Shuru
Apke Nagar Ki App…
अगर आप अपराधी और भ्रष्टाचारी को सरकार में बैठाएंगे तो अपराध और भ्रष्टाचार खत्म कैसे होगा? अगर आप अपराधी और भ्रष्टाचारी को सरकार में बैठाएंगे तो अपराध और भ्रष्टाचार खत्म कैसे होगा?
M.A.P NETWORK
अगर आप अपराधी और भ्रष्टाचारी को सरकार में बैठाएंगे तो अपराध और भ्रष्टाचार खत्म कैसे होगा? अगर आप अपराधी और भ्रष्टाचारी को सरकार में बैठाएंगे तो अपराध और भ्रष्टाचार खत्म कैसे होगा?
More news from बिहार and nearby areas
- वाल्मिकी नगर विधानसभा अन्तर्गत विधालय में महिला शिक्षक के साथ अभद्रता का आरोप1
- राजगीर ग्लास ब्रिज टूर, पहली बार राजगीर घूमने का मौका मिला, राजगीर के तौर पे चंपारण के उदयपुर जंगल को भी बनाना चाहिए1
- मामला फतेहपुर के शादीपुर इलाके का है. एक युवती अपने मौसा मोहम्मद शकील के घर आई थी. जब उसके परिजन उसे जबरन ऑटो में बैठाकर वापस गांव ले जाने लगे, तो युवती चीखने-चिल्लाने लगी. वह ऑटो से उतरने की कोशिश करती रही और बार-बार एक ही बात दोहराती रही कि उसे अपने खालू के साथ ही रहना है. सैकड़ों तमाशबीनों की मौजूदगी में युवती ने साफ कह दिया कि वह मौसा की पत्नी बनकर रहना चाहती है. जब लोगों ने उसे समझाने की कोशिश की कि मौसा पहले से शादीशुदा हैं, तो उसने अड़ते हुए कहा, "सबकी दो बीवियां होती हैं, मुझे उनके साथ ही रहना है."1
- 🟥 BREAKING NEWS | National 24 News Channel LIVE 📍 #Patna | #Bihar 🗓️ ग्राउंड रिपोर्ट – PART 3 🎙️ Anchor: Suraj Prasad 🎙️ Co-Anchor: Sujata Mehara 🎙️ Special Correspondent: Supriya Shah 👥 Team: National 24 News TV --- न्यायालय की स्पष्ट चेतावनी हालिया सुनवाईयों में Patna High Court ने दोहराया हैं, कि— • आपराधिक कानून का उपयोग व्यक्तिगत दुश्मनी या दबाव बनाने के साधन के रूप में नहीं किया जा सकता। • यदि विवाद मूलतः सिविल प्रकृति (जमीन, लेन-देन, पारिवारिक विवाद) का है, तो उसे आपराधिक मुकदमे का रूप देना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग माना जा सकता है। • धारा 482 CrPC के तहत हाई कोर्ट के पास FIR को Quash (रद्द) करने की संवैधानिक शक्ति है, यदि प्रथम दृष्टया मामला दुर्भावनापूर्ण या कानूनी रूप से टिकाऊ न हो। --- सर्वोच्च न्यायालय का दृष्टिकोण देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India ने भी विभिन्न फैसलों में कहा हैं कि— • झूठे और दुर्भावनापूर्ण मामलों से न्यायालयों का समय व्यर्थ नहीं किया जा सकता। • किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत मुकदमे में फँसाना उसके मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 21 – जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन हैं। • यदि शिकायत जानबूझकर झूठी या प्रतिशोध की भावना से की गई पाई जाती है, तो अदालतें भारी लागत (Heavy Cost) और दंड लगा सकती हैं। --- कानूनी परिणाम क्या हो सकते हैं? निम्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई संभव है: 1. IPC धारा 182 – लोक सेवक को झूठी सूचना देना 2. IPC धारा 211 – झूठा आपराधिक आरोप लगाना 3. CrPC धारा 250 – निराधार आरोप पर मुआवज़ा देने का आदेश • दोष सिद्ध होने पर जेल और आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान हैं। • अदालतें मामले की प्रकृति और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय देती हैं। --- तथ्यात्मक स्थिति (Official Clarification) • इस विषय पर कोई नया सार्वभौमिक कानून या आदेश जारी नहीं हुआ है। • परंतु उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। • हर मामला तथ्यों, साक्ष्यों और न्यायिक विवेक के आधार पर अलग-अलग तय किया जाता हैं। National 24 News Channel की विशेष अपील: कानून न्याय का माध्यम हैं,प्रतिशोध का नहीं। झूठी FIR दर्ज कराना न केवल नैतिक रूप से गलत हैं,बल्कि गंभीर कानूनी परिणाम भी ला सकता हैं।1
- क्या आपके साथ भी हुआ है1
- उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कसया थाना क्षेत्र के ग्रामसभा भैंसहा के टोला छितौना पट्टी में गन्ने के खेत से एक नवजात शिशु रोता-बिलखता मिला। खेत के पास से गुजर रहे ग्रामीणों ने बच्चे की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचे। दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। स्थानीय महिलाओं ने तुरंत ममता दिखाते हुए नवजात को गोद में लिया और उसकी प्राथमिक देखभाल की। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। शिशु को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसया ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किसने और क्यों इस मासूम को खेत में छोड़ दिया।1
- बेतिया में मिहिर इंटरप्राइजेज मोबाइल दुकान का उद्घाटन मझौलिया से जापान भाई की रिपोर्ट बेतिया/मझौलिया। शुक्रवार को बेतिया कलेक्ट्रेट के निकट बस स्टैंड रोड स्थित मिहिर इंटरप्राइजेज मोबाइल दुकान का उद्घाटन अधिवक्ता अभयानंद उपाध्याय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर किया। दुकान के प्रोपराइटर मंजय उपाध्याय ने बताया कि यहां एक दाम (फिक्स्ड रेट) पर मोबाइल फोन उपलब्ध हैं तथा ग्राहकों को आसान लोन सुविधा भी दी जा रही है। दुकान में Vivo, Apple (आईफोन), Realme, Samsung, Oppo और Motorola समेत विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन उपलब्ध हैं। उद्घाटन समारोह में चूनु खान, राजू सर्राफ, दीपक शर्मा, धर्मेश पांडेय, राकेश गुप्ता, निखिल श्रीवास्तव, रवि कुमार, पैक्स अध्यक्ष मृत्युंजय पांडेय, सुमित कुमार, विजय कुमार और आनंद कुमार सहित बड़ी संख्या में डिस्ट्रीब्यूटर एवं ग्राहक उपस्थित रहे। दुकान खुलने के पहले ही दिन बंपर सेल हुई, जिससे व्यवसायियों में उत्साह का माहौल देखा गया।1
- अगर आप अपराधी और भ्रष्टाचारी को सरकार में बैठाएंगे तो अपराध और भ्रष्टाचार खत्म कैसे होगा?1