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बैलदारीचक की मुख्य सड़क पर हुए गड्ढों से परेशान स्थानीय लोगों ने अब खुद ही इन गड्ढों को भरने का बीड़ा उठाया है। एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे स्थानीय लोग अपने स्तर पर इन गड्ढों को भरने में जुटे हुए हैं ताकि आवागमन सुचारु हो सके। हालांकि, इस अस्थायी समाधान से लोगों को ज़्यादा दिन तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार को ऐसी जनसमस्याएं दिखती ही नहीं हैं, क्योंकि उसका पूरा ध्यान केवल 'हिंदू/मुस्लिम' के मुद्दों में लगा रहता है। इस अनदेखी से नाराज़ लोगों ने अपील की है कि इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा साझा किया जाए और इस विषय पर अपनी प्रतिक्रियाएं कमेंट्स में ज़रूर दें।
Amarjeet Singh
बैलदारीचक की मुख्य सड़क पर हुए गड्ढों से परेशान स्थानीय लोगों ने अब खुद ही इन गड्ढों को भरने का बीड़ा उठाया है। एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे स्थानीय लोग अपने स्तर पर इन गड्ढों को भरने में जुटे हुए हैं ताकि आवागमन सुचारु हो सके। हालांकि, इस अस्थायी समाधान से लोगों को ज़्यादा दिन तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार को ऐसी जनसमस्याएं दिखती ही नहीं हैं, क्योंकि उसका पूरा ध्यान केवल 'हिंदू/मुस्लिम' के मुद्दों में लगा रहता है। इस अनदेखी से नाराज़ लोगों ने अपील की है कि इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा साझा किया जाए और इस विषय पर अपनी प्रतिक्रियाएं कमेंट्स में ज़रूर दें।
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- मोकामा के कन्हाईपुर गांव की निवासी सुनील कुमार की बेटी काजल कुमारी का, बीपीएससी परीक्षा में 933वीं रैंक हासिल कर डीएसपी बनने के बाद, उनके गांव पहुंचने पर भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। शनिवार को मोकामा पश्चिमी जिला परिषद सदस्य कुमार नवनीत हिमांशु ने काजल कुमारी को चादर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस मौके पर जिला पार्षद ने उन्हें मिठाई भी खिलाई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। डीएसपी बनी काजल कुमारी ने पीड़ितों को उचित न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। जिला पार्षद कुमार नवनीत हिमांशु ने इस अवसर पर कहा कि काजल कुमारी की इस सफलता से पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल बन गया है।1
- पटना के फुलवारीशरीफ से मुहर्रम का सीधा नज़ारा वीडियो के माध्यम से दिखाया जा रहा है। यह दृश्य ग्राउंड रिपोर्टर अजीत कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जिसमें मुहर्रम की खास झलकियाँ देखने को मिल रही हैं।4
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- अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। हिरासत में लिए गए लोगों में टिटू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं। जांच के दौरान टिटू यादव के पास से दानपात्र की चाबियां बरामद हुई हैं। वहीं, अनुकल्प मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा दान की गणना प्रक्रिया से जुड़े बताए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, लवकुश मिश्रा के घर से 10 लाख रुपये नकद और मनीष यादव के घर से भी नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। एफआईआर के अनुसार, अब तक मंदिर ट्रस्ट की किसी प्रत्यक्ष भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है। इस पूरे मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है।1
- पटना के फुलवारी शरीफ में मोहर्रम की दसवीं तारीख, यौमे आशूरा के अवसर पर शुक्रवार की आधी रात को पूरा इलाका 'या अली' और 'या हुसैन' के नारों से गूंज उठा। शहर के विभिन्न मोहल्लों से निकाले गए ताजिया, सिपहर और अखाड़ों के जुलूस देर रात तक चलते रहे, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने मातम, मरसिया और नौहाखानी के माध्यम से करबला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इन जुलूसों को देखने के लिए शहर के प्रमुख मार्गों पर महिलाओं, बच्चों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जो देर शाम से ही सड़क किनारे और चौक-चौराहों पर जमा होकर अखाड़ों के आने का इंतजार कर रहे थे। विशेष रूप से समनपुरा अखाड़ा को देखने के लिए लोगों में काफी उत्साह दिखाई दिया। फुलवारी के खानकाह, नया टोला, संगी मस्जिद, मंसूर मोहल्ला, बौली, चुनौती कुआं, मिलकियाना, चौराहा, दमरिया, चितकोहरा, सब्जपुरा और मखदूम रास्ती सहित कई मोहल्लों से रंग-बिरंगे निशान और ताजिया जुलूस निकाले गए। इन जुलूसों में शामिल अकीदतमंद लगातार 'या अली' और 'या हुसैन' के नारे लगाते रहे, जिससे पूरा इलाका देर रात तक गूंजता रहा। विभिन्न अखाड़ों के कलाकारों ने लाठी, भाला, तलवार और पारंपरिक युद्ध कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया, जिनके हैरतअंगेज करतबों को देखकर लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। सबसे अधिक राजा बाजार समनपुरा का अखाड़ा देखने वाले लोग थे। यौमे आशूरा के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने रोजा भी रखा, कुरआन शरीफ की तिलावत की, नफ्ल नमाज अदा की, तथा गरीबों और जरूरतमंदों के बीच भोजन एवं शर्बत का वितरण भी किया। कई जगहों पर सबील और लंगर का भी आयोजन किया गया। इस दौरान, मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, और ड्रोन तथा वीडियोग्राफी के माध्यम से लगातार निगरानी की गई। नगर परिषद की ओर से टमटम पड़ाव और मस्जिद चौक के समीप अस्थायी शिविर और टेंट की व्यवस्था की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को सुविधा मिल सके। प्रशासन की इस सतर्कता और लोगों के आपसी सहयोग के कारण फुलवारी शरीफ में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।3
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