टीकमगढ़ जिले में दवा लेने गईं एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उनके परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के स्टेट बैंक चौराहे की बताई जा रही है, जहाँ राधा अहिरवार (60 वर्ष), निवासी अस्तोन गांव, अपने पति सुरेश अहिरवार के साथ टीकमगढ़ जिला अस्पताल इलाज कराने आई थीं। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवा लिखने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें चक्कर आए और वे गिरकर मृत हो गईं। मृतका के पति सुरेश अहिरवार और बेटे जगभान अहिरवार का कहना है कि यदि डॉक्टरों ने महिला को समय पर अस्पताल में भर्ती कर लिया होता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और निजी बाहरी दवा लिख दी। इस घटना से नाराज़ परिजनों ने मृतका का शव लेकर अस्पताल चौराहे पर पहुंचकर हंगामा किया और सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस वजह से लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। मौके पर आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष संजू चौधरी भी पहुंचे और मृतका के परिजनों के साथ सड़क पर जाम में शामिल हुए। परिजनों में घटना को लेकर काफी नाराज़गी देखी जा रही है।
टीकमगढ़ जिले में दवा लेने गईं एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उनके परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के स्टेट बैंक चौराहे की बताई जा रही है, जहाँ राधा अहिरवार (60 वर्ष), निवासी अस्तोन गांव, अपने पति सुरेश अहिरवार के साथ टीकमगढ़ जिला अस्पताल इलाज कराने आई थीं। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवा लिखने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें चक्कर आए और वे गिरकर मृत हो गईं। मृतका के पति सुरेश अहिरवार और बेटे जगभान अहिरवार का कहना है कि यदि डॉक्टरों ने महिला को समय पर अस्पताल में भर्ती कर लिया होता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और निजी बाहरी दवा लिख दी। इस घटना से नाराज़ परिजनों ने मृतका का शव लेकर अस्पताल चौराहे पर पहुंचकर हंगामा किया और सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस वजह से लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। मौके पर आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष संजू चौधरी भी पहुंचे और मृतका के परिजनों के साथ सड़क पर जाम में शामिल हुए। परिजनों में घटना को लेकर काफी नाराज़गी देखी जा रही है।
- टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका ने अपने मकान में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की सूचना मिलते ही दिगौड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है।1
- टीकमगढ़ अस्पताल से अपने घर अस्तौन लौट रही राधा अहिरवार की स्टेट बैंक के पास मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि महिला को अस्पताल में उपचार नहीं मिला, जिसके कारण उनकी जान चली गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने हॉस्पिटल तिराहे पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दिया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।1
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल से इलाज कराकर घर लौट रही 55 वर्षीय राधा अहिरवार की बुधवार को अचानक मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और अस्पताल चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। पुलिस और प्रशासन के समझाने के बाद लगभग आधे घंटे बाद जाम खुला। ग्राम पंचायत अस्तोन की रहने वाली राधा अहिरवार अपने पति के साथ घबराहट और सिर दर्द की शिकायत लेकर जिला अस्पताल आई थीं। वहाँ मौजूद डॉक्टर ने उनकी जाँच की और दवाइयाँ लिखकर उन्हें घर जाने को कह दिया। हालाँकि, अस्पताल से कुछ ही दूरी पर राधा अहिरवार अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। परिजन तुरंत उन्हें वापस अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतिका के बेटे जगभान अहिरवार ने आरोप लगाया कि उनकी माँ को बुखार, सिर दर्द और घबराहट की तेज शिकायत थी, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी सही तरीके से जाँच नहीं की और माँ को अस्पताल में भर्ती करने की उनकी मिन्नतों को भी अनसुना कर दिया। परिजनों का साफ कहना है कि डॉक्टरों की इसी लापरवाही की वजह से महिला की जान गई है। इस मामले में, सिविल सर्जन डॉ. अमित शुक्ला ने बताया कि जब महिला अस्पताल आई थीं, तब ड्यूटी पर तैनात डॉ. सिद्धार्थ रावत ने उनका ब्लड प्रेशर चेक किया था, जो सामान्य था। डॉक्टर ने उन्हें शुगर टेस्ट कराने की सलाह दी थी और दवा भी दी थी। उन्होंने कहा कि मौत की असली वजह जानने के लिए तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने बताया कि परिजनों को समझाकर चौराहे से जाम हटवा दिया गया है। पुलिस फिलहाल परिजनों और संबंधित डॉक्टरों से पूछताछ कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ विकासखंड स्थित ग्राम मलगुवां के शासकीय हाई स्कूल में खुले और बिखरे विद्युत तारों के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते स्कूल परिसर में किसी भी वक्त कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह चिंता जताई गई है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो कोई गंभीर दुर्घटना घट सकती है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में एक महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने महिला के शव को अस्पताल चौराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। परिजनों का कहना है कि महिला के इलाज में डॉक्टरों द्वारा घोर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शन के कारण अस्पताल चौराहे पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया।1
- टीकमगढ़ जिले में दवा लेने गईं एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उनके परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के स्टेट बैंक चौराहे की बताई जा रही है, जहाँ राधा अहिरवार (60 वर्ष), निवासी अस्तोन गांव, अपने पति सुरेश अहिरवार के साथ टीकमगढ़ जिला अस्पताल इलाज कराने आई थीं। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवा लिखने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें चक्कर आए और वे गिरकर मृत हो गईं। मृतका के पति सुरेश अहिरवार और बेटे जगभान अहिरवार का कहना है कि यदि डॉक्टरों ने महिला को समय पर अस्पताल में भर्ती कर लिया होता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और निजी बाहरी दवा लिख दी। इस घटना से नाराज़ परिजनों ने मृतका का शव लेकर अस्पताल चौराहे पर पहुंचकर हंगामा किया और सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस वजह से लगभग एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। मौके पर आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष संजू चौधरी भी पहुंचे और मृतका के परिजनों के साथ सड़क पर जाम में शामिल हुए। परिजनों में घटना को लेकर काफी नाराज़गी देखी जा रही है।1