गोंडा जिले के नवाबगंज क्षेत्र में जैतपुर माझा ग्राम पंचायत के केवटहिया मजरे में ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए झाड़ियों में छिपे एक तेंदुए को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। पिछले कई दिनों से गांव में तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल था, जिसके चलते वे अपनी सुरक्षा के लिए रातभर जागते रहते थे। तेंदुआ गांव के आसपास की झाड़ियों में छिपा हुआ था, जिसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने मिलकर जाल बिछाया और तेंदुए को घेर लिया। काफी मशक्कत के बाद, उन्होंने उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। जाल में फंसने के बावजूद तेंदुआ बाहर निकलने की कोशिश करता रहा, लेकिन ग्रामीणों ने पूरी सतर्कता बरतते हुए उसे काबू में रखा। घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। इसके बाद, वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तेंदुए को अपने कब्जे में लिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए तेंदुए को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया है। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। इस बहादुरी और एकजुटता के लिए पूरे इलाके में ग्रामीणों की खूब चर्चा हो रही है, और तेंदुए के पकड़े जाने से गांव के लोगों ने आखिरकार राहत की सांस ली है।
गोंडा जिले के नवाबगंज क्षेत्र में जैतपुर माझा ग्राम पंचायत के केवटहिया मजरे में ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए झाड़ियों में छिपे एक तेंदुए को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। पिछले कई दिनों से गांव में तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल था, जिसके चलते वे अपनी सुरक्षा के लिए रातभर जागते रहते थे। तेंदुआ गांव के आसपास की झाड़ियों में छिपा हुआ था, जिसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने मिलकर जाल बिछाया और तेंदुए को घेर लिया। काफी मशक्कत के बाद, उन्होंने उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। जाल में फंसने के बावजूद तेंदुआ
बाहर निकलने की कोशिश करता रहा, लेकिन ग्रामीणों ने पूरी सतर्कता बरतते हुए उसे काबू में रखा। घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। इसके बाद, वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तेंदुए को अपने कब्जे में लिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए तेंदुए को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया है। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। इस बहादुरी और एकजुटता के लिए पूरे इलाके में ग्रामीणों की खूब चर्चा हो रही है, और तेंदुए के पकड़े जाने से गांव के लोगों ने आखिरकार राहत की सांस ली है।
- गोंडा जिले के नवाबगंज क्षेत्र में जैतपुर माझा ग्राम पंचायत के केवटहिया मजरे में ग्रामीणों ने अपनी सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए झाड़ियों में छिपे एक तेंदुए को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। पिछले कई दिनों से गांव में तेंदुए की लगातार मौजूदगी के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल था, जिसके चलते वे अपनी सुरक्षा के लिए रातभर जागते रहते थे। तेंदुआ गांव के आसपास की झाड़ियों में छिपा हुआ था, जिसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने मिलकर जाल बिछाया और तेंदुए को घेर लिया। काफी मशक्कत के बाद, उन्होंने उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। जाल में फंसने के बावजूद तेंदुआ बाहर निकलने की कोशिश करता रहा, लेकिन ग्रामीणों ने पूरी सतर्कता बरतते हुए उसे काबू में रखा। घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। इसके बाद, वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर तेंदुए को अपने कब्जे में लिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए तेंदुए को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया है। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। इस बहादुरी और एकजुटता के लिए पूरे इलाके में ग्रामीणों की खूब चर्चा हो रही है, और तेंदुए के पकड़े जाने से गांव के लोगों ने आखिरकार राहत की सांस ली है।2
- गोंडा जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र के जैतपुर गांव में एक महीने से अधिक समय से आतंक मचा रहे एक तेंदुए को आखिरकार ग्रामीणों ने ही जाल में फंसा लिया। वन विभाग और स्थानीय लोगों द्वारा तेंदुए को पकड़ने के लिए चलाए गए कई अभियान विफल रहे थे, जिससे पिछले 5 दिनों से लगातार इलाके में दिख रहे तेंदुए के कारण ग्रामीण दहशत में थे और अपने जानवरों तथा बच्चों की रखवाली खुद ही कर रहे थे। आज जब जैतपुर के ग्रामीणों ने तेंदुए को गांव के पास आते देखा, तो उन्होंने उसे पकड़ने की जिम्मेदारी खुद संभाली। कड़ी मशक्कत और एक-दूसरे के सहयोग से ग्रामीणों ने लाठी-डंडों के सहारे तेंदुए को जाल में फंसा लिया और उस पर काबू पा लिया। इस पूरे बचाव अभियान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग ग्रामीणों की हिम्मत और बहादुरी की जमकर सराहना कर रहे हैं। तेंदुए को जाल में फंसाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी तेंदुए को जाल में सुरक्षित करके दूसरे स्थान पर छोड़ने के लिए जैतपुर गांव के लिए रवाना हो गए हैं। जाल में फंसने के बाद तेंदुआ बार-बार परेशान था और जाल से निकलने का प्रयास भी कर रहा था। इस बीच, तेंदुए के रेस्क्यू किए जाने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए, और उनमें से कुछ लोग तेंदुए की पूंछ और उसके शरीर पर डंडा लगाकर उसे परेशान करते हुए भी नजर आए।2
- गोंडा जिले में कर्नलगंज पुलिस ने हाल ही में हुई बकरी चोरी की घटनाओं के सिलसिले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान आरिफ, नरेंद्र कुमार मिश्रा और मो० इरफान उर्फ भूरे के रूप में हुई है, जिनके कब्जे से कुल 9 चोरी की बकरियां/बकरे बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, विगत कुछ दिनों में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में बकरी चोरी की कई घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने संबंधित अधिकारियों को इनके शीघ्र और सफल अनावरण के साथ-साथ अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों के बाद, गठित टीमों ने क्षेत्र में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी की और खुफिया सूचनाओं का प्रभावी संकलन किया। पुलिस टीमों की सक्रिय कार्रवाई के फलस्वरूप, दत्तनगर मोड़ से बकरी चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से चोरी की बकरियों/बकरों के अलावा, घटना में प्रयुक्त एक स्कॉर्पियो गाड़ी और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।3
- गोंडा जिले में 8 से 10 जून तक आयोजित होने वाली यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए प्रशासन और रोडवेज विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले के 15 परीक्षा केंद्रों पर होने वाली इस परीक्षा में कुल 37,440 अभ्यर्थी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अभ्यर्थियों के आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न होने के निर्देशों के बाद, रोडवेज विभाग ने इस संबंध में एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। यह विशेष व्यवस्था शनिवार रात 12 बजे से 10 जून की रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस योजना के तहत, रोडवेज प्रशासन ने 20 बसों को आरक्षित रखा है। इसके अतिरिक्त, जरूरत के अनुसार अयोध्या, बलरामपुर, बस्ती और सिद्धार्थनगर सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों पर 50 से अधिक बसों का संचालन किया जाएगा और उनके फेरे भी बढ़ाए जाएंगे, ताकि अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा मिल सके। जिन रूटों पर अधिक भीड़ मिलेगी, वहां तत्काल आरक्षित बसों को सेवा में लगाया जाएगा। हरिश्चंद्र पांडेय ने बताया कि 20 से अधिक बसें आरक्षित रखी गई हैं, जबकि 50 से अधिक बसें पहले से संचालित हैं, जिन्हें आपात स्थिति में तुरंत उपयोग किया जाएगा। रोडवेज विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस पूरी व्यवस्था की लगातार निगरानी भी करेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को परिवहन संबंधी किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे बिना किसी बाधा के समय से अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच सकें।4
- खान सर के संबंध में एक विवाद गहरा रहा है।1
- नमो नमो क्रांति फाउंडेशन ने 6 जून 2026 को अपने संगठनात्मक विस्तार की घोषणा की है, जिसके तहत प्रदेश अध्यक्ष की संस्तुति पर करनैलगंज में वरिष्ठ संरक्षक की नियुक्ति की गई है। इस विस्तार के साथ ही कर्नलगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री श्यामधर शुक्ला को गोंडा के मुख्य संरक्षक पद पर मनोनीत किया गया है। इस अवसर पर, प्रदेश अध्यक्ष दीपक तिवारी के नेतृत्व में प्रदेश सलाहकार अनिल शुक्ला, अवध क्षेत्र संयोजक महेन्द्र सिंह, क्षेत्र अध्यक्ष संजय पांडे और जिला मुख्य सलाहकार मोहित मिश्रा करनैलगंज तहसील पहुँचे। कार्यक्रम में नवनियुक्त मुख्य संरक्षक गोंडा श्री श्यामधर शुक्ला और जिला मुख्य संरक्षक को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान बार एसोसिएशन के महामंत्री पवन कुमार शुक्ला, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सत्यनारायण सिंह, एडवोकेट सुशील कुमार सिंह, एडवोकेट विनोद तिवारी, एडवोकेट सत्येंद्र श्रीवास्तव और एडवोकेट बृजनाथ सिंह सहित कई अधिवक्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रदेश नेतृत्व ने सभी नए पदाधिकारियों से संगठन के उद्देश्यों और सामाजिक कार्यों को गति देने का आह्वान किया। नवनियुक्त मुख्य संरक्षक श्यामधर शुक्ला ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए यह भी कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सामाजिक सरोकारों और राष्ट्रहित के कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि फाउंडेशन जल्द ही गोंडा जिले में सदस्यता अभियान और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम शुरू करेगा।1
- गोंडा सदर तहसील परिसर के अभिलेखागार में दस्तावेजों का मुआयना करने आए 60 वर्षीय अनिल श्रीवास्तव की अचानक सीने में तेज दर्द उठने से दुखद मौत हो गई। तबीयत बिगड़ते ही वे अचेत होकर गिर पड़े, जिससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और तुरंत प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन्हें सीपीआर (CPR) देकर बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्हें तत्काल गोंडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने अनिल श्रीवास्तव को मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना से मृतक के परिजनों में गहरा कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।4