तिलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा तेल मिल स्थापना हेतु आवेदन का मौका मधुबनी को मिला एक इकाई का लक्ष्य -जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर मधुबनी राज्य में तिलहन प्रसंस्करण एवं तेल निष्कर्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा *राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन* के तहत तेल मिल की स्थापना हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। इच्छुक एवं पात्र आवेदक 15 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। *योजना का उद्देश्य तिलहन का मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन एवं किसानों की आय में वृद्धि करना है।* योजना के तहत *10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण इकाई* की स्थापना पर परियोजना लागत का *33 प्रतिशत अथवा अधिकतम ₹9.90 लाख, जो भी कम हो* , अनुदान दिया जाएगा। भूमि खरीद तथा भवन/शेड निर्माण की लागत को अनुदान में शामिल नहीं किया जाएगा। *जिला कृषि पदाधिकारी, मधुबनी सुदामा ठाकुर* ने बताया कि जिले को केवल *एक तेल मिल स्थापना का लक्ष्य प्राप्त* हुआ है। उन्होंने इच्छुक एवं पात्र आवेदकों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की, ताकि पात्र लाभुक को योजना का लाभ मिल सके। सरकारी अथवा निजी उद्योग, कृषक उत्पादक समूह (एफपीओ/वीसीपी), तिलहन प्रसंस्करण से जुड़े पंजीकृत स्टार्टअप एवं सहकारी समितियां आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के लिए *डीपीआर, आधार कार्ड, बैंक विवरण, बैंक ऋण स्वीकृति/सहमति पत्र एवं संस्था का पंजीकरण प्रमाण-पत्र* आवश्यक होगा। इच्छुक आवेदक कृषि विभाग के *आधिकारिक पोर्टल अथवा बिहार कृषि ऐप* के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
तिलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा तेल मिल स्थापना हेतु आवेदन का मौका मधुबनी को मिला एक इकाई का लक्ष्य -जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर मधुबनी राज्य में तिलहन प्रसंस्करण एवं तेल निष्कर्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा *राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन* के तहत तेल मिल की स्थापना हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। इच्छुक एवं पात्र आवेदक 15 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। *योजना का उद्देश्य तिलहन का मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन एवं किसानों की आय में वृद्धि करना है।* योजना के तहत *10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण इकाई* की स्थापना पर परियोजना लागत का *33 प्रतिशत अथवा अधिकतम ₹9.90 लाख, जो भी कम हो* , अनुदान दिया जाएगा। भूमि खरीद तथा भवन/शेड निर्माण की लागत को अनुदान में शामिल नहीं किया जाएगा। *जिला कृषि पदाधिकारी, मधुबनी सुदामा ठाकुर* ने बताया कि जिले को केवल *एक तेल मिल स्थापना का लक्ष्य प्राप्त* हुआ है। उन्होंने इच्छुक एवं पात्र आवेदकों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की, ताकि पात्र लाभुक को योजना का लाभ मिल सके। सरकारी अथवा निजी उद्योग, कृषक उत्पादक समूह (एफपीओ/वीसीपी), तिलहन प्रसंस्करण से जुड़े पंजीकृत स्टार्टअप एवं सहकारी समितियां आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के लिए *डीपीआर, आधार कार्ड, बैंक विवरण, बैंक ऋण स्वीकृति/सहमति पत्र एवं संस्था का पंजीकरण प्रमाण-पत्र* आवश्यक होगा। इच्छुक आवेदक कृषि विभाग के *आधिकारिक पोर्टल अथवा बिहार कृषि ऐप* के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- हिंदुस्तान की आत्मा है हिंदी और विकास आयुक्त मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया की हिंदी हिंदुस्तान की रीड है जिसको अलग नहीं किया जा सकता मधुबनी।हिन्दी विकास परिषद एवं जिला राजभाषा कोषांग के संयुक्त तत्वावधान में डी. आर.डी.ए. सभागार में हिन्दी दिवस समारोह-2026 भब्य रूप से मनाया गया कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रजवलित कर उपविकास आयुक्त तुषार कुमार ने किया और कहा कि हिन्दुस्तान की आत्मा है हिन्दी। उन्होने अधिकारियों और कर्मियों से आहवान किया कि शासन प्रशासन के कार्यो में हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पं. राजेश ने कहा कि हिन्दी हमारी संस्कृति परम्परा और राष्ट्रीय एकता की सशक्त कड़ी है, उन्होने कहा कि 1985 से ही हिन्दी विकास परिषद जिला प्रशासन के सहयोग से हिन्दी-दिवस भव्य रूप से जिले में मनाई जाती है। समारोह मे वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो.जे.पी-सिंह ने कहा कि हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे बड़ी भाषा के रूप में स्थापित हो चुकी है। इस अवसर पर अन्य वर्ष की भाँति इस वर्ष भी दो साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। इसमे इस बर्ष हिन्दी दिवस समारोह के अध्यक्ष पं. राजेश रंजन पाण्डेय एवं सुश्री अनुपम झा को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र देकर "पं. विपिन पाण्डेय हिन्दी सेवा सम्मान" से सम्मानित किया। कार्यक्रम में दो दर्जन से अधिक साहित्य सेवियों, कवियो ने हिन्दी पर अपने विचार एवं काव्य पाठ प्रस्तुत किए उनमें प्रमुख थे- प्रो० नरेन्द्र नारायण सिंह निराला प्रो0 शुभ कुमार वर्णवाल, विजय शंकर पासवान, प्रो0 सोनमवाला अनुपम झा, सुभाष सिनेही, विभा झा, अरविंद प्रसाद, माशुक अंजुम विनय विश्वबंधु, दयानंद झा, आनंद मोहन झा, राणा ब्रजेश, अजय कुमार सिंह, रतीश चंद्र चौधरी, राजेंद्र पासवान, प्रो0 राम दयाल यादव, गोपाल झा, श्वेता कुमारी, विनय विक्रांत, वेदानंद साह, सत्यम पराशर प्रो0 प्रीतम कुमार निषाद. कार्यक्रम का संचालन साहित्य श्री प्रीतम कुमार निषाद ने किया। धन्यवाद ज्ञापन मेराज अहमद ने किया।1
- पंचायत चुनाव समय पर कराए सरकार, परिसीमन को वजह न बनाए : तोहिद आलम त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संघर्ष समिति, बिहार के सदस्य तोहिद आलम ने सरकार से मांग की है कि बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ससमय कराया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में देरी के लिए परिसीमन को वजह नहीं बनाया जाना चाहिए। तोहिद आलम ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि पहले पंचायत चुनाव की प्रक्रिया समय पर पूरी कराई जाए, ताकि पंचायत स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था सुचारु रूप से बनी रहे। #पंचायतचुनाव2026 #त्रिस्तरीयपंचायतचुनाव #पंचायतचुनाव #पंचायतपरिसीमन #चुनावसमयपर #तोहिदआलम #पंचायतचुनावसंघर्षसमिति #बिहार #बिहारन्यूज #मधुबनी #MadhubaniNews #BiharNews #PrabhatTimes #BreakingNews #LatestNews #पंचायतचुनाव20261
- पेट्रोल-डीजल के बढ़ते खर्च की चिंता छोड़िए और अपनाइए स्टाइलिश, किफायती और इको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक स्कूटर Aditi EV Showroom पर उपलब्ध है Zelio Electric Scooters का शानदार कलेक्शन , जिसमें मिलते हैं आकर्षक डिजाइन, आधुनिक फीचर्स और आरामदायक राइडिंग का बेहतरीन अनुभव।1
- पूर्व उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर सरकार से मांग करते हुए कहा कि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को संज्ञान में लेकर ससमय चुनाव हो।1
- Post by Pawan Mahto Reporter1
- नीरज जी की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है।अनंत सिंह तो पहले ही बिगुल फूंक चुके हैं,अब भूमिहार समाज से ही आने वाले RJD प्रवक्ता बंटू सिंह भी पोल-पट्टी खोल रहे हैं। अगर इस बार भूमिहार समाज अनंत सिंह के साथ मजबूती से खड़ा हो गया,तो नीरज जी का सियासी खेल खत्म होना तय है।1
- बिहार के दरभंगा जिला के हायाघाट प्रखंड सिधौली पंचायत को लेकर लोग हैं काफी परेशान प्रतिनिधि की बात नहीं सुनते अधिकारी बिहार की दरभंगा जिला के सिधौली पंचायत के वार्ड 678 में एक महीना पूर्व आश्वासन दिया गया था कि काम 10 दिनों में हो जाएगा लेकिन अभी तक सिर्फ नहीं बन कर रह गया जिला परिषद पति अंजनी चौधरी पर युवाओं में काफी आक्रोश लोगों ने कहा 4 साल पहले जब यह हमारे गांव वोट मांगने आए थे तो इन्होंने कहा था मुझे वोट दो या कफन दो लोगों ने जीत कर भेजा लेकिन एक भी काम नहीं किया जो वादा किए थे वह भी भूल गए सिर्फ अपनी विकास को जनता करेगी से क्या मतलब है किसी को क्या जिला परिषद के पास फंड नहीं होते हैं यह मैं नहीं जानता पूछ रही है सवाल चलिए दिखाते हैं पूरा इंटरव्यू1
- तिलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा तेल मिल स्थापना हेतु आवेदन का मौका मधुबनी को मिला एक इकाई का लक्ष्य -जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर मधुबनी राज्य में तिलहन प्रसंस्करण एवं तेल निष्कर्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा *राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन* के तहत तेल मिल की स्थापना हेतु आवेदन आमंत्रित किये गये हैं। इच्छुक एवं पात्र आवेदक 15 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। *योजना का उद्देश्य तिलहन का मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन एवं किसानों की आय में वृद्धि करना है।* योजना के तहत *10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण इकाई* की स्थापना पर परियोजना लागत का *33 प्रतिशत अथवा अधिकतम ₹9.90 लाख, जो भी कम हो* , अनुदान दिया जाएगा। भूमि खरीद तथा भवन/शेड निर्माण की लागत को अनुदान में शामिल नहीं किया जाएगा। *जिला कृषि पदाधिकारी, मधुबनी सुदामा ठाकुर* ने बताया कि जिले को केवल *एक तेल मिल स्थापना का लक्ष्य प्राप्त* हुआ है। उन्होंने इच्छुक एवं पात्र आवेदकों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की, ताकि पात्र लाभुक को योजना का लाभ मिल सके। सरकारी अथवा निजी उद्योग, कृषक उत्पादक समूह (एफपीओ/वीसीपी), तिलहन प्रसंस्करण से जुड़े पंजीकृत स्टार्टअप एवं सहकारी समितियां आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के लिए *डीपीआर, आधार कार्ड, बैंक विवरण, बैंक ऋण स्वीकृति/सहमति पत्र एवं संस्था का पंजीकरण प्रमाण-पत्र* आवश्यक होगा। इच्छुक आवेदक कृषि विभाग के *आधिकारिक पोर्टल अथवा बिहार कृषि ऐप* के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।1