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पनवाड़ी के समीप पानी गिरने के कारण जलोदा के कुछ खेतों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
Mayaram Rathore
पनवाड़ी के समीप पानी गिरने के कारण जलोदा के कुछ खेतों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
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- मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा शुक्रवार देर शाम जारी की गई भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की तबादला सूची के अनुसार, शाजापुर जिले को नई पुलिस अधीक्षक (SP) मिल गई हैं। अब वर्ष 2019 बैच की आईपीएस अधिकारी श्रीमती प्रियंका शुक्ला जिले की कमान संभालेंगी, जबकि निवर्तमान एसपी यशपाल सिंह राजपूत का स्थानांतरण कर दिया गया है। श्रीमती प्रियंका शुक्ला इससे पहले पुलिस मुख्यालय, भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। उनकी प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए शासन ने उन्हें शाजापुर जिले की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, शाजापुर में पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों से पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ रहे 2012 बैच के आईपीएस यशपाल सिंह राजपूत को अब रेल पुलिस, इंदौर के पुलिस अधीक्षक का दायित्व सौंपा गया है। शाजापुर जिले के पुलिस इतिहास में यशपाल सिंह राजपूत का कार्यकाल विशेष रूप से उल्लेखनीय माना जा रहा है, क्योंकि वे जिले में एसपी के पद पर सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले अधिकारी रहे हैं। अपने साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने जिले में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिंग के स्तर को बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिसकी स्थानीय स्तर पर सराहना भी की गई है। नवनियुक्त एसपी प्रियंका शुक्ला जल्द ही शाजापुर में अपना पदभार ग्रहण करेंगी।1
- पनवाड़ी के समीप पानी गिरने के कारण जलोदा के कुछ खेतों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।1
- राज्य सरकार ने शुक्रवार देर रात 11 बजे आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए, जिसके तहत शाजापुर जिले को 2019 बैच की नई पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रियंका शुक्ला मिली हैं। इस फेरबदल में वर्तमान एसपी यशपाल सिंह राजपूत का स्थानांतरण पुलिस अधीक्षक रेल, इंदौर कर दिया गया है। प्रियंका शुक्ला पूर्व में जबलपुर में एएसपी, भोपाल में डीसीपी और पुलिस मुख्यालय में एआईजी के पद पर सेवाएं दे चुकी हैं। यशपाल सिंह राजपूत 25 मार्च 2023 को मंडला से शाजापुर आए थे। उनके कार्यकाल को शाजापुर में किसी एसपी का सबसे लंबा कार्यकाल माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर कई ठोस कदम उठाए थे।1
- शाजापुर के काछीवाड़ा स्थित भारतीय विद्या मंदिर स्कूल के सामने एक नाले के गहरे चैंबर में फंसी एक गाय को गौरक्षा सेना ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है। गौरक्षा सेना को यह सूचना शाम करीब 6 बजे मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुंचे सदस्यों ने पाया कि गाय सुबह से ही गंदगी से भरे नाले में फंसी हुई थी और इसी कारण किसी की उस पर नजर नहीं पड़ी थी। गाय पर सबसे पहले स्थानीय निवासी मिथुन शर्मा की नजर पड़ी, जिन्होंने तुरंत गौरक्षा सेना के धर्मेंद्र शर्मा को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही धर्मेंद्र शर्मा, अशोक खींची, अजय राजोरिया, हर्षित परमार और राहुल गुर्जर सहित अन्य सदस्य तत्काल मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। लगभग 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद, गौरक्षा सेना के सदस्यों ने गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिसके बाद उसे प्राथमिक उपचार भी दिया गया। इस अभियान की सफलता के बाद, गौरक्षा सेना ने नगरवासियों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी कोई गौवंश या अन्य मूक पशु संकट में दिखाई दे तो वे तत्काल इसकी सूचना दें, ताकि समय पर उनका जीवन बचाया जा सके।8
- हाल ही में एक बच्चे की सड़क दुर्घटना का वीडियो सामने आने के बाद, सभी स्कूल संचालकों और स्कूल प्रबंधन से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विनम्र अपील की गई है। इस घटना के स्थान और समय की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इससे मिलने वाला सुरक्षा संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है, और सभी से जागरूकता फैलाने का दायित्व निभाने का आग्रह किया गया है। इस अपील में विशेष रूप से अनुरोध किया गया है कि स्कूल बसों में बच्चों को घर छोड़ने आने वाले अटेंडेंट/हेल्पर को आवश्यक सुरक्षा प्रशिक्षण अवश्य दिया जाए। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया जाए कि प्रत्येक बच्चे को बस से उतारने के बाद, उसका हाथ पकड़कर सुरक्षित रूप से सड़क पार करवाकर ही घर की ओर भेजा जाए। यह सतर्कता इसलिए आवश्यक है क्योंकि बच्चे घर पहुँचने की जल्दी में कई बार बिना सावधानी बरते अचानक सड़क पार करने लगते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएँ हो सकती हैं; थोड़ी-सी जिम्मेदारी किसी मासूम की जान बचा सकती है। अतः, सभी स्कूल प्रबंधन, बस चालक और बस अटेंडेंट से आग्रह किया गया है कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और परिवहन संबंधी सभी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है, क्योंकि 'बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है' और हम सभी को मिलकर उन्हें सुरक्षित घर पहुँचाने का संकल्प लेना चाहिए।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में, भीम आर्मी आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' दतिया का दौरा करेंगे। निर्वाचन आयोग ने 30 जुलाई को मतदान की घोषणा की है, जिसके बाद दतिया में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। आज़ाद समाज पार्टी ने दामोदर सिंह यादव को अपना घोषित प्रत्याशी बनाया है। चंद्रशेखर आज़ाद 'रावण' ने एक वीडियो जारी कर बताया कि वे दतिया में पार्टी के घोषित प्रत्याशी दामोदर सिंह यादव के नामांकन फॉर्म भरने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, वे जिले में हो रहे “अन्याय और अत्याचार” के मुद्दे पर एक सभा को भी संबोधित कर सकते हैं। उनके दौरे को लेकर भीम आर्मी आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता जोर-शोर से तैयारियों में जुट गए हैं।1
- क्षेत्र में नाली का पानी लगातार सड़क पर भरा रहता है, जिससे हर तरफ गंदगी फैल रही है। इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय निवासियों और गांव के लोगों ने कई बार अर्जी दी है, लेकिन उनकी शिकायतों का कोई असर नहीं हुआ और स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। इस जलभराव और गंदगी के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, वहीं सड़क से आने-जाने वाले लोगों को भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की बार-बार की गुहार के बावजूद, इस गंभीर समस्या का कोई हल नहीं निकल पा रहा है।1
- शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना ने शुक्रवार को सलसलाई क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक विद्यालय बाड़ीगांव और प्राथमिक विद्यालय सलसलाई का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वे स्वयं बच्चों के बीच फर्श पर बैठीं और कक्षा चौथी-पांचवीं के विद्यार्थियों की क्लास ली, जहाँ बच्चों के कमजोर प्रदर्शन पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और शिक्षकों को फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से हिंदी पढ़वाई, जोड़-घटाव करवाया और सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे। कई बच्चे आज की तारीख, वर्तमान महीना, सर्दी किस महीने में पड़ती है और स्कूल किस तारीख को खुले जैसे सामान्य प्रश्नों का जवाब नहीं दे सके। इस पर उन्होंने प्रधान अध्यापक घासीराम सिसोदिया से बच्चों के कमजोर होने और उपस्थिति कम होने का कारण पूछा, और कहा कि चौथी-पांचवीं के बच्चों का अभी तक सही ढंग से हिंदी न पढ़ पाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रधान अध्यापक को उनकी शर्ट का खुला बटन देखकर भी टोका। शिक्षकों द्वारा एक माह में सुधार के दावे पर कलेक्टर ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब एक साल में सुधार नहीं हुआ तो एक महीने में क्या करेंगे, और प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। सलसलाई के बालक एवं कन्या प्राथमिक विद्यालय में कम उपस्थिति और पाठ्यक्रम वितरण में लापरवाही को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कन्या प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका पवित्र मालवीय और शिक्षक रामबाबू तिवारी का एक-एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, मेडिकल अवकाश पर अनुपस्थित शिक्षिका शारदा रैकवार के मेडिकल प्रमाण-पत्र की जांच के आदेश दिए गए, और संबंधित जन शिक्षक की लापरवाही पर नोटिस जारी करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया। कलेक्टर ने अपने निरीक्षण के दौरान गुलाना ग्राम पंचायत के नवीन भवन, अनुविभागीय कार्यालय तथा तहसील कार्यालय का भी जायजा लिया। तहसील परिसर में उन्होंने पौधों का अवलोकन किया और पौधारोपण भी किया। इस दौरान एसडीएम नेहा गंगारे, तहसीलदार रितेश जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत सीईओ, सरपंच सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1