राजनीतिक नेताओं पर 'गौ माता' के नाम पर वोट की राजनीति करने और सत्ता में आते ही गायों की उम्र तय करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस कृत्य को न सिर्फ दोहरी मानसिकता बताया गया है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया गया है। पोस्ट में ऐसी मानसिकता रखने वाले नेताओं का कड़े शब्दों में विरोध और निंदा की गई है। आगे कहा गया है कि जो नेता अपनी तथाकथित 'गौ माता' की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते, वे किस आधार पर देश और जनता की सुरक्षा का दावा करते हैं। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि जनता अब इन नेताओं की हरकतों को पूरी तरह समझ चुकी है, और यह सब केवल वोट की राजनीति तथा भावनाओं का व्यापार है। पोस्ट में चुनाव से पहले के नारों 'गाय हमारी माता' और चुनाव के बाद की मानसिकता '14 साल से अधिक वाली को काट दो, हमारा क्या जाता है!' के बीच तीखा विरोधाभास भी उजागर किया गया है।
राजनीतिक नेताओं पर 'गौ माता' के नाम पर वोट की राजनीति करने और सत्ता में आते ही गायों की उम्र तय करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस कृत्य को न सिर्फ दोहरी मानसिकता बताया गया है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया गया है। पोस्ट में ऐसी मानसिकता रखने वाले नेताओं का कड़े शब्दों में विरोध और निंदा की गई है। आगे कहा गया है कि जो नेता अपनी तथाकथित 'गौ माता' की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते, वे किस आधार पर देश और जनता की सुरक्षा का दावा करते हैं। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि जनता अब इन नेताओं की हरकतों को पूरी तरह समझ चुकी है, और यह सब केवल वोट की राजनीति तथा भावनाओं का व्यापार है। पोस्ट में चुनाव से पहले के नारों 'गाय हमारी माता' और चुनाव के बाद की मानसिकता '14 साल से अधिक वाली को काट दो, हमारा क्या जाता है!' के बीच तीखा विरोधाभास भी उजागर किया गया है।
- राजनीतिक नेताओं पर 'गौ माता' के नाम पर वोट की राजनीति करने और सत्ता में आते ही गायों की उम्र तय करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस कृत्य को न सिर्फ दोहरी मानसिकता बताया गया है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया गया है। पोस्ट में ऐसी मानसिकता रखने वाले नेताओं का कड़े शब्दों में विरोध और निंदा की गई है। आगे कहा गया है कि जो नेता अपनी तथाकथित 'गौ माता' की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते, वे किस आधार पर देश और जनता की सुरक्षा का दावा करते हैं। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि जनता अब इन नेताओं की हरकतों को पूरी तरह समझ चुकी है, और यह सब केवल वोट की राजनीति तथा भावनाओं का व्यापार है। पोस्ट में चुनाव से पहले के नारों 'गाय हमारी माता' और चुनाव के बाद की मानसिकता '14 साल से अधिक वाली को काट दो, हमारा क्या जाता है!' के बीच तीखा विरोधाभास भी उजागर किया गया है।1
- एक मामले को लेकर यह सवाल उठाया गया है कि जिस जगह पर मुसलमानों के नाम शामिल किए जाने थे, वहां एक हिन्दू का नाम क्यों सामने आया है।1
- सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड के वार्ड नंबर 10, 11 और 12 में पिछले 6 दिनों से एक बिजली पोल गिर जाने के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित है। भीषण गर्मी के इस दौर में आम जनता अंधेरे में रहने को मजबूर है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था, मोबाइल चार्जिंग तथा दैनिक जीवन के अन्य आवश्यक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बिजली उपभोक्ता लगातार विभाग एवं जनप्रतिनिधियों से समस्या समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थिति अब तक जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों में विभागीय लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है। जनता का आरोप है कि चुनाव के समय प्रत्याशी हर कार्य को समय पर पूरा करने का वादा करते हैं, लेकिन अब लोग मूलभूत सुविधा बिजली के लिए 6 दिनों से परेशान हैं। जनता की मांग है कि शीघ्र बिजली व्यवस्था बहाल की जाए और गिर चुके पोल को बदला जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।1
- बिहार के सुपौल जिले के सिमराही बाजार का रहने वाला नौशाद नामक युवक इस समय जॉर्डन की एक जेल में बंद है। उसके बूढ़े माता-पिता ने कर्ज लेकर उसे विदेश कमाने भेजा था, लेकिन अब नौशाद का पूरा परिवार गहरे दर्द में जीवन व्यतीत कर रहा है। नौशाद तीन छोटे-छोटे बच्चों का पिता है। नौशाद को वापस लाने के लिए उसके माता-पिता और पत्नी दर-दर भटक रहे हैं। परिवार ने अब भारत सरकार और अम्मान में स्थित भारतीय दूतावास (Embassy of India, Amman) से मार्मिक गुहार लगाई है कि उनके बेटे को सुरक्षित घर वापस लाया जाए।1
- अररिया जिले के बिस्टोरिया पंचायत के डुमरिया गांव में एक घटना सामने आई है। यहाँ, एक बाइक को बचाने के प्रयास में, एक कार डिवाइडर से टकरा गई।1
- मुख्य पार्षद विजय कुमार मिश्रा ने यह बयान दिया है कि बहुत अधिक टैक्स लिया जा रहा है, और इस टैक्स में से कुछ हिस्सा कहीं दान भी किया जाना चाहिए।1
- जन सुराज के प्रशांत किशोर (PK) ने सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी को लेकर बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि शकुनी चौधरी ने जीवन भर राजद में रहकर राजनीति की। PK ने मुंगेर की एक सभा का जिक्र करते हुए बताया कि शकुनी चौधरी ने कहा था कि "हम लोग मोदी जी को यहीं मैदान में गाड़ देंगे", और जोर देकर कहा कि ये उनके अपने शब्द और बयान हैं। बांकीपुर विधानसभा को लेकर प्रशांत किशोर ने दावा किया कि भाजपा को सीधी चुनौती सिर्फ जन सुराज ही देगा। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में 40-45 साल से एक ही परिवार जीतता रहा है, जबकि राजद और कांग्रेस कई बार हारे हैं। PK ने प्रण लिया कि इस बार जन सुराज उनके गढ़ में घुसकर भाजपा को हराएगा। मुख्यमंत्री के हरे गमछे वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए PK ने कहा कि मुख्यमंत्री को गमछे के रंग की नहीं, बल्कि बिहार से गरीबी, पलायन और भ्रष्टाचार खत्म करने की बात करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरा-भगवा की राजनीति समाज में तनाव और अराजकता फैलाने का काम करती है।3
- एक ख़बर में यह जानकारी सामने आई है कि लोग यह दावा कर रहे हैं कि "हर जगह वोट चोरी होती है"। इस ख़बर में इसी बात पर ध्यान केंद्रित किया गया है कि लोगों ने आखिर ऐसा क्यों कहा है।1