बारा विधायक डॉ. वाचस्पति की मौजूदगी में गूंजा विजय दिवस, सेनानी वंशजों को नमन, कवियों ने बांधा समां बारा विधायक डॉ. वाचस्पति की मौजूदगी में गूंजा विजय दिवस, सेनानी वंशजों को नमन, कवियों ने बांधा समां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजाराम आर्य की स्मृति में ऐतिहासिक आयोजन, सौ से अधिक वंशज सम्मानित, कवि सम्मेलन बना आकर्षण बारा प्रयागराज। मंगलवार को विजय दिवस के पावन अवसर पर गौहनिया स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल परिसर देशभक्ति, सम्मान और उत्साह के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मृति शेष राजाराम आर्य की पावन स्मृति को समर्पित भव्य होली मिलन समारोह, कवि सम्मेलन तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशजों का सम्मान समारोह बड़े ही गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, समाजसेवी और बुद्धिजीवी एक ही मंच पर एकत्रित हुए, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत हो उठा। समारोह में मुख्य रूप से बारा विधायक डॉ. वाचस्पति तथा कौशाम्बी की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु वाचस्पति की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित कर उनके त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया। कार्यक्रम का आयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज विचार समिति के संयोजक सूर्य प्रकाश समदरिया के नेतृत्व में किया गया, जिसमें सेनानी वंशजों का सम्मान पूरे सम्मान और गौरव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर सौ से अधिक स्वतंत्रता सेनानी के वंशजों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान के दौरान मंच से बार- बार देशभक्ति के नारे गूंजते रहे और उपस्थित लोगों ने खड़े होकर सेनानियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। समारोह का विशेष आकर्षण कवि सम्मेलन रहा, जिसमें देश और समाज की भावनाओं को शब्द देने वाले चर्चित कवियों ने अपनी ओजपूर्ण, हास्य और देशभक्ति से भरी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि अशोक सिंह बेशरम, लालजी सिंह देहाती, संतोष शुक्ल समर्थ, धनंजय शाश्वत, नीलम तिवारी, मोहिनी श्रीवास्तव, सत्यभामा मिश्रा, सुरेश केसरवानी ‘ओम शांति’, प्रमोद बाबू झा, मुराद अहमद मुराद, निखिलेश मालवीय और ठाकुर इलाहाबादी सहित कई कवियों ने मंच से ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लगभग एक दर्जन से अधिक कवियों ने हास्य और व्यंग्य से भरी कविताओं से लोगों को हंसी से लोटपोट कर दिया, वहीं ओजपूर्ण रचनाओं ने युवाओं में देशभक्ति का जोश भर दिया। कार्यक्रम के अंत तक श्रोताओं की भीड़ मंच के सामने डटी रही और हर प्रस्तुति पर उत्साह के साथ तालियां बजती रहीं। पूरे आयोजन के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ मानो विजय दिवस केवल एक तिथि नहीं बल्कि बलिदान, सम्मान और राष्ट्रगौरव की जीवंत कहानी बनकर लोगों के सामने उतर आया हो। कार्यक्रम के अंत में विधायक डॉ वाचस्पति ने आए हुए सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया।
बारा विधायक डॉ. वाचस्पति की मौजूदगी में गूंजा विजय दिवस, सेनानी वंशजों को नमन, कवियों ने बांधा समां बारा विधायक डॉ. वाचस्पति की मौजूदगी में गूंजा विजय दिवस, सेनानी वंशजों को नमन, कवियों ने बांधा समां स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजाराम आर्य की स्मृति में ऐतिहासिक आयोजन, सौ से अधिक वंशज सम्मानित, कवि सम्मेलन बना आकर्षण बारा प्रयागराज। मंगलवार को विजय दिवस के पावन अवसर पर गौहनिया स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल परिसर देशभक्ति, सम्मान और उत्साह के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मृति शेष राजाराम आर्य की पावन स्मृति को समर्पित भव्य होली मिलन समारोह, कवि सम्मेलन तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशजों का सम्मान समारोह बड़े ही गरिमामय वातावरण में आयोजित
किया गया। कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, समाजसेवी और बुद्धिजीवी एक ही मंच पर एकत्रित हुए, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत हो उठा। समारोह में मुख्य रूप से बारा विधायक डॉ. वाचस्पति तथा कौशाम्बी की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु वाचस्पति की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित कर उनके त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया। कार्यक्रम का आयोजन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वंशज विचार समिति के संयोजक सूर्य प्रकाश समदरिया के नेतृत्व में किया गया, जिसमें सेनानी वंशजों का सम्मान पूरे सम्मान और गौरव के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर सौ से
अधिक स्वतंत्रता सेनानी के वंशजों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान के दौरान मंच से बार- बार देशभक्ति के नारे गूंजते रहे और उपस्थित लोगों ने खड़े होकर सेनानियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। समारोह का विशेष आकर्षण कवि सम्मेलन रहा, जिसमें देश और समाज की भावनाओं को शब्द देने वाले चर्चित कवियों ने अपनी ओजपूर्ण, हास्य और देशभक्ति से भरी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि अशोक सिंह बेशरम, लालजी सिंह देहाती, संतोष शुक्ल समर्थ, धनंजय शाश्वत, नीलम तिवारी, मोहिनी श्रीवास्तव, सत्यभामा मिश्रा, सुरेश केसरवानी ‘ओम शांति’, प्रमोद बाबू झा, मुराद अहमद मुराद, निखिलेश मालवीय और ठाकुर इलाहाबादी सहित कई कवियों ने मंच से ऐसी
प्रस्तुतियां दीं कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लगभग एक दर्जन से अधिक कवियों ने हास्य और व्यंग्य से भरी कविताओं से लोगों को हंसी से लोटपोट कर दिया, वहीं ओजपूर्ण रचनाओं ने युवाओं में देशभक्ति का जोश भर दिया। कार्यक्रम के अंत तक श्रोताओं की भीड़ मंच के सामने डटी रही और हर प्रस्तुति पर उत्साह के साथ तालियां बजती रहीं। पूरे आयोजन के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ मानो विजय दिवस केवल एक तिथि नहीं बल्कि बलिदान, सम्मान और राष्ट्रगौरव की जीवंत कहानी बनकर लोगों के सामने उतर आया हो। कार्यक्रम के अंत में विधायक डॉ वाचस्पति ने आए हुए सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया।
- प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा सेमरी तरहर में अवैध खनन की शिकायत पर खनन विभाग की टीम ने मंगलवार को सघन जांच अभियान चलाया। खनन इंस्पेक्टर वैभव सोनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान थाना प्रभारी लालापुर भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि सेमरी तरहर के खंड संख्या-4 में पट्टाधारक द्वारा निर्धारित सीमा क्षेत्र के बाहर लगातार अवैध खनन कराए जाने की शिकायत स्थानीय निवासी आनंद मिश्रा द्वारा की जा रही थी। शिकायत के आधार पर खनन विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें अवैध खनन से जुड़े गतिविधियों के संकेत मिले। गौरतलब है कि इससे पहले भी आनंद मिश्रा की शिकायत पर खनन इंस्पेक्टर वैभव सोनी द्वारा खंड संख्या-4 के पट्टाधारक पर करीब 30 से 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बावजूद अवैध खनन का कार्य बंद नहीं हुआ, जिस पर पुनः शिकायत की गई। खनन विभाग ने मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विभाग द्वारा लगातार छापेमारी और निगरानी से क्षेत्र में खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस और खनन विभाग संयुक्त रूप से अवैध खनन पर अंकुश लगाने के प्रयास में जुटे हैं।2
- हेडफोन व ईयर बड्स बना रहे किशोरों व युवाओं को बहरे, तेज आवाज से 40 वर्षीय व्यक्ति की हो चुकी है मौत तेज आवाज में लंबे समय तक संगीत सुनने की आदत के कारण कम उम्र में ही कई युवाओं में सुनने की समस्या और बहरेपन का खतरा बढ़ता जा रहा है। जानलेवा डीजे की आवाज ही नहीं बल्कि लाउड स्पीकर, हेडफोन व ईयर बड्स किशोरों व युवाओं को बहरा बना रहा है। खासकर हेडफोन व ईयर बड्स लगाने के शौकीन युवाओं में सुनने की क्षमता कम होने की समस्या आम होती जा रही है। डीजे की तेज आवाज से हार्ट के मरीजों की समस्या बढ़ जाती है। यही नहीं ब्रेन हेमरेज होने की आशंका भी होती है। यानी तेज आवाज न केवल कानों को वरन हार्ट व ब्रेन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इससे अलर्ट रहने की जरूरत है।1
- Post by चंद्र दीप सिंह1
- मेजा रामनगर शीतला माता मंदिर में सकुशल सप्तमी का महापर्व बीतने के बाद भाजपा के मंडल अध्यक्ष संजय केसरी और भाजपा के वरिष्ठ नेता ने जितने पुलिस वाले ड्यूटी पर लगे थे सबको माला और मां का प्रसाद देकर उन्हें आभार व्यक्त किया वहीं पर इंस्पेक्टर में ज्यादा दीनदयाल सिंह से यह भी कहा इससे पहले कुछ ना कुछ यहां पर घटना घट जाया करती थी अबकी बार मां शीतला की कृपा से शांतिपूर्वक बीत गया इसमें प्रशासन का पूरा सहयोग रहा मेजा (प्रयागराज)। मेजा क्षेत्र के रामनगर स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में मंगलवार को सप्तमी के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भोर करीब 4 बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह होते-होते मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर भारी भीड़ देखने को मिली। दूर-दराज के गांवों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचे। श्रद्धालु हाथों में प्रसाद, नारियल और चुनरी लेकर माता के जयकारे लगाते हुए मंदिर में प्रवेश करते रहे। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा। महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में मौजूदगी देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से माता शीतला की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। मंदिर समिति और स्थानीय लोगों के अनुसार सप्तमी के दिन सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। अब तक करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी, ताकि सभी श्रद्धालु कतारबद्ध तरीके से आसानी से दर्शन कर सकें। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। प्रशासनिक व्यवस्था में भी काफी चहल-पहल देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एसीपी मेजा संत प्रसाद उपाध्याय लगातार मौके पर मौजूद रहे। उनके साथ प्रभारी निरीक्षक मेजा दीनदयाल सिंह, चौकी प्रभारी रामनगर अभिनव उपाध्याय सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से कतार में लगवाकर दर्शन कराते रहे और पूरे दिन व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे।1
- मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील के उरूवा विकासखंड अंतर्गत सोरांव गांव के पास गोशौरा कला चंपारण स्थित तालाब के किनारे से बकचूंदा गांव को जोड़ने वाली सड़क इन दिनों पूरी तरह जर्जर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है, जिसके चलते यह मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। इस रास्ते से रोजाना आसपास के कई गांवों के लोग बाजार, स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए आते-जाते हैं। सड़क खराब होने से खासकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। ग्रामीण जेपी शर्मा, सबल तिवारी, राकेश कुमार, सुनील कुमार, अनुराग और बालकृष्ण ने बताया कि सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है, जिससे आए दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार गड्ढों के कारण छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं। बरसात के समय गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्राम प्रधान बकचूंदा रमेश कुमार यादव ने संबंधित विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए क्षतिग्रस्त सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह मार्ग कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, इसलिए इसकी मरम्मत कराना बेहद जरूरी है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- यमुनापुल से शुभम शर्मा (28 वर्ष) ने कूदकर आत्महत्या कर ली। वे बिजली विभाग में कार्यरत थे और उनकी तबियत ठीक नहीं रहती थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है । नए यमुना पुल से आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं। फिलहाल पुलिस प्रशासन जांच पड़ताल में जुटी।1
- प्रयागराज।मेजा थाना क्षेत्र के रामनगर चिरैया मोड़ पर पुलिस द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान थाना अध्यक्ष दीनदयाल सिंह, चौकी प्रभारी रामनगर अभिनव उपाध्याय व उपनिरीक्षक राम अभिलाष सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहे। संदिग्ध वाहनों व व्यक्तियों की गहन जांच की गई।1
- बारा थाना क्षेत्र की गन्ने चौकी अंतर्गत गन्ने पहाड़ी बस्ती से दो वर्षीय मासूम बच्ची के रहस्यमय तरीके से लापता हो जाने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पुलिस भी मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्ची की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार नीलम पत्नी रवि अपनी दो वर्षीय बेटी संध्या के साथ रिश्तेदारी में निमंत्रण देने के लिए गन्ने पहाड़ी बस्ती आई हुई थीं। वह मूल रूप से कटरा, त्यौंथर (मध्य प्रदेश) की रहने वाली बताई जा रही हैं। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे संध्या घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक वह लापता हो गई। काफी देर तक बच्ची नजर न आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों और ग्रामीणों ने गांव तथा आसपास के पहाड़ी इलाकों में काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मंगलवार को परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि नीलम और रवि के तीन बच्चे हैं, जिनमें सबसे छोटा संध्या है। मासूम के अचानक गायब हो जाने से परिवार के लोग काफी परेशान और चिंतित हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस आयुक्त कौंधियारा अब्दुस सलाम खान के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण ड्रोन कैमरे की मदद से आसपास के इलाकों की निगरानी की जा रही है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि बच्ची के बारे में कोई सुराग मिल सके। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और बच्ची को सकुशल बरामद करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं ग्रामीण भी बच्ची की तलाश में पुलिस का सहयोग कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर चिंता और बेचैनी का माहौल बना हुआ है।2