गजपाल सिंह राठौड़, प्रथ्वी राज सिंह बनेडिया, तख्त सिंह बाना, डॉ. परमवीर सिंह दुलावत बंबोरा, जवान सिंह जावद, सोहन सिंह, गोपाल सिंह तितरड़ी, महेश गोस्वामी, सुरेन्द्र सिंह पंवार, पुष्पेंद्र सिंह झांबूडा, कूर सिंह बस्सी, मनोहर सिंह वाडा कुंडली, जतींन नायक, करण सिंह और लक्ष्मण सिंह कोठी होटल उदयपुर सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।1
- भीषण गर्मी के वर्तमान मौसम में, लोगों से यह विनम्र आग्रह किया गया है कि वे अपने-अपने घरों की छतों पर पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें। बताया गया है कि लगभग सभी घरों में पहले से ही छतों पर पक्षियों के भोजन और पानी का प्रबंध किया जाता है, जिससे पक्षी आकर अपना पेट भरते और अपनी प्यास बुझाते हैं। इसी के चलते, सभी से विनती की जा रही है कि वे अपने घरों पर एक छोटा सा प्याऊ लगाएं और थोड़ा दाना डालकर पक्षियों के भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करें। धन्यवाद।1
- डूंगरपुर जिला पुलिस ने पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी ने एक महिला के गले से चांदी की हासली जबरन छीन ली थी और मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया माल भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, प्रार्थी महिला ने 21 जून को कुँआ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि बीते 28 अप्रैल की रात करीब 11 बजे वह और उसके पति अपने घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान सेण्डोला निवासी दिनेश पुत्र अमृत भगोरा उनके आंगन में घुस आया और महिला के गले में पहनी चांदी की हासली खोलकर छीन ली। महिला के शोर मचाने पर आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला था। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 329(3) और 304(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह और वृत्ताधिकारी (सीमलवाड़ा) मदनलाल बिश्नोई के सुपरविजन में कुँआ थानाधिकारी रघुवीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दिनेश चंद्र निवासी सेण्डोला को दरियाटी बस स्टैंड से धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके मकान से लूटी गई चांदी की हासली भी बरामद कर ली है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जिला कारागृह डूंगरपुर भेज दिया गया है। इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में सउनि हेमेन्द्र सिंह, कानि मुकुल सिंह और कानि अक्षयराज सिंह शामिल रहे।1
- डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर जिले भर में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शिकंजा' अभियान के तहत कुआं पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीव सिंह और वृताधिकारी मदनलाल विश्नोई के सुपरविजन में तथा थानाधिकारी रघुवीर सिंह के नेतृत्व में अभियुक्त दिनेश पुत्र अमृत भगोरा, निवासी सैंडोला, को दरियाटी बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त दिनेश पर आरोप है कि वह रात के समय एक महिला के गले से पहनी चांदी की हासली छीनकर फरार हो गया था। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए अभियुक्त के पास से चोरी की गई चांदी की हासली बरामद कर ली है। कुआं पुलिस थाना के इस कार्य को सराहनीय बताया गया है।1
- धरियावद राजमहल के ठाकुर भानुप्रताप सिंह राणावत ने मोहर्रम के दर्शन किए। इस अवसर पर, समाजजनों ने उनका साफा बांधकर भव्य स्वागत किया।1
- भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में शामिल, भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के पुरोधा स्वर्गीय श्रीपतराय दवे की जन्मशताब्दी वर्ष पर आयोजित तीन दिवसीय अस्थि कलश यात्रा का भावपूर्ण समापन हो गया। यात्रा के अंतिम दिन आबापुरा में अस्थि कलश का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद पाड़ला चौराहे पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जन्मशताब्दी वर्ष समारोह समिति के जिला संयोजक वरिष्ठ ओमजी पालीवाल, रथ प्रभारी वरिष्ठ मधुसूदन व्यास, पूर्व संसदीय सचिव भीमाभाई डामोर और वरिष्ठ प्रताप पटेल ने श्रीपतराय दवे के राष्ट्रभक्ति, संगठन निर्माण, सादगी और समाजसेवा जैसे आदर्शों को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने दवे के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। इससे पहले, कुशलगढ़ टाउन हॉल, छोटा डूंगरा शिव मंदिर परिसर और सज्जनगढ़ निकेतन परिसर में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इन सभी कार्यक्रमों में संयोजक रमेश पंवार, सहसंयोजक सुरेश पण्ड्या, राजेश कटारा, युगल उपाध्याय, सत्यनारायण मीणा, प्रधान कान्हिग रावत, पूर्व पालिका अध्यक्ष राघवेश चरपोटा, जितेंद्र आहारी, रमेश जी टीलेसरा, दिलीप टेलर, सरदार सिंह कटारा, राकेश खड़िया, दिलीप पी पी और लाल सिंह जी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं के अंतिम दर्शन हेतु, अस्थि कलश को 28 जून (रविवार) को कुशलबाग स्थित भाजपा जिला कार्यालय में रखा जाएगा।2
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा में बैंक ऑफ बड़ौदा के पास पुलिस का काम निर्माणाधीन होने के कारण 28 जून से 1 जुलाई तक संबंधित मार्ग बंद रहेगा। इस दौरान यातायात को सीमलवाड़ा-धम्बोला मार्ग पर बीएसएनएल टावर से डायवर्ट कर राजपुर चौकड़ी पीठ मार्ग का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। यह मार्ग पुलिस के निर्माण कार्य के चलते बंद किया जा रहा है।2
- डूंगरपुर जिले में पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान को सफल बनाने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। गैप सागर की पाल से शुरू हुई इस रैली को जिला प्रभारी स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. मुकेश डिगरवाल और आरसीएचओ डॉ. लोकेश कुमार परमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए सीएमएचओ कार्यालय पर आकर संपन्न हुई। रैली को रवाना करते हुए डॉ. मुकेश डिगरवाल ने इस अभियान को पोलियो मुक्त भारत को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी अभिभावकों से कल (28 जून) अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा पिलाने की अपील की। आरसीएचओ डॉ. लोकेश कुमार परमार ने अभियान की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि इस बार जिले में 2,24,714 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने जानकारी दी कि 28 जून को बूथ दिवस मनाया जाएगा, जिसके बाद 29 और 30 जून को स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को दवा पिलाएंगी जो किसी कारणवश बूथ पर नहीं आ पाए हैं। इस जागरूकता रैली में चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ यूपीएम मनीष शर्मा, प्रिंसिपल श्री जयेश पंड्या, देवेंद्र वर्मा, प्रियांशु पांडे, लोकेश पांडे, कपिल पांडे, जयेश डामोर, गौरंग जोशी, नर्सिंग ट्यूटर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने अपने हाथों में बैनर लेकर 'दो बूंद जिंदगी की, पोलियो से सुरक्षा की' के नारे लगाए। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से विशेष आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और कल अपने नजदीकी पोलियो बूथ पर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, क्योंकि यह दवा बच्चों को दिव्यांगता से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच है। इस महत्वपूर्ण अभियान से कोई भी बच्चा वंचित न रहे, इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।1