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स्थाई लोक अदालत का बड़ा फैसला: बिजली विभाग की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उपभोक्ता को 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया धौलपुर। स्थायी लोक अदालत ने उपभोक्ता हित में एक अहम और मिसाल कायम करने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने गलत बिजली बिल जारी करने के मामले में बिजली विभाग की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उपभोक्ता को 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। यह निर्णय प्रकरण संख्या 165/24, हरिओम शर्मा बनाम जे.वी.वी.एन.एल. में सुनाया गया। अदालत के अध्यक्ष सुरेश प्रकाश भट्ट तथा सदस्य राम दत्त श्रोति और वीरेंद्र उपाध्याय की पीठ ने संयुक्त रूप से यह फैसला दिया। मामले के अनुसार, प्रार्थी हरिओम शर्मा के घर पर लगा बिजली मीटर 28 अक्टूबर 2024 को हाई वोल्टेज और शॉर्ट सर्किट के कारण जल गया था। उपभोक्ता ने तुरंत बिजली विभाग को इसकी सूचना देकर मीटर बदलने का अनुरोध किया, लेकिन विभाग ने समय पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की। इसके उलट, विभाग ने जले हुए मीटर से ही रीडिंग लेकर नवंबर 2024 के लिए 5872 यूनिट का अत्यधिक और अवास्तविक बिल ₹51,725.06 जारी कर दिया। जबकि उपभोक्ता का सामान्य मासिक उपभोग अधिकतम 500 यूनिट तक ही था। इस गलती के कारण उपभोक्ता को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जले हुए मीटर से रीडिंग लेना और असामान्य रूप से अधिक यूनिट दिखाना विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। साथ ही, मीटर समय पर न बदले जाने के कारण उपभोक्ता को लगभग एक महीने तक बिना बिजली के रहना पड़ा, जिससे उसे सामाजिक और मानसिक कष्ट भी झेलना पड़ा। अदालत ने आदेश दिया कि नवंबर 2024 का गलत बिल निरस्त किया जाए और औसत खपत (करीब 191 यूनिट) के आधार पर नया संशोधित बिल जारी किया जाए। उपभोक्ता संशोधित बिल मिलने के बाद ही भुगतान करेगा। इसके अलावा, अदालत ने विभाग के तत्कालीन सहायक अभियंता (ग्रामीण) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए उनके वेतन से 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति एक माह के भीतर देने का निर्देश दिया। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया जाता है, तो इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा में इस प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

21 hrs ago
user_Deepu Verma Journalist Dholpur
Deepu Verma Journalist Dholpur
धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
21 hrs ago

स्थाई लोक अदालत का बड़ा फैसला: बिजली विभाग की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उपभोक्ता को 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया धौलपुर। स्थायी लोक अदालत ने उपभोक्ता हित में एक अहम और मिसाल कायम करने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने गलत बिजली बिल जारी करने के मामले में बिजली विभाग की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उपभोक्ता को 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। यह निर्णय प्रकरण संख्या 165/24, हरिओम शर्मा बनाम जे.वी.वी.एन.एल. में सुनाया गया। अदालत के अध्यक्ष सुरेश प्रकाश भट्ट तथा सदस्य राम दत्त श्रोति और वीरेंद्र उपाध्याय की पीठ ने संयुक्त रूप से यह फैसला दिया। मामले के अनुसार, प्रार्थी हरिओम शर्मा के घर पर लगा बिजली मीटर 28 अक्टूबर 2024 को हाई वोल्टेज और शॉर्ट सर्किट के कारण जल गया था। उपभोक्ता ने तुरंत बिजली विभाग को इसकी सूचना देकर मीटर बदलने का अनुरोध किया, लेकिन विभाग ने समय पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की। इसके उलट, विभाग ने जले हुए मीटर से ही रीडिंग लेकर नवंबर 2024 के लिए 5872 यूनिट का अत्यधिक और अवास्तविक बिल ₹51,725.06 जारी कर दिया। जबकि उपभोक्ता का सामान्य मासिक उपभोग अधिकतम 500 यूनिट तक ही था। इस गलती के कारण उपभोक्ता को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जले हुए मीटर से रीडिंग लेना और असामान्य रूप से अधिक यूनिट दिखाना विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। साथ ही, मीटर समय पर न बदले जाने के कारण उपभोक्ता को लगभग एक महीने तक बिना बिजली के रहना पड़ा, जिससे उसे सामाजिक और मानसिक कष्ट भी झेलना पड़ा। अदालत ने आदेश दिया कि नवंबर 2024 का गलत बिल निरस्त किया जाए और औसत खपत (करीब 191 यूनिट) के आधार पर नया संशोधित बिल जारी किया जाए। उपभोक्ता संशोधित बिल मिलने के बाद ही भुगतान करेगा। इसके अलावा, अदालत ने विभाग के तत्कालीन सहायक अभियंता (ग्रामीण) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए उनके वेतन से 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति एक माह के भीतर देने का निर्देश दिया। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया जाता है, तो इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा में इस प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • user_User3216
    User3216
    Dhaulpur, Dholpur
    🤝
    9 hrs ago
More news from राजस्थान and nearby areas
  • नवरात्र के पहले दिन श्याममय होगी सूर्यनगरी, दूसरी बार बनेगा अनूठा रिकॉर्ड धौलपुर नवरात्र के पहले दिन 19 मार्च को जोधपुर की सूर्यनगरी श्याममय होने जा रही है। श्याम भक्ति सेवा संस्थान के तत्वावधान में गीता भवन में आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रम में संतों के सानिध्य में 500 श्याम भक्तों को विधिवत प्राण प्रतिष्ठा के साथ श्याम बाबा की 500 मूर्तियां निशुल्क प्रदान की जाएंगी। इससे पहले संस्थान द्वारा शहर के 100 मंदिरों, संस्थानों, प्रतिष्ठानों और अस्पतालों में श्याम बाबा की 100 मूर्तियां निशुल्क स्थापित कर एक अनूठी पहल की जा चुकी है और अब यह आयोजन दूसरा बड़ा रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है। कार्यक्रम को राज परिवार की ओर से भी शुभकामनाएं प्राप्त हुई हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में न्यायाधिपति, राजस्थान उच्च न्यायालय विनीत माथुर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में महानिरीक्षक, सीमांत मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल एम एल गर्ग और जोनल डायरेक्टर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो घनश्याम सोनी उपस्थित रहेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष ईश्वर सिंह उदावत और कार्यवाहक सचिव हेमंत लालवानी ने बताया कि संस्थान अध्यक्ष मोनिका प्रजापत के नेतृत्व में श्याम भक्ति सेवा संस्थान द्वारा घर-घर श्याम, हर घर श्याम अभियान के तहत जोधपुर के 100 विभिन्न मंदिरों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों में श्याम बाबा की 100 मूर्तियों की स्थापना की जा चुकी है। इसी क्रम में अब 500 मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा, सामूहिक पूजन और वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न कराई जाएगी। वरिष्ठ समाजसेवी संपत राज जांगिड़ को आयोजन का स्वागत अध्यक्ष बनाया गया हैं। उन्होंने बताया कि, राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विनीत माथुर के मुख्य आथित्य में आयोजित इस कार्यक्रम में सीमांत मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक एम.एल. गर्ग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी, श्री गीता प्रचार मंडल के अध्यक्ष प्रहलाद गोयल तथा सचिव राजेश लोढ़ा के विशिष्ट अतिथी होंगे, जबकि कार्यक्रम को संतों का सानिध्य भी प्राप्त होगा, जिसमें महामंडलेश्वर, बिजोलाई आश्रम धाम जोधपुर सोमेश्वर गिरी महाराज, सैनाचार्य एवं महंत, बाबा रामदेव जुगल जोड़ी धाम अचलानंद गिरी महाराज, रामस्नेही संत एवं मुख्य गादीपति, बड़ा रामद्वारा सूरसागर रामप्रसाद महाराज, साध्वी एवं निदेशक, मंत्र विज्ञान शोध संस्थान प्रीति प्रियंवंदा तथा पूर्व अध्यक्ष राजस्थान राज्य संस्कृत अकादमी डॉ जया दवे विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी।
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    नवरात्र के पहले दिन श्याममय होगी सूर्यनगरी, दूसरी बार बनेगा अनूठा रिकॉर्ड
धौलपुर  नवरात्र के पहले दिन 19 मार्च को जोधपुर की सूर्यनगरी श्याममय होने जा रही है। श्याम भक्ति सेवा संस्थान के तत्वावधान में गीता भवन में आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रम में संतों के सानिध्य में 500 श्याम भक्तों को विधिवत प्राण प्रतिष्ठा के साथ श्याम बाबा की 500 मूर्तियां निशुल्क प्रदान की जाएंगी। इससे पहले संस्थान द्वारा शहर के 100 मंदिरों, संस्थानों, प्रतिष्ठानों और अस्पतालों में श्याम बाबा की 100 मूर्तियां निशुल्क स्थापित कर एक अनूठी पहल की जा चुकी है और अब यह आयोजन दूसरा बड़ा रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है। कार्यक्रम को राज परिवार की ओर से भी शुभकामनाएं प्राप्त हुई हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में न्यायाधिपति, राजस्थान उच्च न्यायालय विनीत माथुर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में महानिरीक्षक, सीमांत मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल एम एल गर्ग और जोनल डायरेक्टर, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो घनश्याम सोनी उपस्थित रहेंगे।
आयोजन समिति के अध्यक्ष ईश्वर सिंह उदावत और कार्यवाहक सचिव हेमंत लालवानी ने बताया कि संस्थान अध्यक्ष मोनिका प्रजापत के नेतृत्व में श्याम भक्ति सेवा संस्थान द्वारा घर-घर श्याम, हर घर श्याम अभियान के तहत जोधपुर के 100 विभिन्न मंदिरों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों में श्याम बाबा की 100 मूर्तियों की स्थापना की जा चुकी है। इसी क्रम में अब 500 मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा, सामूहिक पूजन और वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न कराई जाएगी। वरिष्ठ समाजसेवी संपत राज जांगिड़ को आयोजन का स्वागत अध्यक्ष बनाया गया हैं। उन्होंने बताया कि, राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विनीत माथुर के मुख्य आथित्य में आयोजित इस कार्यक्रम में सीमांत मुख्यालय सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक एम.एल. गर्ग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी, श्री गीता प्रचार मंडल के अध्यक्ष प्रहलाद गोयल तथा सचिव राजेश लोढ़ा के विशिष्ट अतिथी होंगे, जबकि कार्यक्रम को संतों का सानिध्य भी प्राप्त होगा, जिसमें महामंडलेश्वर, बिजोलाई आश्रम धाम जोधपुर सोमेश्वर गिरी महाराज, सैनाचार्य एवं महंत, बाबा रामदेव जुगल जोड़ी धाम अचलानंद गिरी महाराज, रामस्नेही संत एवं मुख्य गादीपति, बड़ा रामद्वारा सूरसागर रामप्रसाद महाराज, साध्वी एवं निदेशक, मंत्र विज्ञान शोध संस्थान प्रीति प्रियंवंदा तथा पूर्व अध्यक्ष राजस्थान राज्य संस्कृत अकादमी डॉ जया दवे विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी।
    user_Deepu Verma Journalist Dholpur
    Deepu Verma Journalist Dholpur
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by Ravi kushwah
    1
    Post by Ravi kushwah
    user_Ravi kushwah
    Ravi kushwah
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • धौलपुर। जयपुर में स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत- राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें धौलपुर की ए एन एम की छात्राओ ने राज्य स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जिनका धौलपुर में विजेता छात्राओं का स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.धर्मसिंह मीणा रहे। मुख्य अतिथि मीणा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत- राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 13 मार्च 2026 को राज्य, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, झालाना-जयपुर में किया गया। जहाँ प्रतियोगिता 3 चरणों में सम्पन्न हुई एवं उक्त राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में ए. एन. एम. प्रशिक्षण केन्द्र धौलपुर की छात्राओं ने उत्कृष्ठ प्रदर्शन कर सम्पूर्ण राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं छात्राओं के उज्जवल भविष्य की अति. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. गौरव मीणा ने कहा इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन राज्य में अनूठी पहल है। इस तरह की प्रतियोगिताओं से प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार होगा। ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र की प्रधानाचार्या कल्पना सेगर ने विजेता छात्राओं को मिठाई खिलाई एवं माला पहना कर मोमेंटो प्रदान किये। तथा प्रधानाचार्य ने समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान कार्यक्रम में नीलम, ओमप्रकाश लोधी पंकज मुगल दीपिका, राधा, अवधेश प्रशिक्षक एवं कार्मिक उपस्थित रहे।
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    धौलपुर।  जयपुर में स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत- राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें धौलपुर की ए एन एम  की छात्राओ ने राज्य स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में  प्रथम स्थान प्राप्त किया। जिनका धौलपुर में विजेता छात्राओं का स्वागत एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.धर्मसिंह मीणा
रहे। मुख्य अतिथि मीणा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत- राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 13 मार्च 2026 को राज्य, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, झालाना-जयपुर में किया गया।  जहाँ  प्रतियोगिता 3 चरणों में सम्पन्न हुई एवं उक्त राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में ए. एन. एम. प्रशिक्षण केन्द्र धौलपुर की छात्राओं ने उत्कृष्ठ प्रदर्शन कर सम्पूर्ण राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया एवं छात्राओं के उज्जवल भविष्य की
अति. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. गौरव मीणा ने कहा इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन राज्य में अनूठी पहल है। इस तरह की प्रतियोगिताओं से प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता में सुधार होगा। ए.एन.एम. प्रशिक्षण केन्द्र की प्रधानाचार्या कल्पना सेगर ने विजेता छात्राओं को मिठाई खिलाई एवं माला पहना कर मोमेंटो प्रदान किये। तथा प्रधानाचार्य ने  समस्त अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान कार्यक्रम में नीलम, ओमप्रकाश लोधी पंकज मुगल दीपिका, राधा, अवधेश प्रशिक्षक एवं कार्मिक उपस्थित रहे।
    user_ANURAG BAGHEL
    ANURAG BAGHEL
    Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • यदि आप किसी बीमारी से ग्रस्त है तो रुक जाइए अब आगरा ऐसा मेडिकल कॉलेज में बिना आधार कार्ड और वह बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर कि आपका दिखाने हेतु पर्चा नहीं बनाया जाएगा बताया गया है कि ऑफलाइन सुविधा बंद कर दी गई है ऑनलाइन पंजीकरण कराना आवश्यक है यह जानकारी डॉक्टर द्वारा दी गई है एवं आपरेटर द्वारा बताया गया
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    यदि आप किसी बीमारी से ग्रस्त है तो रुक जाइए अब आगरा ऐसा मेडिकल कॉलेज में बिना आधार कार्ड और वह बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर कि आपका दिखाने हेतु पर्चा नहीं बनाया जाएगा बताया गया है कि ऑफलाइन सुविधा बंद कर दी गई है ऑनलाइन पंजीकरण कराना आवश्यक है यह जानकारी डॉक्टर द्वारा दी गई है एवं आपरेटर द्वारा बताया गया
    user_शाहरुख बेग मिर्जा
    शाहरुख बेग मिर्जा
    Lawyer खेरागढ़, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • आप सभी को हिंदू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।🚩
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    आप सभी को हिंदू नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।🚩
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    Political party office Morena, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • सगाई से नाराज युवक ने शिक्षिका से स्कूल के बाहर मारपीट मुरैना जिले में एक आदिवासी महिला शिक्षिका के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। मामला बागचीनी थाना क्षेत्र के इमलिया मिडिल स्कूल का है, जहां बेटी की सगाई करने से नाराज एक युवक ने शिक्षिका को स्कूल के बाहर बुलाकर हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार इमलिया मिडिल स्कूल में पदस्थ शिक्षिका ललिता टोपो ने कुछ समय पहले मुरैना के सैयद नहर क्षेत्र में अपना मकान बनवाया था, जिसका ठेका कृष्णानंद शर्मा को दिया गया था। इसी दौरान दोनों परिवारों के बीच परिचय हुआ। आरोप है कि कृष्णानंद शर्मा शिक्षिका की बेटी से बात करना चाहता था, लेकिन शिक्षिका ने उसे मना कर दिया था। बताया जा रहा है कि हाल ही में शिक्षिका ने अपनी बेटी की सगाई कहीं और तय कर दी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी स्कूल पहुंचा और शिक्षिका को बाहर बुलाकर पूछताछ करने लगा। बात बढ़ने पर आरोपी ने शिक्षिका के साथ मारपीट कर दी और धक्का देकर पास के नाले में गिरा दिया। घटना में शिक्षिका के सिर, पैर और कंधे में चोटें आई हैं। जाते समय आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम शिक्षिका को थाने लेकर पहुंची। बागचीनी थाना प्रभारी शशि कुमार जाटव के अनुसार महिला के बयान के आधार पर आरोपी कृष्णानंद शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है
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    सगाई से नाराज युवक ने शिक्षिका से स्कूल के बाहर मारपीट
मुरैना जिले में एक आदिवासी महिला शिक्षिका के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। 
मामला बागचीनी थाना क्षेत्र के इमलिया मिडिल स्कूल का है, जहां बेटी की सगाई करने से नाराज एक युवक ने शिक्षिका को स्कूल के बाहर बुलाकर हमला कर दिया।
जानकारी के अनुसार इमलिया मिडिल स्कूल में पदस्थ शिक्षिका ललिता टोपो ने कुछ समय पहले मुरैना के सैयद नहर क्षेत्र में अपना मकान बनवाया था, 
जिसका ठेका कृष्णानंद शर्मा को दिया गया था। इसी दौरान दोनों परिवारों के बीच परिचय हुआ। 
आरोप है कि कृष्णानंद शर्मा शिक्षिका की बेटी से बात करना चाहता था, लेकिन शिक्षिका ने उसे मना कर दिया था।
बताया जा रहा है कि हाल ही में शिक्षिका ने अपनी बेटी की सगाई कहीं और तय कर दी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी स्कूल पहुंचा और शिक्षिका को बाहर बुलाकर पूछताछ करने लगा। 
बात बढ़ने पर आरोपी ने शिक्षिका के साथ मारपीट कर दी और धक्का देकर पास के नाले में गिरा दिया।
घटना में शिक्षिका के सिर, पैर और कंधे में चोटें आई हैं। जाते समय आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया।
सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम शिक्षिका को थाने लेकर पहुंची। 
बागचीनी थाना प्रभारी शशि कुमार जाटव के अनुसार महिला के बयान के आधार पर आरोपी कृष्णानंद शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश की जा रही है
    user_JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    JP NEWS झोलाछाप पत्रकार /Rohit bajouriya
    मीडिया Morena, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
  • अंबाह। 19 मार्च से चैत्रीय नवरात्र प्रारंभ हो गए हैं आस्था के केंद्र माता रानी के मंदिरों में आराधना,जय माता दी,से संपूर्ण वातावरण में जय कारे गुंजायमान रहेंगे। तो वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत थरा के मजरा बल्का पूरा में मां नंगपुरा वाली के नाम से एक मंदिर स्थानीय लोगों का आस्था केंद्र है मंदिर में स्थानीय बालिकाओं और महिलाओं की क़तार लगी रहती है वही शाम को संध्या आरती व सुबह वंदन होता है लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए बड़े मुश्किल से पहुंचना पड़ता है क्योंकि दोनों ओर से किसानों ने कांटेदार तार लगा रखी है जिससे कई कई बार उलझ कर गिर जाने से कई श्रद्धालुओं को घायल होना पड़ता है है स्थानीय निवासी मीनू सिंह तोमर ने बताया कि हमें पहुंचने के लिए बहुत परेशानी उठानी पड़ती आस्था का केंद्र हमारा मंदिर है वहां तक पहुंचाने के लिए बहुत ही मशक्कत करनी पड़ती है। और साथ ही साथ हांथ जोड़ कर जिलाधीश महोदय से ही पहुंच मार्ग की गुहार लगाई है क्योंकि अंबाह तहसील स्तर पर प्रशासन है भी ऐसा प्रतीत ही नहीं होता है।
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    अंबाह। 19 मार्च से चैत्रीय नवरात्र प्रारंभ हो गए हैं आस्था के केंद्र  माता रानी के मंदिरों में   आराधना,जय माता दी,से संपूर्ण वातावरण   में जय कारे गुंजायमान रहेंगे। 
तो वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत थरा के मजरा बल्का पूरा में  मां नंगपुरा वाली के नाम से एक मंदिर स्थानीय लोगों का आस्था केंद्र है मंदिर में स्थानीय बालिकाओं और महिलाओं की क़तार लगी रहती है वही शाम को संध्या आरती व सुबह वंदन होता है लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए बड़े मुश्किल से पहुंचना पड़ता है क्योंकि दोनों ओर से किसानों ने कांटेदार तार लगा रखी है जिससे कई कई बार उलझ कर गिर जाने से कई श्रद्धालुओं  को घायल होना पड़ता है है स्थानीय निवासी मीनू सिंह तोमर ने बताया कि हमें पहुंचने के लिए  बहुत परेशानी उठानी पड़ती  आस्था का केंद्र हमारा मंदिर है वहां तक पहुंचाने के लिए बहुत ही मशक्कत करनी पड़ती है।
और साथ ही साथ हांथ जोड़ कर जिलाधीश महोदय से ही पहुंच मार्ग की गुहार लगाई है क्योंकि अंबाह तहसील स्तर पर प्रशासन है भी ऐसा प्रतीत ही नहीं होता है।
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • स्थाई लोक अदालत का बड़ा फैसला: बिजली विभाग की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उपभोक्ता को 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया धौलपुर। स्थायी लोक अदालत ने उपभोक्ता हित में एक अहम और मिसाल कायम करने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने गलत बिजली बिल जारी करने के मामले में बिजली विभाग की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उपभोक्ता को 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। यह निर्णय प्रकरण संख्या 165/24, हरिओम शर्मा बनाम जे.वी.वी.एन.एल. में सुनाया गया। अदालत के अध्यक्ष सुरेश प्रकाश भट्ट तथा सदस्य राम दत्त श्रोति और वीरेंद्र उपाध्याय की पीठ ने संयुक्त रूप से यह फैसला दिया। मामले के अनुसार, प्रार्थी हरिओम शर्मा के घर पर लगा बिजली मीटर 28 अक्टूबर 2024 को हाई वोल्टेज और शॉर्ट सर्किट के कारण जल गया था। उपभोक्ता ने तुरंत बिजली विभाग को इसकी सूचना देकर मीटर बदलने का अनुरोध किया, लेकिन विभाग ने समय पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की। इसके उलट, विभाग ने जले हुए मीटर से ही रीडिंग लेकर नवंबर 2024 के लिए 5872 यूनिट का अत्यधिक और अवास्तविक बिल ₹51,725.06 जारी कर दिया। जबकि उपभोक्ता का सामान्य मासिक उपभोग अधिकतम 500 यूनिट तक ही था। इस गलती के कारण उपभोक्ता को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जले हुए मीटर से रीडिंग लेना और असामान्य रूप से अधिक यूनिट दिखाना विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। साथ ही, मीटर समय पर न बदले जाने के कारण उपभोक्ता को लगभग एक महीने तक बिना बिजली के रहना पड़ा, जिससे उसे सामाजिक और मानसिक कष्ट भी झेलना पड़ा। अदालत ने आदेश दिया कि नवंबर 2024 का गलत बिल निरस्त किया जाए और औसत खपत (करीब 191 यूनिट) के आधार पर नया संशोधित बिल जारी किया जाए। उपभोक्ता संशोधित बिल मिलने के बाद ही भुगतान करेगा। इसके अलावा, अदालत ने विभाग के तत्कालीन सहायक अभियंता (ग्रामीण) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए उनके वेतन से 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति एक माह के भीतर देने का निर्देश दिया। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया जाता है, तो इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा में इस प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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    स्थाई लोक अदालत का बड़ा फैसला:
बिजली विभाग की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उपभोक्ता को 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया
धौलपुर। स्थायी लोक अदालत ने उपभोक्ता हित में एक अहम और मिसाल कायम करने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने गलत बिजली बिल जारी करने के मामले में बिजली विभाग की लापरवाही को गंभीर मानते हुए उपभोक्ता को 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। यह निर्णय प्रकरण संख्या 165/24, हरिओम शर्मा बनाम जे.वी.वी.एन.एल. में सुनाया गया।
अदालत के अध्यक्ष सुरेश प्रकाश भट्ट तथा सदस्य राम दत्त श्रोति और वीरेंद्र उपाध्याय की पीठ ने संयुक्त रूप से यह फैसला दिया। मामले के अनुसार, प्रार्थी हरिओम शर्मा के घर पर लगा बिजली मीटर 28 अक्टूबर 2024 को हाई वोल्टेज और शॉर्ट सर्किट के कारण जल गया था। उपभोक्ता ने तुरंत बिजली विभाग को इसकी सूचना देकर मीटर बदलने का अनुरोध किया, लेकिन विभाग ने समय पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की।
इसके उलट, विभाग ने जले हुए मीटर से ही रीडिंग लेकर नवंबर 2024 के लिए 5872 यूनिट का अत्यधिक और अवास्तविक बिल ₹51,725.06 जारी कर दिया। जबकि उपभोक्ता का सामान्य मासिक उपभोग अधिकतम 500 यूनिट तक ही था। इस गलती के कारण उपभोक्ता को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जले हुए मीटर से रीडिंग लेना और असामान्य रूप से अधिक यूनिट दिखाना विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। साथ ही, मीटर समय पर न बदले जाने के कारण उपभोक्ता को लगभग एक महीने तक बिना बिजली के रहना पड़ा, जिससे उसे सामाजिक और मानसिक कष्ट भी झेलना पड़ा।
अदालत ने आदेश दिया कि नवंबर 2024 का गलत बिल निरस्त किया जाए और औसत खपत (करीब 191 यूनिट) के आधार पर नया संशोधित बिल जारी किया जाए। उपभोक्ता संशोधित बिल मिलने के बाद ही भुगतान करेगा।
इसके अलावा, अदालत ने विभाग के तत्कालीन सहायक अभियंता (ग्रामीण) को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए उनके वेतन से 1 लाख रुपये क्षतिपूर्ति एक माह के भीतर देने का निर्देश दिया। यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया जाता है, तो इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा में इस प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
    user_Deepu Verma Journalist Dholpur
    Deepu Verma Journalist Dholpur
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
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