झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले के विष्णुगढ़ स्थित चानो में करोड़ों की लागत से बनी एक नई सड़क मानसून की पहली बारिश में ही पूरी तरह बह गई है। ठीक से मॉनसून की शुरुआत भी नहीं हुई और यह नई-नवेली सड़क उखड़ गई, जिसने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क के बीचों-बीच एक बड़ा गड्ढा हो गया है, और गिट्टी व डामर रेत की तरह बह गए हैं। इस घटिया निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण जनता के पैसों की इस तरह की बर्बादी और भ्रष्टाचार पर प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोग यह जानना चाहते हैं कि ऐसे घटिया काम करने वाले ठेकेदारों पर आखिर कब कार्रवाई होगी। इस पूरी ग्राउंड रिपोर्ट को देखकर और व्यापक रूप से साझा करने की अपील की गई है, ताकि यह ख़बर सोए हुए अधिकारियों और सरकार तक पहुंचे और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो सके।
झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले के विष्णुगढ़ स्थित चानो में करोड़ों की लागत से बनी एक नई सड़क मानसून की पहली बारिश में ही पूरी तरह बह गई है। ठीक से मॉनसून की शुरुआत भी नहीं हुई और यह नई-नवेली सड़क उखड़ गई, जिसने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क के बीचों-बीच एक बड़ा गड्ढा हो गया है, और गिट्टी व डामर रेत की तरह बह गए हैं। इस घटिया निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण जनता के पैसों की इस तरह की बर्बादी और भ्रष्टाचार पर प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोग यह जानना चाहते हैं कि ऐसे घटिया काम करने वाले ठेकेदारों पर आखिर कब कार्रवाई होगी। इस पूरी ग्राउंड रिपोर्ट को देखकर और व्यापक रूप से साझा करने की अपील की गई है, ताकि यह ख़बर सोए हुए अधिकारियों और सरकार तक पहुंचे और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो सके।
- झारखंड के गिरिडीह जिले के बगोदर में स्थित बस स्टैंड पर महीनों से जमा कचरे के अंबार ने यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर दी है। गंदगी और असहनीय दुर्गंध के कारण बस स्टैंड परिसर में प्रवेश करना भी बेहद मुश्किल हो गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय दुकानदार कूड़ा फेंकने के लिए कोई निर्धारित स्थान न होने के कारण यहीं कचरा डालते हैं। हालांकि, जिला परिषद से राशि आवंटित होने के बाद बस स्टैंड की सफाई समय-समय पर कराई जाती रही है, लेकिन इस बार लंबे अरसे से सफाई न होने के कारण स्थिति काफी बिगड़ गई है। इस गंभीर हालात को देखते हुए, जिला परिषद सदस्य दुर्गेश कुमार ने शनिवार को डीसीसी स्मृता कुमारी से फोन पर बातचीत की। उन्होंने स्मृता कुमारी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए बगोदर बस स्टैंड पर जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- गिरिडीह जिले के डुमरी स्थित भगत मध्य विद्यालय इसरी में एनआरईपी विभाग द्वारा बनाए जा रहे छह कमरों के नए विद्यालय भवन के निर्माण में प्राक्कलन के विपरीत घटिया ईंटों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। इस गंभीर अनियमितता के विरोध में शनिवार को विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक, विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावकों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। विद्यालय के जर्जर भवन को तोड़कर ₹53 लाख 61 हजार 200 की अनुमानित लागत से बन रहे इस भवन में घटिया गुणवत्ता वाली ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। प्रभारी प्रधानाध्यापक सुषमा कुमारी ने बताया कि प्राक्कलन के अनुसार 75 बी ग्रेड की चिमनी ईंटें, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'दो नंबर चिमनी ईंट' कहा जाता है, लगनी चाहिए थीं, लेकिन संवेदक द्वारा 'बंगला भट्ठा ईंट' का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब बुनियाद ही कमजोर होगी तो भवन मजबूत कैसे बनेगा और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष प्रीति कुमारी ने जानकारी दी कि घटिया ईंटों के उपयोग की शिकायत संवेदक और विभागीय अधिकारियों से कई बार की गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। विरोध में शामिल अभिभावकों लेखनी देवी, सावित्री देवी, ललिता देवी, जेबुन निशा, देवकी देवी, मंजू देवी, प्रेमा देवी और सलमा खातून ने आशंका व्यक्त की कि घटिया सामग्री के इस्तेमाल से विद्यालय भवन कमजोर बनेगा, जिससे बच्चों की सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ जाएगी। इस संबंध में विभाग के कनीय अभियंता पंकज कुमार ने पहले कहा कि काम प्राक्कलन के अनुसार ही हो रहा है, जबकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भवन निर्माण में 75 बी ग्रेड की चिमनी ईंट लगाने का प्रावधान है। बाद में उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि स्थल पर 'बंगला भट्ठा ईंट' का प्रयोग पाया गया तो उसे तुरंत हटवाकर मानक के अनुसार ही निर्माण करवाया जाएगा। अभिभावकों और विद्यालय परिवार ने विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की गहन जांच की जाए और दोषी संवेदक पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।4
- शहीद सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनई के ताबूत को पहली बार सार्वजनिक तौर पर सामने लाया गया है। इसी बीच, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई को श्रद्धांजलि देने और उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करने के लिए तेहरान पहुंची हैं। महबूबा मुफ्ती ईरान सरकार के आधिकारिक निमंत्रण पर एक प्रतिनिधिमंडल के साथ वहां गई हैं। शोक व्यक्त करते हुए, उन्होंने अयातुल्ला ख़ामेनेई को मज़लूमों और उत्पीड़ितों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाला एक सम्मानित नेता बताया है।1
- हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र के कटकमदाग प्रखंड कार्यालय परिसर में विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने विधायक जनसेवा कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। उद्घाटन के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने बताया कि इस जनसेवा कार्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की जनता को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक सुलभ, प्रभावी और भरोसेमंद मंच उपलब्ध कराना है।1
- हज़ारीबाग के मुख्य सब्जी बाज़ार में कल सुबह 6 बजे से बिजली गुल होने के कारण स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा और आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस स्थिति के लिए बिजली विभाग की लापरवाही और अनदेखी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- हजारीबाग के सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कटकमदाग प्रखंड में एक जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनके निराकरण की दिशा में सक्रिय कदम बढ़ाना था। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र से भारी संख्या में महिला-पुरुष अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। यह कार्यक्रम विधायक द्वारा अपने कार्यालय से बाहर निकलकर सीधे प्रखंड कार्यालयों में आम जनता तक पहुंचने की विस्तृत तैयारी का हिस्सा है, क्योंकि पहले वे अपने दफ्तर में जनता दरबार लगाते थे। कटकमदाग में आयोजित इस पहले जनसुनवाई कार्यक्रम में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत कई अधिकारी शामिल हुए। अधिकांश ग्रामीण जमीन से जुड़े मामलों को लेकर पहुंचे थे, वहीं कुछ लोगों ने आवास योजना का लाभ न मिलने और राशन कार्ड में नाम जुड़वाने जैसी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन दिए। ग्रामीणों ने बताया कि वे प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा-लगाकर परेशान हैं, और अब विधायक के इस कार्यक्रम से उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। विधायक प्रदीप प्रसाद ने इस दौरान प्रखंड कार्यालयों में 'अफसर शाही' और दलालों के सक्रिय होने की बात कही, जिसे उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन का एक प्रमुख कारण बताया। उनका कहना था कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को राहत देना और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने घोषणा की कि कटकमदाग प्रखंड में हर महीने के पहले सप्ताह के शुक्रवार को जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, और इस प्रयास को सभी प्रखंडों में लागू करने की कोशिश की जाएगी ताकि ग्रामीण लोगों की समस्याओं का निराकरण हो सके। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने विधायक को प्रखंड कार्यालय परिसर में बने शौचालय की खराब स्थिति और उसमें ताला लगे होने की जानकारी दी। प्रदीप प्रसाद के निर्देश पर शौचालय का ताला तोड़ा गया, जहाँ अंदर की स्थिति बेहद खराब मिली — टाइल्स टूटे हुए थे और नल भी बिखरे पड़े थे। विधायक ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शौचालय को उपयोग लायक बनाने को कहा, और उनके समर्थकों ने भी इस दौरान शौचालय का ताला तोड़ने में मदद की। जनसुनवाई कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोगों का पहुंचना यह दर्शाता है कि ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर काफी परेशान हैं और उन्हें प्रखंड कार्यालय में समाधान नहीं मिल पा रहा है। बहरहाल, विधायक द्वारा आयोजित इस पहल से ग्रामीणों को कितना लाभ मिल पाता है, यह तो आने वाला समय ही तय करेगा।2
- झारखंड में 'नगर यात्रा 4.0' नामक एक अनोखी पहल शुरू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य 100 गांवों के 3000 बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना है। यह कार्यक्रम गिरिडीह और जमशेदपुर जैसे झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। इस पहल के संदर्भ में बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और मुख्यमंत्री, बिहार का भी उल्लेख किया गया है।1
- झारखंड के हज़ारीबाग ज़िले के विष्णुगढ़ स्थित चानो में करोड़ों की लागत से बनी एक नई सड़क मानसून की पहली बारिश में ही पूरी तरह बह गई है। ठीक से मॉनसून की शुरुआत भी नहीं हुई और यह नई-नवेली सड़क उखड़ गई, जिसने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क के बीचों-बीच एक बड़ा गड्ढा हो गया है, और गिट्टी व डामर रेत की तरह बह गए हैं। इस घटिया निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण जनता के पैसों की इस तरह की बर्बादी और भ्रष्टाचार पर प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोग यह जानना चाहते हैं कि ऐसे घटिया काम करने वाले ठेकेदारों पर आखिर कब कार्रवाई होगी। इस पूरी ग्राउंड रिपोर्ट को देखकर और व्यापक रूप से साझा करने की अपील की गई है, ताकि यह ख़बर सोए हुए अधिकारियों और सरकार तक पहुंचे और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो सके।1