पांढुर्णा के पास ग्राम सिवनी में नागपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार शाम करीब 6 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। नागपुर से बैतूल की ओर जा रही डिस्ट्रिक कंपनी की एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के वक्त बस में 30 से 35 यात्री सवार थे, जिनमें से 20 से 25 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे का शिकार हुए लोगों में एक ही परिवार के 24 सदस्य शामिल हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए तत्काल पांढुर्णा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में से एक यात्री की जांघ की हड्डी टूटने के कारण हालत गंभीर थी, जिसे नागपुर रैफर किया गया है, जबकि बाकी अन्य घायलों का इलाज पांढुर्णा अस्पताल में ही चल रहा है। फिलहाल पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सूत्रों के हवाले से यह आशंका भी जताई जा रही है कि बस चालक शराब के नशे में था, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पांढुर्णा के पास ग्राम सिवनी में नागपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार शाम करीब 6 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। नागपुर से बैतूल की ओर जा रही डिस्ट्रिक कंपनी की एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के वक्त बस में 30 से 35 यात्री सवार थे, जिनमें से 20 से 25 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे का शिकार हुए लोगों में एक ही परिवार के 24 सदस्य शामिल हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए तत्काल पांढुर्णा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में से एक यात्री की जांघ की हड्डी टूटने के कारण हालत गंभीर थी, जिसे नागपुर रैफर किया गया है, जबकि बाकी अन्य घायलों का इलाज पांढुर्णा अस्पताल में ही चल रहा है। फिलहाल पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सूत्रों के हवाले से यह आशंका भी जताई जा रही है कि बस चालक शराब के नशे में था, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- पांढुर्णा के सौसर स्थित सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य टीम प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सक्रियता से काम कर रही है। खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेश बोकड़े के निर्देशन में, यह टीम तहसील के 64 हाई-रिस्क गांवों और अन्य क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के साथ-साथ छाती संबंधी अन्य बीमारियों की पहचान कर मरीजों को समय पर निःशुल्क उपचार मुहैया कराना है। वरिष्ठ क्षय रोग विभाग प्रभारी सुरेश सोमकुंवर के नेतृत्व में कार्य कर रही टीम पोर्टेबल एक्स-रे और टीबी की जांच कर रही है। संदिग्ध मरीजों की पहचान करने के साथ ही, टीम फेफड़ों के संक्रमण और छाती में पानी भरने जैसी समस्याओं से ग्रसित लोगों को सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए प्रेरित कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या वजन घटने जैसे लक्षण होने पर तत्काल निःशुल्क जांच करवाकर इस अभियान का लाभ उठाएं।3
- बैतूल के आमला नगर स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रदेश सरकार के दावों की पोल खुल रही है। विद्यालय में पिछले कई महीनों से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है, जिसके कारण अपनी प्यास बुझाने के लिए सैकड़ों छात्राओं को स्कूल परिसर से बाहर जाकर सार्वजनिक नलों और हैंडपंपों से पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है। विद्यालय में पहले नगर पालिका द्वारा 24 घंटे जलापूर्ति वाला नल कनेक्शन दिया गया था, लेकिन नगर पालिका ने उसे काट दिया। स्कूल की प्राचार्य प्रमिला सावले के अनुसार, जल कनेक्शन बहाल करने के लिए 28 जनवरी 2026 को नगर पालिका को लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन करीब छह महीने बीतने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रही और शुक्रवार को भी कई छात्राएं स्कूल के सामने लगे सार्वजनिक नल से बोतलों व बाल्टियों में पानी भरकर ले जाती देखी गईं। समस्या के समाधान के लिए अंततः जनसुनवाई में भी आवेदन देकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गई है। दूसरी ओर, नगर पालिका के जल प्रभारी अरुण पवार का तर्क है कि विद्यालय को जलावर्धन योजना से कनेक्शन दिया गया है, जिसमें तीन-चार दिन में केवल एक बार पानी की आपूर्ति होती है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को इसी व्यवस्था से काम चलाने या फिर अपना वैकल्पिक इंतजाम स्वयं करने की बात कही है। इस पूरे मामले पर पक्ष जानने के लिए जब नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नितिन बिंजवे से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इस पेयजल संकट को लेकर अब प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए हैं। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) धीरेंद्र साहू ने बताया कि वे नगर पालिका से बात कर रहे हैं और सोमवार तक विद्यालय में पानी की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने नगर पालिका के सीएमओ को कड़े निर्देश दिए हैं कि विद्यालय में पुनः 24 घंटे वाला जल कनेक्शन लगाया जाए, ताकि छात्राओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।2
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आमला रेलवे स्टेशन पर 'ऑपरेशन हमदर्द' के तहत जीआरपी ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। आमला जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुए 8 साल से लापता एक बुजुर्ग व्यक्ति को उनके परिजनों से मिलवाया है। रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में मिले यह 50 वर्षीय व्यक्ति बिहार के निवासी हैं। जीआरपी की तत्परता के कारण ही सालों से बिछड़े इस व्यक्ति का अपने परिवार से दोबारा मिलन संभव हो पाया है।1
- बैतूल जिले के आमला ब्लॉक के ग्राम नरेरा स्थित एकीकृत प्राथमिक-माध्यमिक शाला में शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल के बच्चों के साथ शिक्षक की भूमिका निभाते हुए आत्मीय संवाद किया और उनसे उनकी पढ़ाई, रुचियों तथा विद्यालय में होने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कक्षा 5वीं और 7वीं के विद्यार्थियों को सरल और रोचक तरीके से जल चक्र की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।3
- मुलताई में पुलिस ने एक ट्रक में फर्जी ई-वे बिल पाए जाने के संदेह पर वाहन को जब्त कर लिया है और जांच व आवश्यक कार्रवाई के लिए वाणिज्य कर विभाग को पत्र भेजा है। यह कार्रवाई 10 जुलाई 2026 को की गई, जब पुलिस टीम सड़क दुर्घटना की सूचना पर रवाना हुई थी और परमंडल क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े ट्रक क्रमांक RJ-11 GB-3173 को रोककर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान ट्रक चालक दुर्घटना के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका, जिसके बाद दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में ट्रक की बिल्टी और जीएसटी से जुड़े दस्तावेजों में संदेहास्पद तथ्य मिले। ट्रक में लगभग ₹26.25 लाख मूल्य का माल लोड था, जिसके परिवहन के लिए नियमानुसार ई-वे बिल आवश्यक होता है। चालक ने पूछताछ में पहले ई-वे बिल न होने की बात कही, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि वाहन पकड़े जाने के बाद उसने यह बिल जनरेट करवाया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक का पंचनामा तैयार कर उसे थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा करवा दिया है। इसके साथ ही चालक को अभिरक्षा में ले लिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट वाणिज्य कर विभाग, बैतूल को भेज दी गई है। अब वाणिज्य कर विभाग इन दस्तावेजों की गहन जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगा।1
- पांढुर्णा के पास ग्राम सिवनी में नागपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार शाम करीब 6 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। नागपुर से बैतूल की ओर जा रही डिस्ट्रिक कंपनी की एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के वक्त बस में 30 से 35 यात्री सवार थे, जिनमें से 20 से 25 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे का शिकार हुए लोगों में एक ही परिवार के 24 सदस्य शामिल हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए तत्काल पांढुर्णा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में से एक यात्री की जांघ की हड्डी टूटने के कारण हालत गंभीर थी, जिसे नागपुर रैफर किया गया है, जबकि बाकी अन्य घायलों का इलाज पांढुर्णा अस्पताल में ही चल रहा है। फिलहाल पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सूत्रों के हवाले से यह आशंका भी जताई जा रही है कि बस चालक शराब के नशे में था, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1