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बीमार और कुपोषित बच्चों के लिए बने केंद्र में आपात स्थिति में भी बैकअप व्यवस्था के समय पर काम न आने से भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा। घाटमपुर फीडर की बिजली गुल होते ही अस्पताल की व्यवस्थाएं ठप पड़ गईं, जिसके चलते कुपोषित बच्चों और माताओं को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। दरअसल, अस्पताल में जनरेटर और इन्वर्टर समय पर नहीं चल पाए, और चौंकाने वाली बात यह रही कि सोलर सिस्टम भी बंद निकला। इस गंभीर लापरवाही के कारण पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में मासूम बच्चे पूरे 5 घंटे तक भीषण गर्मी से बिलखते रहे। इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सवालों के घेरे में ला दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में जिम्मेदार व्यक्तियों पर कोई ठोस कार्रवाई करता है, या यह मुद्दा केवल एक नोटिस जारी करने तक ही सीमित रह जाता है।
KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
बीमार और कुपोषित बच्चों के लिए बने केंद्र में आपात स्थिति में भी बैकअप व्यवस्था के समय पर काम न आने से भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा। घाटमपुर फीडर की बिजली गुल होते ही अस्पताल की व्यवस्थाएं ठप पड़ गईं, जिसके चलते कुपोषित बच्चों और माताओं को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। दरअसल, अस्पताल में जनरेटर और इन्वर्टर समय पर नहीं चल पाए, और चौंकाने वाली बात यह रही कि सोलर सिस्टम भी बंद निकला। इस गंभीर लापरवाही के कारण पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में मासूम बच्चे पूरे 5 घंटे तक भीषण गर्मी से बिलखते रहे। इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सवालों के घेरे में ला दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में जिम्मेदार व्यक्तियों पर कोई ठोस कार्रवाई करता है, या यह मुद्दा केवल एक नोटिस जारी करने तक ही सीमित रह जाता है।
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- ग्वालियर की इंदरगंज पुलिस ने सूने मकानों से सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन चोरों से लाखों रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है, जिसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल लगभग 94 लाख 25 हजार रुपये का मशरूका जब्त किया जा चुका है। यह कार्रवाई 5 मई 2026 को फरियादी अजय शंकर मित्तल द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर की गई थी। फरियादी ने बताया था कि उनके सूने मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए थे। इस मामले में थाना इंदरगंज में अप0क्र0 97/26, धारा 331(3), 305 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह के निर्देशों के अनुक्रम में, अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती अनु बेनीवाल ने थाना प्रभारी इंदरगंज को वांछित आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए थे। इससे पहले भी, पुलिस ने इस चोर गिरोह के मास्टरमाइंड आकाश माहौर, एक बाल अपचारी और चोरी का सोना-चांदी खरीदने वाले सर्राफा कारोबारी विशाल सोनी को गिरफ्तार किया था। उनसे 2 किलो पक्की चांदी (लगभग 6 लाख रुपये), 9 हजार रुपये की एक जोड़ी पायजेब, 75 हजार रुपये की एक सोने की चेन और 42 हजार रुपये की दो सोने की अंगूठियां जब्त की गई थीं। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, सीएसपी इंदरगंज श्री रोबिन जैन और थाना प्रभारी निरीक्षक दीप्ती तोमर के नेतृत्व में इंदरगंज थाना बल की टीम ने मुखबिर की सूचना पर विवेक प्रजापति और फरमान खान नामक दो संदिग्धों को पकड़ा। गहन पूछताछ में उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर उक्त घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पनिहार टोल के आगे दरगाह के सामने जंगल में पत्थरों से जमीन में दबी एक चांदी की ईंट (लगभग 5 किलो), चांदी के दो टुकड़े (लगभग 6 किलो), चार सोने की चूड़ियां, एक चांदी की प्लेट (लगभग 1 किलो 500 ग्राम) और सोने का टुकड़ा (लगभग 200 ग्राम) विधिवत जब्त किया गया। आरोपी फरमान खान ने चोरी के गहने बेचकर मिले 8 लाख 65 हजार रुपये में से 5 लाख रुपये की एक आई20 कार रॉयल कार बाजार शिवपुरी लिंक रोड से खरीदी थी, जिसे उसकी निशानदेही पर कम्पू नेहरू पार्क के पास पार्किंग से जब्त किया गया। इस नवीनतम कार्रवाई में जब्त किए गए कुल मशरूका की कीमत लगभग 87 लाख रुपये है, जिसमें 200 ग्राम सोने का टुकड़ा (लगभग 32 लाख), 50 ग्राम सोने की चूड़ी (7 लाख 50 हजार), 12 किलो 500 ग्राम चांदी (37 लाख 50 हजार) और आई20 कार (10 लाख) शामिल हैं। इस प्रकार, थाना इंदरगंज पुलिस ने इस प्रकरण में अभी तक कुल लगभग 94 लाख 25 हजार रुपये का चोरी का माल जब्त किया है। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी इंदरगंज निरीक्षक दीप्ती तोमर, उनि0 बनवारी मिश्रा, प्रआर0 रामनिवास सिंह, आर0 कुंजबिहारी शर्मा, पंकज तोमर, अर्जुन सिकरवार, नीरज यादव, दीपक मिश्रा, संदीप पचौरी, धर्मेन्द्र धाकड़, मआर0 शिवानी सिकरवार, अचला और थाना कम्पू से आर0 अजब सिंह, नबल सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- करैरा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक रमेश खटीक ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत सावोली में मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास निधि से स्वीकृत एक महत्वपूर्ण परियोजना का लोकार्पण किया। ₹5.72 लाख की लागत से निर्मित इस सी.सी. रोड का उद्देश्य ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा प्रदान करना है। यह सड़क बंटी सोलंकी के मकान से गजेंद्र के घर तक बनाई गई है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी।1
- मां रतनगढ़ वाली के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु धाम पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। सुबह मंदिर के पट खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं और पूरे दिन मंदिर परिसर "जय माता दी" के जयकारों से गूंजता रहा।1
- इंदरगढ़ पुलिस ने अवैध रूप से शराब की तस्करी करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।1
- यह पोस्ट ग्रीन, क्लीन और अनुशासित समिट सिटी भुवनेश्वर की एक तस्वीर को दर्शाती है।1
- वरिष्ठ भाजपा नेता शादिक खान मेव 'शानू' ने ग्वालियर में पत्रकारों और रतन ज्योति नेत्रालय की डायरेक्टर डॉ. प्रियंवदा भसीन की जमकर तारीफ की है। यह प्रशंसा स्वास्थ्य सेवा, विशेषकर नेत्र देखभाल के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित करती है।1
- मध्य प्रदेश के भितरवार में डिलेवरी के बाद एक महिला की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे बिना कोई उपचार दिए ग्वालियर रेफर कर दिया। समुचित इलाज के अभाव में महिला ने ग्वालियर जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। प्रसूता को भितरवार अस्पताल से ग्वालियर के लिए रेफर किया गया था। इस गंभीर लापरवाही को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने इस मामले में लापरवाह डॉक्टरों और स्टाफ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सीएमएचओ डॉ. अशोक खरे ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जवाब मांगा है।1
- बीमार और कुपोषित बच्चों के लिए बने केंद्र में आपात स्थिति में भी बैकअप व्यवस्था के समय पर काम न आने से भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा। घाटमपुर फीडर की बिजली गुल होते ही अस्पताल की व्यवस्थाएं ठप पड़ गईं, जिसके चलते कुपोषित बच्चों और माताओं को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। दरअसल, अस्पताल में जनरेटर और इन्वर्टर समय पर नहीं चल पाए, और चौंकाने वाली बात यह रही कि सोलर सिस्टम भी बंद निकला। इस गंभीर लापरवाही के कारण पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में मासूम बच्चे पूरे 5 घंटे तक भीषण गर्मी से बिलखते रहे। इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सवालों के घेरे में ला दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में जिम्मेदार व्यक्तियों पर कोई ठोस कार्रवाई करता है, या यह मुद्दा केवल एक नोटिस जारी करने तक ही सीमित रह जाता है।1