मध्यप्रदेश के पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में संचालित 'SAFE CLICK-2.0' साइबर सुरक्षा जनजागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने वाले सहयोगियों के लिए बैतूल के पुलिस कंट्रोल रूम में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में स्कूली विद्यार्थियों, चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल वॉलंटियर्स, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य सहयोगियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही डिजिटल रूप से सुरक्षित वातावरण का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रयास निरंतर जारी रखने का आह्वान किया। समारोह के दौरान साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए पत्रकार राकेश सिंह और उनकी टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही वीडियो क्रिएटर सागर उइके, रंजीत मर्सकोले और उमेश काकोड़िया को भी सम्मानित किया गया। इन सभी ने अभियान के दौरान साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के लिए प्रभावशाली वीडियो तैयार कर हजारों लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया था। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे, एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, सूबेदार नवीन सोनकर और साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी सहित पूरी साइबर सेल की टीम उपस्थित रही। यह सम्मान समारोह संदेश देता है कि पुलिस और समाज की साझेदारी से चलाए गए जनजागरूकता अभियान न केवल लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाते हैं, बल्कि सुरक्षित डिजिटल भविष्य की मजबूत नींव भी रखते हैं।
मध्यप्रदेश के पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में संचालित 'SAFE CLICK-2.0' साइबर सुरक्षा जनजागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने वाले सहयोगियों के लिए बैतूल के पुलिस कंट्रोल रूम में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में स्कूली विद्यार्थियों, चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल वॉलंटियर्स, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य सहयोगियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही डिजिटल रूप से सुरक्षित वातावरण का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रयास निरंतर जारी रखने का आह्वान किया। समारोह के दौरान साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए पत्रकार राकेश सिंह और उनकी टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही वीडियो क्रिएटर सागर उइके, रंजीत मर्सकोले और उमेश काकोड़िया को भी सम्मानित किया गया। इन सभी ने अभियान के दौरान साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के लिए प्रभावशाली वीडियो तैयार कर हजारों लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया था। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे, एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम, डीएसपी (अजाक) शैफा हाशमी, रक्षित निरीक्षक दिनेश मार्सकोले, सूबेदार नवीन सोनकर और साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अश्विनी चौधरी सहित पूरी साइबर सेल की टीम उपस्थित रही। यह सम्मान समारोह संदेश देता है कि पुलिस और समाज की साझेदारी से चलाए गए जनजागरूकता अभियान न केवल लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सजग बनाते हैं, बल्कि सुरक्षित डिजिटल भविष्य की मजबूत नींव भी रखते हैं।
- बैतूल की कोतवाली पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोपी को तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की गिरफ्त में आए इस आरोपी की पहचान रितिक उर्फ लखन चंद्रहास के रूप में हुई है, जो बैतूल के गांधी वार्ड अंतर्गत आने वाले बेहतर मोहल्ला का निवासी है।1
- बैतूल के मुलताई में मासोद रोड स्थित प्रसिद्ध श्याम की हवेली मंदिर को शनिवार देर रात अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया। चोरों ने मंदिर में रखे दानपात्रों को तोड़ दिया और उनमें रखी नकद राशि लेकर फरार हो गए। रविवार सुबह जब मंदिर खुला, तो पुजारियों और श्रद्धालुओं को इस चोरी की घटना की जानकारी मिली। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए, जहां चोरी को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा गया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विकास पटेल सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के लिए डॉग स्क्वॉड एवं फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को भी बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इस मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और विश्वास जताया है कि जल्द ही चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- बैतूल जिले के भीमपुर विकासखंड के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला खिड़कियांढाना में शिक्षा विभाग के बीएसी नंदराम पांसे द्वारा विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता का आकस्मिक मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों से पढ़ाई से संबंधित प्रश्न पूछकर उनकी सीखने की क्षमता का जायजा लिया। इस दौरान कक्षा चौथी के छात्र ऋतिक की शैक्षणिक योग्यता विशेष रूप से देखने को मिली। अधिकारियों द्वारा जब उससे 2 से 20 तक के पहाड़े सुनाने के लिए कहा गया, तो उसने बिना किसी हिचकिचाहट के सभी पहाड़े लगातार और फर्राटेदार अंदाज में सुना दिए। इसके बाद छात्र ने हिंदी का पाठ भी तेज गति और शुद्ध उच्चारण के साथ पढ़कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। छात्र के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने उसकी जमकर सराहना की और इसे विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का सकारात्मक परिणाम बताया। अधिकारियों ने शिक्षकों की मेहनत की प्रशंसा करते हुए उन्हें निर्देश दिए कि वे प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित शैक्षणिक प्रगति का आकलन करते रहें। उन्होंने कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें भी बेहतर स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करने और इसी तरह विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का स्तर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।3
- नर्मदापुरम की कोतवाली पुलिस ने महज़ 72 घंटे के भीतर ₹11 लाख की चोरी का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है। वारदात को उस वक्त अंजाम दिया गया जब फरियादी जयपुर गए हुए थे और उनके जाते ही उनके ही ड्राइवर ने पूरे घर को साफ कर दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर और चोरी का माल खरीदने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से 8 कंप्यूटर, 8 लैपटॉप और अन्य कीमती सामान बरामद कर लिया गया है। पुलिस टीम की इस त्वरित और सफल कार्रवाई पर एसपी ने ₹10,000 के इनाम की घोषणा की है।1
- नर्मदापुरम के सोहागपुर में सनफ्लावर स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस के संचालक श्री संदीप साहू जी के अनुज स्व. श्री कुलदीप साहू जी की बिटिया कृषवी साहू का प्रथम जन्मोत्सव अनोखे अंदाज में मनाया गया। शोभापुर रोड पिपरिया स्थित हनुमान मंदिर में इस पावन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। जन्मोत्सव की खुशियां यहीं सीमित नहीं रहीं, इसके बाद साहू परिवार सीधे राम रहीम रोटी बैंक पहुँचा। यहाँ परिवार ने बेघर, बेसहारा और जरूरतमंद भाई-बहनों के साथ-साथ नर्मदा परिक्रमावासियों को भी बड़े ही प्रेमपूर्वक भोजन कराया। मंदिर में भंडारा और दूसरी ओर रोटी बैंक में सेवा के इस पुनीत अवसर पर श्री दीपक साहू जी एवं श्री नितिन साहू जी भी मौजूद रहे। राम रहीम रोटी बैंक समिति ने इस सेवा कार्य के लिए पूरे साहू परिवार का हृदय से धन्यवाद किया है। समिति ने प्रभु से प्रार्थना की है कि बिटिया कृषवी दीर्घायु हो, हमेशा स्वस्थ रहे और उसके जीवन में खुशियों की बरसात होती रहे।1
- बैतूल जिले के आमला में जीआरपी पुलिस ने "ऑपरेशन हमदर्द" के तहत एक सराहनीय मानवीय कार्य करते हुए करीब 10 वर्षों से अपने परिवार से बिछड़े बिहार निवासी मो. कौशर को उनके परिजनों से सकुशल मिलवा दिया है। 9 जुलाई 2026 को आमला रेलवे स्टेशन पर गश्त के दौरान जीआरपी टीम को फटे-पुराने कपड़ों में लावारिस और दयनीय अवस्था में एक व्यक्ति मिला था। उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उसे अपने संरक्षण में लिया तथा सम्मानपूर्वक भोजन और पानी उपलब्ध कराया। पूछताछ में उसने अपना नाम मो. कौशर (उम्र 50 वर्ष, पिता घुरो मियां) निवासी ग्राम मझौला, थाना मझौला, जिला बेगूसराय (बिहार) बताया। उसने जानकारी दी कि वह लगभग 8 से 10 वर्षों से अपने घर से दूर भटक रहा है और विभिन्न स्थानों पर भीख मांगकर जीवन-यापन कर रहा है। उसके पास कोई पहचान पत्र न होने के कारण शिनाख्त करना कठिन था। थाना प्रभारी प्रमोद पाटिल के निर्देशन में पुलिस टीम ने गूगल के माध्यम से बिहार के मझौला थाना प्रभारी फैसल अंसारी से संपर्क कर मो. कौशर के फोटो और वीडियो भेजे। वहां के स्थानीय पार्षद इरशाद खान ने उसकी पहचान की और वीडियो कॉल के माध्यम से मो. कौशर की बात उसके भाई मो. अली हसन से कराई गई, जिसके बाद भाई रोते हुए तुरंत आमला के लिए रवाना हो गया। परिजनों के आने तक जीआरपी ने मो. कौशर को अपने संरक्षण में रखकर नहलाया, नए वस्त्र पहनाए और उसकी पूरी देखभाल की। 10 जुलाई 2026 को भाई मो. अली हसन के आमला पहुंचने पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मो. कौशर को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। रेल पुलिस भोपाल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजाबाबू सिंह के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक रेल अंकित जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतू डाबर तथा उप पुलिस अधीक्षक महेन्द्र सिंह कुल्हारा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक प्रमोद पाटिल, प्रधान आरक्षक अतर सिंह, रविश कुमार, कुलदीप लोटे, आरक्षक खुशरु नरें, सोनेश राठौर, संदीप जगदेव, कमलेश, महिला आरक्षक पूजा, आरक्षक सनोज धुर्वे तथा विजय इवने की सराहनीय भूमिका रही।2
- नर्मदापुरम जिले के इटारसी अंतर्गत मालवीयगंज वार्ड क्रमांक 19 (भारत माता चौराहा) के नागरिकों का वर्षों पुराना इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। क्षेत्र में विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाते हुए, विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, सांसद दर्शन सिंह चौधरी और नपा अध्यक्ष पंकज चौरे के प्रयासों से 100 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सड़क निर्माण शुरू होने के साथ ही स्थानीय पार्षद राहुल प्रधान ने वार्डवासियों से खास अपील की है। उन्होंने सड़क को मजबूती प्रदान करने के लिए इसकी तराई के कार्य में सहयोग करने और नवनिर्मित मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने का आग्रह किया है।1
- पांढुर्णा के पास ग्राम सिवनी में नागपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार शाम करीब 6 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। नागपुर से बैतूल की ओर जा रही डिस्ट्रिक कंपनी की एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के वक्त बस में 30 से 35 यात्री सवार थे, जिनमें से 20 से 25 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे का शिकार हुए लोगों में एक ही परिवार के 24 सदस्य शामिल हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए तत्काल पांढुर्णा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में से एक यात्री की जांघ की हड्डी टूटने के कारण हालत गंभीर थी, जिसे नागपुर रैफर किया गया है, जबकि बाकी अन्य घायलों का इलाज पांढुर्णा अस्पताल में ही चल रहा है। फिलहाल पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सूत्रों के हवाले से यह आशंका भी जताई जा रही है कि बस चालक शराब के नशे में था, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1