कटिहार के समेली प्रखंड में एक 22 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या कर दिए जाने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। यह वारदात समेली प्रखंड की छोहार पंचायत में हुई, जहाँ सुबह ग्रामीणों को वार्ड संख्या-4 निवासी 22 वर्षीय मनीष मंडल, पिता अर्जुन मंडल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। जानकारी के अनुसार, अज्ञात अपराधियों ने बीती रात मनीष मंडल की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी थी। घटना की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, और हर कोई यह सवाल कर रहा था कि आखिर मनीष का कसूर क्या था? घटना की सूचना मिलने पर पोठिया थाना अध्यक्ष नवीन कुमार, फलका थाना अध्यक्ष प्रहलाद कुमार और एएसआई सूरज ठाकुर समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा और तुरंत जांच शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल से सबूत जुटाने में लगी है और हत्या के पीछे छिपे रहस्य को सुलझाने का प्रयास कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है, जिसमें पुरानी रंजिश, किसी निजी विवाद या किसी बड़ी साजिश की आशंका शामिल है। फिलहाल, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएंगे। पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश व्याप्त है, और ग्रामीण जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कब तक कर पाती है और मनीष मंडल को इंसाफ कब मिलता है।
कटिहार के समेली प्रखंड में एक 22 वर्षीय युवक की बेरहमी से हत्या कर दिए जाने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। यह वारदात समेली प्रखंड की छोहार पंचायत में हुई, जहाँ सुबह ग्रामीणों को वार्ड संख्या-4 निवासी 22 वर्षीय मनीष मंडल, पिता अर्जुन मंडल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। जानकारी के अनुसार, अज्ञात अपराधियों ने बीती रात मनीष मंडल की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी थी। घटना की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, और हर कोई यह सवाल कर रहा था कि आखिर मनीष का कसूर क्या था? घटना की सूचना मिलने पर पोठिया थाना अध्यक्ष नवीन कुमार, फलका थाना अध्यक्ष प्रहलाद कुमार और एएसआई सूरज ठाकुर समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा और तुरंत जांच शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल से सबूत जुटाने में लगी है और हत्या के पीछे छिपे रहस्य को सुलझाने का प्रयास कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है, जिसमें पुरानी रंजिश, किसी निजी विवाद या किसी बड़ी साजिश की आशंका शामिल है। फिलहाल, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएंगे। पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश व्याप्त है, और ग्रामीण जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कब तक कर पाती है और मनीष मंडल को इंसाफ कब मिलता है।
- मुहर्रम के अवसर पर, कटिहार के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने जिले के सभी निवासियों से अपील की है।1
- बिजली संकट से जूझ रहे किसान अपनी मखाना फसल की सिंचाई के लिए भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। उन्हें बिजली की अनुपलब्धता के कारण ₹105 प्रति लीटर के ऊंचे दाम पर डीजल खरीदकर अपनी फसलों को पानी देना पड़ रहा है, जिससे उनकी लागत में काफी वृद्धि हो गई है। यह स्थिति किसानों के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती बन गई है।1
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में नीतीश कुमार एक बयान देते हुए दिख रहे हैं। हालांकि, 'टुडे रियल न्यूज' इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करती है। वीडियो में नीतीश कुमार को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि, 'कोर्ट फांसी दे, गोली कैसे मार देंगे'।1
- बिहार के कटिहार जिले में आजमनगर अंचल कार्यालय में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी सुनील कुमार ठाकुर का जमीन म्यूटेशन के नाम पर एक पीड़ित से ₹21,000 की अवैध राशि लेते हुए 39 सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित जमीन मालिक संजीव कुमार ने इस वायरल वीडियो की पुष्टि की है। यह पूरा मामला आजमनगर अंचल के पिंढाल पंचायत से जुड़ा हुआ है। संजीव कुमार के अनुसार, राजस्व कर्मचारी सुनील कुमार ठाकुर ने पहले भी जमीन म्यूटेशन के लिए कई बार उनसे मोटी अवैध रकम ली थी, लेकिन उसकी लापरवाही के कारण म्यूटेशन रद्द कर दिया गया था। इसके बाद, कर्मचारी ने संजीव कुमार को अपनी जमीन दूसरे के नाम पर ट्रांसफर करने को कहा, यह आश्वासन देते हुए कि इससे म्यूटेशन हो जाएगा। पीड़ित ने फिर से मोटी रकम खर्च करके जमीन ट्रांसफर करवाई, जिसके बाद राजस्व कर्मचारी ने दोबारा ₹21,000 की रिश्वत का दबाव बनाया और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो इस बार भी म्यूटेशन रद्द हो जाएगा। सबूत के लिए, पीड़ित ने किसी तरह अपने माल-मवेशी बेचकर यह रकम दी और चुपके से वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़ित संजीव कुमार ने बताया कि इस वीडियो में दिख रहे ₹21,000-₹22,000 के अलावा, वह पहले ₹40,000 और फिर ₹15,000 भी इसी एक म्यूटेशन के लिए दे चुके हैं। राजस्व कर्मचारी के रिश्वत लेते वायरल वीडियो को लेकर कटिहार के DM आशुतोष द्विवेदी ने कहा है कि सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति का पूरी तरह से पालन कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मिली हुई सूचना पर जांच कराई जाएगी और यदि पुष्टि होती है तो निश्चित रूप से कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- मुहर्रम के अवसर पर कटिहार के नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) परिचय कुमार ने कटिहार की जनता के नाम एक संदेश जारी किया है।1
- कटिहार जिले के मननपुर गांव के समीप एक बड़ी नहर क्षतिग्रस्त हो गई है। नहर को हुए इस नुकसान के कारण क्षेत्र के किसानों और अन्य ग्रामीणों को दैनिक जीवन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- बिहार सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लगातार प्रयासों के बावजूद, राज्य के कई विभागों में रिश्वतखोरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी क्रम में, कटिहार जिले के आजमनगर प्रखंड की पिंडाल पंचायत से एक ताजा मामला सामने आया है, जहाँ एक राजस्व कर्मचारी पर मोटेशन (नामांतरण) के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप लगा है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिंडाल पंचायत में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी सुनील कुमार ठाकुर को कथित तौर पर मोटेशन कार्य के बदले रुपये लेते हुए वीडियो में देखा जा रहा है, जिसके सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले के शिकायतकर्ता संजीव कुमार ने आरोप लगाया है कि उनसे जमीन के मोटेशन के लिए कई बार रिश्वत की मांग की गई। उन्होंने बताया कि बार-बार हो रहे इस आर्थिक शोषण से परेशान होकर उन्हें अपनी बकरी तक बेचनी पड़ी। पीड़ित ने खुलासा किया कि रिश्वत की तीसरी किस्त देते समय उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर फैल गया है। यह वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रही है और इसे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की पूरी जांच कराई जाएगी, और जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में कदम बढ़ा रही है, लेकिन कुछ सरकारी कर्मियों की ऐसी कथित कार्यशैली सरकार की मंशा और जनविश्वास को ठेस पहुंचा रही है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।1