पांढुर्णा के सौसर स्थित सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य टीम प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सक्रियता से काम कर रही है। खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेश बोकड़े के निर्देशन में, यह टीम तहसील के 64 हाई-रिस्क गांवों और अन्य क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के साथ-साथ छाती संबंधी अन्य बीमारियों की पहचान कर मरीजों को समय पर निःशुल्क उपचार मुहैया कराना है। वरिष्ठ क्षय रोग विभाग प्रभारी सुरेश सोमकुंवर के नेतृत्व में कार्य कर रही टीम पोर्टेबल एक्स-रे और टीबी की जांच कर रही है। संदिग्ध मरीजों की पहचान करने के साथ ही, टीम फेफड़ों के संक्रमण और छाती में पानी भरने जैसी समस्याओं से ग्रसित लोगों को सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए प्रेरित कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या वजन घटने जैसे लक्षण होने पर तत्काल निःशुल्क जांच करवाकर इस अभियान का लाभ उठाएं।
पांढुर्णा के सौसर स्थित सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य टीम प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सक्रियता से काम कर रही है। खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेश बोकड़े के निर्देशन में, यह टीम तहसील के 64 हाई-रिस्क गांवों और अन्य क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। इस अभियान का मुख्य
उद्देश्य टीबी के साथ-साथ छाती संबंधी अन्य बीमारियों की पहचान कर मरीजों को समय पर निःशुल्क उपचार मुहैया कराना है। वरिष्ठ क्षय रोग विभाग प्रभारी सुरेश सोमकुंवर के नेतृत्व में कार्य कर रही टीम पोर्टेबल एक्स-रे और टीबी की जांच कर रही है। संदिग्ध मरीजों की पहचान करने के साथ ही, टीम फेफड़ों के संक्रमण
और छाती में पानी भरने जैसी समस्याओं से ग्रसित लोगों को सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए प्रेरित कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या वजन घटने जैसे लक्षण होने पर तत्काल निःशुल्क जांच करवाकर इस अभियान का लाभ उठाएं।
- पांढुर्णा के सौसर स्थित सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य टीम प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सक्रियता से काम कर रही है। खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेश बोकड़े के निर्देशन में, यह टीम तहसील के 64 हाई-रिस्क गांवों और अन्य क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के साथ-साथ छाती संबंधी अन्य बीमारियों की पहचान कर मरीजों को समय पर निःशुल्क उपचार मुहैया कराना है। वरिष्ठ क्षय रोग विभाग प्रभारी सुरेश सोमकुंवर के नेतृत्व में कार्य कर रही टीम पोर्टेबल एक्स-रे और टीबी की जांच कर रही है। संदिग्ध मरीजों की पहचान करने के साथ ही, टीम फेफड़ों के संक्रमण और छाती में पानी भरने जैसी समस्याओं से ग्रसित लोगों को सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए प्रेरित कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार या वजन घटने जैसे लक्षण होने पर तत्काल निःशुल्क जांच करवाकर इस अभियान का लाभ उठाएं।3
- बैतूल जिले के आमला ब्लॉक के ग्राम नरेरा स्थित एकीकृत प्राथमिक-माध्यमिक शाला में शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल के बच्चों के साथ शिक्षक की भूमिका निभाते हुए आत्मीय संवाद किया और उनसे उनकी पढ़ाई, रुचियों तथा विद्यालय में होने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कक्षा 5वीं और 7वीं के विद्यार्थियों को सरल और रोचक तरीके से जल चक्र की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।3
- बैतूल के कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे शुक्रवार को आमला विकासखंड के दौरे के दौरान एक अनोखे अंदाज में दिखाई दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं एक शिक्षक की भूमिका संभाली और कक्षा में विद्यार्थियों को जल चक्र तथा पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया।2
- बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में ससाबड-अंधारिया मार्ग पर स्थित एक बड़ी नदी पर चल रहे पुलिया निर्माण कार्य के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पुलिया निर्माण के दौरान हुई पहली ही बारिश में अप्रोच मार्ग बह गया, जिससे पिछले 8 दिनों से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था। इस स्थिति के चलते स्कूली बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कलेक्टर, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराई थीं। प्रशासन और विभाग पर दबाव के बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा अप्रोच मार्ग का पुनर्निर्माण कर दिया गया है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। फिलहाल, पुलिया का शेष निर्माण कार्य बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद ही पूरा किया जाएगा। आवागमन की स्थिति को देखते हुए, बड़े वाहनों को अभी भी नाहिया और देय्यत बाबा के पास वाले वैकल्पिक मार्ग से ही गुजरना होगा।1
- बैतूल जिले के आठनेर नगर के वार्ड क्रमांक 8 निवासी सुभाष जितपूरे के मकान के पूजा घर में स्थित शिवलिंग के समीप एक किंग कोबरा सांप बैठा दिखाई दिया, जिसे देखकर परिजन घबरा गए। इसके बाद परिजनों ने इसे चमत्कार स्वरूप मानकर सांप के दर्शन किए। इस घटना की जानकारी मिलते ही लोगों की भारी भीड़ भी दर्शन करने के लिए मौके पर पहुंच गई। इसके बाद नगर के सर्प मित्र गुनवंत बरडे ने तुरंत मौके पर पहुंचकर किंग कोबरा सांप का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया। परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम को भगवान का चमत्कार बताया है।1
- मुलताई में पुलिस ने एक ट्रक में फर्जी ई-वे बिल पाए जाने के संदेह पर वाहन को जब्त कर लिया है और जांच व आवश्यक कार्रवाई के लिए वाणिज्य कर विभाग को पत्र भेजा है। यह कार्रवाई 10 जुलाई 2026 को की गई, जब पुलिस टीम सड़क दुर्घटना की सूचना पर रवाना हुई थी और परमंडल क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े ट्रक क्रमांक RJ-11 GB-3173 को रोककर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान ट्रक चालक दुर्घटना के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका, जिसके बाद दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में ट्रक की बिल्टी और जीएसटी से जुड़े दस्तावेजों में संदेहास्पद तथ्य मिले। ट्रक में लगभग ₹26.25 लाख मूल्य का माल लोड था, जिसके परिवहन के लिए नियमानुसार ई-वे बिल आवश्यक होता है। चालक ने पूछताछ में पहले ई-वे बिल न होने की बात कही, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि वाहन पकड़े जाने के बाद उसने यह बिल जनरेट करवाया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक का पंचनामा तैयार कर उसे थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा करवा दिया है। इसके साथ ही चालक को अभिरक्षा में ले लिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट वाणिज्य कर विभाग, बैतूल को भेज दी गई है। अब वाणिज्य कर विभाग इन दस्तावेजों की गहन जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगा।1
- पांढुर्णा के पास ग्राम सिवनी में नागपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार शाम करीब 6 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। नागपुर से बैतूल की ओर जा रही डिस्ट्रिक कंपनी की एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के वक्त बस में 30 से 35 यात्री सवार थे, जिनमें से 20 से 25 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे का शिकार हुए लोगों में एक ही परिवार के 24 सदस्य शामिल हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए तत्काल पांढुर्णा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में से एक यात्री की जांघ की हड्डी टूटने के कारण हालत गंभीर थी, जिसे नागपुर रैफर किया गया है, जबकि बाकी अन्य घायलों का इलाज पांढुर्णा अस्पताल में ही चल रहा है। फिलहाल पुलिस द्वारा हादसे के कारणों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सूत्रों के हवाले से यह आशंका भी जताई जा रही है कि बस चालक शराब के नशे में था, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि चिकित्सकीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1